चीन का भूटान में कब्जा न केवल भूटान की संप्रभुता पर खतरे की तरह है बल्कि भारत के दृष्टिकोण से भी बेहद खतरनाक है।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    jefferies Industrial revolution

    क्या है नया Industrial Revolution? 6 सेक्टर में बड़े बदलाव से बनेगा विकसित भारत 2047

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    jefferies Industrial revolution

    क्या है नया Industrial Revolution? 6 सेक्टर में बड़े बदलाव से बनेगा विकसित भारत 2047

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

चीन ने भूटान में बसाए 22 गांव: कर्ज देकर दुनिया भर में कब्जे का जाल फैला रहा, भारत की धरती के करीब आता जा रहा ड्रैगन

चीन का भूटान में कब्जा न केवल भूटान की संप्रभुता पर खतरे की तरह है बल्कि भारत के दृष्टिकोण से भी बेहद खतरनाक है

TFI Desk द्वारा TFI Desk
19 October 2024
in विश्व, साउथ एशिया
चीन गांव भूटान

कर्ज देकर दुनिया भर में कब्जे का जाल फैला रहा ड्रैगन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Share on FacebookShare on X

चीन हमेशा से ही विस्तारवादी नीति का समर्थक रहा है। उसे जब, जहाँ और जैसे भी मौका मिला उसने अपने पड़ोसी देशों की जमीनों पर बेतहाशा कब्ज़ा किया है। इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए चीन ने भूटान की जमीन पर कब्जा कर वहां अपने 22 गांव बसा दिए हैं। इसमें 3 छोटी बस्तियां भी शामिल हैं।

तिब्बती विश्लेषकों के नेटवर्क ‘टर्कुइज़ रूफ’ ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट में, बताया गया है कि चीन ने भूटान की सीमा में जिन 22 गांवों को बसाया है, उनमें से 7 गांवों को बसाने का काम उसने 2023 में शुरू किया था। अब चीन इन 22 गांवों में से 3 को कस्बे के रूप में बसाने की योजना बना रहा है।

संबंधितपोस्ट

BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

चीन-फिलीपींस विवाद: भाषण के बीच चीन ने थमाया नोट, दक्षिण चीन सागर पर क्यों भड़के रक्षा मंत्री?

और लोड करें

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सैटेलाइट से प्राप्त इमेज से पता चला है कि चीन द्वारा बसाए गए इन गांवों और बस्तियों में लगभग 752 आवासीय ब्लॉक हैं। इसमें करीब 2284 घर बनाए गए हैं। इन घरों में रहने यानी गांव बसाने के लिए चीन ने यहां 7000 लोगों को स्थानांतरित किया है। साथ ही बड़ी संख्या में अधिकारियों, मजदूरों, पुलिस और सेना को भी यहां भेज रहा है।

इन गांवों को बसाने के जरिए चीन भूटान की लगभग 825 वर्ग किलोमीटर भूमि पर कब्ज़ा कर लिया है। चीन का भूटान में इस तरह से कब्जा न केवल भूटान की संप्रभुता पर खतरे की तरह है बल्कि भारत के दृष्टिकोण से भी बेहद खतरनाक है। दरअसल, चीन भूटान के पश्चिमी क्षेत्र पर कब्ज़ा करना चाहता है। इस कब्जे की वजह डोकलाम का पठार है।

भूटान के पश्चिमी क्षेत्र पर कब्जे करने यानी डोकलाम तक पहुंच के बाद चीन भारत के खिलाफ रणनीतिक रूप से काफी मजबूत हो जाएगा। इसके अलावा चीन भूटान की राजधानी थिम्फू में अपना दूतावास बनाने की भी प्लानिंग कर रहा है। उल्लेखनीय है कि भूटान की सेना में करीब 8000 जवान ही हैं। चीन की तुलना में देखें तो भूटान की सेना बौनी दिखाई देती है। ऐसे में पूरे भूटान पर कब्जा करना चीन के लिए और भी आसान हो जाएगा।

गौरतलब है कि भूटान पहला देश नहीं है जिसकी जमीन पर चीन ने कब्जा किया हो। आज चीन की सीमा भले ही 14 देशों को छूती है लेकिन उसने 23 देशों के जमीनी या समुद्री क्षेत्रों पर अपना कब्जा ज़ाहिर किया हुआ है।

चीन के विस्तारवादी होने का अंदाज़ा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि चीन अब तक 4100000 वर्ग किमी से अधिक के भू-भाग पर ज़बरन कब्ज़ा कर चुका है, जो कि उसके वास्तविक क्षेत्रफल के 50 फीसद के आसपास है। चीन के नक्शे में देखें तो 6 देश पूर्वी तुर्किस्तान, तिब्बत, इनर मंगोलिया या दक्षिणी मंगोलिया, ताइवान, हॉन्गकॉन्ग और मकाउ नजर आते हैं। ये वो देश हैं, जिन पर चीन ने कब्जा कर रखा है या इन्हें अपना हिस्सा बताता है।

चीन अपनी विस्तारवादी नीति को और मजबूत करने तथा अपने क्षेत्रफल को बढ़ाने के लिए एक ऐसी रणनीति तैयार कर चुका है जिसके जाल में 150 से अधिक देश फस चुके हैं। जबकि अभी न जाने और कितने ही देशों को वह लालच की रोटियां दिखा रहा होगा।

चीन की यह रणनीति है ‘डेट ट्रैप’ यानी ‘कर्ज़ और कब्ज़ा’। ‘डेट ट्रैप’ ठीक उसी प्रकार कार्य करता है जैसे कि कोई साहूकार। यहां साहूकार का ज़िक्र इसलिए करना पड़ रहा है क्योंकि चीन एक सोची समझी रणनीति के तहत विकासशील देशों को पहले विकास का झूठा आइना दिखाता है और फिर परियोजनाओं को साकार करने के लिए  देशों को ऊंचे ब्याज दरों पर ऋण अर्थात कर्जा देता है। जब वे देश चीन के कर्ज का भुगतान नहीं कर पाते हैं तो चीन साहूकार की ही तरह उन देशों की जमीनों व संपत्तियों पर कब्ज़ा कर लेता है। ऐसे देशों की एक लंबी सूची है, जिन्होंने इस तरह की परियोजनाओं के लिए चीन से महंगा कर्ज लिया है और वे इसका भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।

टीएफआई से हुई बातचीत में राजनीतिक विश्लेषक और प्रोफेसर एस. पी. माझी ने कहा है, “जो भी देश चीन से कर्ज ले रहे हैं उनकी हालत या तो गंभीर हो गई है या आने वालों वर्षों में हो गंभीर हो जाएगी। भारत का इस तरह की चीनी रणनीति के पक्ष में न होना, भारत की दूरदर्शिता को दर्शाता है। पिछला इतिहास देखें तो चीन किसी भी देश को विकास के नाम पर कर्ज में इस हद तक फसा देता है कि वह उस कर्ज़ से कभी मुक्त ही न हो सके। चीन अपने प्रभुत्व के विस्तार हेतु कर्ज बांटकर कब्जा करने की रणनीति के जरिये एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तैयार कर रहा है जिसमें सिर्फ़ उसकी ही बात सुनी और मानी जाए।”

यहां यह समझना आवश्यक है कि जिस डेट ट्रैप की हम बात कर रहे हैं, उसे यदि डेट ट्रैप डिप्लोमेसी यानि कूटनीति कहा जाए तो गलत नही होगा। चीन जो भी कर रहा है वह प्लानिंग के साथ कर रहा है। यानी वह योजनाबद्ध तरीके से सारे काम कर रहा है। यदि वह किसी देश को कर्ज दे रहा है तो वह उसकी भौगोलिक और राजनीतिक दोनों ही स्थितियों को ध्यान में रखता है साथ ही आने वाले कई सालों तक कि प्लानिंग भी वह तैयार करके रखता है।

चीन विकास के नाम पर कब्जे की रणनीति दुनिया के लिए एक अनदेखा खतरा बनता जा रहा है। चीन का कर्ज़ जाल न केवल एशिया में बल्कि दक्षिण अमेरिका व अफ़्रीका तक लगातार बढ़ रहा है।

यदि बात एशिया की करें तो भारत को घेरने की नीति के तहत चीन पड़ोसी देशों में विकास के नाम पर कर्ज़ देकर अपनी पैठ मजबूत कर रहा है। चीन ने अपने पड़ोसी देशों की पहले मदद की और फिर उसके बाद ‘डेट ट्रैप’ रणनीति के तहत कब्जे की कार्यवाही शुरू की।

पहले कर्ज़ और फिर कब्ज़ा की चीनी रणनीति के शिकार श्रीलंका को कम्युनिस्ट चीन ने पहले मुंह मांगा कर्ज़ दिया और फ़िर जब कर्ज़ इतना बढ़ गया कि श्रीलंका उस कर्ज़ को चुका पाने में असमर्थ हो गया तब चाइना ने श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह और उसके चारों ओर की 1500 एकड़ जमीन पर चीन ने कब्जा कर लिया।

पाकिस्तान की बात करें तो वहां भी हालात अच्छे नहीं हैं। ट्रेंडिंग इकोनॉमिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान का कर्ज उसकी GDP का 82% से अधिक हो गया है, जिसमें क़रीब 40 फ़ीसदी कर्ज़ चीन का है। एक अनुमान के अनुसार, पाकिस्तान को केवल चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) से जुड़ी योजनाओं के बदले में अगले दो तीन सालों में चीन को 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का भुगतान करना होगा। पाकिस्तान की मौजूदा हालत देखें तो यह असंभव लगता है। पाकिस्तान अब तक अपने दो प्रमुख द्वीपों और एक महत्वपूर्ण खनन परियोजना चीन को दे चुका है। यही नहीं, वह समूचे ग्वादर टाउनशिप, ग्वादर पोर्ट और कुछ अन्य स्थानों को चीन को सौंपने की प्रक्रिया में है।

यदि ताजिकिस्तान का हाल देखें तो पता चलता है कि चीन ताजिकिस्तान की क़रीब 1000 वर्ग किमी ज़मीन पर कब्जा कर चुका है। इसके अलावा चीन ताजिकिस्तान में सैन्य अड्डे भी बनाता जा रहा है।

पूर्वोत्तर की ओर नज़र घुमाएं तो लाओस की स्थिति भी ठीक नही है। जब लाओस अपनी अर्थव्यवस्था के बुरे दौर से गुज़र रहा था तब चीन ने महंगे कर्ज की पेशकश की। इसके बाद जब लाओस कर्ज़ वापस करने में असमर्थ रहा तो चीन ने उसके पूरे इलेक्ट्रिक सिस्टम को अपने कंट्रोल में ले लिया। आज लाओस में पूरा इलेक्ट्रिक सिस्टम चीन के हाथ मे है और लाओस की सरकार पूरी तरह बेबस है।

यदि एशिया के अतिरिक्त अफ्रीका की बात करें तो अफ्रीका का छोटा सा देश जिबूती लगातार विदेशी सेनाओं के केन्द्र में रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार जिबूती पर कुल कर्ज़ उसकी जीडीपी का करीब 80 फ़ीसदी हो गया है, जिसमें अधिकांश कर्ज़ चीन का है। चूंकि जिबूती कम आय वाला देश है इसलिए वह कर्ज़ वापसी नही कर सका और अब हालात ऐसे हैं कि चाइना वहां सैन्य अड्डा बना चुका है। इसके अलावा अन्य कब्जे करने की भी फ़िराक़ में है।

एक और अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे भी चीनी कर्ज़ में दबा हुआ है। ज़िम्बाब्वे अपनी आज़ादी के बाद अब  देश अपने बुरे दौर से गुजर रहा है। ज़िम्बाब्वे सर से पैर तक चीनी कर्ज़ में डूबा हुआ है, और चीनी कर्ज़ जाल में फँसने के कारण अब यह देश चाहकर भी चीन के हितों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले सकता। जिम्बाब्वे की बर्बादी की कहानी वहां की सरकार की चीन की कम्युनिस्ट सरकार के साथ बढ़ती नज़दीकियों साथ ही शुरू हो गई थी। शुरुआत में तो सब कुछ ठीक चल रहा था, चाइना द्वारा लगातार सड़क और रेल परिवहन का निर्माण किया जा रहा था। कुछ स्थानों पर माइनिंग के लॉट भी चीनी सरकार को दे दिए गए इस सबका जिम्बाब्वे के लोग लगातार विरोध कर रहे थे। लेकिन तब सरकार ने रोक लगाने का प्रयास नही किया और अब हालात ये हैं कि कर्ज़ के बोझ तले किसी भी रोक लगाई नही जा सकती।

ये तो महज़ कुछ देशों का उदाहरण है जबकि सच्चाई यह है कि कम्युनिस्ट चीन की ‘डेट ट्रैप’ कूटनीति में फसे सभी देशों के हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर चीन ने कब्जा करना शुरू किया है तो कुछ पर करने वाला है। यदि यह सब ऐसे ही चलता रहा तो वह दिन दूर नही जब दुनिया के दर्जन भर से अधिक देश चीनी औपनिवेशिक राष्ट्र कहलाने लगेंगें और वहां स्थापित अपने सैन्य अड्डों से तानाशाह चीन दुनिया भर की राजनीति को नियंत्रित करेगा।

स्रोत: China, Bhutan, China Bhutan Villlage, Debt Trap, चीन भूटान, चीन, भूटान, चीन भूटान गांव
Tags: BhutanChinaChina Debt TrapChina pakistaninternationalPakistanअंतर्राष्ट्रीयचीनभूटान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जो मिट्टी के ढेले और सोने को समान भाव से देखते हैं, वही बुद्धिमान: पढ़िए गीता के अध्याय 14-17 में क्या-क्या

अगली पोस्ट

जम्मू कश्मीर राज्य के संस्थापक डोगरा योद्धा गुलाब सिंह, 22 रियासतों में बँटे प्रदेश को किया संगठित

संबंधित पोस्ट

BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping
अर्थव्यवस्था

BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

12 September 2026

क्या डॉलर की पकड़ कमजोर हो रही है?  यह सवाल पिछले कुछ समय से वैश्विक आर्थिक बहस के केंद्र में है। BRICS देशों की बढ़ती...

मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था
मत

हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

3 September 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत सरसंघचालक मोहन भागवत वैश्विक प्रवास पर हैं। इस अभियान के तहत उन्होंने अमेरिका...

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग
AMERIKA

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

6 August 2026

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य के कैसवेल काउंटी में बुधवार सुबह एक घर में हुई गोलीबारी से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना में कई...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43

J-20 vs India: How Super Sukhoi, Rafale & AMCA Could Counter China’s Stealth Fleet | IAF | HAL

00:03:32

QRSAM to Akash NG: India’s Massive Push to Build 2,000 Indigenous Air Defence Missiles | DRDO| IAF

00:04:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited