स्वाधीनता संग्राम में पूर्वोत्तर के योगदान को क्यों भुला दिया गया? उक्यांग नागवा के बलिदान दिवस पर स्वतंत्रता संग्राम और पूर्वोत्तर के योगदान पर एक नज़र
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मेघालय के क्रांतिवीर यू कियांग नोंगबा, जिनकी कहानी लिखना भूल गए गोदी इतिहासकार

स्वाधीनता संग्राम में पूर्वोत्तर के योगदान को क्यों भुला दिया गया? यू कियांग नोंगबा के बलिदान दिवस पर स्वतंत्रता संग्राम और पूर्वोत्तर के योगदान पर एक नज़र

TFI Desk द्वारा TFI Desk
30 December 2024
in इतिहास
30 दिसंबर 1862 को अंग्रेज़ों ने मेघालय के वीर यू कियांग नोंगबा को जोनोई में ही सरेआम फाँसी दे दी

30 दिसंबर 1862 को अंग्रेज़ों ने मेघालय के वीर यू कियांग नोंगबा को जोनोई में ही सरेआम फाँसी दे दी

Share on FacebookShare on X

नॉर्थ-ईस्ट, हिंदी में समझिए तो पूर्वोत्तर। कुछ वर्षों पहले तक ये ख़ूबसूरत हिमालयी प्रदेश एक अलग दुनिया के रूप में ही देखे-समझे गए। ‘सेवेन सिस्टर्स’ नाम की एक शब्दावली में इन प्रदेशों के इतिहास, इनकी विविध संस्कृति और सबसे बढ़कर भारत-भारतीयता और स्वतंत्रता के प्रति इनके समर्पण को भी उपेक्षित कर दिया गया। स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास लिखने वाले ज़्यादातर इतिहासकार भी कुछ चुनिंदा नेताओं और परिवार विशेष के प्रभाव से बाहर नहीं निकल सके। जबकि सच्चाई ये है कि स्वतंत्रता संग्राम में पूर्वोत्तर के लोगों का भी महत्वपूर्ण योगदान है, इन प्रदेशों के न जाने कितने वीरों ने इस देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। आज जानेंगे कहानी मेघालय के क्रांतिवीर यू कियांग नोंगबा की।

कियांग ने दिया अंग्रेज़ों के हमले का मुंहतोड़ जवाब

मेघालय के यू कियांग नोंगबा भी एक ऐसे ही क्रांतिकारी वीर थे, जिन्होंने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ स्थानीय जनजातियों को न सिर्फ एकजुट किया बल्कि लड़ाइयां भी लड़ीं। 18वीं सदी तक अंग्रेजों का लगभग पूरे भारत पर शासन हो चुका था लेकिन मेघालय की खासी और जयंतिया जनजातियां उस वक्त तक स्वतंत्र थीं। मेघालय के इन क्षेत्रों में आज के बांग्लादेश और सिल्चर के 30 छोटे-छोटे राज्य स्थित थे और जयन्तियापुर भी इन्हीं में एक था।

संबंधितपोस्ट

अरुणाचल प्रदेश के वनवासियों को धर्मांतरण से बचाने वाले तालोम रुकबो: एक भूले-बिसरे नायक की कहानी

अष्टलक्ष्मी की उड़ान: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर से उभरती विकास, संस्कृति और आत्मगौरव की नई कहानी

तेलंगाना और मेघालय में अवैध बांग्लादेशी नेटवर्क का भंडाफोड़: नशा और वाहन चोरी की बड़ी साजिश उजागर

और लोड करें

अंग्रेजों ने जब यहाँ हमला किया, तो उन्होंने ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति के अन्तर्गत जयन्तियापुर को पहाड़ी और मैदानी भागों में बाँट दिया। इसी के साथ उन्होंने एक रणनीति के तहत निर्धन वनवासियों को धर्मांतरित करना शुरू कर दिया। अंग्रेज़ों के दबाव में राजा ने इस विभाजन को मान लिया लेकिन मन्त्रिपरिषद ने इसे मंजूर नहीं किया। उन्होंने राजा के बदले यू कियांग नोंगबा को अपना नेता चुन लिया। यू कियांग ने जनजातीय वीरों की सेना की गठन किया और जोनोई की ओर बढ़ रहे अंग्रेज़ों का मुकाबला किया। जनजातीय हथियारों और तौर तरीकों का अंग्रेज़ों के पास जवाब नहीं था, अंततः उन्हें हारकर लौटना पड़ा।

अपेक्षाकृत कम संसाधन संपन्न जनजातीय राजा से मिली ये हार अंग्रेज़ों को बुरी तरह अखर रही थी। लिहाजा उन्होंने 1860 में पूरे जयन्तियापुर क्षेत्र पर 2 रुपए गृहकर ठोक दिया। जयंतिया समाज ने इस टैक्स का विरोध किया। यू कियांग नोंगबा एक बेहतरीन बाँसुरीवादक भी थे। वो बांसुरी की धुन के साथ लोकगीत गाते थे और अपने समाज को अंग्रेज़ों के इस उत्पीड़न के ख़िलाफ़ हथियार उठाने का आह्नान करते थे। इस अनूठे तरीके से वो बिना अंग्रेज़ों को भनक लगे, स्थानीय लोगों को संगठित करने में कामयाब हो गए।

जब यू कियांग नोंगबा ने बनाई सेना

आख़िरकार अंग्रेज़ों ने टैक्स वसूली के लिए कड़े उपाय अपनाने शुरू कर दिए लेकिन कियांग के आह्नान पर किसी ने कोई टैक्स नहीं दिया। बौखलाए अंग्रेज़ों ने उन भोले वनवासियों को जेलों में ठूँसना शुरू कर दिया, हालांकि कियांग नोंगबा तब भी अंग्रेज़ों के हाथ नहीं लगे। वो गाँवों और पर्वतों में घूमकर देश के लिए मर मिटने को समर्पित युवकों को संगठित करते रहे। धीरे-धीरे उनके पास अच्छी सेना हो गयी।

आख़िरकार एक दिन कियांग ने एक सटीक रणनीति बना कर एक साथ सात जगहों पर अंग्रेज़ों पर हमला कर दिया। हालांकि, वनवासी वीरों के पास अंग्रेज़ों के मुकाबले आधुनिक हथियार नहीं थे और वो परम्परागत अस्त्र-शस्त्र से ही लैस थे लेकिन गुरिल्ला युद्ध में माहिर होने और पहाड़ों को अंग्रेज़ों से बेहतर समझने की वजह से वो कामयाब रहे। वो अचानक आकर हमला करते और फिर पर्वतों में जाकर छिप जाते थे।

अंग्रेज़ों और मेघालय के इन जनजातीय वीरों के बीच जारी ये युद्ध 20 महीनों तक लगातार चलता रहा। आख़िरकार इन हमलों और इनसे होने वाले नुक़सान से परेशान अंग्रेज़ों ने किसी भी कीमत पर कियांग को ज़िंदा या मुर्दा पकड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने पैसे का लालच देकर उनके एक भरोसेमंद साथी उदोलोई तेरकर को तोड़ लिया। उस वक्त कियांग एक हमले में काफी ज़्यादा घायल हो गए थे और इलाज के लिए एक गाँव में छिपे हुए थे लेकिन उदोलोई ने अंग्रेजों को उनके ठिकाने की जानकारी दे दी।

सरेआम कियांग को दी गई फांसी

सूचना मिलते ही अंग्रेजों ने मुंशी गाँव को चारों ओर से घेर लिया। घायल कियांग लड़ने की स्थिति में बिल्कुल भी नहीं थे, बिन सेनापति, सेना भी नेतृत्वविहीन होकर जल्दी ही बिखरने लगी। हार और मौत को सामने देखते हुए भी कियांग के एक भी सैनिक ने समर्पण नहीं किया और वो अपने नेता को बचाने के लिए लड़ते रहे। कुछ देर की लड़ाई के बाद अंग्रेज़ कियांग को पकड़ने में कामयाब हो गए।

अंग्रेज़ों ने उनके सामने शर्त रखी कि यदि सभी जनजातीय सैनिक आत्मसमर्पण कर दें, तो उन्हें छोड़ दिया जाएगा। लेकिन वीर यू कियांग नोंगबा ने अंग्रेज़ों की इस शर्त को ठुकरा दिया। अंग्रेज़ों ने उन्हें तोड़ने और झुकाने की हर मुमकिन कोशिश की लेकिन अमानवीय अत्याचार झेलकर भी उन्होंने झुकना स्वीकार नहीं किया। आख़िरकार 30 दिसंबर 1862 को अंग्रेज़ों ने मेघालय के उस वनवासी वीर को जोनोई में ही सरेआम फाँसी दे दी।

स्रोत: मेघालय, यू कियांग नोंगबा, पूर्वोत्तर, क्रांतिकारी, गुरिल्ला युद्ध, Meghalaya, U Kiang Nangbah, North-East, Revolutionary, Guerrilla War,
Tags: Guerrilla WarMeghalayaNorth eastRevolutionaryU Kiang Nangbahक्रांतिकारीगुरिल्ला युद्धपूर्वोत्तरमेघालययू कियांग नोंगबा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

महामना का ‘2 पैसों’ वाला जवाब ऐसे बना CM योगी का महाकुम्भ मंत्र: 2013 में आज़म खान के राज में 42 मौतें, इस बार 7 घेरों की सुरक्षा

अगली पोस्ट

रोहित शर्मा BGT के आखिरी टेस्ट के बाद लेंगे संन्यास!; पिछली 15 पारियों में जड़ा है सिर्फ एक अर्धशतक

संबंधित पोस्ट

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों
इतिहास

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

7 July 2026

कहते हैं संयोग और चमत्कार इस दुनिया में होते हैं। कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी घटित हुआ। एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक के अनुवाद कार्य में...

शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
इतिहास

ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

26 June 2026

भारत के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी...

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited