दिल्ली सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2023-24 के लिए पेश किए गए बजट में यमुना नदी की सफाई के लिए करीब ₹1,028 करोड़ रखे गए हैं
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव

    क्या ‘युवा संकल्प’ बदलेगा बंगाल का भविष्य ? असंतोष…संभावनाएँ और परिवर्तन की दस्तक !

    नीतीश का ‘त्याग’ और सम्राट का ‘राज’: बिहार के सत्ता परिवर्तन की वो अनकही कहानी, जिसे नितिन नवीन ने पहली बार दुनिया को बताया

    नीतीश का ‘त्याग’ और सम्राट का ‘राज’: बिहार के सत्ता परिवर्तन की वो अनकही कहानी, जिसे नितिन नवीन ने पहली बार दुनिया को बताया

    आसनसोल में ‘केसरिया लहर’ की तैयारी: बीजेपी का सभी सातों सीटों पर क्लीन स्वीप का दावा, ममता के गढ़ में सेंध लगाने की रणनीति

    आसनसोल में ‘केसरिया लहर’ की तैयारी: बीजेपी का सभी सातों सीटों पर क्लीन स्वीप का दावा, ममता के गढ़ में सेंध लगाने की रणनीति

    PM मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: ‘विपक्ष ने नारी शक्ति के सपनों की भ्रूण हत्या की’, महिला आरक्षण बिल गिरने पर छलका प्रधानमंत्री का दर्द

    PM मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: ‘विपक्ष ने नारी शक्ति के सपनों की भ्रूण हत्या की’, महिला आरक्षण बिल गिरने पर छलका प्रधानमंत्री का दर्द

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव

    क्या ‘युवा संकल्प’ बदलेगा बंगाल का भविष्य ? असंतोष…संभावनाएँ और परिवर्तन की दस्तक !

    नीतीश का ‘त्याग’ और सम्राट का ‘राज’: बिहार के सत्ता परिवर्तन की वो अनकही कहानी, जिसे नितिन नवीन ने पहली बार दुनिया को बताया

    नीतीश का ‘त्याग’ और सम्राट का ‘राज’: बिहार के सत्ता परिवर्तन की वो अनकही कहानी, जिसे नितिन नवीन ने पहली बार दुनिया को बताया

    आसनसोल में ‘केसरिया लहर’ की तैयारी: बीजेपी का सभी सातों सीटों पर क्लीन स्वीप का दावा, ममता के गढ़ में सेंध लगाने की रणनीति

    आसनसोल में ‘केसरिया लहर’ की तैयारी: बीजेपी का सभी सातों सीटों पर क्लीन स्वीप का दावा, ममता के गढ़ में सेंध लगाने की रणनीति

    PM मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: ‘विपक्ष ने नारी शक्ति के सपनों की भ्रूण हत्या की’, महिला आरक्षण बिल गिरने पर छलका प्रधानमंत्री का दर्द

    PM मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: ‘विपक्ष ने नारी शक्ति के सपनों की भ्रूण हत्या की’, महिला आरक्षण बिल गिरने पर छलका प्रधानमंत्री का दर्द

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

यमुना की सफाई में 5 साल में ₹6856 करोड़ खर्च फिर भी दोगुना हुआ प्रदूषण, अब बोले केजरीवाल- ‘इससे वोट नहीं मिलते’

दिल्ली सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2023-24 के लिए पेश किए गए बजट में यमुना नदी की सफाई के लिए करीब ₹1,028 करोड़ रखे गए हैं

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
30 December 2024
in चर्चित, राजनीति
यमुना में प्रदूषण का आलम यह है कि इसमें नहाने वाले को गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं

यमुना में प्रदूषण का आलम यह है कि इसमें नहाने वाले को गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं

Share on FacebookShare on X

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल एक पॉडकास्ट में मान गए हैं कि यमुना की सफाई से वोट नहीं मिलेंगे। शायद यही कारण है कि खुद को ईमानदार बताकर अलग लेवल की राजनीति करने का दावा करने वाले अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार ने कभी यमुना सफाई को गंभीरता से नहीं लिया। इसका नतीजा ये निकला कि यमुना नदी के हालात बद से बदतर हो गए हैं। जो नदी हिंदुओं के पवित्र मानी जाती है, वो एक सिर्फ नाले में तब्दील होकर रह गई है। इसके बावजूद अरविंद केजरीवाल चुनाव दर चुनाव दिल्लीवासियों से ये दावा करते रहते हैं कि वे यमुना नदी को स्वच्छ बनाकर रहेंगे। केजरीवाल ने ये स्वीकार किया कि वे 2020 के चुनावों के दौरान किए गए तीन बड़े वादों को पूरा करने में विफल रहे हैं। ये 3 वादे हैं- यमुना नदी की सफाई, हर घर में स्वच्छ नल का पानी पहुँचना और दिल्ली की सड़कों को यूरोपीय मानकों के अनुरूप बनाना।

ये मानते हुए भी यमुना नदी उन्हें वोट नहीं दिला सकती, फिर वे अपने बयान को मॉडिफाई किए और कहा कि इस मुद्दे पर वोट नहीं मिलेगा, फिर वे यमुना को साफ करेंगे। पिछले दिल्ली विधानसभा चुनाव यानी 2020 के अपने बयान में भी उन्होंने कहा था कि अगर उनकी आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो वे यमुना को साफ कर देंगे। हालाँकि, इसमें वे पूरी तरह विफल रहे। इस कार्यकाल में उनकी सरकार सिर्फ भ्रष्टाचार और जेल की बातें करती रही। साल 2020 के अपने पुराने वादे को पूरा नहीं करने को लेकर अरविंद केजरीवाल ने बहाना बनाया। उन्होंने कहा कि इसके दो मुख्य कारण हैं। पहला, कोविड-19 महामारी और दूसरा, खुद एवं आम आदमी पार्टी के नेताओं का जेल जाना। उन्होंने कहा कि “पहले ढाई से तीन साल कोविड-19 महामारी में ही निकल गए। उसके बाद एक-एक करके हमारे महत्वपूर्ण सदस्यों को फर्जी मामलों में जेल भेजा गया।”

संबंधितपोस्ट

क्या ‘युवा संकल्प’ बदलेगा बंगाल का भविष्य ? असंतोष…संभावनाएँ और परिवर्तन की दस्तक !

भारत-दक्षिण कोरिया का ‘मिशन $50 बिलियन’: सेमीकंडक्टर से लेकर स्टील तक, दो देशों की दोस्ती में आया एक नया मोड़

नीतीश का ‘त्याग’ और सम्राट का ‘राज’: बिहार के सत्ता परिवर्तन की वो अनकही कहानी, जिसे नितिन नवीन ने पहली बार दुनिया को बताया

और लोड करें

अरविंद केजरीवाल का कहना है कि यमुना को साफ करने का उनके पास पूरा प्लान है और उनकी सरकार के पास पैसा भी है। ऐसे में सवाल है कि जब दोनों है उनके पास तो दिक्कत कहाँ है? जाहिर है कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार की प्राथमिकता वाली सूची में यमुना नदी की सफाई है ही नहीं। इसके बावजूद अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि उन्हें एक मौका दिल्ली की जनता दे और वे इस बार ज़रूर यमुना नदी को साफ कर देंगे। हालाँकि, इस तरह के झूठे वादे उन्होंने साल 2015 और साल 2020 के चुनाव में भी किए थे, लेकिन वे वादे सिर्फ वादे ही बनकर रह गए। इन वादों को पूरा नहीं होने की वजह अरविंद केजरीवाल कोविड को प्रमुख कारण बता रहे हैं, लेकिन शायद ये वजह नहीं है।

अरविंद केजरीवाल का यह दावा पूरी तरह झूठा है। साल 2020 में कोविड के शुरुआत में लॉकडाउन 24 मार्च से 31 मई 2020 तक लगा रहा। इसके बाद कुछ दिशा-निर्देशों के साथ यह लॉकडाउन 1 जून 2020 को हटा लिया गया। इसके बाद साल 2021 में 5 अप्रैल से 15 जून 2021 तक लॉकडाउन रहा। उसके बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे थे। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बन चुकी थी। अगले साल यानी 2021 में लॉकडाउन भी खत्म हो चुका था। इसके बाद सरकार के पास 4.5 साल का वक्त था। इन साढ़े चार सालों में दिल्ली सरकार ने यमुना को साफ करने के लिए कोई गंभीर उपाय नहीं किए।

नवंबर 2019 में उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार ने अगले चार से पाँच वर्षों में यमुना को साफ करने की योजना बनाई है और लोग इसमें डुबकी लगा सकेंगे। उसी साल दिसंबर में उन्होंने अपनी रैली में उपस्थित लोगों से वादा किया था कि अगले चुनाव यानी साल 2025 में तक वे पूरे गाँव को यमुना में स्नान के लिए ले जाएँगे। जनवरी 2020 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था, “यमुना को साफ किया जाएगा और प्रदूषण मुक्त बनाया जाएगा। हम वादा करते हैं कि पांच साल बाद कोई भी व्यक्ति गंदे पानी से होने वाली बीमारियों के डर के बिना यमुना में डुबकी लगा सकेगा।”

यही दावा उन्होंने साल 2021 में दोहराया। अरविंद केजरीवाल ने फिर दावा किया था कि वे 2025 तक यमुना को इतना साफ कर देंगे कि लोग यहाँ आकर डुबकी लगाएँगे। हालाँकि, डूबकी लगाने की बात तो दूर, गंदगी देखकर कोई पास भी नहीं जाना चाहता। वहीं, साफ करने की बात भी खयाली पुलाव साबित हुआ। यमुना को और गंदा होने से बचाने के लिए भी उनकी सरकार ने कोई उपाय नहीं किया। इसका परिणाम ये हुआ कि यमुना दिन-पर-दिन गंदी होती चली। आज अगर को यमुना में स्नान कर ले तो उसे गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं।

हाँ, इस दौरान वे अपने अपने निवास स्थान मुख्यमंत्री आवास को आलीशान बनाने में लगे। उसमें लाखों रुपए के सोफा, टॉयलेट, टीवी, गीजर जैसे अत्याधुनिक सामान की व्यवस्था करते रहे और इस पूरी व्यवस्था पर उन्होंने लगभग 50 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। मुख्यमंत्री के आवास को बड़ा करने के लिए उन्होंने अगल-बगल के घरों का अधिग्रहण करके उसे बड़ा बनाया। विरोधी दल भाजपा का तो यहाँ तक कहना है कि अपने शीशमहल को बनवाने में अरविंद केजरीवाल 200 करोड़ रुपए खर्च करने वाले थे। अब इस शीशमहल को लेकर अरविंद केजरीवाल मुश्किल में है। दिल्ली सरकार की सतर्कता विभाग ने लोक निर्माण विभाग से उनके घर के भव्य वस्तुओं की सूची माँगी है। इसके साथ ही उनके बंगले से संबंधित एक पूरी रिपोर्ट माँगी है।

खैर, वापस लौटते हैं यमुना नदी की सफाई के मुद्दे पर। अरविंद केजरीवाल ने यमुना नदी को साफ करने की बात उन्होंने सिर्फ 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान ही नहीं की थी। इसके पहले साल 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान भी उन्होंने यही किया था। हालाँकि, साल 2020 में जब उनसे 2015 के वादे को याद दिलाई गई तो वे इससे साफ नकार गए। साल 2020 में एक कार्यक्रम के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा था, “मैं 25 बार बोल चुका हूँ कि अगर 2025 तक मैं यमुना साफ ना करूँ, तो मुझे अगली बार वोट मत देना।” उस दौरान उन्होंने इंडिया टुडे के एक कार्यक्रम में गोवा में उन्होंने यह बात कही थी। जब पत्रकार ने उनसे पूछा कि साल 2015 में भी उन्होंने ऐसा ही दावा किया था। तब अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि उन्होंने साल 2020 के चुनाव से पहले कहा था कि 2015 के चुनावों के दौरान उन्होंने यमुना को साफ करने को लेकर किसी तरह का वादा नहीं किया था।

दरअसल, साल 2015 में यमुना नदी को साफ करने का दिखावा करने के लिए वे अपनी पार्टी के नेताओं और कुछ अधिकारियों को लेकर यमुना के तट पर गए थे। वहाँ उन्होंने कहा था, “यमुना अभी साफ नहीं हुई है। ये बात हम भी मानते हैं, लेकिन ये आज एक बहुत बड़ी शुरुआत हुई है। यहाँ पूरी दिल्ली सरकार बैठी हुई है। दिल्ली सरकार के सारे मंत्री यहाँ बैठे हुए हैं। दिल्ली के बड़े-बड़े अफसर यहाँ बैठे हुए हैं। आज यहाँ दिल्ली सरकार संकल्प लेकर जा रही है कि हम पाँच साल के अंदर….. पाँच साल से पहले… हम यमुना को जीवित करेंगे। यहाँ यमुना के तट पर दिल्ली के एक-एक व्यक्ति को लाना है और उन्हें यहाँ गौरवान्वित महसूस करवाना है।”

साल 2025 के चुनाव को देखते हुए उन्होंने यमुना नदी को साफ करने का दिखावा भी किया। यमुना को साफ करने के लिए उन्होंने दिल्ली सरकार के बजट में भी प्रावधान किया और नदी को साफ करने का एक बार फिर से वादा किया। दिल्ली सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2023-24 के लिए पेश किए गए बजट में यमुना नदी की सफाई के लिए करीब 1,028 करोड़ रुपए रखे गए हैं। मुख्यमंत्री के रूप में अरविंद केजरीवाल ने फिर वादा किया था कि वह अगले विधानसभा चुनाव में नदी में डुबकी लगाएँगे।

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि अगर अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की सरकार ने यमुना की सफाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया तो यमुना की सफाई के नाम पर केंद्र से लिए गए पैसे कहाँ गए? क्या उन्होंने अगले चुनाव का प्रबंधन करने के लिए इसका इस्तेमाल किया? इसको स्पष्टता नहीं है। भाजपा के दिल्ली अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का कहना है कि यमुना की सफाई के लिए केंद्र सरकार ने बीते आठ सालों में दिल्ली सरकार को कुल 8,500 करोड़ रुपए दिए हैं। उनका आरोप है कि अरविंद केजरीवाल उन पैसों को हजम कर चुके हैं।

इतना ही नहीं, दिल्ली की निगरानी की बागडोर जब से उपराज्यपाल के पास आई है, तब से अरविंद केजरीवाल सरकारी कार्यों में राजनीतिक मकसद से हस्तक्षेप करते नज़र आए हैं। इसकी एक बानगी दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के बयान से मिलता है। पिछले महीना सक्सेना ने कहा था कि यमुना में प्रदूषण को रोकने के लिए उन्होंने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर जनवरी 2023 में उनकी देखरेख में यमुना की सफाई शुरू हुई थी। इसके छह माह बाद ही सुप्रीम कोर्ट जाकर उन्होंने इस पर रोक लगवा दिया। सक्सेना का कहना है कि यदि यह काम जारी रहता तो आज यमुना की स्थिति कुछ और होती।

वीके सक्सेना ने कहा था कि उन्होंने जून 2022 में नजफगढ़ ड्रेन की सफाई शुरू कराई थी। दरअसल, यमुना में 74 प्रतिशत प्रदूषण इसी ड्रेन से होता है। उन्होंने कहा था कि 23 वर्षों तक सुप्रीम कोर्ट और सात वर्षों से एनजीटी की निगरानी में यह काम किया गया, लेकिन स्थिति में बहुत सुधार नहीं हुआ। इसके बाद एनजीटी के निर्देश में उन्होंने जनवरी 2023 में यमुना की सफाई शुरू कराई। छह महीने में 11 किलोमीटर से अधिक क्षेत्रों में सफाई कार्य हुआ। इस अभियान में नदी किनारे स्थित मंदिरों के 570 पुजारियों को जोड़ा गया। 1600 मस्जिदों और चर्च से सहयोग लिया गया। नदी के तट पर लगभग दो लाख पेड़ लगाए गए। लेकिन, श्रेय लेने की नीति ने अरविंद केजरीवाल को राजनीति का मौका दे दिया। उन्हें लगा कि इसका श्रेय केंद्र सरकार को चला जाएगा और उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज कर दिया। परिणाम ये हुआ कि काम रुक गया।

इतना ही नहीं, पिछले साल अप्रैल में अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार ने 2017-2021 के बीच 5 सालों में यमुना की सफाई के नाम पर करीब 6,856.91 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। हालाँकि, सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसी अवधि में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के आँकड़े बताते हैं कि यमुना नदी में प्रदूषण दोगुना हो गया है। कुछ ऐसा है अरविंद केजरीवाल का यमुना साफ करने का अभियान। पैसों का प्रावधान किया जाता है, केंद्र से पैसे लिए जाते हैं लेकिन नदी साफ नहीं होती है। इसके उलट वह और ज्यादा प्रदूषित हो जाती। इसे राजनीति में व्याप्त भ्रष्टाचार ना कहा जाए और क्या कहा जाए?

शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बांग्लादेशी अंपायर शरफुद्दौला ने जानबूझकर जायसवाल को ‘गलत आउट’ दिया! जानें कौन हैं शरफुद्दौला?

अगली पोस्ट

विक्रम साराभाई: भारत को अंतरिक्ष की ऊंचाइयों तक पहुँचाने वाले वैज्ञानिक, उनकी रोमांटिक प्रेमकहानी और बहन मृदुला साराभाई की क्रांतिकारी विरासत

संबंधित पोस्ट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
चर्चित

क्या ‘युवा संकल्प’ बदलेगा बंगाल का भविष्य ? असंतोष…संभावनाएँ और परिवर्तन की दस्तक !

21 April 2026

बंगाल की माटी में बदलाव की चाह कोई अचानक उठी हुई लहर नहीं है, यह एक लंबे समय से संचित असंतोष, आकांक्षा और संभावनाओं का...

नीतीश का ‘त्याग’ और सम्राट का ‘राज’: बिहार के सत्ता परिवर्तन की वो अनकही कहानी, जिसे नितिन नवीन ने पहली बार दुनिया को बताया
चर्चित

नीतीश का ‘त्याग’ और सम्राट का ‘राज’: बिहार के सत्ता परिवर्तन की वो अनकही कहानी, जिसे नितिन नवीन ने पहली बार दुनिया को बताया

20 April 2026

बिहार की राजनीति अपनी अनिश्चितताओं और चौंकाने वाले मोड़ों के लिए जानी जाती है, लेकिन हाल ही में जो हुआ उसने राजनीतिक विश्लेषकों को भी...

निदा खान और नासिक टीसीएस विवाद: पद और प्रभाव के बीच छिड़ी नई बहस, कंपनी के आधिकारिक बयान से आया नया मोड़
चर्चित

निदा खान और नासिक टीसीएस विवाद: पद और प्रभाव के बीच छिड़ी नई बहस, कंपनी के आधिकारिक बयान से आया नया मोड़

20 April 2026

भारत के कॉर्पोरेट जगत में हाल के सबसे चर्चित और विवादास्पद मामलों में से एक, 'नासिक टीसीएस (TCS) केस' अब एक नए मोड़ पर आ...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited