TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

चित्तौड़ का दूसरा जौहर: जब स्वाभिमान के लिए अग्नि में जलकर अमर हुईं रानी कर्णावती और 13000 क्षत्राणियां

रानी कर्णावती राजस्थान के बूंदी से थीं और मेवाड़ की राजधानी चित्तौड़गढ़ के सिसोदिया राजवंश के राणा संग्राम सिंह के साथ उनका विवाह हुआ था

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
8 March 2025
in इतिहास
8 मार्च 1535 को रानी कर्णावती ने 13,000 क्षत्राणियों के साथ जौहर कर लिया था

8 मार्च 1535 को रानी कर्णावती ने 13,000 क्षत्राणियों के साथ जौहर कर लिया था

Share on FacebookShare on X

रानी पद्मिनी के जौहर की गाथा का ज़िक्र लोग शौर्य की एक अमिट कहानी के साथ-साथ इतिहास के एक काले अध्याय के रूप में भी करते हैं। रानी पद्मिनी ने 1303 में दिल्ली के सुलतान अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय अपने सम्मान की रक्षा के लिए हजारों क्षत्राणियों के साथ अग्निकुंड में प्रवेश कर लिया था। लेकिन जौहर की यह गाथा अकेली ऐसी गाथा नहीं है। आक्रांताओं की बर्बरता से खुद को बचाने के लिए रानियों ने मृत्यु के साथ कई बार साक्षात्कार किया है। आज ही के दिन यानी 8 मार्च को 1535 में चित्तौड़ की रानी कर्णावती (इतिहास में कई जगह कर्मवती या कर्मावती भी दर्ज है) ने बहादुर शाह की बर्बरता से खुद को बचाने के लिए 13,000 क्षत्राणियों के साथ जौहर कर लिया था।

रानी कर्णावती राजस्थान के बूंदी से थीं और मेवाड़ की राजधानी चित्तौड़गढ़ के सिसोदिया राजवंश के राणा संग्राम सिंह के साथ उनका विवाह हुआ था, संग्राम सिंह को राणा सांगा के नाम से भी जाना जाता है। राणा सांगा और रानी कर्णावती के दो बेटे विक्रमजीत और उदय सिंह थे। अपने समकालीन राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात के उत्तरी आधे हिस्से और अमरकोट, सिंध के कुछ हिस्सों पर कब्ज़ा करके और दिल्ली, मालवा और गुजरात के सुल्तानों के साथ 18 युद्ध लड़कर राणा सांगा ने साम्राज्य का विस्तार किया था।

संबंधितपोस्ट

खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

ऐतिहासिक झूठ का खुलासा: हुमायूं-रानी कर्णावती राखी की झूठी कहानी और रक्षाबंधन की असली प्राचीन हिंदू उत्पत्ति

माता-पिता की हत्या कर भागे हुमांयू ने मदरसे में 4 लोगों को मारा चाकू, पुलिस ने पकड़ा तो भीड़ ने थाने पर किया हमला

और लोड करें

खतौली के युद्ध में राणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को बुरी तरह पराजित किया और इदर की लड़ाई में गुजरात के सुल्तान को हराया था। उन्होंने मुगलों के साथ दो लड़ाइयां लड़ी थीं जिनमें एक बयाना की लड़ाई थी इसमें राणा सांगा ने बयाना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद बाबर के साथ खानवा में हुई लड़ाई के दौरान वे युद्ध क्षेत्र में घायल हो गए और उन्हें वहां से ले जाया गया। बाद में राणा सांगा को ज़हर दे दिया गया और 1528 में उनकी मृत्यु हो गई।

1528 में सांगा की मृत्यु के बाद उनके बड़े बेटे रतन सिंह मेवाड़ के नए शासक बने। सांगा की विधवा और रतन सिंह की सौतेली मां कर्णावती ने अपने दो बेटों के साथ रणथंभौर में अपना घर बना लिया था। ‘ए हिस्ट्री ऑफ राजस्थान’ में रीमा हूजा लिखती हैं, “इस बीच राणा रतन सिंह और बूंदी के राव सूरजमल के बीच संबंध लगातार बिगड़ते गए। 1531 में शिकार अभियान के दौरान मिले अवसर का फायदा उठाकर उन्होंने सूरजमल पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सूरजमल ने जवाबी कार्रवाई में अपना खंजर रतन सिंह पर घोंप दिया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। मेवाड़ के रतन सिंह और बूंदी के सूरजमल दोनों का ही इन चोटों के चलते निधन हो गया। रतन सिंह की असामयिक मृत्यु के बाद मेवाड़ की गद्दी उनके सौतेले भाई विक्रमादित्य (कर्णावती के पुत्र) को सौंप दी गई।”

एक शासक के तौर पर विक्रमादित्य को लापरवाह माना जाता था। कहा जाता है कि वह जानबूझकर पुराने दरबारियों और सरदारों का अपमान करते थे जिसके चलते कई वफादार रिश्तेदार और मेवाड़ी सरदार राजधानी छोड़कर अपने जागीरदारों और जागीर भूमि पर चले गए। चित्तौड़ में हालात बहुत ठीक ना होने के चलते गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने 1532 में मेवाड़ पर आक्रमण करने के लिए एक सेना भेजी। रानी कर्णावती ने राणा विक्रमादित्य को बूंदी भेज दिया और बहादुर शाह के साथ एक समझौते के तहत उन्हें उपहार और धन की पेशकश की गई जिसके बाद वह गुजरात चले गए। हालांकि, चित्तौड़ पर ये खतरा पूरी तरह टला नहीं था।

1534 आते-आते बहादुर शाह ने एक बार फिर चित्तौड़ पर हमला कर दिया था। इस दौरान रानी कर्णावती ने चित्तौड़ की रक्षा के लिए हथियार उठाने का आह्वान किया और इसके बाद सभी लोगों ने मेवाड़ की रक्षा और सम्मान के लिए अपनी मृत्यु तक लड़ने की कसम खा ली थी। जो लोग मेवाड़ छोड़ गए थे वे भी योद्धा-कुलों की परंपरा के मुताबिक ही वापस आ गए थे। ‘ए हिस्ट्री ऑफ राजस्थान’ में लिखा है, जो लोग आए उनमें, “सूरजमल (रावत बाग सिंह) के उत्तराधिकारी थे, जिन्होंने अपने पूर्वजों के निवास की रक्षा के लिए अपनी नई राजधानी देवला (देवलिया) को छोड़ दिया था। ‘बूंदी का बेटा’, पांच सौ हारों के एक बहादुर दल के साथ आया था; साथ ही झालोर और आबू के सोनीगुरा और देवड़ा राव भी आए थे, जिनके साथ रजवाड़ा के सभी हिस्सों से कई सहायक सैनिक आए थे।”

कहा जाता है कि इस दौरान ही कर्णावती ने सम्राट हुमायूं से भी सहायता मांगी थी और उन्हें अपना भाई कहकर संबोधित किया था। उन्होंने हुमायूं को एक राखी भेजी थी और उस समय हुमायूं मेवाड़ से बहुत दूर एक अलग मोर्चे पर बंगाल में शेरशाह सूरी की सेनाओं से लड़ रहे थे। हालांकि, कई इतिहासकारों का यह तर्क भी है कि हुमायूं की खुद की नज़र मेवाड़ पर थी और इसलिए वे मदद करना नहीं चाहते थे। कुछ विद्वान तो यहां तक कहते हैं कि बहादुरशाह के कहने पर वह सारंगपुर में ही रुक गया था।

हालांकि, तमाम दिक्कतों के बावजूद मेवाड़ के योद्धाओं ने लंबे समय तक बहादुर शाह की सेना का सामना किया था। रानी कर्णावती खुद इस युद्ध में कूद पड़ी थीं। इस दौरान राणा विक्रमादित्य चित्तौड़ में नहीं थे तो स्थितियां चित्तौड़ के लिए मुश्किल होती गईं। अंतत: युद्ध क्षेत्र पर बहादुर शाह का सेना का कब्ज़ा हो गया और 1535 में चित्तौड़ में एक बार फिर जौहर भी भयावहता दिखाई दी। पुरुष सैनिकों ने भी साका करने का फैसला कर लिया था। साका में महिलाओं को जौहर की ज्वाला में कूदने का निश्चय करते देख पुरुष केसरिया वस्त्र धारण करते थे और मरने-मारने के निश्चय के साथ दुश्मन सेना पर टूट पड़ते थे। चित्तौड़ के सैनिक तलवार और भाले लिए अपने घोड़ों पर सवार होकर अंतिम लड़ाई के लिए निकल गए थे।

इधर रानी कर्णावती ने जौहर की तैयारी कर ली थी, इधर सैनिक युद्ध मैदान में बहादुर शाह की सेना से अंतिम लड़ाई लड़ रहे थे तो उधर रानी और अन्य क्षत्राणियां जौहर के लिए तैयार थीं। 8 मार्च 1535 को रानी कर्णावती ने 13,000 क्षत्राणियों के साथ जौहर कर लिया था। 1535 ई. के एक ताम्र-पत्र में रानी कर्णावती और अन्य क्षत्राणियों द्वारा जौहर किए जाने का उल्लेख मिलता है। 8 मार्च को चित्तौड़ के किले पर गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने कब्ज़ा कर लिया था। वहीं, युद्ध समाप्त होते ही हुमायूं की सेना भी वहां पहुंच गई जिसके चलते बहादुर शाह को चित्तौड़ के किले से वापसी करनी पड़ी। वहीं, इतिहासकार जी. एन. शर्मा का कहना है कि जून 1536 से पहले हुमायूं चित्तौड़ नहीं आया था और उनका मानना ​​है कि बहादुर शाह के पीछे हटते ही राजपूतों ने चित्तौड़ पर कब्जा कर लिया था।

स्रोत: रानी पद्मिनी, रानी कर्णावती, जौहर, मेवाड़, राणा सांगा, हुमायूं, Rani Padmini, Rani Karnavati, Jauhar, Mewar, Rana Sanga, Humayun
Tags: HumayunJauharMewarRana SangaRani KarnavatiRani Padminiजौहरमेवाड़राणा सांगारानी कर्णावतीरानी पद्मिनीहुमायूँ
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कर्नाटक में सरकार कांग्रेस की, लेकिन बजट पाकिस्तानी सोच वाला! मुस्लिम तुष्टिकरण की सारी हदें पार, पेश किया ‘हलाल बजट’!

अगली पोस्ट

कर्नाटक में इजराइली पर्यटक और होमस्टे मालिक के साथ गैंगरेप; 3 साथियों को पीटकर नहर में फेंका, 1 का शव बरामद

संबंधित पोस्ट

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों
इतिहास

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

7 July 2026

कहते हैं संयोग और चमत्कार इस दुनिया में होते हैं। कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी घटित हुआ। एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक के अनुवाद कार्य में...

शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
इतिहास

ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

26 June 2026

भारत के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी...

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

What's Really Behind Xinjiang's Global Supply Chains?

What's Really Behind Xinjiang's Global Supply Chains?

00:03:26

IRAN HITS UAE OIL TANKERS

00:03:28

THE CAMPS AFTER URUMQI

00:03:51

BANGKOK PUB FIRE HORROR

00:04:07

Vietnam Speedboat Tragedy: How 15 Indian Tourists Lost Their Lives

00:03:35
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited