उनका कहना था कि वो जिस कार्य के लिए जेल से बाहर निकले थे वो कार्य समाप्त हो गया तो उनका बाहर रहना उनके कर्तव्यपरायणता के विरुद्ध है।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब राजनीति ने विज्ञान से सीखा… लाल बहादुर शास्त्री और मेरी क्युरी, जेल की दीवारों के बीच देशसेवा वाला कनेक्शन

बीमार बेटा-बेटी से ऊपर राष्ट्र को चुना

Anupam K Singh द्वारा Anupam K Singh
2 October 2024
in चर्चित, राजनीति
लाल बहादुर शास्त्री, मेरी क्युरी

जेल में मैडम मेरी क्युरी के बारे में पढ़ कर प्रभावित हुए थे लाल बहादुर शास्त्री

Share on FacebookShare on X

2 अक्टूबर का दिन पूरे भारत के लिए ख़ास होता है। हो भी क्यों न, आखिर इस दिन महात्मा गाँधी की जयंती जो होती है। मोहनदास करमचंद गाँधी, जिन्हें ‘राष्ट्रपिता’ कहा जाता है। हालाँकि, ये कोई आधिकारिक दर्जा नहीं है और न ही संविधान या किसी भी अन्य दस्तावेज में ऐसा कुछ नहीं लिखा है। 2 अक्टूबर को स्कूलों में बच्चों के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ होती हैं, दिल्ली में महात्मा गाँधी के समाधि स्थल राजघाट पर नेताओं का जमावड़ा लगता है, कहीं-कहीं तो हमें वीडियो में कुछ लोग रोते-बिलखते हुए भी दिख जाते हैं। बापू के आदर्शों पर चलने की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं।

लेकिन, क्या आपको पता है कि 2 अक्टूबर का दिन एक और कारण से खास है। इस दिन भारत के एक और गुदड़ी के लाल का जन्म हुआ था। उनका नाम था – लाल बहादुर शास्त्री। भारत के वो प्रधानमंत्री, जिनकी लंबाई महज 5 फुट 2 इंच थी और वजन मात्र 45 किलो था, लेकिन इरादे चट्टान की तरह मजबूत थे और हौसले हिमालय की तरह आसमान चूमते थे। बीच में तो कई वर्ष ऐसे भी बीत गए जब 2 अक्टूबर के दिन किसी ने लाल बहादुर शास्त्री को याद ही नहीं किया। मैं ये नहीं कह रहा कि हमें महात्मा गाँधी को याद नहीं करना चाहिए, जिनके लिए वो आदर्श हैं वो उन्हें याद करें।

संबंधितपोस्ट

जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

प्रधानमंत्री के रेस से लेकर विधायकी का चुनाव हारने तक, के कामराज के पतन की कहानी

लाल बहादुर शास्त्री की हत्या किसने की? संभावित संदिग्ध- CIA और इंदिरा गांधी!

और लोड करें

लेकिन, साथ-साथ हमें लाल बहादुर शास्त्री को भी नहीं भूलना चाहिए। अप्रैल 2019 में जब निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द ताशकंद फाइल्स’ रिलीज हुई, उसके बाद से लाल बहादुर शास्त्री को लेकर लोगों को उत्सुकता जगी, युवाओं ने उनके बारे में पढ़ना शुरू किया, उनके जीवन और योगदानों में रुचि लेना शुरू किया। लेकिन, अब एक नई समस्या आ गई है। दिक्कत ये है कि हमने लाल बहादुर शास्त्री को सिर्फ ताशकंद में ही समेट दिया है। जब भी उनकी बात होती है, उनकी मृत्यु से ही शुरू होती है और मृत्यु पर ही खत्म हो जाती है। हम स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर बात नहीं करते, भारत के रेल मंत्री रहते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों की बात नहीं करते, अंतरराष्ट्रीय दबाव के सामने कैसे वो सीना तान के खड़े रहते थे इस पर चर्चा नहीं करते।

लाल बहादुर शास्त्री और मैडम मेरी क्यूरी

आइए, उनकी जयंती के मौके पर कुछ ऐसी बातें करते हैं, जो ताशकंद तक ही सीमित न हो। असल में अंग्रेजों के समय में लाल बहादुर शास्त्री का जेल आना-जाना लगा रहता था। जेल में उन्होंने कई विदेशी विद्वानों को पढ़ा। इनमें से जिस एक शख्सियत से वो सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए – वो थीं मैडम मेरी क्युरी। जो विज्ञान के विद्यार्थी हैं, वो मैडम मेरी क्युरी को बहुत अच्छे से जानते हैं। जो नहीं जानते हैं, उन्हें बता दूँ कि रेडियोएक्टिव के क्षेत्र में रिसर्च करने वाली मेरी क्युरी नोबेल पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला थीं, 2 बार नोबेल जीतने वाली पहली शख्सियत थीं और 2 अलग-अलग क्षेत्रों में नोबेल जीतने वाली भी पहली व्यक्ति थीं। ‘थ्योरी ऑफ रेडियोएक्टिविटी’ देने वाली मेरी क्युरी ने कभी अपनी खोज को पेटेंट नहीं कराया, जबकि ऐसा कर के वो मालामाल हो सकती थीं।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में काफी आर्थिक दिक्कतों का सामना किया, लेकिन अपने उसूलों से समझौता नहीं किया। लाल बहादुर शास्त्री को उनके ये गुण पसंद आए और उन्होंने भी अपने जीवन में कुछ ऐसे ही त्याग का परिचय दिया। जब वो जेल में थे तो हुआ यूँ कि एक बार खबर आई कि उनकी बेटी काफी बीमार है, अंग्रेजों ने शर्त रखी कि उन्हें पेरोल तभी मिलेगा जब वो लिख कर दें कि जेल से बाहर निकलने के बाद वो आन्दोलनों में हिस्सा नहीं लेंगे। देशसेवा का जुनून ऐसा कि उन्होंने परिवार के ऊपर राष्ट्र को चुना, ऐसा कोई भी लिखित आश्वासन देने से साफ़ इनकार कर दिया। उनकी जिद के आगे अंग्रेज अधिकारियों को भी झुकना पड़ा और उन्हें 15 दिनों के पेरोल पर रिहा कर दिया गया। दुःख की बात ये रही कि जब वो घर पहुँचे तब तक उनकी पुत्री की मृत्यु हो चुकी थी। आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री ने इसके बाद क्या किया? वो तुरंत ही जेल लौट गए। उनका कहना था कि वो जिस कार्य के लिए जेल से बाहर निकले थे वो कार्य समाप्त हो गया तो उनका बाहर रहना उनके कर्तव्यपरायणता के विरुद्ध है। सिर्फ एक बार नहीं, इस उन्होंने देश के लिए कई बार त्याग किया।

एक बार वो जेल में थे तो खबर आई कि उनके बेटे को भारी बुखार है। फिर से वही लिखित आश्वासन वाली बात, उन्होंने फिर मना कर दिया। फिर से अंग्रेजों को झुकना पड़ा और उन्हें एक सप्ताह के लिए जेल से बाहर निकाला गया। बेटे की तबीयत ठीक नहीं हुई तो अंग्रेजों ने साफ़-साफ़ कह दिया कि अबकी लिख कर देना ही होगा कि वो किसी आंदोलन में भाग नहीं लेंगे, तभी कुछ हो पाएगा। एक तरफ बेटे को 106 डिग्री बुखार, एक तरफ अनुनय-विनय करते परिजन और एक तरफ उन्हें जेल ले जाने के लिए बेचैन अंग्रेज। लाल बहादुर शास्त्री ने एक बार फिर से इन सबके बीच देश को चुना।

परिवार से ऊपर देश को रखा

भारत माता के शरीर में बँधी जंजीरों की आवाज़ के आगे उन्हें अपने बेटे की चीख भी सुनाई नहीं दी। बेटे से उन्हें बहुत स्नेह था, लेकिन उनके लिए राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों की राह में कुछ नहीं आ सकता था। उन्हें भारत माता के अनगिनत गुलाम बेटे-बेटियों की चिंता थी, सिर्फ अपने बेटे की नहीं। ये कुछ ऐसा ही था, जैसे मेरो क्युरी ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मानवता की सेवा की थी। उन्होंने कई छोटे-छोटे मोबाइल रेडियोग्राफी यूनिट्स बनाए, जिन्हें ‘लिटिल क्यूरी’ कहा गया।

युद्धक्षेत्र में सैनिकों का इलाज कर रहे सर्जनों को इससे बहुत सहायता मिली। फिजिक्स और केमिस्ट्री दोनों में नोबेल पुरस्कार जीतने वाली मेरी क्युरी का जीवन भी काफी संघर्षों में बीता था। यही कारण है कि लाल बहादुर शास्त्री ने उनकी जीवनी को न सिर्फ पढ़ा और इससे प्रभावित हुए, बल्कि इसका हिंदी में अनुवाद भी किया ताकि भारत के आम लोग भी इसे पढ़ सकें, सीख सकें।

आइए, लाल बहादुर शास्त्री के शब्दों में ही समझते हैं। लाल बहादुर शास्त्री ने कहा था, “साधन बहुत क्षीण, और मार्ग कंटककिरण होते हुए भी इस बालिका ने स्वतः प्रयास से जितनी सफलता प्राप्त की, वो प्रत्येक नर-नारी के लिए अनुकरणीय है। मेरी क्युरी ने उच्चतम शिक्षा प्राप्त की और धनोपार्जन किया, परन्तु अपने हाथ से काम करना बंद नहीं किया।” ध्यान दीजिए, ये लाल बहादुर शास्त्री के शब्द हैं। मैडम मेरी क्युरी को लेकर उन्होंने आगे कहा था, “उनका जीवन तप और त्याग का था। महान वैज्ञानिक होते हुए भी वह देश और समाज को नहीं भूलीं। बड़े से बड़े निर्णय करने में भी उन्हें विलम्ब नहीं होता था। विश्व युद्ध के समय उन्होंने नोबेल पुरस्कार की पाई-पाई अपने देश फ़्रांस को अर्पित कर दी।” ये थे लाल बहादुर शास्त्री के शब्द। मेरी क्यूरी की तरह ही उन्होंने भी वही फैसले लिए, जो देशहित में हो। पाकिस्तान के साथ युद्ध हो या फिर उस दौरान अमेरिका की मिली धमकी, लाल बहादुर शास्त्री ने वही किया जो भारत के लिए अच्छा था।

तो आइए, हम सिर्फ लाल बहादुर शास्त्री को ताशकंद तक ही सीमित कर के न रखें। ये भी बात करें कि कैसे उन्होंने अपने बेटे और बेटी के स्वास्थ्य से भी देशसेवा से ऊपर रखा। ये भी बात करें कि जैसे मेरी क्युरी ने अपनी खोज का पेटेंट नहीं कराया, लाल बहादुर शास्त्री भी कभी श्रेय के लिए नहीं भागे। यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

स्रोत: Lal Bahadur Shastri, लाल बहादुर शास्त्री, Marie Curie, मेरी क्युरी, History, इतिहास, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, Indian Independence Movement
Tags: Lal Bahadur ShastriMadam Marie Curieमैडम मेरी क्युरीलाल बहादुर शास्त्री
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

वर्ल्ड वॉर-3 की आहट? ईरान का इजरायल पर 181 मिसाइलों से अटैक, IDF बोला- सही वक्त पर जवाब देंगे

अगली पोस्ट

‘हिन्दू धर्म में प्रेत की पूजा वर्जित’: मंदिरों से हटाई जा रहीं साईं बाबा की मूर्तियां, शंकराचार्य ने बताया था ‘चांद मियां’

संबंधित पोस्ट

कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत
चर्चित

आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

21 January 2026

हिंदी में एक मुहावरा है - जिसकी लाठी उसकी भैंस। ये मुहावरा कम से कम मौजूदा वर्ल्ड ऑर्डर या फिर कूटनीति में बिल्कुल मुफीद साबित...

ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर
चर्चित

ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

21 January 2026

ईरान में हालिया घटनाक्रम सिर्फ ईरान की आंतरिक उथल–पुथल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके व्यापक क्षेत्रीय और वैश्विक निहितार्थ हैं। पश्चिम एशिया के इस...

युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल
भारत

नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

20 January 2026

नोएडा के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शनिवार रात एक गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके आख़िरी पलों की बेहद...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited