TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

आक्रांता ग़ाज़ी की मज़ार पर भगवा, कौन है सालार मसूद ‘गाजी’, क्यों हो रही है कब्र ध्वस्त करने की माँग?

सूर्य मंदिर के स्थान पर बनवाई गई गाजी की दरगाह

himanshumishra द्वारा himanshumishra
7 April 2025
in इतिहास
सालार मसूद गाज़ी की दरगाह

सालार मसूद गाज़ी की दरगाह

Share on FacebookShare on X

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रामनवमी के दिन (6 अप्रैल 2025) को सालार मसूद गाजी की मजार पर भगवा झंडा फहराए जाने की घटना ने एक बार फिर इतिहास के उन पन्नों को चर्चा में ला दिया है, जिन्हें वर्षों तक दबाकर रखा गया। महाराजा सुहेलदेव से जुड़े संगठनों के तीन युवकों ने मजार की छत पर चढ़कर भगवा ध्वज फहराया, जिस पर ‘ॐ’ अंकित था। इस घटना के बाद संगठन ने सालार मसूद की मजार को हटाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि सालार मसूद कोई सूफी संत नहीं, बल्कि एक इस्लामी आक्रांता था, जो महमूद गजनवी का भांजा और सेनापति था। उसने सोमनाथ मंदिर समेत कई हिंदू तीर्थों पर हमले किए और व्यापक नरसंहार में शामिल रहा।

बताते चलें कि यह पहला मौका नहीं है जब सालार मसूद गाज़ी का नाम सुर्खियों में आया हो। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के संभल में हर वर्ष लगने वाले नेजा मेले पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद यह नाम चर्चा का विषय बना था। ऐसे में अब जब सालार मसूद और महाराजा सुहेलदेव एक बार फिर सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि आखिर गाज़ी सालार मसूद था कौन, और उसका महाराजा सुहेलदेव से क्या ऐतिहासिक संबंध रहा? आइए, इसको विस्तार से समझते हैं…..

संबंधितपोस्ट

संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

जिस कानून का नहीं अस्तित्व, उसके आधार पर कोर्ट ने सुना दिया फैसला: भड़के इलाहाबाद HC ने रद्द कर सुनाई खरी-खरी

कानपुर की सड़कों से आसमान तक: शंख एयर के संस्थापक श्रवण कुमार विश्वकर्मा की प्रेरक कहानी

और लोड करें

कौन था गाजी सालार मसूद

सैयद सालार मसूद गाज़ी जिसे आज एक विशेष वर्ग ‘संत’ और ‘पीर’ के रूप में पेश करते हैं असल में भारत की सनातन आत्मा पर किए गए मजहबी हमलों का एक खतरनाक प्रतीक है। उसका जन्म ही रहस्य से भरा है। इतिहासकारों में एकमत नहीं है, लेकिन कई शोधों और दस्तावेज़ों के अनुसार सालार मसूद का जन्म 11वीं सदी में, 1014 ईस्वी के आसपास राजस्थान के अजमेर में हुआ था। उसके पिता अबू सैयद सालार साहू गाज़ी उर्फ ‘बूढ़े बाबा’ अफगानिस्तान से भारत आए थे और अजमेर शरीफ में आकर बस गए थे। कहा जाता है कि मसूद के जन्म के बाद उसकी मां अफगानिस्तान लौट गई, जबकि बूढ़े बाबा अपने बेटे के साथ बाराबंकी के सतरिख में आ बसे, जहाँ उनकी मृत्यु हुई और उन्हें यहीं दफनाया गया।

सैयद सालार मसूद का संबंध महमूद गजनवी से था जो भारत के इतिहास में इस्लामिक हमलों की सबसे क्रूर शुरुआत का प्रतीक है। गजनवी ने 1001 ईस्वी से लेकर 1026 ईस्वी तक भारत पर 17 बार हमले किए। इनमें सबसे भीषण हमला 1026 में गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर हुआ, जहाँ उसने अपार संपत्ति लूटी और मंदिर को नष्ट कर दिया। सालार मसूद न सिर्फ उसका भांजा था बल्कि सैन्य अभियानों का सेनापति भी था। The Life and Times of Sultan Mahmud of Ghazna (1930, Cambridge University Press) नामक ऐतिहासिक पुस्तक में इतिहासकार मोहम्मद नाजिम ने बताया है कि सोमनाथ पर गजनवी के सबसे बड़े हमले में सालार मसूद ने अग्रिम पंक्ति से नेतृत्व किया। इस पूरे हमले में सैकड़ों हिंदू मारे गए, मंदिरों को ध्वस्त किया गया और लोगों को जबरन इस्लाम में परिवर्तित किया गया।

महराजा सुहेलदेव बनाम गाजी

इतिहासकार मौलाना मोहम्मद अली मसऊदी की पुस्तक अनवार-ए-मसऊदी में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि सोमनाथ और उसके आसपास के क्षेत्रों पर हमला करने के बाद मसूद ने आगे उत्तर भारत की ओर कूच किया। लगभग 1030 ईस्वी में वह उत्तर प्रदेश के बहराइच पहुँचा, जहाँ उसने स्थानीय राजाओं को चुनौती दी और हिंदू रियासतों पर हमला करना शुरू किया। बहराइच के समीप श्रावस्ती के राजा महाराजा सुहेलदेव ने मसूद को खुली चुनौती दी और समर्पण करने से इनकार कर दिया। उन्होंने अकेले नहीं बल्कि आसपास के 21 राजाओं के साथ एक संयुक्त सेना बनाई और मसूद के विरुद्ध निर्णायक युद्ध लड़ा।

इस युद्ध में महाराजा सुहेलदेव की अगुवाई वाली हिंदू सेना ने सैयद सालार मसूद गाजी को धूल चटा दी। इस युद्ध में मसूद मारा गया। उसके सैनिकों ने उसकी लाश को वहीं बहराइच में दफना दिया, जहाँ आज उसकी तथाकथित दरगाह बनी हुई है। 1246 से 1266 ईस्वी तक दिल्ली सल्तनत के सुल्तान नसीरुद्दीन महमूद ने इस कब्र पर मजार बनवा दी। इसके बाद दिल्ली के सुल्तानों का वहाँ आना-जाना शुरू हुआ और फिर आम मुस्लिमों का भी। धीरे-धीरे वहाँ मत्था टेकने और उर्स मनाने की परंपरा शुरू हो गई, और एक मजहबी आक्रांता को ‘पीर’ और ‘गाज़ी’ की उपाधि से नवाजा गया।

इतना ही नहीं, आज भी भारत के कई हिस्सों में उस आततायी के नाम पर मेलों और उर्स का आयोजन होता है। मेरठ का नौचंदी मेला, अमरोहा के पुरनपुर का नेजा मेला, संभल और थमला के उर्स, ये सभी मसूद के नाम पर हैं। बताते चलें कि ‘गाज़ी’ की उपाधि उसी को दी जाती है जो इस्लाम के लिए ‘काफ़िरों’ से लड़ते हुए मारा जाए। यानी मसूद को यह उपाधि इसलिए दी गई क्योंकि उसने भारत के मूल निवासी हिंदुओं पर मजहबी युद्ध छेड़ा और हजारों निर्दोषों की हत्या की।

13वीं सदी में अफ्रीकी यात्री इब्न बतूता ने भी अपने यात्रा वृतांत में बहराइच की इस मजार का उल्लेख किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सैयद सालार मसूद जैसे आतंकी का गौरवगान सदियों से कुछ मजहबी और राजनीतिक ताकतों द्वारा किया जाता रहा है, जो भारत के ऐतिहासिक सत्य को झुठलाने की कोशिश रही है। आज जब देश में औरंगज़ेब जैसे क्रूर शासक की कब्र को हटाने की मांग उठ रही है, ठीक उसी समय गाज़ी सालार मसूद की मजार को भी उसी ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है। यह कोई धार्मिक स्थान नहीं, बल्कि उस आततायी का स्मारक है जिसने भारत की मिट्टी को रक्तरंजित किया था।

संभल में उर्स पर लगी थी रोक

संभल में महमूद गजनवी के सेनापति सालार मसूद गाज़ी की याद में हर साल आयोजित होने वाले नेजा मेले को लेकर इस बार विवाद गहराता नजर आया था। 18 मार्च को मेला प्रारंभ करने और 25 से 27 मार्च तक इसके आयोजन की योजना बनाई गई थी। परंतु जब इस आयोजन की अनुमति के लिए कुछ लोग अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) से मिलने पहुँचे, तो उन्हें ASP श्रीश चंद्र दीक्षित ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी विदेशी लुटेरे और आक्रांता की याद में मेला आयोजित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

ASP श्रीश चंद्र दीक्षित ने साफ कहा, “इतिहास साक्षी है कि सालार मसूद महमूद गजनवी का सेनापति था, जिसने सोमनाथ मंदिर को लूटा और इस देश पर घोर अत्याचार किए। ऐसे किसी लुटेरे की याद में मेला आयोजित करना न केवल अनुचित है बल्कि एक अपराध है।” उन्होंने आगे कहा, “अगर आप अब तक ऐसा करते आ रहे थे तो यह एक सामाजिक कुरीति थी, और यदि आप इसे अज्ञानता में करते थे तो क्षमा योग्य है, लेकिन अगर जानबूझकर कर रहे हैं तो यह देशद्रोह है। इस देश के प्रति अपराध करने वाले लुटेरे की स्मृति में कोई नेजा नहीं गड़ेगा। अगर ऐसा कोई झंडा गड़ा तो उसे देशद्रोह माना जाएगा और कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

सूर्य मंदिर के जगह बनवाई गई गाजी की दरगाह

इतिहासकार एना सुवोरोवा ने तो गाजी मियाँ कहलाने वाले सालार मसूद गाजी की तुलना भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम तक से कर दी है। साथ ही यह भी कहा कि हिन्दू उन्हें इसी रूप में देखते थे।

Muslim Saints of South Asia किताब से
Muslim Saints of South Asia किताब से

सुवोरोवा अपनी किताब Muslim Saints of South Asia में लिखते हैं, “स्पष्ट है कि कई कारणों ने सालार मसूद की मज़ार को ‘सांप्रदायिक समन्वय वाले तीर्थ’ में बदलने में भूमिका निभाई। पहला, संत की मज़ार उस स्थान पर स्थापित की गई जहाँ पहले सूर्य मंदिर हुआ करता था, और यह एक पवित्र सरोवर के किनारे स्थित था कुल मिलाकर यह परंपरा द्वारा पहले से ही पावन स्थान था। यहाँ ऐतिहासिक स्थलाकृति स्वयं समन्वय का स्रोत बन गई। दूसरा, संत की छवि की स्थानीय देवताओं संभवतः राम और कृष्ण से पारस्परिक पहचान हो गई। इस मामले में संत के जीवन के गौण पक्षों (जैसे उनकी कम आयु, विवाह की कथा) पर ज़ोर दिया गया, जबकि मुख्य ऐतिहासिक तथ्य (सैन्य उपलब्धियाँ, धर्म प्रचार की गतिविधियाँ) को पृष्ठभूमि में डाल दिया गया। दूसरे शब्दों में, गाज़ी मियाँ की वंदना दो परंपराओं के संश्लेषण और पारस्परिक पहचान का परिणाम है, जिसकी प्रक्रिया में मुस्लिम ज़ियारत आधार बनी और हिंदू तीर्थ यात्रा की परंपरा ने उसकी गूंज को व्यापकता प्रदान की।”

स्रोत: सालार मसूद गाज़ी, सालार मसूद गाज़ी, सुहेलदेव, प्रयागराज, उत्तरप्रदेश, बहराइच, संभल, Salar Masud Ghazi, Salar Masud Ghazi, Suheldev, Prayagraj, Uttar Pradesh, Bahraich, Sambhal
Tags: BahraichPrayagrajSalar Masud GhaziSambhalSuheldevUttar Pradeshउत्तरप्रदेशप्रयागराजबहराइचसंभलसालार मसूद गाज़ीसुहेलदेव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

CPIM में दिग्गजों को Bye-Bye! करात दंपति की छुट्टी, इन्हें मिला मौका; सिद्धांतों पर सवाल क्यों?

अगली पोस्ट

भारती आशा सहाय: रानी झांसी रेजिमेंट की वो वीरांगना जिन्होंने स्कूल जाने की उम्र में अंग्रेज़ों के खिलाफ बंदूक उठा ली

संबंधित पोस्ट

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों
इतिहास

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

7 July 2026

कहते हैं संयोग और चमत्कार इस दुनिया में होते हैं। कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी घटित हुआ। एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक के अनुवाद कार्य में...

शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
इतिहास

ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

26 June 2026

भारत के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी...

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

00:03:48

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited