TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    99 हिंदू परिवारों को नई जिंदगी

    CM योगी का पुनर्वास प्लान: 99 विस्थापित हिंदू परिवारों को मिलेगा नया ठिकाना

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत

    विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    केंद्र सरकार ने वायरल दावों को किया खारिज

    केंद्रीय बजट 2026–27 लीक हुआ? केंद्र सरकार ने वायरल दावों को किया खारिज

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    विमान सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार होगा

    एयरबस का अनुमान: अगले 10 साल में भारतीय एयरलाइंस के विमानों की संख्या तीन गुना होगी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    99 हिंदू परिवारों को नई जिंदगी

    CM योगी का पुनर्वास प्लान: 99 विस्थापित हिंदू परिवारों को मिलेगा नया ठिकाना

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत

    विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    केंद्र सरकार ने वायरल दावों को किया खारिज

    केंद्रीय बजट 2026–27 लीक हुआ? केंद्र सरकार ने वायरल दावों को किया खारिज

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    विमान सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार होगा

    एयरबस का अनुमान: अगले 10 साल में भारतीय एयरलाइंस के विमानों की संख्या तीन गुना होगी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘बजरंगबली भक्त’ केजरीवाल को हिंदुओं और पुजारियों से इतनी घृणा क्यों है?

मौलानाओं को 'भर-भरकर पैसा' और पुजारी प्रदर्शन कर रहे हैं!

Awanish Tiwari द्वारा Awanish Tiwari
8 February 2023
in समीक्षा
Arvind Kejriwal, Pujari protest

Source- Google

Share on FacebookShare on X

हम में राम, तुम में राम, सबमें राम समाया…कुछ भी कहिए लेकिन केजरीवाल की ‘रील राजनीति’ इसी के इर्द गिर्द टिकी हुई है और यही बोल बोलकर उन्होंने बहुत कुछ कमाया है! अब यह कमाई वोट बैंक की हो सकती है, सॉफ्ट हिंदुत्व पॉलिटिक्स की हो सकती है, भ्रष्टाचार की हो सकती है या फिर केजरीवाल के दिमाग में बैठे कूड़े की हो सकती है. फ्री की रेवड़ियां बांटकर जनता की आंखों पर पट्टी बांधने वाले आत्ममुग्ध केजरीवाल भले ही कितने भी हिंदू दिखने की कोशिश कर लें, उनका मन और मस्तिष्क दोनों ही हमेशा तुष्टीकरण में उलझा रहता है. मौलवियों को सैलरी देनी हो, तुष्टीकरण करना हो, इफ्तार पार्टी में जाना हो…केजरीवाल ने हर जगह एक नया आयाम सेट किया है, जिसे अब चुनौती मिलने लगी है. इस लेख में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि कैसे कथित हनुमान भक्त केजरीवाल को अब हिंदू पुजारियों से ही नफरत होने लगी है.

और पढ़ें: केजरीवाल सरकार ने एक और घोटाले की स्क्रिप्ट तैयार कर ली है?

संबंधितपोस्ट

सादगी की सरकार, शीशे के महल में बंद: दिल्ली से चंडीगढ़ तक केजरीवाल की चमचमाती सादगी की कहानी

पंजाब के किसान बाढ़ से बेहाल हैं, लेकिन केंद्र सरकार को उन्हें मुआवजा देने में क्यों हो रही है दिक्कत?

जय भीम योजना में ₹145 करोड़ का घोटाला: वंचितों की ‘शिक्षा क्रांति’ को केजरीवाल सरकार ने कैसे बनाया फर्जीवाड़े की पाठशाला?

और लोड करें

दिल्ली में धरने पर पुजारी

दरअसल, अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर पुजारी धरने पर बैठे हुए हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर पुजारी धरना क्यों दे रहे हैं? लेकिन इसके पीछे का कारण बहुत बड़ा है. दिल्ली भाजपा के मंदिर प्रकोष्ठ की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन में शामिल पुजारियों की ये मांग है कि अरविंद केजरीवाल सरकार दिल्ली में जिस तरह से मस्जिद के मौलवियों को हर महीने सैलरी देती है उसी तरह से मंदिर के पुजारियों को भी सैलरी दी जाए. मंदिर प्रकोष्ठ के अध्यक्ष करनैल सिंह ने कहा कि जब टैक्स के पैसे से मौलवियों को वेतन मिल सकता है तो हिंदुओं को मानदेय क्यों नहीं मिल सकता.

जी हां, दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार हर महीने मौलानाओं को सैलरी मुहैया कराती है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दिल्ली वक्फ बोर्ड की ओर से पंजीकृत करीब 185 मस्जिदों के 255 इमाम और मुअज्जिनों को तनख्वाह दी जाती है. इमामों को 18 हजार तो मुअज्जिनों को करीब 14000 रुपये की सैलरी दी जाती है. वहीं, दिल्ली वक्फ बोर्ड में अनरजिस्टर्ड मस्जिदों के इमामों को 14 हजार और मुअज्जिनों को 12 हजार रूपये हर महीने दिए जाते हैं.

लगातार उठता रहा है यह मामला

पहले भी इस मामले को लेकर बवाल मचता रहा है लेकिन वो क्या है न कि केजरीवाल इसमें पूरी तरह से डूबे हुए हैं और एक समुदाय विशेष के वोट को हासिल करने के लिए ही उनकी ओर से इस कदम को विस्तार दिया गया था. पिछले वर्ष नवंबर में भाजपा सांसद परवेश साहिब सिंह ने दिल्ली के सीएम को एक खत लिखा था, जिसमें उन्होंने यह मांग की थी कि मस्जिदों के मौलवियों की तरह ही, मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारा के ग्रंथियों को भी तनख्वाह दी जाए. परवेश साहिब सिंह ने कहा था कि हमारे संविधान की प्रकृति धर्म निरपेक्षता पर आधारित है. टैक्स भुगतान करने वालों से जो पैसे आ रहे हैं, उसे सिर्फ किसी चुने हुए या किसी एक धार्मिक वर्ग पर खर्च नहीं करना चाहिए. जनता के इन पैसों पर सभी धार्मिक वर्ग के लोगों का अधिकार है.

हालांकि, अब दिल्ली में करीब 1 हजार पुजारी केजरीवाल के घर के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं और अपने हक की मांग कर रहे हैं. हालांकि, निष्कर्ष क्या होगा, यह भविष्य के गर्भ में छिपा हुआ है. अगर आपने केजरीवाल की राजनीतिक यात्रा पर गहनता से ध्यान दिया होगा, तो आपको यह भी पता होगा कि केजरीवाल स्वयं को बजरंगबली का ‘भक्त’ बताते हैं. लेकिन बजरंगबली समेत अन्य मंदिरों के पुजारियों से उन्हें कोई लगाव नहीं है. उपर्युक्त प्रकरण को देखकर तो यही प्रतीत होता है कि उन्हें पुजारियों की हालत से कोई फर्क ही नहीं पड़ता, जिनका जीवन सिर्फ औऱ सिर्फ दान-दक्षिणा आदि से ही चलता है.

और पढ़ें: “IIT में यह तो पक्का नहीं पढ़ाया जाता”, केजरीवाल ने LG के लिए जो भाषा बोली वो ‘सड़कछाप’ भी नहीं है

शाहीन बाग की बिरयानी और दिल्ली दंगे

अब आप इसे केजरीवाल का दोमुंहापन नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे? किसी ने कभी ठीक ही कहा था कि दोमुंहा सांप और दोमुंहे बुद्धि वाले लोग कभी भी पनप नहीं पाते या यूं कहें कि अपने हाथ से अपनी बर्बादी की कथा लिख देते हैं. अब केजरीवाल के मामले में कुछ ऐसा ही प्रतीत होता दिख रहा है.

सोशल मीडिया पर आपने केजरीवाल की कई तस्वीरें देखी होंगी, जिनमें वो माथे पर त्रिपुंड और गले में रूद्राक्ष का माला पहने दिखे होंगे लेकिन उनके मस्तिष्क में क्या चल रहा है, उसे आप सोशल मीडिया पर फोटो देखकर बिल्कुल नहीं समझ सकते. क्योंकि उनके द्वारा किए गए तुष्टीकरण वाले तमाम कृत्य ऐसे हैं कि वो कितना भी ड्रामा कर लें, कितना भी स्वयं को हिंदू दिखाने की कोशिश कर लें, अयोध्या की 108 बार परिक्रमा कर लें, बाबा विश्वनाथ के चरणों में जाकर अपना माथा रगड़ लें, वो रहेंगे केजरीवाल ही.

मौलवियों को पैसा देना तो एक बड़ा खेल है लेकिन शाहीनबाग की बिरयानी से लेकर दिल्ली दंगे तक में केजरीवाल ने अपना क्या रंग दिखाया, यह बताने की आवश्यकता नहीं है. दिल्ली दंगे में कितने हिंदुओं को बलि का बकरा बना दिया गया, आम आदमी पार्टी के तत्कालीन पार्षद ने कैसे हिंदुओं के नरसंहार का खेल रचा, आप बेहतर जानते होंगे. अमानतुल्लाह खान को लेकर केजरीवाल और आम आदमी पार्टी का क्या स्टैंड रहा है, आप यह भी जानते हैं. वहीं, केजरीवाल की ‘इफ्तार पार्टी’ और समुदाय विशेष प्रति उनकी निष्ठा को आप नकार नहीं सकते.

इन सबके बावजूद भी समय समय पर अपने हिसाब से या यूं कहें कि अपने लाभ को ध्यान में रखते हुए केजरीवाल बजरंगबली का दर्शन करने पहुंच जाते हैं और मीडिया के सामने आकर यह बयान दे देते हैं कि ‘मैं बजरंगबली का भक्त हूं.’ सोशल मीडिया पर उनकी कथित हिंदू छवि को चमकाने में AAP का आईटी सेल जुट जाता है. फेसबुक, ट्विटर से लेकर व्हाट्सएप ग्रुप तक में उनकी फोटो और वीडियो दिखने लगती है. यानी एक तरह से आम आदमी पार्टी को हिंदुओं की हितैषी बताने का प्रयास किया जाता है. उसे ऐसे प्रोजेक्ट किया जाता है कि आम आदमी पार्टी का गठन ही हिंदुओं के लिए हुआ है.

नोट पर हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर

आपको याद होगा कि हाल ही में अरविंद केजरीवाल ने नोट पर लक्ष्मी और गणेश के फोटो होने की वकालत की थी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की तस्वीरों को करेंसी नोट पर छपवाने की अपील की थी। उस दौरान उन्होंने तर्क दिया था कि हिंदू देवताओं लक्ष्मी जी और गणेश जी की तस्वीरों वाले करेंसी नोट से भारतीय अर्थव्यवस्था समृद्ध होगी.

केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि “मैं केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करूंगा कि नये नोटों पर गणेश जी और लक्ष्मी जी की तस्वीरें भी लगायी जाये। यदि इंडोनेशिया ऐसा कर सकता है, तो हम क्यों नहीं?” लेकिन गणेश जी और लक्ष्मी जी की मूर्ति लगाकर उनका आर्शीवाद लेना और नोटों पर उनकी तस्वीर छपवाने में कितना अंतर है, शायद यह आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल नहीं जानते. उनके ऐसे परम ज्ञान चुनाव के समय ही अलग अलग राज्यों में मीडिया के सामने गलती से निकल जाते हैं और उसी के पीछे वह सॉफ्ट हिंदुत्व वाला कार्ड खेलने में लग जाते हैं.

और पढ़ें: “विदेश में बनी दारू पर केजरीवाल की कृपा”, Make in India को केजरीवाल डूबो देंगे

राम मंदिर और केजरीवाल

इसके अलावा राम मंदिर वाला मामला आपको याद ही होगा कि कैसे फैसला आने के बाद केजरीवाल अपने स्टैंड से 360 डिग्री पलट गए थे. केजरीवाल के राइटहैंड मनीष सिसोदिया अक्सर यह कहते दिखते थे कि विवादित जमीन पर स्कूल या हॉस्पिटल बना देना चाहिए लेकिन जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया, आम आदमी पार्टी अपने बयान से ऐसे पलटी जैसे इंसान को काटने के बाद सांप पलट जाता है. उसके बाद केजरीवाल और कंपनी अयोध्या भी पहुंची और राम लला का दर्शन भी किया.

वहीं, फिर से हिंदुओं को लुभाने हेतु उन्होंने बुजुर्गों को तीर्थयात्रा भेजने वाले अपने प्लान में अयोध्या को भी शामिल कर लिया. यानी दिल्ली से केजरीवाल बुजुर्गों को तीर्थयात्रा हेतु अयोध्या भी भेजते हैं. अब आप क्रोनोलॉजी समझिए कि कैसे कुंठित केजरीवाल हिंदुओं की भावनाओं से लंबे समय से खेल रहे हैं.

आपको बताते चलें कि भ्रष्टाचार को खत्म करने का वादा कर राजनीति में आने वाले केजरीवाल ने सीएम बनते ही अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया था. तुष्टीकरण का खेल भी वो तब से ही खेलते आ रहे हैं. इसके अलावा सेना पर सवाल उठाना हो, देश विरोधी तत्वों का समर्थन करना हो, भाजपा के विरोध में नीचले स्तर तक गिरना हो या फिर अपनी महत्वाकांक्षा के लिए अपने आदर्शों से समझौता करना हो, केजरीवाल ने हर मामले में टॉप किया है. ज्ञात हो कि दिल्ली में पहले इमामों की सैलरी 10 हजार के आस पास थी लेकिन लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले यानी फरवरी 2019 में इसे बढ़ाकर 18 हजार रूपये कर दिया गया था. अब जब पुजारी अपने हक की मांग कर रहे हैं तो यह कुंठित पार्टी और उसके कथित हिंदू नेता अपने मुंह में दही जमाए बैठे हैं.

https://www.youtube.com/watch?v=-WS_EdmdXb4

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: अरविंद केजरीवालदिल्ली सरकारपुजारीमौलवियों की सैलरी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

दिल्ली विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह: औपनिवेशिक गाउन की जगह अब धोती-कुर्ता

अगली पोस्ट

शुक्र प्रदोष व्रत कथा : विधि एवं महत्व

संबंधित पोस्ट

‘The journey within’: श्रीखंड कैलाश से आत्मबोध तक की यात्रा
समीक्षा

‘The journey within’: श्रीखंड कैलाश से आत्मबोध तक की यात्रा

20 December 2025

जीवन स्वयं एक यात्रा है, उतार-चढ़ाव से भरी, अनुभवों से सजी और निरंतर आगे बढ़ती हुई। किंतु यात्रा केवल स्थानों के बीच की भौतिक गति...

Luxury Sedan Showdown: Price and Maintenance Comparison of a Used Audi A4 vs. Other 2nd Hand Audi Cars
समीक्षा

Luxury Sedan Showdown: Price and Maintenance Comparison of a Used Audi A4 vs. Other 2nd Hand Audi Cars

18 December 2025

In the high-stakes world of luxury sedans, the Audi A4 has long been the "thinking person’s choice." It doesn't scream for attention like a BMW...

जनसंख्या के बदलते संतुलन पर असहज विमर्श प्रस्तुत करती पुस्तक ‘सेकुलरवाद और बदलती जनगणना के आंकड़े’
समीक्षा

जनसंख्या के बदलते संतुलन पर असहज विमर्श प्रस्तुत करती पुस्तक ‘सेकुलरवाद और बदलती जनगणना के आंकड़े’

15 December 2025

अंग्रेजी भाषा में कहा जाता है कि ‘डेमोग्राफी इज डेमोक्रेसी’। किसी भी देश में लोकतंत्र रहेगा या नहीं रहेगा ये इस बात पर निर्भर करता...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited