उनका कहना था कि वो जिस कार्य के लिए जेल से बाहर निकले थे वो कार्य समाप्त हो गया तो उनका बाहर रहना उनके कर्तव्यपरायणता के विरुद्ध है।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब राजनीति ने विज्ञान से सीखा… लाल बहादुर शास्त्री और मेरी क्युरी, जेल की दीवारों के बीच देशसेवा वाला कनेक्शन

बीमार बेटा-बेटी से ऊपर राष्ट्र को चुना

Anupam K Singh द्वारा Anupam K Singh
2 October 2024
in चर्चित, राजनीति
लाल बहादुर शास्त्री, मेरी क्युरी

जेल में मैडम मेरी क्युरी के बारे में पढ़ कर प्रभावित हुए थे लाल बहादुर शास्त्री

Share on FacebookShare on X

2 अक्टूबर का दिन पूरे भारत के लिए ख़ास होता है। हो भी क्यों न, आखिर इस दिन महात्मा गाँधी की जयंती जो होती है। मोहनदास करमचंद गाँधी, जिन्हें ‘राष्ट्रपिता’ कहा जाता है। हालाँकि, ये कोई आधिकारिक दर्जा नहीं है और न ही संविधान या किसी भी अन्य दस्तावेज में ऐसा कुछ नहीं लिखा है। 2 अक्टूबर को स्कूलों में बच्चों के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ होती हैं, दिल्ली में महात्मा गाँधी के समाधि स्थल राजघाट पर नेताओं का जमावड़ा लगता है, कहीं-कहीं तो हमें वीडियो में कुछ लोग रोते-बिलखते हुए भी दिख जाते हैं। बापू के आदर्शों पर चलने की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं।

लेकिन, क्या आपको पता है कि 2 अक्टूबर का दिन एक और कारण से खास है। इस दिन भारत के एक और गुदड़ी के लाल का जन्म हुआ था। उनका नाम था – लाल बहादुर शास्त्री। भारत के वो प्रधानमंत्री, जिनकी लंबाई महज 5 फुट 2 इंच थी और वजन मात्र 45 किलो था, लेकिन इरादे चट्टान की तरह मजबूत थे और हौसले हिमालय की तरह आसमान चूमते थे। बीच में तो कई वर्ष ऐसे भी बीत गए जब 2 अक्टूबर के दिन किसी ने लाल बहादुर शास्त्री को याद ही नहीं किया। मैं ये नहीं कह रहा कि हमें महात्मा गाँधी को याद नहीं करना चाहिए, जिनके लिए वो आदर्श हैं वो उन्हें याद करें।

संबंधितपोस्ट

जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

प्रधानमंत्री के रेस से लेकर विधायकी का चुनाव हारने तक, के कामराज के पतन की कहानी

लाल बहादुर शास्त्री की हत्या किसने की? संभावित संदिग्ध- CIA और इंदिरा गांधी!

और लोड करें

लेकिन, साथ-साथ हमें लाल बहादुर शास्त्री को भी नहीं भूलना चाहिए। अप्रैल 2019 में जब निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द ताशकंद फाइल्स’ रिलीज हुई, उसके बाद से लाल बहादुर शास्त्री को लेकर लोगों को उत्सुकता जगी, युवाओं ने उनके बारे में पढ़ना शुरू किया, उनके जीवन और योगदानों में रुचि लेना शुरू किया। लेकिन, अब एक नई समस्या आ गई है। दिक्कत ये है कि हमने लाल बहादुर शास्त्री को सिर्फ ताशकंद में ही समेट दिया है। जब भी उनकी बात होती है, उनकी मृत्यु से ही शुरू होती है और मृत्यु पर ही खत्म हो जाती है। हम स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर बात नहीं करते, भारत के रेल मंत्री रहते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों की बात नहीं करते, अंतरराष्ट्रीय दबाव के सामने कैसे वो सीना तान के खड़े रहते थे इस पर चर्चा नहीं करते।

लाल बहादुर शास्त्री और मैडम मेरी क्यूरी

आइए, उनकी जयंती के मौके पर कुछ ऐसी बातें करते हैं, जो ताशकंद तक ही सीमित न हो। असल में अंग्रेजों के समय में लाल बहादुर शास्त्री का जेल आना-जाना लगा रहता था। जेल में उन्होंने कई विदेशी विद्वानों को पढ़ा। इनमें से जिस एक शख्सियत से वो सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए – वो थीं मैडम मेरी क्युरी। जो विज्ञान के विद्यार्थी हैं, वो मैडम मेरी क्युरी को बहुत अच्छे से जानते हैं। जो नहीं जानते हैं, उन्हें बता दूँ कि रेडियोएक्टिव के क्षेत्र में रिसर्च करने वाली मेरी क्युरी नोबेल पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला थीं, 2 बार नोबेल जीतने वाली पहली शख्सियत थीं और 2 अलग-अलग क्षेत्रों में नोबेल जीतने वाली भी पहली व्यक्ति थीं। ‘थ्योरी ऑफ रेडियोएक्टिविटी’ देने वाली मेरी क्युरी ने कभी अपनी खोज को पेटेंट नहीं कराया, जबकि ऐसा कर के वो मालामाल हो सकती थीं।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में काफी आर्थिक दिक्कतों का सामना किया, लेकिन अपने उसूलों से समझौता नहीं किया। लाल बहादुर शास्त्री को उनके ये गुण पसंद आए और उन्होंने भी अपने जीवन में कुछ ऐसे ही त्याग का परिचय दिया। जब वो जेल में थे तो हुआ यूँ कि एक बार खबर आई कि उनकी बेटी काफी बीमार है, अंग्रेजों ने शर्त रखी कि उन्हें पेरोल तभी मिलेगा जब वो लिख कर दें कि जेल से बाहर निकलने के बाद वो आन्दोलनों में हिस्सा नहीं लेंगे। देशसेवा का जुनून ऐसा कि उन्होंने परिवार के ऊपर राष्ट्र को चुना, ऐसा कोई भी लिखित आश्वासन देने से साफ़ इनकार कर दिया। उनकी जिद के आगे अंग्रेज अधिकारियों को भी झुकना पड़ा और उन्हें 15 दिनों के पेरोल पर रिहा कर दिया गया। दुःख की बात ये रही कि जब वो घर पहुँचे तब तक उनकी पुत्री की मृत्यु हो चुकी थी। आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री ने इसके बाद क्या किया? वो तुरंत ही जेल लौट गए। उनका कहना था कि वो जिस कार्य के लिए जेल से बाहर निकले थे वो कार्य समाप्त हो गया तो उनका बाहर रहना उनके कर्तव्यपरायणता के विरुद्ध है। सिर्फ एक बार नहीं, इस उन्होंने देश के लिए कई बार त्याग किया।

एक बार वो जेल में थे तो खबर आई कि उनके बेटे को भारी बुखार है। फिर से वही लिखित आश्वासन वाली बात, उन्होंने फिर मना कर दिया। फिर से अंग्रेजों को झुकना पड़ा और उन्हें एक सप्ताह के लिए जेल से बाहर निकाला गया। बेटे की तबीयत ठीक नहीं हुई तो अंग्रेजों ने साफ़-साफ़ कह दिया कि अबकी लिख कर देना ही होगा कि वो किसी आंदोलन में भाग नहीं लेंगे, तभी कुछ हो पाएगा। एक तरफ बेटे को 106 डिग्री बुखार, एक तरफ अनुनय-विनय करते परिजन और एक तरफ उन्हें जेल ले जाने के लिए बेचैन अंग्रेज। लाल बहादुर शास्त्री ने एक बार फिर से इन सबके बीच देश को चुना।

परिवार से ऊपर देश को रखा

भारत माता के शरीर में बँधी जंजीरों की आवाज़ के आगे उन्हें अपने बेटे की चीख भी सुनाई नहीं दी। बेटे से उन्हें बहुत स्नेह था, लेकिन उनके लिए राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों की राह में कुछ नहीं आ सकता था। उन्हें भारत माता के अनगिनत गुलाम बेटे-बेटियों की चिंता थी, सिर्फ अपने बेटे की नहीं। ये कुछ ऐसा ही था, जैसे मेरो क्युरी ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मानवता की सेवा की थी। उन्होंने कई छोटे-छोटे मोबाइल रेडियोग्राफी यूनिट्स बनाए, जिन्हें ‘लिटिल क्यूरी’ कहा गया।

युद्धक्षेत्र में सैनिकों का इलाज कर रहे सर्जनों को इससे बहुत सहायता मिली। फिजिक्स और केमिस्ट्री दोनों में नोबेल पुरस्कार जीतने वाली मेरी क्युरी का जीवन भी काफी संघर्षों में बीता था। यही कारण है कि लाल बहादुर शास्त्री ने उनकी जीवनी को न सिर्फ पढ़ा और इससे प्रभावित हुए, बल्कि इसका हिंदी में अनुवाद भी किया ताकि भारत के आम लोग भी इसे पढ़ सकें, सीख सकें।

आइए, लाल बहादुर शास्त्री के शब्दों में ही समझते हैं। लाल बहादुर शास्त्री ने कहा था, “साधन बहुत क्षीण, और मार्ग कंटककिरण होते हुए भी इस बालिका ने स्वतः प्रयास से जितनी सफलता प्राप्त की, वो प्रत्येक नर-नारी के लिए अनुकरणीय है। मेरी क्युरी ने उच्चतम शिक्षा प्राप्त की और धनोपार्जन किया, परन्तु अपने हाथ से काम करना बंद नहीं किया।” ध्यान दीजिए, ये लाल बहादुर शास्त्री के शब्द हैं। मैडम मेरी क्युरी को लेकर उन्होंने आगे कहा था, “उनका जीवन तप और त्याग का था। महान वैज्ञानिक होते हुए भी वह देश और समाज को नहीं भूलीं। बड़े से बड़े निर्णय करने में भी उन्हें विलम्ब नहीं होता था। विश्व युद्ध के समय उन्होंने नोबेल पुरस्कार की पाई-पाई अपने देश फ़्रांस को अर्पित कर दी।” ये थे लाल बहादुर शास्त्री के शब्द। मेरी क्यूरी की तरह ही उन्होंने भी वही फैसले लिए, जो देशहित में हो। पाकिस्तान के साथ युद्ध हो या फिर उस दौरान अमेरिका की मिली धमकी, लाल बहादुर शास्त्री ने वही किया जो भारत के लिए अच्छा था।

तो आइए, हम सिर्फ लाल बहादुर शास्त्री को ताशकंद तक ही सीमित कर के न रखें। ये भी बात करें कि कैसे उन्होंने अपने बेटे और बेटी के स्वास्थ्य से भी देशसेवा से ऊपर रखा। ये भी बात करें कि जैसे मेरी क्युरी ने अपनी खोज का पेटेंट नहीं कराया, लाल बहादुर शास्त्री भी कभी श्रेय के लिए नहीं भागे। यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

स्रोत: Lal Bahadur Shastri, लाल बहादुर शास्त्री, Marie Curie, मेरी क्युरी, History, इतिहास, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, Indian Independence Movement
Tags: Lal Bahadur ShastriMadam Marie Curieमैडम मेरी क्युरीलाल बहादुर शास्त्री
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

वर्ल्ड वॉर-3 की आहट? ईरान का इजरायल पर 181 मिसाइलों से अटैक, IDF बोला- सही वक्त पर जवाब देंगे

अगली पोस्ट

‘हिन्दू धर्म में प्रेत की पूजा वर्जित’: मंदिरों से हटाई जा रहीं साईं बाबा की मूर्तियां, शंकराचार्य ने बताया था ‘चांद मियां’

संबंधित पोस्ट

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?
चर्चित

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

3 October 2026

अमेरिका के ओहायो में एक हिंदू मंदिर पर दिनदहाड़े ईंटों से हमला सिर्फ मंदिर की खिड़कियां टूटने की घटना नहीं है। यह उस डर को...

BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।
चर्चित

पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

3 October 2026

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले BJP अब अपनी सबसे बड़ी कमजोरी पर सीधा हमला करने की तैयारी में है। पार्टी का नया फोकस सिर्फ...

भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि
चर्चित

भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

28 September 2026

देश के महान क्रांतिकारी और शहीद भगत सिंह की जयंती पर रविवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited