TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी, नेत्रदान-अंगदान और देहदान का लिया संकल्प

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित आज़ाद हिंद फौज के पदक, जो वीरता और बलिदान के प्रतीक हैं

    राज से परे वीरता: नेताजी की ‘आजाद हिंद फौज’ के साहस को सम्मानित करने वाले पदक

    उत्तराखंड में वर्दी खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई

    वर्दी खरीद घोटाला: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर होमगार्ड्स निदेशक निलंबित

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी, नेत्रदान-अंगदान और देहदान का लिया संकल्प

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित आज़ाद हिंद फौज के पदक, जो वीरता और बलिदान के प्रतीक हैं

    राज से परे वीरता: नेताजी की ‘आजाद हिंद फौज’ के साहस को सम्मानित करने वाले पदक

    उत्तराखंड में वर्दी खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई

    वर्दी खरीद घोटाला: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर होमगार्ड्स निदेशक निलंबित

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

दूध का दरिया है और डूब के जाना है, हाय रे पागल कांग्रेसी!

ऐसे जीतेंगे कर्नाटक

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
11 April 2023
in राजनीति
दूध का दरिया है और डूब के जाना है, हाय रे पागल कांग्रेसी!
Share on FacebookShare on X

कहीं सुने थे, “ये इश्क नहीं आसान, बस इतना समझ लीजिए, इक आग का दरिया है और डूबके जाना है”। परंतु शायरी का ओवरडोज़ चढ़ाए काँग्रेसियों ने इसका अलग ही वर्जन निकाला है। फरमाते हैं, “ये चुनाव नहीं आसान, बस इतना समझ लीजिए, दूध का दरिया है और डूबते ही जाना है”।

इस लेख में पढिये कांग्रेस के नई चुनावी अस्त्र को, और कैसे इससे इस पार्टी का कर्नाटक में बुरी तरह पिटना तय है।

संबंधितपोस्ट

जन्मदिवस विशेष: नाभा जेल में नेहरू की बदबूदार कोठरी और बाहर निकलने के लिए अंग्रेजों को दिया गया ‘वचनपत्र’

जनता की ज़मीन, सत्ता की जागीर नहीं: मानेसर लैंड डील में भूपेंद्र हुड्डा को झटका, न्याय ने कांग्रेस के ‘विकास मॉडल’ की खोल दी पोल

वंदे मातरम् के 150 वर्ष: बंकिमचंद्र की वेदना से जनमा गीत, जिसने भारत को जगाया और मोदी युग में पुनः जीवित हुआ आत्मगौरव

और लोड करें

समस्या क्या है?

हवा से बातें करने और हवा से लड़ने में अंतर होता है। परंतु ये बात कोई तनिक काँग्रेसियों को बता दे। राई का पहाड़ बनाना कांग्रेस पार्टी से बेहतर कोई नहीं जानता और कर्नाटक में इन्होंने पुनः वही किया है। वो कैसे? असल में केंद्र सरकार ने प्रस्ताव दिया कि गुजरात की विश्वप्रसिद्ध डेरी सहकारिता कंपनी अमूल अब कर्नाटक में भी अपने उत्पादन को बढ़ावा देगी।

तो इसमें समस्या क्या है? समस्या ये है कि कोई समस्या ही नहीं है। कांग्रेस ये भ्रम फैला रही है कि अमूल के आने से कर्नाटक की स्थानीय सहकारिता डेरी, नंदिनी खतरे में आ जाएगी, और इसके चलते कांग्रेस ने अमूल के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है, जिसमें पूर्व सीएम सिद्दारमैया, कांग्रेस के प्रमुख नेता डीके शिवकुमार सहित कई सदस्य भाग ले रहे हैं। इनका ध्येय स्पष्ट है : अमूल को कर्नाटक में घुसने नहीं देना है।

क्यों नहीं घुसने देना है? क्योंकि वह गुजरात की है, और मोदी समर्थक है!

𝐈𝐓’𝐒 𝐍𝐎𝐓 𝐍𝐀𝐍𝐃𝐈𝐍𝐈 𝐕𝐒 𝐀𝐌𝐔𝐋

𝐈𝐓’𝐒 𝐀𝐌𝐈𝐓 𝐒𝐇𝐀𝐇’𝐒 𝐏𝐋𝐀𝐍 𝐓𝐎 𝐃𝐀𝐌𝐀𝐆𝐄 𝐊𝐀𝐑𝐍𝐀𝐓𝐀𝐊𝐀'𝐒 𝐍𝐀𝐍𝐃𝐈𝐍𝐈

1. What is NANDINI – the brand name of Karnataka Milk Federation?

2. What is the controversy brewing around NANDINI – a milk brand in… pic.twitter.com/Hyyz7FtXW2

— Congress (@INCIndia) April 10, 2023

और पढ़ें: कर्नाटक कांग्रेस की करुण पुकार : “हमें राहुल से बचाओ”!

ये कैसा नेतृत्व?

कुछ दिनों पूर्व जब कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने राहुल गांधी के प्रकोप से बचाने और स्थानीय विषयों पर अधिक फोकस देने के लिए पार्टी हाइकमान से गुहार लगाई, तो लगा : कितनी दयनीय स्थिति है इन लोगों की। बेकार ही भावुक हो रहे थे, क्योंकि अगर स्थानीय विषय ऐसे हैं, तो फिर तो ये चुनाव जीतने का ख्याल भूल ही जाए।

यही लोग रोते हैं कि केंद्र सरकार समर्थक कंपनियों का एकछत्र राज चलता है, और सभी उद्योगों एवं क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा मांगते हैं, और जब सरकार में उस दिशा में कार्यरत दिखती है, तो यही लोग “स्थानीय मुद्दों” का हवाला देकर इसपे रोक लगाते हैं। आखिर चाहते क्या हो भाई?

इन काँग्रेसियों की कुछ डिमांड अगर आप सुन लें, तो आप अपने भीतर के उदय शेट्टी को कंट्रोल करने के लिए उत्सुक प्रतीत होंगे। उदाहरण के लिए अमित शाह के उस बयान, जहां पर उन्होंने कहा कि अमूल और नंदिनी को साथ आना चाहिए, को कांग्रेस प्रचारित कर रही है कि इससे 26 लाख किसानों की रोजी रोटी खतरे में आ जाएगी।

परंतु उस ट्वीट में वे ये बताना भूल गए कि कैसे अमूल पहले से ही उत्तरी कर्नाटक में 2015 से सक्रिय है, और वह बस अपने ऑपरेशन का विस्तार करना चाहती है। स्वयं नंदिनी डेरी ने भी महाराष्ट्र में कई आउट्लेट खोले हैं।

As reported in 2019 Nandini registered a sale of 85,000 Litres of milk per day in Mumbai, when they launched the sale of pouched milk in Pune they were selling 11,000 litres of milk per day in Pune. As per Nandini's expansion other urban centres on their radar were Nagpur, &… pic.twitter.com/kkshkpSJoY

— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) April 10, 2023

अगर कर्नाटक कांग्रेस वाला लॉजिक महाराष्ट्र प्रशासन लागू करने लगे, तो?

इसके अतिरिक्त सहयोग और हस्तांतरण यानि टेकओवर में अंतर होता है। जो चीज़ न हुई, न जिसके होने के आसार है, उस पर पूरे राज्य को अराजकता की आग में झोंकना कहाँ की समझदारी है?

परंतु आपको क्या लगता है, यह पहली बार है? कुछ ही हफ्तों पूर्व एक कंपनी द्वारा दही का नाम हिन्दी में क्या प्रकाशित हुआ, उसके पीछे कांग्रेस ने तमिलनाडु से लेकर कर्नाटक तक में उत्पात मचाने में कोई प्रयास अधूरा नहीं छोड़ा। हां वो अलग बात है कि इस आग को लगाने की शुरुआत एम के स्टालिन ने की थी।

आश्चर्यजनक रूप से तमिलनाडु की भाजपा इकाई ने भी हिन्दी में दही का नाम अंकित होने का विरोध किया, परंतु वह कांग्रेस के शोर में कहीं छुप सा गया।

और पढ़ें: कर्नाटक में कांग्रेस को पूरी तरह से विलुप्त करने की तैयारी में लगे हैं मल्लिकार्जुन खड़गे

रहने दो कांग्रेस, आपके बस की नहीं….

और वैसे भी, नंदिनी डेरी की चिंता किसको हो रही है? उस कांग्रेस को, जिसके पूर्व मुख्यमंत्री खुलेआम गौमाँस के पीछे लालायित रहते हैं? अभी तो हमने काँग्रेस के नेतृत्व संकट पर प्रकाश भी नहीं डाला है, अन्यथा जो लोग अपनी पार्टी नहीं संभाल पा रहे हैं, वो कृपया राज्य को “भाजपा के प्रकोप” से बचाने पर उपदेश न ही दे।

बता दें कि स्थिति भाजपा के पक्ष में अधिक नहीं है, परंतु इसके बाद भी कांग्रेस इस स्थिति में बिल्कुल नहीं है कि वह निर्विरोध रूप से वर्तमान विधानसभा चुनावों में विजयी सिद्ध हो सके।

सिद्दारमैया के चुनाव लड़ने पर ही संशय है, डीके शिवकुमार आपराधिक कार्रवाई का सामना कर रहे हैं, मल्लिकार्जुन खड़गे का “दिल्ली कनेक्शन” ही उनके आड़े आ रहा है, और जी परमेश्वर कर्नाटका राज्य की राजनीति में कोई खास प्रभाव बनाते नही दिख रहे.

इसके अतिरिक्त विगत कुछ वर्षों में CAA और किसान आंदोलन के नाम पर काँग्रेसियों ने उपद्रवियों को किस प्रकार बढ़ावा दिया है, ये भी किसी से नहीं छुपा है। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि दूध और दही की यह फर्जी लड़ाई कांग्रेस को कहीं का नहीं छोड़ने वाली।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: कर्नाटककांग्रेसडीके शिवकुमारदूधनंदिनीमोर्चासिद्दारमैया
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Jubilee web series review: इंप्रेस करती है विक्रमादित्य मोटवाने की “जुबली”

अगली पोस्ट

शरद पवार की आखिरी इच्छा : बनें एनडीए का भाग!

संबंधित पोस्ट

सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद
भारत

उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

24 January 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों और विदेशों में रह रहे उत्तर प्रदेश के लोगों को...

मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी
चर्चित

मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी, नेत्रदान-अंगदान और देहदान का लिया संकल्प

24 January 2026

मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की एक प्रेरक मिसाल पेश करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड, पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र और पूर्व सांसद  भगत सिंह कोश्यारी ने...

नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित आज़ाद हिंद फौज के पदक, जो वीरता और बलिदान के प्रतीक हैं
भारत

राज से परे वीरता: नेताजी की ‘आजाद हिंद फौज’ के साहस को सम्मानित करने वाले पदक

24 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में गठित भारतीय राष्ट्रीय सेना (आईएनए) के पास द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एक स्वतंत्र पदक और सम्मान प्रणाली...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited