TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कोलाचेल का युद्ध: जिसके पश्चात डच कभी भारत में पांव नहीं जमा पाए

मार्तंड वर्मा की अद्भुत बहादुरी की महागाथा!

Awanish Tiwari द्वारा Awanish Tiwari
10 August 2022
in इतिहास, ज्ञान
मार्तंड वर्मा

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

“मिटाने से नहीं मिटते,

डराने से नहीं डरते,

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

वतन के नाम पर हम सर कटाने से नहीं डरते”

द लीजेंड ऑफ भगत सिंह फिल्म के यह बोल भारत भूमि की भव्यता को परिलक्षित करते हैं। अब भारत भूमि की बात ही कुछ और है, यहां के कण कण में शौर्य और बलिदान की गाथा है। परंतु हमें दुर्भाग्यवश केवल अहिंसा और गांधी का पाठ पढ़ाया गया है, मानो इनके अतिरिक्त भारत की युवा पीढ़ी को विरासत में देने को कुछ था ही नहीं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि कैसे एक महावीर योद्धा ने एक युद्ध से ब्रिटिश साम्राज्यवादियों समान अत्याचारी शासन के पांव उखाड़ दिये गये परंतु उस विजय को कभी भारत के समक्ष आने ही नहीं दिया गया।

यह कथा है कोलाचेल के युद्ध की, जिसने भारत में डच साम्राज्य के पांव उखाड़ दिये और महावीर योद्धा मार्तंड वर्मा ने इसका नेतृत्व किया था। त्रावणकोर, एशिया का पहला ऐसा राज्य बना, जिसने यूरोप के उपनिवेशवाद को सबसे पहले हराकर अपना लोहा मनवाया था। राज्य के राजा मार्तंड वर्मा ने विदेशियों को यह कहकर चुनौती दी थी कि अगर डच सेना हम पर हमला करती है तो अपनी हार के लिए तैयार रहे। हम यूरोप पर भी हमला करने की सोच रहे हैं। मार्तंड वर्मा के ये शब्द बताते हैं कि वो इतनी जल्दी घुटने टेकने वाले नहीं थे। यही नहीं, उन्होंने न सिर्फ डच चुनौती को स्वीकार किया बल्कि युद्ध जीता और उनके 11 हज़ार सैनिकों को बंदी भी बना लिया। चूंकि, यह इतिहास में दर्ज उपनिवेशवाद के खिलाफ पहली जीत मानी जाती है, इसलिए इसे जानना दिलचस्प रहेगा।

और पढ़ें: इन 5 साम्राज्यों की शौर्य गाथा सिल्वर स्क्रीन पर लाना आवश्यक है और बॉलीवुड के हाथों तो बिल्कुल नहीं

16वीं शताब्दी के आसपास भारत में व्यापार के लक्ष्य से आए डच लोगों ने 1605 में डच ईस्ट इंडिया कंपनी का निर्माण किया। फिर वे धीरे-धीरे केरल के मालाबार तट तक आ पहुंचे। रही बात व्यापार की, तो ये लोग काली मिर्च, चीनी और मसाले का व्यापार किया करते थे। समय के साथ-साथ उन्होंने पूरे एशिया में अपने पांव पसारना शुरू कर दिया और बड़ी आसानी से धीरे-धीरे श्रीलंका, केरल, बंगाल, बर्मा और सूरत तक अपना साम्राज्य स्थापित कर लिया। तेजी से फैल रहे उनके साम्राज्य का मुख्य गढ़ था- श्रीलंका और त्रावणकोर। उस समय केरल एक न होकर कई छोटी-छोटी रियासतों में बंटा हुआ था। इसके अलावा उन्होंने बड़ी चालाकी से कोच्चि और किल्लोंन पर भी कब्ज़ा जमा लिया था। आपको बता दें कि यूरोप के नीदरलैंड के लोग ही डच कहलाते हैं!

अब आते हैं मार्तंड वर्मा पर, जिनका जन्म 1705 में एक शाही परिवार में हुआ था। मार्तंड वर्मा  शुरू से ही समझदार और निडर थे। इस बात का परिचय उन्होंने तब दिया, जब उन्होंने अपने चाचा महाराजा वीर रामा वर्मा को मदुरै के नायकों के साथ समझौता करने के लिए प्रभावित किया ताकि वह विद्रोही मुखियाओं का पता लगा सकें। उनके इस फैसले से उनमें मौजूद एक शासक और समझदार होने की झलक दिखी थी।

महज़ 23 साल की उम्र में, 1729 में मार्तंड वर्मा ने त्रावणकोर राज्य पर चढ़ाई की। उसके बाद उन्होंने रुकने का नाम नहीं लिया। उन्होंने अपनी सेना बनाई और नायर लोगों को सत्ता से उखाड़ फेंका। ये वही नायर थे जिन्होंने उनकी हत्या का व्यूह रचा था और उनकी रियासत हड़पनी चाही थी। अपनी बुद्धि और निडरता से उन्होनें बड़े कम समय में जल्दी ही कोल्लम, कयमकुलम और कोट्टाराकारा रियासतों पर अपना कब्ज़ा जमा लिया। साथ ही इन सब छोटी-छोटी रियासतों को मिलाकर उन्होनें एक साम्राज्य खड़ा किया, जो त्रावणकोर साम्राज्य कहलाया।

इन युद्धों के दौरान कई राजा और मुखिया अपना राज्य गवां चुके थे। इस कारण उनमें हताशा भी थी। इससे उबरने के लिए उन्होंने डच लोगों के दरवाजे पर दस्तक दी और ये वहीं डच लोग थे, जो पहले से ही उनका समर्थन करते आ रहे थे। असल में वे अपना हारा हुआ राज्य किसी भी हाल में वापस पाना चाहते थे। इसी क्रम में जब कयमकुलम के राजा डच के पास गुहार लेकर पहुंचे, तब डचों ने त्रावणकोर के राजा यानी मार्तंड वर्मा को यह कहते हुए चेतावनी दी कि या तो वह जीते हुए साम्राज्य को वापस कर दें या फिर युद्ध के लिए तैयार हो जाए। सीलोन के गवर्नर गुस्ताफ्फ़ विलेम को लगा कि वह युद्ध की बात बोलकर उन्हें डरा देंगे।

किंतु  मार्तंड वर्मा ने बिना डरे बड़े साहस से उल्टा उन्हें ही चेता दिया। उन्होंने कहा हम किसी से नहीं डरते। अगर डच सेना हम पर हमला करती है तो वो अपनी हार के लिए तैयार रहे। इसके अलावा हम यूरोप पर भी हमला करने की सोच रहे हैं! वह यही नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि बाहरी लोगों को हमारे निजी मामले में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। अगर वे ऐसा करते हैं तो हम भी युद्ध की स्थिति में हॉलैंड पर अपने मछुआरों की मदद से हमला करवा सकते हैं।

और पढ़ें: कालिंजर दुर्ग – धर्म और इतिहास, दोनों से है इसका बड़ा गहरा नाता

डच सेना को लगा था होगा कि वे आसानी से मार्तंड को हराकर अपना राज फिर कायम कर लेंगे। लिहाज़ा उन्होंने मार्तंड को ललकारने के लिए राजकुमारी इलायादथु स्वरुपम को वहां के शासक के रूप में नियुक्त कर दिया। इस तरह कोट्टाराकारा और डच की सेना ने मिलकर मार्तंड वर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मगर दोनों सेना मिलकर भी उन्हें हरा नही पाई। परिणाम यह हुआ कि त्रावणकोर सेना ने उन्हें बहुत बुरी तरह से मात दे दी। मार्तंड वर्मा और उनकी सेना ने न सिर्फ उन्हें हराया बल्कि कोट्टाराकारा रियासत को त्रावणकोर में मिला दिया। इसके अलावा डच सेना को कोच्चि तक खदेड़ दिया और उन्होंने डचों द्वारा कब्ज़े में लिए गए सारे इलाकों को भी अपने अधीन कर लिया।

आपको बता दें कि 1740 में डच सेना ने इस युद्ध में कोलाचेल (आज का कन्याकुमारी) में तीन दिन तक नेवल बमबारी की थी। सीलोन से 400 समुद्री जहाज़ मालाबार तट की और रवाना किये गए थे और डच सेना ने कोलाचेल को अपना ठिकाना बनाया था, जोकि मार्तंड  वर्मा की राजधानी से सिर्फ 13 किलोमीटर दूर था। उनके इस चाल का जवाब देते हुए मार्तंड वर्मा ने अपनी 10 हज़ार की सेना के साथ डच सेना को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। कोलाचेल में वर्मा की जीत का एक ये भी कारण था कि वहां के स्थानीय मछुआरों ने भी इस लड़ाई में उनकी बहुत मदद की थी। 10 अगस्त, 1741 को मार्तंड वर्मा ने डचों पर विजय हासिल की और उन्हें खदेड़ दिया और इस तरह भारत के इतिहास में मार्तंड वर्मा ऐसे पहले नायक के रूप में दर्ज हो गए, जिन्होंने उपनिवेशवाद को न सिर्फ चुनौती दी बल्कि उनकी भारत में जड़े जमाने की पहली कोशिश को भी नाकाम कर दिया था। परंतु इस विजय गाथा से न केवल केरल को अपितु संपूर्ण भारत को दशकों तक वंचित रखा गया। हमें बताया ही नहीं गया कि ऐसे भी नायक थे पर अब और नहीं!

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: कोलाचेल युद्धडचमार्तंड वर्मा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पल्टी मारना नीतीश कुमार की आदत है, लेकिन बीजेपी ने स्वयं को अपरिपक्व पार्टी साबित किया है

अगली पोस्ट

भाजपा के लिए फायदेमंद है नीतीश कुमार का अलग होना

संबंधित पोस्ट

Narad jayanti
ज्ञान

लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

2 May 2026

सूचना और संवाद मानव सभ्यता के प्राण हैं। भारतीय परंपरा में यदि संवाद-कला का कोई आदिपुरुष है तो वह देवर्षि नारद हैं। उन्हें ब्रह्मा का...

सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में
ज्ञान

सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

2 May 2026

सत्यापन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँचने के साथ ही छात्रों को डिजिलॉकर, उमंग और आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से मार्कशीट मिलने की संभावना है क्योंकि...

पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी
अर्थव्यवस्था

पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

30 April 2026

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के स्वरूप को पूरी तरह बदलने के लिए कमर कस ली है। 30 अप्रैल,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited