TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

एक युवा बांसुरी वादक जिन्होंने अंग्रेजों को नाकों चने चबवाए, बिरसा मुंडा के ‘धरती आबा’ बनने की कहानी

दिल्ली के सराय काले खां चौक का नाम बदलकर बिरसा मुंडा चौक किया गया है

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
15 November 2024
in इतिहास
बिरसा मुंडा के करीब 20 वर्ष का होने तक लोग उन्हें मसीहा की तरह देखने लगे थे

बिरसा मुंडा के करीब 20 वर्ष का होने तक लोग उन्हें मसीहा की तरह देखने लगे थे

Share on FacebookShare on X

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को बिरसा मुंडा की जयंती के मौके पर दिल्ली के सराय काले खां चौक का नाम बदलकर बिरसा मुंडा चौक कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस चौक के पास ही बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा का भी अनावरण किया है। खट्टर ने प्रतिमा अनावरण के इस कार्यक्रम के दौरान कहा, “मैं आज घोषणा कर रहा हूं कि आईएसबीटी बस स्टैंड के बाहर बड़े चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम से जाना जाएगा। इससे न केवल दिल्ली के नागरिक बल्कि बस स्टैंड पर आने वाले लोग भी निश्चित रूप से उनके जीवन से प्रेरित होंगे।”

राष्ट्रपति और PM ने बिरसा मुंडा को याद किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए बिरसा मुंडा को याद किया है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा, “भगवान बिरसा मुंडा के आदर्श न केवल जनजातीय समुदायों के युवाओं के लिए बल्कि देश के हर हिस्से में सभी समुदायों के युवाओं के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत हैं। स्वतंत्रता, न्याय, पहचान और सम्मान के लिए भगवान बिरसा मुंडा की आकांक्षाएं, देश के हर युवा की आकांक्षाएं हैं।” वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भगवान बिरसा मुंडा जी ने मातृभूमि की आन-बान और शान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनकी जन्म-जयंती ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के पावन अवसर पर उन्हें मेरा कोटि-कोटि नमन।”

संबंधितपोस्ट

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

झारखंड-मिजोरम राज्यसभा चुनाव: आज पड़ेगा वोट, किसके पक्ष में है संख्या बल?

और लोड करें

बिरसा मुंडा: नायक जो ‘भगवान’ बन गए

15 नवंबर 1875 को झारखंड के खूंटी जिले के उलिहातू गांव जन्मे बिरसा मुंडा जनजातीय समाज के ऐसे नायक रहे हैं जिन्हें आज भी विश्वभर में सम्मान के साथ याद किया जाता है। उनकी शुरुआती शिक्षा चाईबासा के जर्मन मिशन स्कूल में हुई थी। कहा जाता है कि बिरसा मुंडा को बांसुरी बजाने का शौक था और वे मंत्रमुग्ध कर देने वाली बांसुरी बजाया करते थे। बिरसा मुंडा के परिवार में उनके पिता, चाचा और छोटे भाई ने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था। उनके पिता धर्म प्रचारक बन गए थे और उनका नाम मसीह दास हो गया था। वे अपनी मौसी के साथ शादी के बाद उनके ससुराल खटंगा गांव चले गए थे और यहां एक मुंडाओं की पुरानी परंपराओं की आलोचना करने वाले ईसाई धर्म प्रचारक से उनका विवाद हो गया था।

1891 में उनका परिवार बंदगांव आ गया जहां वे वैष्णव धर्मगुरु आनंद पांडे के संपर्क में आए और कई वर्षों तक वैष्णव धर्म में रहे, इस दौरान वे जनेऊ धारण करते थे और उन्होंने गौकशी पर प्रतिबंध लगवा दिया था। बिरसा मुंडा के करीब 20 वर्ष का होने तक लोग उन्हें मसीहा की तरह देखने लगे थे, वे बीमार लोगों को ठीक कर सकते हैं और दूर-दूर से लोग उनके पास अपनी बीमारी के इलाज के लिए आते थे। उन्होंने धार्मिक उपदेश देना शुरु कर दिया और एक अलग धार्मिक पद्धति की शुरुआत की जिसे आजकल बिरसाइत कहा जाता है।

माना जाता है कि उन्होंने 1894-95 के बीच इस धर्म की शुरुआत की थी। कुमार सुरेश सिंह ने अपनी पुस्तक ‘बिरसा मुंडा और उनका आंदोलन’ में लिखा है, “1895 में बिरसा मुंडा ने अपने धर्म के प्रचार के लिए 12 शिष्यों को नियुक्त किया। जलमई (चाईबासा) के रहने वाले सोमा मुंडा को प्रमुख शिष्य घोषित किया और उन्हें धर्म-पुस्तक सौंपी।” 19वीं सदी के अंत में अंग्रेजों ने जनजातियों की पुरानी भूमि व्यवस्था को नष्ट कर दिया था साहूकार उनकी जमीन पर कब्जा करने लगे थे और जनजातियों को जंगल के संसाधनों का इस्तेमाल करने से रोक दिया था। इसे लेकर अंग्रेजों के खिलाफ जनजातीय आंदोलन की शुरुआत हो गई थी इस आंदोलन के दौरान बिरसा मुंडा ने एक नारा था, “अबूया राज एते जाना…महारानी राज टुडू जाना (यानी अब मुंडा राज शुरू हो गया है और महारानी का राज खत्म हो गया है)”

इसके खिलाफ मुंडाओं ने ‘उलगुलान’ नाम के एक आंदोलन की शुरुआत की थी। बिरसा मुंडा उस समय लोगों को जोश से भरे भाषण देते थे। बिरसा कहते थे कि सरकार का राज समाप्त हो चुका है और उनकी बंदूकें लकड़ी में बदल जाएंगी। इससे प्रेरित होकर लोगों ने पुलिस स्टेशनों पर हमले करने शुरु कर दिए और यूनियन जैक को उतारकर उसकी जगह मुंडा राज का प्रतीक सफेद झंडा लगाना शुरू कर दिया था। अंग्रेजों की सरकार बिरसा मुंडा से इस कदर खौफ खाने लगी थी कि उनके ऊपर 500 रुपए का इनाम रखा गया जो उस वक्त में एक बहुत बड़ी रकम होती थी।

अगस्त 1895 में बिरसा को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें 2 वर्षों की सजा हुई थी। नवंबर 1897 में उन्हें उनके दो साथियों के साथ जेल से रिहा किया गया। जब वे जेल से बाहर आए तो कई लोग उनके स्वागत में खड़े थे और उन्होंने ‘बिरसा भगवान की जय’ का नारा लगाया। बिरसा के एक साथी ने कहा कि हमने आपको ‘धरती आबा’ नाम दिया है और अब हम आपको इसी नाम से बुलाएंगे। इसके बाद भी उनका संघर्ष चलता रहा, वे बहुत समय तक भूमिगत भी रहे। 1900 आते-आते बिरसा का संघर्ष छोटानागपुर के 550 वर्ग किलोमीटर इलाके में फैल चुका था। उससे एक वर्ष पहले करीब 90 जमीदारों के घरों में आग लगा दी गई थी और यह विद्रोह इतना बढ़ गया था कि रांची के जिला कलेक्टर को सेना की मदद मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

केएस सिंह ने डोम्बारी पहाड़ी पर हुई अंग्रेज सेना और जनजातियों की भिड़ंत को लेकर अपनी किताब ‘बिरसा मुंडा ऐंड हिज मूवमेंट’ में लिखा है, “जनजातियों ने सैनिकों को देखकर तीर-कमान चलाने शुरू कर दिए थे। अंग्रेजों ने हथियार डालने को कहा और 3 राउंड गोली भी चलाई गई जिनका कोई असर नहीं हुआ। आदिवासियों को लगा कि बिरसा की भविष्यवाणी सच साबित हुई है कि अंग्रेजों की बंदूकें लकड़ी में बदल गई हैं।” उन्होंने लिखा है, “इस मुठभेड़ में सैकड़ों आदिवासियों की मौत हुई थी और पहाड़ी पर शवों का ढेर लग गया था। गोलीबारी के बाद सुरक्षाबलों ने आदिवासियों के शव खाइयों में फेंक दिए थे और कई घायलों को जिंदा गाड़ दिया गया था।”

अंग्रेजों को बिरसा का अता-पता नहीं था वे उनकी तलाश में जुटे हुए थे। उसी बीच पुलिस को एक झोंपड़ी के भीतर वे बिरसा मुंडा पालथी मार कर बैठे हुए मिले और वे खुद ही हथकड़ी पहनने को तैयार हो गए थे। बिरसा को जब रांची ले जाया गया तो वहां हजारों लोग उनकी एक झलक पाने को बेताब थे। बिरसा को बेड़ियों में बांध कर अदालत लाया जाएगा जिससे अंग्रेज लोगों के मन में भय पैदा करना चाहते थे। बिरसा मुंडा पर 15 मामलों में आरोप तय किए थे।

बिरसा को जेल में एकांत जगह पर रखा गया और उन्हें दिन में सिर्फ एक घंटे ही बाहर निकाला जाता था। वे जेल में बीमार रहने लगे और गला खराब हो गया, खून की उल्टियां होने लगीं और 9 जून 1900 में सुबह करीब 9 बजे उनकी मृत्यु हो गई। उनकी मौत की वजह हैजा बताई गई लेकिन माना जाता है कि अंग्रेजों ने बिरसा को जहर दिया था। बिरसा मुंडा की मृत्यु के बाद आंदोलन की गति मंद पड़ गई लेकिन उनके संघर्ष के कारण ही 1908 में छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम पारित किया गया जिसके तहत जनजातीय लोगों की जमीन को गैर-जनजातीय लोगों द्वारा खरीदे जाने पर रोक लगा दी गई थी। केवल 25 वर्ष की उम्र में एक युग के अंत होने जैसा था, उन्होंने लोगों के जीवन पर ऐसी अमिट छाप छोड़ी है कि लोगों के एक बड़े वर्ग ने उन्हें भगवान का दर्जा दे दिया है।

स्रोत: झारखंड, बिरसा मुंडा, जनजातीय इतिहास, जनजातीय गौरव दिवस, नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मुंडा विद्रोह, आदिवासी संघर्ष, Jharkhand, Birsa Munda, Tribal History, Narendra Modi, Amit Shah, Munda rebellion, tribal conflict,
Tags: Amit ShahBirsa MundaJharkhandMunda rebellionNarendra Moditribal conflictTribal Historyअमित शाहआदिवासी संघर्षजनजातीय इतिहासजनजातीय गौरव दिवसझारखंडनरेंद्र मोदीबिरसा मुंडामुंडा विद्रोह
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पाकिस्तान को एक और झटका: Pok में नहीं होगा चैंपियंस ट्रॉफी का टूर, PCB के ‘डर्टी प्लान’ पर चला ICC का डंडा

अगली पोस्ट

‘मुसलमानों का हाल बिरयानी के तेजपत्ते जैसा’: ‘चाटकर प्लेट से बाहर कर दिया’… ब्रजेश पाठक बोले- सपा ने आपको यही समझा

संबंधित पोस्ट

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों
इतिहास

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

7 July 2026

कहते हैं संयोग और चमत्कार इस दुनिया में होते हैं। कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी घटित हुआ। एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक के अनुवाद कार्य में...

शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
इतिहास

ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

26 June 2026

भारत के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी...

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

POJK ERUPTS IN PROTEST

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited