TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

संभाजी का अपमान, औरंगज़ेब का गुणगान: पत्रकार कविश अज़ीज़ की मानसिकता देखिए, हिन्दुओं को हारी हुई सभ्यता साबित करने का प्रयास

विवादित ट्वीट

himanshumishra द्वारा himanshumishra
21 February 2025
in क्राइम
Kavish Aziz's Tweet

Kavish Aziz का 'छावा' पर जहर

Share on FacebookShare on X

यह तथाकथित मुख्यधारा की सेक्युलर मीडिया न तो निष्पक्ष है और न ही धर्मनिरपेक्ष। असल में यह एक विशेष वर्ग के कट्टरपंथी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सेक्युलरिज्म का ढोंग रचती है। आपने अक्सर देखा होगा कि कैसे ये मीडिया संस्थान अपराधी मौलवियों को बचाने के लिए उन्हें तांत्रिक बताकर पेश करते हैं और तथ्य तोड़-मरोड़कर परोसते हैं। जब पूरा पेड़ ही ज़हरीली सोच से सींचा जाए, तो उसके फल भी ज़हरीले ही होंगे और ऐसे ही एक ज़हरीले फल का नाम है कविश अज़ीज़(Kavish Aziz)।

कविश अज़ीज़(Kavish Aziz) सिर्फ़ एक नाम भर नहीं है—बल्कि यह उस सोच का प्रतीक है जिसने पत्रकारिता जैसे पेशे को अपने कट्टर विचारों का माध्यम बना डाला। आपको जानकर हैरानी होगी कि कविश उन मीडिया संस्थानों का हिस्सा रह चुकी हैं, जिन्हें देश की जनता निष्पक्ष और विश्वसनीय मानती है। जी हाँ, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अख़बारों ने कभी इस व्यक्ति को अपने मंच पर स्थान दिया था। सोचिए, जब ऐसे व्यक्ति संपादकीय कक्ष में बैठते हैं, तो उनकी कलम से निकले शब्द किस दिशा में जाते होंगे? यह संयोग नहीं है कि इन्हीं अख़बारों में हिंदू मान्यताओं को अपमानित करने और इस्लामिक कट्टरपंथ को बचाने वाली खबरें बार-बार देखने को मिलती थीं। जब पत्रकारिता के नाम पर ऐसी विषैली सोच अपनी जड़ें जमा लेती है, तो समाज में जहर घुलना तय है।

संबंधितपोस्ट

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

‘क्रूर था अकबर’: बाबर, अकबर, औरंगज़ेब और शिवाजी पर क्या कहती है NCERT की नई किताब?

दारा शिकोह: उपनिषद पढ़ने वाला मुगल जिसका सिर कटवाकर औरंगज़ेब ने पिता शाहजहां को किया था पेश

और लोड करें

अगर आप कविश अज़ीज़(Kavish Aziz)का X हैंडल देख लें, तो उसकी सोच किसी पत्रकार की नहीं, बल्कि इस्लामिक कट्टरपंथी प्रचारक की लगेगी। हाल ही में इसने भारतीय इतिहास के महानायक, हिंदू हृदय सम्राट छत्रपति संभाजी महाराज ‘छावा'(Chhaava) के लिए अपमानजनक शब्द कहे और सैकड़ों मंदिरों के विध्वंसक औरंगज़ेब का महिमामंडन करने की कोशिश की। सवाल उठता है—क्या यही है भारतीय मीडिया का असली चेहरा? क्या अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों में अब भी ऐसे लोगों की घुसपैठ बनी हुई है?

यह सिर्फ़ सोशल मीडिया तक सीमित बात नहीं है। अगर आज ये तथाकथित पत्रकार खुलेआम हिंदू महापुरुषों का अपमान कर रहे हैं, तो सोचिए कि जब ये मुख्यधारा मीडिया में काम करते थे, तब उनके लेख और रिपोर्ट कितने पक्षपातपूर्ण रहे होंगे। यह मामला सिर्फ़ एक व्यक्ति का नहीं है—बल्कि यह उस पूरी ब्रिगेड की सोच का प्रतिबिंब है, जो सेक्युलरिज्म की आड़ में हिंदू धर्म और संस्कृति पर प्रहार करती आई है।

Kavish Aziz का विवादित ट्वीट

हाल ही में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘छावा'(Chhaava) ने देशभर के सिनेमाघरों में धूम मचाई है। यह फ़िल्म हिंदू वीर योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज के अदम्य साहस और बलिदान की कहानी बयां करती है। फ़िल्म के एक दृश्य में मुगल आक्रांता औरंगज़ेब द्वारा महाराज को दी गई अमानवीय यातनाएं दिखाई गई हैं—जहाँ उनके शरीर को लहूलुहान करने के बाद घावों पर नमक रगड़ा जाता है, नाखून नोचे जाते हैं और अंत में लोहे की सरिया डालकर उनकी आँखें निकाल ली जाती हैं। यह दृश्य हर हिंदू हृदय को व्यथित कर देता है।

कविश अज़ीज़(Kavish Aziz) ने इस मार्मिक दृश्य पर ट्वीट करते हुए लहूलुहान छत्रपति संभाजी महाराज को “आर्ट” और अत्याचारी औरंगज़ेब को “आर्टिस्ट” कह डाला। ज़रा सोचिए—जिस आक्रमणकारी ने भारत की संस्कृति और सनातन परंपरा को नष्ट करने के लिए हजारों मंदिरों को ध्वस्त किया, संतों का सरेआम नरसंघार किया और हिंदू राजाओं पर अत्याचार किए, उसका इस तरह महिमामंडन करना किस समाज के लिए स्वीकार्य हो सकता है? लेकिन शायद यही वह सोच है जो नकली सेक्युलरिज्म के चोले में छिपी कट्टर मानसिकता के भीतर पलती है—जहाँ हिंदू महापुरुषों का अपमान करना और इस्लामिक आक्रांताओं का महिमामंडन करना सामान्य बात मानी जाती है।

Kavish Aziz's Tweet
Kavish Aziz’s Tweet

 

इस विवादित ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। हर ओर से अज़ीज़(Kavish Aziz) के इस बयान की कड़ी आलोचना होने लगी। लोगों ने उसे “रिपीट ऑफेंडर” कहकर धिक्कारा, क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब उसने इस तरह का बयान दिया है। इस मामले को लेकर पूर्व पत्रकार दिव्या गौरव त्रिपाठी ने लखनऊ के मड़ियांव थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है। बावजूद इसके, अब तक अज़ीज़ ने न तो माफी मांगी है और न ही खेद प्रकट किया है।

सोचने वाली बात है—जब ऐसे पूर्वाग्रह से ग्रस्त लोग पत्रकारिता जैसे ज़िम्मेदार पेशे में काम करते हैं, तो उनकी रिपोर्टिंग और लेखन कितना निष्पक्ष और विश्वसनीय हो सकता है? क्या ऐसे लोग जनता के सामने सच्चाई ला सकते हैं? शायद नहीं।

अमरउजाला ने मौलवी को बताया था तांत्रिक

यह कोई पहली बार नहीं है जब तथाकथित सेक्युलर मीडिया ने सच को तोड़-मरोड़ कर पेश किया हो। हाल ही में 7 फरवरी को एक घटना ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा—जहाँ लोनी पुलिस ने 65 वर्षीय मौलाना फिजू को बार-बार दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया। यह मौलाना इकराम नगर का निवासी था और उस पर आरोप है कि उसने 30 वर्षीय महिला और उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ घिनौनी हरकतें कीं। लेकिन इस दिल दहला देने वाली घटना की रिपोर्टिंग में भी सेक्युलरिज्म का मुखौटा ओढ़े मीडिया संस्थानों ने अपने दोहरे मापदंड का परिचय दिया।

अमर उजाला ने इस अपराधी मौलाना को “तांत्रिक” बता दिया! सोचिए ज़रा—क्या यह सिर्फ एक भूल थी, या एक सोची-समझी चाल? आखिर क्यों बार-बार जब किसी मौलवी पर आरोप लगता है, तो उसे तांत्रिक या अन्य हिंदू पहचान के नाम से दिखाने की कोशिश की जाती है? क्या यह महज संयोग है कि इस तरह की हेरफेर The Hindu और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में बार-बार देखने को मिलती है? नहीं! यह वही मानसिकता है जो तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है ताकि किसी विशेष समुदाय की छवि पर आँच न आए, जबकि हिंदू साधु-संतों के मामलों में यही मीडिया बिना किसी संकोच के उन्हें ढोंगी और पाखंडी करार दे देती है।

‘हिंदू स्कूलों और मंदिरों को तोड़ दिया जाए’: औरंगजेब

क्योंकि बात हो रही है औरंगजेब के महिमामंडन की, तो आइए इतिहास में भी झांककर देख लेते हैं कि सच क्या है। औरंगजेब का नाम सुनते ही दिल में एक सिहरन-सी दौड़ जाती है। सत्ता की भूख ने उसे इतना निर्मम बना दिया था कि उसने अपने ही खून के रिश्तों का गला घोंट दिया। दारा शिकोह—वही दारा, जिसने कभी बेकाबू हाथी के सामने खड़े होकर औरंगजेब की जान बचाई थी, उसी भाई का सिर कलम करवाना और फिर उस कटे हुए सिर को एक बक्से में बंद करके पिता शाहजहां के पास भिजवाना—यह सिर्फ सत्ता की भूख नहीं थी, यह इंसानियत को रौंद देने वाली वह दरिंदगी थी जिसकी गूंज आज भी इतिहास के पन्नों से सुनाई देती है। सोचिए, एक पिता की आंखों के सामने उसके बेटे का कटा हुआ सिर रखा जाए, तो दिल पर क्या बीतेगी? यह घटना औरंगजेब के क्रूर हृदय का सबसे भयावह उदाहरण है।

लेकिन उसके अत्याचार यहीं नहीं रुके। 9 अप्रैल 1669 को उसने आदेश दिया—‘हिंदू स्कूलों और मंदिरों को तोड़ दिया जाए’—यह फरमान सिर्फ पत्थरों की दीवारें गिराने के लिए नहीं था, बल्कि यह हिंदू समाज की आत्मा पर प्रहार था। इस आदेश के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर समेत सैकड़ों मंदिरों को ध्वस्त कर दिया गया। इतिहासकार जदुनाथ सरकार ने अपनी किताब ‘हिस्ट्री ऑफ औरंगजेब’ में इस घटना का सटीक उल्लेख किया है। यही नहीं औरंगजेब के दरबार के लेखक साकी मुस्तैद खान ने भी अपनी किताब ‘मआसिर-ए-आलमगीरी’ के चैप्टर 12 में इसका विवरण दिया है। इतना ही नहीं, 1965 में प्रकाशित वाराणसी गजेटियर के पेज नंबर 57 पर भी इस आदेश के प्रमाण दर्ज हैं।

इतिहास के इन पन्नों को पलटते समय दिल में एक सवाल उठता है—क्या आज भी उसी मानसिकता के निशान हमारे समाज में मौजूद हैं? जब तथाकथित सेक्युलर मीडिया कट्टरपंथी सोच को बचाने में जुटी दिखाई देती है और हिंदू धर्म के महापुरुषों का अपमान करने वालों को संरक्षण देने का प्रयास करती है, तो यह औरंगजेब के आदेशों की गूंज जैसा ही प्रतीत होता है। चाहे वह कविश अज़ीज़(Kavish Aziz) का विवादित ट्वीट हो या अमर उजाला द्वारा मौलवी को तांत्रिक बताने की कोशिश—इन घटनाओं से यही संदेश मिलता है कि आज भी सच को तोड़-मरोड़कर पेश करने की प्रवृत्ति जीवित है। फर्क बस इतना है कि आज यह तलवार और ताकत के बजाय शब्दों और प्रोपेगेंडा के माध्यम से किया जा रहा है।

लेकिन भारत अब बदल रहा है। छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान की गाथा आज सिनेमा के माध्यम से लोगों के दिलों तक पहुंच रही है। यह उसी हिंदू समाज का प्रतीक है जिसने सदियों तक अत्याचार सहने के बावजूद अपनी संस्कृति और स्वाभिमान को जीवित रखा। यही कारण है कि आज जब कोई इस विरासत का अपमान करता है, तो समाज उसे चुपचाप सहन नहीं करता। कविश अज़ीज़ के ट्वीट पर उपजा जनाक्रोश इस बात का प्रमाण है कि अब यह देश न तो झूठे सेक्युलरिज्म के नाम पर हिंदू धर्म के अपमान को स्वीकार करेगा और न ही कट्टरपंथी सोच का महिमामंडन करने वालों को माफ करेगा।

 

स्रोत: छावा, संभाजी महराज, कविश अज़ीज़, अमरउजाला, दैनिक भास्कर, औरंगजेब, छावा कलेक्शन, Chhava, Sambhaji Maharaj, Kavish Aziz, Amar Ujala, Dainik Bhaskar, Aurangzeb, Chhava Collection
Tags: Amar UjalaAurangzebChhavaChhava CollectionDainik BhaskarKavish AzizSambhaji Maharajअमरउजालाऔरंगजेबकविश अज़ीज़छावाछावा कलेक्शनदैनिक भास्करसंभाजी महराज
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘बेल्स पाल्सी’ के चलते 2 मिनट भी नहीं बोल पा रहे महाराष्ट्र के मंत्री; कितनी खतरनाक है यह बीमारी और क्या हैं लक्षण?

अगली पोस्ट

मथुरा का बिगुल फूँका, सूर्यवंश की नगरी बनेगी मॉडल सोलर सिटी: यूपी का अबतक का सबसे बड़ा बजट

संबंधित पोस्ट

मुजफ्फरपुर ऑनर किलिंग मामला
क्राइम

मुजफ्फरपुर ऑनर किलिंग मामला: सुजाता कुमारी की मौत ने फिर खड़े किए कई बड़े सवाल

20 June 2026

बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली 19 वर्षीय सुजाता कुमारी की कथित ऑनर किलिंग का मामला अब सिर्फ एक हत्या का मामला नहीं रह गया...

दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर सीट को लेकर विवाद में युवक की हत्या
क्राइम

दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर सीट को लेकर विवाद में युवक की हत्या, योग एक्सप्रेस में लात-घूंसों से पीटकर मार डाला

20 June 2026

दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां ट्रेन में चढ़ने के दौरान सीट को लेकर हुए विवाद में...

मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई
क्राइम

मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई: कांगपोकपी-चुराचांदपुर में 30 बंकर ध्वस्त, भारी मात्रा में हथियार बरामद

18 June 2026

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने हिंसा प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन और क्षेत्र में नियंत्रण अभियान चलाया। इस दौरान भारी मात्रा में...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited