TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, एस-400 रक्षा प्रणाली होगी प्रदर्शित, 77वीं परेड में ईयू का दल भी होगा शामिल

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम: पंजाब में आरडीएक्स और हथियारों के साथ बब्बर खालसा के आतंकी गिरफ्तार

    बांग्लादेश में बढ़ते संकट पर शेख हसीना की दो टूक

    शेख हसीना का आरोप: अंतरिम सरकार से बांग्लादेश का भविष्य खतरे में

    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, एस-400 रक्षा प्रणाली होगी प्रदर्शित, 77वीं परेड में ईयू का दल भी होगा शामिल

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम: पंजाब में आरडीएक्स और हथियारों के साथ बब्बर खालसा के आतंकी गिरफ्तार

    बांग्लादेश में बढ़ते संकट पर शेख हसीना की दो टूक

    शेख हसीना का आरोप: अंतरिम सरकार से बांग्लादेश का भविष्य खतरे में

    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब ‘सभ्य यूरोपियन’ कुल्ला करने के लिए करते थे मानव मूत्र का उपयोग

यूरोप के लोगों का दैनिक जीवन जीने का तरीका बहुत गंदा था। प्राचीन रोमन लोग अपने दांत और मुंह साफ करने के लिए मानव मूत्र का उपयोग किया करते थे। इसके पीछे इनका तर्क जानेंगे तो हैरत में पड़ जाएंगे।

Devesh Sharma द्वारा Devesh Sharma
19 December 2022
in इतिहास
यूरोप मूत्र

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

विकास क्या है और इसकी परिभाषा और पराकाष्ठा क्या है? ये अभी तक कोई पूर्ण रूप से तय नहीं कर पाया है और न हीं भविष्य में कोई तय कर पाएगा। क्योंकि प्रत्येक समाज और उसमें रहने वाले लोगों के लिए विकास की परिभाषाएं अलग-अलग हैं। मनुष्य को एक अच्छा जीवन जीने के लिए मूलभूत सुविधाओं और स्वच्छता की आवश्यकता तो होती ही है। परंतु तब क्या जब आपको पता चले कि आज जो लोग तथाकथित आधुनिक बनकर दुनिया में स्वच्छता के पर्याय बने हुए हैं उनका दैनिक जीवन जीने का तरीका इतना गंदा था कि यूरोप के लोग मानव और पशु मूत्र का उपयोग कर अपने चहरे और दांतों को चमकाने का काम किया करते थे। इस लेख में हम जानेंगे सभ्य यूरोप के लोगों के बारे में जो मूत्र को माउथ वॉश के रूप में उपयोग किया करते थे।

इसके बारे में जानकार आप आश्चर्य में पड़ सकते हैं, आपको घिन्न आ सकती है, परंतु ऐसा ही होता था। पहली बार में शायद आप विश्वास न करें लेकिन जब इसके बारे में अध्ययन करना प्रारंभ करेंगे तो पता चलेगा कि यूरोप के लोगों का दैनिक जीवन जीने का तरीका कितना गंदा था। आज हम आपके साथ यूरोप के रोम की ओरल हाइजीन यानी मौखिक स्वच्छता के इतिहास के बारे में जानकारी साझा करने जा रहे हैं।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

दरअसल, यूरोप एक बदबूदार जगह हुआ करती थी यह तो सर्वविदित है लेकिन दांत और मुंह साफ करने के लिए रोमन लोग मानव मूत्र का उपयोग करते थे ये बड़ा ही आश्चर्यजनक और मन खराब करने वाला विषय है। क्योंकि जानवर भी मूत्र त्याग करने के बाद उसका उपयोग नहीं करते हैं फिर यूरोप के लोग तो मानव हैं।

और पढ़ें: यूरोप द्वारा भारत को 60 वर्षों से अधिक समय तक महाशक्ति बनने से रोकने का इतिहास जान लीजिये 

मूत्र उपयोग करने के पीछे की धारणा

रोम के लोगों द्वारा मानव और पशु मूत्र उपयोग करने के पीछे तर्क ये दिया जाता है कि मूत्र में अमोनिया, नाइट्रोजन और हाइड्रोजन का मिश्रण होता है, जो सफाई करने के काम में आता है। यह सत्य है कि मूत्र में अमोनिया होता है और ये साफ-सफाई के लिए उपयुक्त भी होता है। परंतु प्रश्न है कि क्या अमोनिया होने के कारण उसे दांत चमकाने में उपयोग कर लिया जाएगा? इस प्रकार तो मानव दूसरे अपशिष्ट भी करता है उसे भी कहीं न कहीं उपयोग कर लीजिए ताकि दुनिया में कचरे और गंदगी दोनों की समस्या समाप्त हो जाए।

और पढ़ें: “उन्हें मजदूरी के लिए लाया गया था, वो मालिक बन गए”, मॉरीशस में भारतीयों के ‘चमत्कार’ की अद्भुत कहानी

मूत्र का व्यापार भी होता था

मध्यकालीन रोम में मानव और पशु मूत्र को बहुत अधिक महत्व दिया जाता था। उनका मानना था कि यह एक ऐसा पदार्थ है जिससे न केवल दांत, मुंह साफ बल्कि कपड़े भी साफ हो सकते हैं। इसलिए धीरे-धीरे रोम में मूत्र उपयोग करने का चलन बढ़ता चला गया और लोग इसका व्यापार तक करने लगे। यही नहीं अध्ययन किया जाए तो कई स्थानों पर इस बात का भी जिक्र मिलता है कि मूत्र के व्यापार करने पर टैक्स भी लिया जाता था। इसके अलावा ये भी बताया जाता है कि रोम में दुकानों के बाहर एक पात्र रखा रहता था जिसमें लोग कभी भी आकर मूत्र विसर्जन कर सकते थे।

अब लगे हाथ बात भारत की भी कर लेते हैं। प्राचीन समय में भारतीय लोग दांतों की सफाई करने के लिए प्राकृतिक तरीकों को अपनाते थे। भारत के लोग आम तौर पर पेड़ों के टहनियां से बने दातुन का उपयोग किया करते थे। दातुन दांत के हर कोने तक पहुंचने के लिए पर्याप्त होता है जो नीम, बबुल, आम के पेड़ की टहनियों से बने होते हैं। भले ही ये स्वाद में कड़वा होता है परंतु इसमें जीवाणुरोधी और रोगाणुरोधी गुण होते हैं, जिससे मौखिक स्वच्छता बनाए रखने में सहायता मिलती है। आज भी कई लोग दातुन का इस्तेमाल करते हैं। इस तरह से भारतीय हमेशा से ही प्रकृति से जुड़े रहे। अब आप स्वयं ही सोचिए आज सबको सफाई पर ज्ञान देने वाला यूरोप साफ-सफाई के मामले में कितना पिछड़ा हुआ था।

रोमन लोग कैसे करते थे मूत्र का उपयोग?

रोमन लोग मूत्र का उपयोग अलग-अलग तरीके से करते थे। जैसे दांतों और मुंह को साफ करने के लिए पानी में मिलाकर और कपड़े धोने कि लिए डिटर्जेंट के रूप में उपयोग करते थे। परंतु प्रश्न यह पूछा जाता है कि मूत्र का उपयोग करने के प्रमाण कहां है? तो बता दें कि एक रोमन कवि “गायस वैलेरियस कैटुलस” ने अपनी एक कविता में दो पात्रों के बीच होने वाले संवाद में इसका उल्लेख किया है।

ये थी रोम की मूत्र उपयोग गाथा। इसके बारे में अगर संक्षेप में कहा जाए तो ये इतनी घृणा से भरने वाला विषय है जिसके बारे में पढ़ते हुए अगर कोई कल्पना करने लगे तो उल्टी कर सकता है। यही नहीं हमने पहले भी यूरोपीय लोगों की मल त्याग व्यवस्था के बारे में बताया है, जिसे आप नीचे दिए गए वीडियो में देख सकते हैं।

और पढ़ें: प्राचीन भारत में दहेज प्रथा की कोई परंपरा नहीं थी, इसे औपचारिक रूप देने वाले अंग्रेज ही थे

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: ancient roman mouthwashEuropean oral hygieneप्राचीन रोम में मूत्र का उपयोगरोम सभ्यता
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

EWS छात्रों को दिल्ली के स्कूलों में नहीं मिल रहा एडमिशन, अपमान और तिरस्कार झेलने को मजबूर

अगली पोस्ट

सीमाओं को सुरक्षित करने के दूसरे चरण में प्रवेश कर रही है मोदी सरकार

संबंधित पोस्ट

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था
इतिहास

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

26 December 2025

यह सप्ताह, वर्ष का अंतिम सप्ताह है। नए साल की दहलीज़ पर खड़े इस सप्ताह का इंतज़ार सबको ही रहता है, क्योंकि पहले क्रिसमस का...

गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया
इतिहास

वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

26 December 2025

यह सप्ताह वर्ष का अंतिम सप्ताह होता है, जिसका लोग बेसब्री से इंतज़ार करते हैं, क्योंकि इसी दौरान पहले क्रिसमस और फिर नए साल का...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited