TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कैसे बॉलीवुड के अजेय खानों को क्रोधित हिंदुओं ने ध्वस्त कर दिया

शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान का ‘बॉक्स ऑफ़िस विश्लेषण’ चीख-चीख कर कह रहा है कि अब बॉलीवुड के खानों को भारत में कोई नहीं पूछता!

Ruchi Mehra द्वारा Ruchi Mehra
16 August 2022
in प्रीमियम
From Zero to Lal Singh Chaddha: How disgruntled Hindus demolished the once invincible Khan stardom

Source: The News International

Share on FacebookShare on X

समय जब करवट लेता है तो राजा को रंक बनते देर नहीं लगती। एक समय ऐसा था जब तीनों खान बॉलीवुड के राजा हुआ करते थे और पूरी इंडस्ट्री पर राज करते थे। बॉलीवुड में तीनों खानों का सिक्का चलता था। इंडस्ट्री का कोई दूसरा सितारा इनके सामने नहीं टिक पाता था। लोगों का भी इन्हें भरपूर प्यार मिलता था और वे इनकी फिल्में देखने के लिए थिएटर में उमड़ पड़ते थे। अब वक्त बदल चुका है। आज के समय में तीनों खानों की फिल्मों का क्या हाल होता है, उससे हर कोई परिचित है।

सनातन का अपमान क्यों?

शाहरुख खान की फिल्मों को आज कोई नहीं पूछता। एक के बाद एक उनकी सभी फ़िल्में पिटती ही चली जा रही हैं। ऐसा लगने लगा है कि शाहरुख खान को अपनी फिल्म रिलीज़ करने तक से डर लगने लगा है। इसी वजह से चार साल से उनकी कोई फिल्म नहीं आई और वो ब्रेक लेने का बहाना बना रहे हैं। सलमान खान का ‘स्टारडम’ भी फीका पड़ चुका है। उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कुछ कमाल नहीं दिखा पा रही हैं और दर्शकों को थिएटर तक खींचकर लाने में असफल होती चली जा रही हैं। वही, बात आमिर खान की करें तो उनकी फिल्म लाल सिंह चड्ढा का हाल तो सबके सामने है ही। आमिर की लाल सिंह चड्ढा बॉयकॉट अभियान के शिकंजे में आई और बुरी तरह पिट गई।

संबंधितपोस्ट

किसानों की ज़मीन पर सेलिब्रिटी की नज़र! एग्रीकल्चरल लैंड की खरीद के बाद जांच के घेरे में आईं शाहरुख खान की बेटी सुहाना

हिंदू पत्नियाँ मंज़ूर, मगर बच्चे मुस्लिम क्यों? मुस्लिम अभिनेताओं और नेताओं की पसंद पर सवाल

सलमान से शाहरुख तक, ऑपरेशन सिंदूर पर क्यों खामोश रहे ‘रील हीरोज़’?

और लोड करें

तीनों खानों के बुलंदियों पर पहुंचे सितारे यूं गर्त में जाने का सबसे मुख्य कारण भारत वर्ष का अपमान, सनातन संस्कृति का अपमान, हिंदुओं का अपमान है। जिस हिंदुस्तान में रहकर वे अपनी फिल्मों से मोटी कमाई करते आ रहे हैं, उसी हिंदुस्तान के नागरिकों को- उसी हिंदुस्तान के हिंदुओं को अपमान करने से भी नहीं चूकते, यही कारण है कि हिंदू एक साथ आकर इनकी फिल्मों का बहिष्कार कर रहे है, जिसके चलते तीनों खान की फिल्में पिट रही हैं।

आज हम एक विश्लेषण के माध्यम से यह जानने का प्रयास करते हैं कि कैसे तीनों खानों की फिल्में एक वक्त में ब्लॉकबस्टर हुआ करती थीं और कैसे अब तीन खानों की फ़िल्में सुपर फ्लॉप हो रही हैं. जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इन तीनों खानों का करियर अब अपने अंत के मुहाने पर है.

शाहरुख खान

सबसे पहले बात शाहरुख खान की करते हैं। एक समय ऐसा था जब शाहरुख खान  की फिल्में हिट होने की गारंटी हुआ करती थी। लोगों में शाहरुख खान की फिल्मों को लेकर अलग ही दीवानगी देखने को मिलती थी। परंतु कभी एक के बाद एक हिट फिल्में देने वाले शाहरुख आज फ्लॉप फिल्मों के बादशाह बनते चले जा रहे हैं।

शाहरुख खान की आखिरी हिट फिल्म पर अगर नजर डालेंगे तो वो 2014 में आई ‘हैप्पी न्यू ईयर’ थी। हैप्पी न्यू ईयर तक कुछ फिल्मों को छोड़ दें तो शाहरुख की लगभग हर फिल्म अच्छी खासी कमाई कर लेती थी। हैप्पी न्यू ईयर की कमाई को देखें तो मालूम चलता है कि तब तक शाहरुख की फिल्में अच्छा खासा कारोबार किया करती थी।

शाहरुख खान की अंतिम हिट फिल्म!

हैप्पी न्यू ईयर 100 करोड़ के बजट में बनकर तैयार हुई थी, जबकि इस फिल्म ने वर्ल्ड वाइड 377.21 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, यानी फिल्म ने 277.21 करोड़ रुपए का लाभ कमाया। इस गणित के अनुसार हैप्पी न्यू ईयर का Return of Investment (ROI) 73.49% निकलता है। जिसका मतलब यह हुआ कि हैप्पी न्यू ईयर तक शाहरुख की फिल्में करीब-करीब 73.49 फीसदी लाभ कमाया करती थीं.

लेकिन इसके बाद शाहरुख खान को लोग नापसंद करने लगे. उनका स्टारडम ख़त्म होने लगा. हैप्पी न्यू ईयर के बाद शाहरुख खान बड़े पर्दे पर लगातार नाकामी का ही स्वाद चख रहे हैं। वर्ष 2015 में शाहरुख खान की फिल्म आई थी दिलवाले। इस फिल्म को 165 करोड़ के बजट में बनाकर तैयार किया गया था।

शाहरुख खान की दिलवाले भारत में अपना बजट भी नहीं निकाल पाई थी।

दिलवाले से सभी को बहुत उम्मीदें थी, लेकिन यह फिल्म उन उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई। भारत में शाहरुख की ‘दिलवाले’ अपना बजट तक निकाल पाने में असफल रही। फिल्म ने यहां केवल 150 करोड़ रुपए की ही कमाई की। भारत में फिल्म का प्रदर्शन औसत रहा, परंतु दिलवाले ने वर्ल्डवाइड 376.85 करोड़ की कमाई कर ली। हालांकि, इसके बाद शाहरुख खान की फ़िल्में देखें तो पता चलता है कि थोड़ा-सा टिमटिमाने वाली शाहरुख खान की यह अंतिम फिल्म थी.

फैन

इसके बाद शाहरुख खान फैन फिल्म लेकर आए. जो वर्ष 2016 में रिलीज़ की गई थी। फैन 120 करोड़ के बजट में बनाई गई थी। शाहरुख की यह फिल्म भारत में महज 84.10 करोड़ ही कमा पाई, जबकि वर्ल्डवाइड फिल्म ने 182.33 करोड़ का कारोबार कर लिया। जिस तरह हैप्पी न्यू ईयर तक शाहरुख खान की फिल्में 73.49% का लाभ कमाती आ रही थी। उस आधार पर फैन का संभावित संग्रह (Prospective Collection) 208.188 करोड़ होना चाहिए था- यानी फिल्म को इतनी कमाई करनी चाहिए थी- परंतु फैन ने 182 करोड़ के आसपास ही वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया। इस तरह फिल्म का शुद्ध घाटा (Net Loss) 25 करोड़ के करीब रहा।

और पढ़ें: HMT की घड़ी भारत में इतनी लोकप्रिय कैसे हुई थी?

जब हैरी मेट सेजल

साल 2017 में शाहरुख खान की एक और फिल्म आई जब हैरी मेट सेजल। यह फिल्म भी फ्लॉप फिल्मों की सूची में शामिल हो गई। 90 करोड़ के बजट में हैरी मेट सेजल बनाई गई थी। 73.49 फीसदी के ROI के अनुसार देखें तो फिल्म का संभावित संग्रह (Prospective Collection) 156.41 करोड़ होना चाहिए था। इसके बिल्कुल उलट जब हैरी मेट सेजल ने भारत में केवल 64.33 करोड़ की कमाई ही की। जबकि वर्ल्डवाइड फिल्म ने 153 करोड़ के आसपास का बिजनेस कर लिया था। फिल्म का Net Loss तीन करोड़ के करीब रहा। देखा जाए तो शाहरुख की फिल्में केवल वर्ल्डवाइड कलेक्शन की वजह से ही अपनी साख बचाने में कामयाब हो पा रही है, जबकि भारत में इनका प्रदर्शन बेहद ही खराब है। वे अपना बजट तक निकल पाने में विफल हो रही है। ऐसा ही कुछ वर्ष 2017 में आई रईस के साथ भी देखने मिला।

ज़ीरो

लेकिन शाहरुख खान की आखिरी फिल्म ज़ीरो की बात करें तो उसका हाल बहुत ही बुरा हुआ। फिल्म वर्ल्डवाइड कलेक्शन के माध्यम से भी अपना बजट तक निकल पाने में कामयाब नहीं हो पाई। ज़ीरो को 200 करोड़ के बड़े बजट में बनाकर तैयार किया गया था। जबकि फिल्म ने वर्ल्डवाइड कुल 186 करोड़ का ही कलेक्शन किया। जीरो ने भारत में 90 करोड़ के आसपास की कमाई की थी। इस फिल्म का संभावित संग्रह (Prospective Collection) 346.98 करोड़ होना चाहिए था, लेकिन इसने वर्ल्डवाइड कुल 186 करोड़ की कमाई ही की। इस तरह देखा जाए तो इसका शुद्ध घाटा (Net loss) 160.86 करोड़ रहा। ज़ीरों के बुरी तरह से फ्लॉप होने के बाद 4 वर्षों से शाहरुख खान की कोई फ़िल्म नहीं आई है।

इसका सीधा मतलब यह है कि धीरे-धीरे शाहरुख खान की लोकप्रियता गिरती ही चली जा रही है। उनका स्टारडम फीका पड़ रहा है। भविष्य में भी उनका करियर संभलने की संभावना नहीं दिख रही, क्योंकि उनकी आने वाली फिल्म पठान को बॉयकॉट करने की मांग अभी से जोर पकड़ने लगी है। पठान जनवरी 2022 में रिलीज होने को तैयार है।

 

सलमान खान

शाहरुख खान के बाद अब आते हैं सलमान खान पर। सलमान खान की आखिरी हिट फिल्म पर नजर डालेंगे तो वो थी टाइगर जिंदा है, जो 2017 में रिलीज हुई थी। फिल्म 180 करोड़ के बजट में बनाई गई थी।

Tiger Zinda Hai सलमान खान की अंतिम हिट फ़िल्म थी।

टाइगर जिंदा है ने वर्ल्डवाइड 565.1 करोड़ का कारोबार कर डाला था। टाइगर जिंदा है ने 381.5 करोड़ का लाभ कमाया था। इस तरह फिल्म का Return of Investment (ROI) 68.15% था। यानी टाइगर जिंदा है तक सलमान की फिल्में लगभग इतना लाभ कमाया करती थी। परंतु इसके बाद, सलमान को फिल्में फ्लॉप होना शुरू हो गईं।

टाइगर जिंदा है की तरह सलमान की अगली फिल्म रेस-3 भी 180 करोड़ के बजट में बनी थी। परंतु यह फिल्म वर्ल्डवाइड केवल 294.98 करोड़ ही कमा पाई। फिल्म का घरेलू कलेक्शन 164 करोड़ के आसपास रहा। रेस 3 भी टाइगर जिंदा है जितने बजट में ही बनी थी, परंतु इस फिल्म ने 300 करोड़ का आंकड़ा तक पर नहीं किया।

2022 में सलमान खान की फिल्म आई थी- राधे. सलमान खान की फिल्म राधे ने फ्लॉप का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 110 करोड़ के बजट में बनी राधे ने वर्ल्डवाइड केवल 18.33 करोड़ की ही कमाई की, जबकि फिल्म का संभावित संग्रह (Prospective Collection) 184.965 करोड़ था।

सलमान खान की ‘राधे’ बुरी तरह पिटी।

राधे का शुद्ध घाटा (Net loss) 166.635 करोड़ था। फिल्म को थिएटर के साथ ही OTT पर भी रिलीज किया गया था। परंतु वहां भी फिल्म को अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली। राधे को IMDB पर 1.9 की ही रेटिंग मिली।

और पढ़ें: कैसे अजमेर शरीफ दरगाह ने विश्व के इकलौते ब्रह्मा जी के मंदिर ‘पुष्कर महातीर्थ’ को निगल लिया?

आमिर खान

शाहरुख, सलमान की तरह आमिर खान का भी कुछ ऐसा ही हाल बॉलीवुड में होता जा रहा है। उनकी फिल्में एक के बाद एक फ्लॉप होती नजर आ रही है। आमिर की जो आखिरी फिल्म हिट साबित हुई थी, वो थी 2016 में आई दंगल। महज 70 करोड़ के बजट में बनी दंगल ने भारत में 538.03 करोड़ की मोटी कमाई की थी।

आमिर खान की फिल्म दंगल अंतिम हिट फिल्म थी।

यहां ध्यान देने योग्य यह बात है कि हम आमिर खान की फिल्मों का विश्लेषण घरेलू कलेक्शन से ही करने वाले है, क्योंकि देखने को मिलता है कि आमिर की कई फिल्में चीन में जबरदस्त कमाई करती हैं, जबकि वही फिल्में भारत में नहीं चलती। ऐसे में चीन में उनकी फिल्में जो कमाई करती हैं- वो संदेह के घेरे में आ जाती है. इसलिए हम आमिर खान की फिल्मों का भारत में कमाई के आधार पर ही विश्लेषण करेंगे। आमिर खान की दंगल ने भी चीन में जमकर कमाई की। दंगल ने भारत में 538 करोड़ ही कमाई, जबकि चीन के कारण ही इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन 2000 करोड़ के पास पहुंच गया और कमाई के मामले में दंगल ने बाहुबली 2 तक को पीछे छोड़ दिया।

इसलिए आमिर की फिल्मों का विश्लेषण घरेलू कलेक्शन से ही करना सही रहेगा ना की वर्ल्डवाइड कलेक्शन से।

तो दंगल ने भारत में 538 करोड़ से भी अधिक की कमाई की। इस तरह दंगल का Return of Investment (ROI) 86.99 प्रतिशत हो गया। दंगल के बाद आमिर की 15 करोड़ के छोटे बजट में बनी सीक्रेट सुपरस्टार ने जरूर अच्छा कारोबार किया, परंतु उसके बाद आई उनकी फिल्म ठग्स ऑफ हिंदुस्तान बुरी तरह से पिट गई।

आमिर खान की ठग्स ऑफ़ हिंदुस्तान बुरी तरह से पिट गई।

300 करोड़ के भारी भरकम बजट में बनाई गई ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ ने भारत में केवल 193.83 करोड़ का ही कारोबार किया। जबकि इसका संभावित संग्रह (Prospective Collection) 560.97 करोड़ था। फिल्म का शुद्ध घाटा (Net loss) 367.14 करोड़ रहा। यानी आमिर की ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ बड़े नुकसान में रही।

11 अगस्त को आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा रिलीज की गई है। 180 करोड़ के बजट में बनी लाल सिंह चड्ढा का बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन बेहद ही खराब नजर आ रहा है। 5 दिनों में यानी 15 अगस्त, 2022 तक आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा 45.83 करोड़ की कमाई ही कर पाई है। जबकि लाल सिंह चड्ढा का संभावित संग्रह (Prospective Collection) 336.582 करोड़ है। परंतु जिस तरह से लाल सिंह चड्ढा को लोगों ने रिजेक्ट किया है- उससे प्रतीत हो रहा है कि यह फ़िल्में  लंबे घाटे में जाएगी। ख़ूब खींचकर यह फिल्म 70 करोड़ के आस-पास कमाई कर पाएगी।

इस अंकगणितीय विश्लेषण से स्पष्ट है कि बॉलीवुड के तीनों खानों का जो जादू पहले चला करता था, जिस तरह से उनकी फिल्में करोड़ों का कारोबार करती थी- उनके दबदबे का अब अंत हो गया है और जो अब हमें दिख रहा है वो बस छटपटाहट ही है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: Aamir khanBollywood KhanKhanSalman KhanShahrukh Khanसलमान खान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“मुझे मारा गया, शॉक लगाए गए, पागल बना दिया”- आमिर के भाई फैसल का सनसनीखेज बयान

अगली पोस्ट

कार्तिकेय 2: ‘हिंदूफोबिक’ इंडिया टुडे को भगवान श्रीकृष्ण से बहुत दिक्कत है

संबंधित पोस्ट

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध
चर्चित

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध

3 November 2025

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, ISRO, ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विज्ञान और तकनीक में भारत किसी से पीछे नहीं है। मार्च 2026...

क्या नेताजी सचमुच 1945 में मारे गए थे? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य
इतिहास

क्या नेताजी का निधन सचमुच 1945 विमान हादसे में हुआ था? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य

31 October 2025

रहस्य जो आज भी जीवित है जब इतिहास की किताबों में लिखा गया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1945 में विमान हादसे में मरे, तो...

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक
चर्चित

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक

29 October 2025

कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार के लिए यह क्षण किसी राजनीतिक झटके से कम नहीं है। राज्य की धारवाड़ बेंच ने सरकार के उस विवादास्पद सरकारी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited