TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

क्यों 36 वर्षों तक वीरप्पन को पकड़ने में असफल रही कर्नाटक पुलिस?

184 लोग, 2000 हाथियों को मारने वाला वीरप्पन पुलिस को चकमा देता रहा और फिर...

Ruchi Mehra द्वारा Ruchi Mehra
18 October 2022
in क्राइम
वीरप्पन
Share on FacebookShare on X

लोग अक्सर यह कहते हैं कि कोई भी व्यक्ति जन्म से ही अपराधी नहीं होता। कुछ हालत लोगों को अपराधी बनने के लिए मजबूर कर देते हैं। परंतु आवश्यक तो नहीं कि यह बात हर किसी के लिए सही ही बैठे। कुछ अपवाद भी होते हैं। अपराध की दुनिया में ऐसा ही एक नाम था कूज मुनिस्वामी वीरप्पन का, जो वीरप्पन के नाम से लोकप्रिय है। उसने यह साबित किया था कि एक व्यक्ति जन्म से ही अपराधी हो सकता हैं।

वीरप्पन की कहानी कुछ ऐसी है जिसे सुनकर हर किसी के रूंह कांप उठे। 18 जनवरी 1952 को कर्नाटक के गोपीनाथम परिवार में वीरप्पन का जन्म हुआ था। उसका पूरा परिवार शिकार और तस्करी के लिए जाना जाता था। कहते हैं कि जिस माहौल में हम पले-बढ़े होते है उसका प्रभाव हम पर पड़ता ही है। ऐसा ही कुछ वीरप्पन के साथ भी था। बचपन से ही उसका दिमाग एक शिकारी, डकैत और तस्कर की तरह काम करने लगा था। वीरप्पन जब महज 10 वर्ष का था, तब उसने अपना पहला शिकार किया था। 17 साल की आयु में उसने अपनी पहली हत्या की घटना को अंजाम दिया था। तब उसने एक वन सुरक्षा कर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी थीं।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

और पढ़े: दिन में एक साधारण व्यक्ति और रात के अंधेरे में एक हत्यारा- पॉल बर्नार्डो की कहानी

मारे गए 184 लोगों के खून से रंगे हैं हाथ

18 साल की उम्र तक आते आते तक तो वह अवैध कामों में इतना पारंगत हो गया कि रास्ते में जो भी आता वीरप्पन उसे सीधा ही बंदूक से उड़ा देता था। फिर चाहे वो कोई भी हो, एक पुलिस अधिकारी, एक वन अधिकारी या कोई और। बताया जाता है कि वीरप्पन के हाथ केवल एक-दो, पांच या दस नहीं बल्कि पूरे 184 लोगों के खून से रंगे हुए हैं। उस पर तकरीबन 184 लोगों की हत्या को अंजाम देने का आरोप लगा है। इसके अतिरिक्त कहा तो यह तक जाता है कि वीरप्पन ने हाथियों की दांतों की तस्करी के लिए कुल दो हजार हाथी मारे। साथ ही हजारों चंदन के पेड़ तक काट दिए थे।

वैसे तो अपने कारनामों के लिए वीरप्पन चर्चाओं में रहता था और उसने नाम से ही लोग दहशत में आ जाते थे। परंतु कई घटनाओं के कारण वो पूरे देश में लोकप्रिय हो गया था। ऐसी ही एक घटना थी वर्ष 1987 की, जब वीरप्पन ने स्तयमंगलम जिले के वन अधिकारी चिदंबरम का अपहरण कर उन्हें मार दिया था। इस घटना ने दक्षिण से लेकर उत्तर भारत तक सबका ध्यान उसकी तरफ खींचा था। इसके बाद साल 1991 में वीरप्पन ने एक वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी पंडिल्लापल्ली श्रीनिवास को मारा था। 1992 में उसने पुलिस दल पर घात लगाकर हमले किए थे, जिसके बाद उसका नाम और भी चर्चा में आ गया।

90 के दशक की बात की जाये तो इसे वीरप्पन की दहशत से जाना जाने लगा था। वह आम लोगों तक को निशाना बनाने लगा। पुलिस का खबरी होने के शक में ही वीरप्पन ने कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया था।

1993 में हुए पालर ब्लास्ट के बाद तो वीरप्पन को लेकर लोगों के मन में डर और बढ़ गया था। तब हुआ कुछ यूं था कि 8 अप्रैल 1993 को मेट्टूर के गोविंदपडी गांव में एक बंडारी की पुलिस खबरी होने के संदेह में हत्या कर दी। साथ ही उसने अपने गिरोह को ट्रैक करने और गिरफ्तार करने के लिए पुलिस बल को खुले तौर पर चुनौती भी दी थीं। इसकी जांच के लिए 41 लोगों की एक टीम को भेजा गया, जिसमें पुलिस और वन अधिकारी शामिल थे। परंतु वीरप्पन पहले ही इन सबके बारे में जान गया था और उसने पुलिस के रास्ते में बारूंदी सुरंग बिछा दी। जैसे ही टीम मलाई महादेश्वरा हिल्स पहुंची इस दौरान एक जोरदार धमाका हुआ और 22 अधिकारियों की मौत हो गई। साल 1992 में तो वीरप्पन को पकड़ने के लिए उस पर 5 करोड़ तक का इनाम रखा गया था।

और पढ़े: गोलियों की बरसात, बेखौफ अपराधी, सरेआम मर्डर- बिहार की कानून व्यवस्था का सबसे गंदा चेहरा

अभिनेता राजकुमार को कर लिया था अगवा

साल 1997 में वीरप्पन ने 9 वन अधिकारियों को अगवा किया था। वर्ष 2000 में तो उसने लोकप्रिय दक्षिण भारतीय अभिनेता राजकुमार का ही अपहरण कर लिया। राजकुमार जब एक गृह प्रवेश कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए गये थे, तब वीरप्पन ने उनका अपरहरण किया था। उनको छोड़ने के बदले में उसने यह मांग रखी कि तमिल को कर्नाटक की दूसरी आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया जाये। साथ ही कुछ तमिल चरमपंथियों को भी छोड़ने के लिए उसने कहा था। बताया जाता है कि 20 करोड़ रुपये की फिरौती लेने के बाद उसने 108 दिनों में राजकुमार को छोड़ा था। वहीं अगस्त 2002 में कर्नाटक के पूर्व मंत्री एच नागप्पा को उनके गांव के घर से किडनैप किया गया था। कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल तीन राज्यों की पुलिस मिलकर भी नगप्पा को बचा नहीं सकीं। मांग पूरी नहीं होने पर वीरप्पन ने उन्हें मार दिया था।

अवैध तस्करी के माध्यम से वीरप्पन ने ढेर सारा पैसा कमा लिया था और जैसा कि कहते हैं कि पैसे के साथ पावर अपने आप ही आ जाती है। वैसा ही वीरप्पन के साथ भी था उसने बड़े बड़े लोगों में अपनी पहचान बनाने लगा और बच निकलने लगा। उसका नाम कई बड़ी हस्तियों के अपहरण में भी आ चुका है।

वीरप्पन के नाम का खौफ तमिलनाडु के साथ केरल और कर्नाटक में भी था। विदेशों में भी वह अपने कारनामे के लिए लोकप्रिय रहा है। हाथी दांत के लिए उस पर सैकड़ों हाथियों की हत्या और चंदन तस्करी के लिए 150 से अधिक लोगों की  हत्या का आरोप वीरप्पन था। पुलिस की आंखों में धूल झोंकना तो उसके मानो बाएं हाथ का खेल था। 20 सालों तक पुलिस वीरप्पन की तलाश में जुटी रहीं और इसके लिए करोड़ों रुपये भी खर्च किये गये। कई अभियान भी चले, परंतु पुलिस को सफलता हासिल नहीं हो पायीं।

वैसे ऐसा नहीं है कि वीरप्पन कभी पुलिस की गिरफ्त में ही नहीं आया। वो गिरफ्तार हुआ, परंतु हर बार चकमा देने में भी कामयाब रहा। पहली बार उसकी गिरफ्तारी वर्ष 1972 में हुई थी। वहीं दूसरी बार वीरप्पन साल 1986 में गिरफ्तार हुआ। उस दौरान उसे बूडीपाडा फॉरेस्ट गेस्ट हाउस में रखा गया था जहां से वह संदिग्ध परिस्थितियों में फरार हो गया था। कहा तो यह तक जाता है कि एक बार की बात है जब वीरप्पन स्पेशल टास्क फोर्स की पकड़ में आ गया था और अधिकारियों के द्वारा उसे गन प्वॉइंट पर भी ले लिया था। परंतु इस दौरान वीरप्पन ने एक फोन करने की मांग रखी और तब उसने किसी बड़े मंत्री को फोन मिलाया। तब उसे छोड़ दिया गया था। हालांकि यह तो एक कहानी है, इसमें सच्चाई कितनी है यह किसी को नहीं मालूम।

और पढ़े: IPC की धारा 377 के तहत Kiss करना और प्राइवेट पार्ट को छूना दंडनीय नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बेटी तक को मार दिया था

वीरप्पन कितना क्रूर था, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि उसने अपनी ही बेटी को मार दिया था। उसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई थी। एक बात की बात है जब उसे डर था कि बेटी की रोने की आवाज से पुलिस को उसके ठिकाने का लग जाएगा। तब वह अपनी बेटी को तो चुप कराने में कामयाब नहीं हो पाया, परंतु उसने अपनी बच्ची का ही गला घोंटकर उसे मार दिया।

परंतु कहते हैं कि पाप का घड़ा एक न एक दिन भर ही जाता हैं और ऐसा ही कुछ वीरप्पन के साथ भी था। उसके पापों का घड़ा भर गया, जिसके बाद वर्ष 2004 में वह पुलिस के हत्थे चढ़ा और एनकाउंटर में वह ढेर हो गया। वीरप्पन को पकड़ना कई राज्यों की पुलिस के लिए चुनौती बन गया था। तभी तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता ने एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया। वीरप्पन के खात्मे लिए विजय कुमार को 2003 में एसटीएफ का चीफ बनाया गया था। इसके लिए अंडरकवर ऑपरेशन चलाया गया था, जिसे नाम दिया गया था “ऑपरेशन कोकून”। जब वीरप्पन की गैंग लगातार छोटी होती चली जा रही थी तो इसी का फायदा उठाकर विजय कुमार ने वीरप्पन की गैंग में अपने आदमी भर्ती करा दिए।

और पढ़े: हैदराबाद केस: जघन्य अपराधों में नाबालिग पर न हो कोई दया

मूंछ ही बनी मौत का कारण

18 अक्टूबर 2004 को इनपुट मिला कि वीरप्पन अपनी आंखों के इलाज के लिए जंगल से बाहर आ रहा है। यह वही दिन था जिसके इंतेजार में एसटीएफ चीफ विजय कुमार थे। उन्होंने वीरप्पन के लिए एक एंबुलेंस का इंतजाम किया। इस एंबुलेंस को एसटीएफ का ही आदमी चला रहा था। कुछ इस तरह वीरप्पन घिर गया और करीब 20 मिनट तक चली फायरिंग में वह मारा गया था।

वीरप्पन की कहानी, उसने दहशत भरे कारनामों को लेकर अब तक कई किताबें लिखी जा चुकी हैं। इसके अलावा निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने फिल्म भी बनायी हैं। वीरप्पन अपने कारनामों के लिए जितना लोकप्रिय रहा था, उतना ही मशहूर वह अपनी मूंछों के लिए भी था। उसकी मूंछें 1857 की क्रांति के एक हीरो कट्टाबोमन के जैसी थीं। भले ही वह मूछें वीरप्पन की पहचान बन गयी हो, परंतु यही उसकी मौत का कारण भी बनी थीं। वीरप्पन अपनी मूंछों पर डाई लगा रहा था, इसी दौरान उसकी कुछ बूंदें छिटककर उसकी आंख में जा गिरी थीं, जिस कारण ही उसकी आंखों में तकलीफ हुई। इसका इलाज कराने के लिए वीरप्पन को जंगल के बाहर जाना पड़ा और उसका अंत हो गया था।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: VeerappanVeerappan Crime HistoryVeerappan Encounterतस्कर वीरप्पन
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कभी दुनिया की सबसे बड़ी मीडिया कंपनी रही BBC अपनी अंतिम सांसे ले रही है

अगली पोस्ट

दादा से वोट चाहिए, शाहरुख को बनाएंगी बंगाल का ब्रांड एम्बेसडर– गजब राजनीति है ममता बनर्जी की

संबंधित पोस्ट

बारुईपुर रेप-मर्डर केस
क्राइम

बारुईपुर रेप-मर्डर केस: मुख्य आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर, घटना को लेकर सियासत भी तेज

8 July 2026

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले के मुख्य...

श्रीगंगानगर के संबंधित स्थानों के दृश्य शामिल हैं।
क्राइम

श्रीगंगानगर 13 वर्षीय बच्ची मामला: 14 आरोपी गिरफ्तार, तीन होटलों पर चला बुलडोजर, जांच में सामने आ रहे नए खुलासे

7 July 2026

राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय बच्ची से जुड़ा मामला पूरे देश को झकझोर रहा है। इस मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है...

केतन हत्याकांड: सिया के फेल होने पर चेतन ने बनाया आखिरी प्लान
क्राइम

केतन अग्रवाल मर्डर केस: सिया गोयल का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट, हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पूछे जाएंगे 18 सवाल

3 July 2026

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले की मुख्य आरोपी और केतन की मंगेतर सिया गोयल से...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

What's Really Behind Xinjiang's Global Supply Chains?

What's Really Behind Xinjiang's Global Supply Chains?

00:03:26

IRAN HITS UAE OIL TANKERS

00:03:28

THE CAMPS AFTER URUMQI

00:03:51

BANGKOK PUB FIRE HORROR

00:04:07

Vietnam Speedboat Tragedy: How 15 Indian Tourists Lost Their Lives

00:03:35
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited