TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए।

    मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए।

    मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पश्चिम की घातक चाल: पाकिस्तान की वैश्विक जिहाद मशीन को लगातार दे रहा समर्थन

The Thoughtful Indian द्वारा The Thoughtful Indian
26 May 2025
in विश्व
पाकिस्तान के वैश्विक जिहाद मशीन को समर्थन देना

पाकिस्तान के वैश्विक जिहाद मशीन को समर्थन देना

Share on FacebookShare on X

संबंधितपोस्ट

मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

कतर की मध्यस्थता से बनी बात: पाकिस्तान नहीं दिला सका सहमति, जिनेवा में हो सकता है समझौता

और लोड करें

पाकिस्तान विश्व भर में आतंकवाद और जिहाद फैलाता है, आतंकवादियों को प्रशिक्षण देता है और हिंसक समूहों का समर्थन करता है। वह कभी सुधार नहीं करता और लगातार वैश्विक नियमों का उल्लंघन करता रहता है। फिर भी, पश्चिम और IMF जैसे संगठन उसे धन और हथियार देते हैं। यह समर्थन पाकिस्तान को अपने खतरनाक कृत्यों को जारी रखने में मदद करता है, जिससे खासकर यूरोप, भारत और मध्य पूर्व को गंभीर खतरा होता है।

पाकिस्तान, जो आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बना हुआ है, फिर भी पश्चिम और उसकी संस्थाओं से निरंतर समर्थन पाता है। यह जिद्दी समर्थन पाकिस्तान को दशकों तक जिहाद का संरक्षण, निर्यात और महिमामंडन करने से बचाता रहा है और विश्व में कट्टर इस्लामवाद की लहर फैलाता रहा है, विशेष रूप से यूरोप, दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व में। पाकिस्तान का सुधार न करने का रवैया उसकी राष्ट्रीय रणनीति का मूल है—इस्लामी श्रेष्ठता, सैन्य प्रभुत्व और गुप्त आतंक निर्यात का जहरीला मिश्रण।

  1. मूल में सड़ांध: पाकिस्तान की आतंकवाद मशीनरी
    पाकिस्तान एक असफल राष्ट्रवादी प्रयोग है जिसने कभी सामान्य राष्ट्र बनने की कोशिश नहीं की। शुरू से ही उसने इस्लाम को राजनीतिक हथियार बनाया और अपनी सेना व खुफिया एजेंसी ISI को वैश्विक आतंक निर्यात के साधन के रूप में इस्तेमाल किया। यह देश यूएन सूचीबद्ध आतंकवादियों का सबसे बड़ा घर है, जहां लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हक्कानी नेटवर्क जैसी संस्थाएं बेधड़क काम करती हैं।ओसामा बिन लादेन अब्बोटाबाद में पाकिस्तान की प्रमुख सैन्य अकादमी के पास आराम से छिपा पाया गया। परमाणु वैज्ञानिक ए.क्यू. खान परमाणु रहस्य बेचता पाया गया। पाकिस्तान ने अपने परमाणु शस्त्रागार को “इस्लामी बम” कहा है, जो न तो प्रतिरोध के लिए है और न पड़ोसियों पर प्रभुत्व के लिए। पश्चिम की IMF सहायता, वर्ल्ड बैंक ऋण और सैन्य मदद देना न केवल पाखंड है, बल्कि आत्मघाती प्रवृत्ति भी।

  1. जिहाद और झूठों पर आधारित राष्ट्र: भारत के साथ युद्ध और परिणाम
    भारत में हर बड़े आतंकी हमले की जड़ पाकिस्तान है—चाहे वह 26/11 मुंबई हमला हो, संसद पर हमला हो या पुलवामा विस्फोट। उसकी रणनीति साफ है: प्रॉक्सी जिहादियों के जरिए भारत को हजारों वारों से चोट पहुंचाना, जो उसकी सेना और ISI से प्रशिक्षित और सुसज्जित होते हैं। हाल ही में भारत के साथ हुई लड़ाई में पाकिस्तान को भारी हार का सामना करना पड़ा। भारतीय हमलों ने सरगोधा जैसे परमाणु से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया और पाकिस्तान की सैन्य दावेदारी की कमज़ोरी उजागर की। चीन और तुर्की से आए हथियार असफल साबित हुए, और “नो.1 जासूसी एजेंसी” भी हमला रोक नहीं पाई। फिर भी पाकिस्तान तथ्य से इनकार करता है और राज्य नियंत्रित मीडिया व सोशल मीडिया पर झूठ फैलाता है।

  2. यूरोप की अंधी गोद: पाकिस्तानी नेतृत्व वाला इस्लामीकरण
    पश्चिम की आत्मघाती गलती यूरोप में सबसे स्पष्ट है। पिछले दशक से यूरोपीय संघ के देश विविधता और बहुसांस्कृतिकता के बहाने पाकिस्तान जैसे कट्टर समुदायों से अनियंत्रित प्रवासन को बढ़ावा दे रहे हैं। नतीजा—अपराध, धार्मिक हिंसा, जबरन धर्म परिवर्तन, कल्याण धोखाधड़ी और अलग-अलग इस्लामवादी समुदायों का निर्माण।माल्मो, बर्मिंघम, पेरिस और ब्रसेल्स के हिस्से अब शरिया प्रभाव क्षेत्रों में तब्दील हो गए हैं। ब्रिटेन में पाकिस्तानी गैंग्स बाल शोषण में फंसे हैं, जर्मनी में नशीली दवाओं से जुड़े हिंसक घटनाओं में, और स्कैंडिनेविया में कट्टरपंथी मस्जिद नेटवर्क सक्रिय हैं। यूरोपीय नागरिकों की हत्या “बदनामी” के नाम पर हुई, और पुलिस दबाव में चुप रह गई। पाकिस्तान मूल के कट्टरपंथी न केवल धमकाते हैं, बल्कि खून से भी अपनी विचारधारा थोपते हैं। फिर भी यूरोपीय संघ पाकिस्तान के “विकास” के नाम पर धन देता है, जो सीधे या परोक्ष रूप से आतंकवादी नेटवर्क और प्रचार को NGOs व धार्मिक संस्थानों के जरिए समर्थन करता है।

  1. वैश्विक परिणाम: सीमाओं के परे पाकिस्तानी इस्लामीकरण
    पाकिस्तान का मुस्लिम प्रवासियों के कट्टरपंथीकरण में प्रभाव निर्विवाद है। जिहादियों को शिविरों में प्रशिक्षित करने से लेकर धर्मगुरुओं और नफ़रत फैलाने वालों को विदेश भेजने तक, इसका नेटवर्क मध्य पूर्व, मध्य एशिया, अफ्रीका और पश्चिम तक फैला हुआ है। कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका की मस्जिदें नफरत फैलाने, आतंक वित्तपोषण और युवाओं के कट्टरपंथीकरण से जुड़ी रही हैं। अफगानिस्तान में पाकिस्तान तालिबान को हथियार और मार्गदर्शन देता है, जिससे शांति के प्रयास विफल होते हैं। यह मध्य पूर्व से दक्षिण पूर्व एशिया तक फैले “आतंक बेल्ट” का मुख्य निर्माता है।

  2. असंभव सुधार: पाकिस्तान की आंतरिक सड़ांध
    पाकिस्तान में सुधार की मांग हंसी की बात है। आतंक वित्तपोषण के कारण यह देश FATF ग्रे सूची में है और वित्तीय पारदर्शिता नियमों का उल्लंघन करता रहता है। IMF और FATF की शर्तों पर कागज़ पर सहमति होती है, लेकिन व्यवहार में उल्लंघन। पाकिस्तान सुधार नहीं कर सकता क्योंकि उसका मूल सिद्धांत जिहाद से जुड़ा है और उसकी अर्थव्यवस्था सेना द्वारा नियंत्रित है, जो देश की एकमात्र प्रभावी “कॉर्पोरेशन” है। अंदर ही अंदर, पाकिस्तान एक जेल है। बलोचिस्तान, सिंध, गिलगित-बाल्टिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा पर सैन्य कब्जा है, वहां के लोग पीड़ित और बहिष्कृत हैं। पंजाब की उच्च जाति सेना की सुरक्षा में अन्य जातियों को उपनिवेश मानती है। जनता मदरसों और सरकारी मीडिया से धोखा खाती है, जहां जिहाद की महिमा गाई जाती है और गरीबी, बेरोजगारी और पतन की अनदेखी होती है।

  1. जवाबी कार्रवाई, हकीकत और वैश्विक कदमों की जरूरत
    भारत की हालिया कार्रवाई—सर्जिकल स्ट्राइक, पूरे क्षेत्रीय जवाबी कदम और सिंधु जल संधि का निलंबन—सहिष्णुता का अंत दर्शाती है। दुनिया अब अपने विनाश को वित्तपोषित नहीं कर सकती। पश्चिमी करदाता समझें कि IMF ऋण पाकिस्तान को वापस गोलियों, बमों और कट्टरपंथी प्रचारकों में बदल कर यूरोप, अमेरिका और भारत के लिए खतरा बनाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चाहिए कि: 

  • पाकिस्तान को पूरी तरह राजनयिक और आर्थिक रूप से अलग-थलग करे जब तक वह अपना आतंक ढांचा खत्म न करे।
  • पाकिस्तान मूल के धार्मिक उलेमाओं और संस्थानों को पश्चिमी समाजों में बिना नियंत्रण के कार्य करने से रोके।
  • युद्ध अपराध और आतंक वित्तपोषण के लिए अंतरराष्ट्रीय अदालतों में जवाबदेही मांगे।
  • बलोचिस्तान, सिंध और अन्य क्षेत्रों में आंतरिक मुक्ति आंदोलनों का समर्थन करें ताकि पाकिस्तान की सैन्य प्रभुसत्ता को कम किया जा सके।
  • NATO सदस्यों और सहयोगी देशों से पाकिस्तान को सभी सहायता और हथियार बंद करे।
  • यूरोप और अमेरिका में ISI से जुड़े नेटवर्क को कड़ी खुफिया कार्रवाई से खत्म करे।
  1. बंधक दुनिया
    पाकिस्तान एक विघटनकारी राज्य नहीं, बल्कि आतंक का कॉरपोरेशन है, जिसके पास झंडा, परमाणु हथियार और वैश्विक समर्थक हैं। यह शिकार नहीं, बल्कि वायरस है। पश्चिम की आंखें बंद रखने और सांत्वना ने इस राक्षस को दशकों तक खिलाया है। अब कट्टर इस्लाम के फैलाव और पाकिस्तानी नेटवर्क की विषैली जड़ों के कारण दुनिया के सामने स्पष्ट विकल्प है: पाकिस्तान के आतंक राज्य का मुकाबला करें या उसके निर्यातित जिहाद के नीचे दब जाएं। सहानुभूति का दौर खत्म। पाकिस्तान को या तो सुधार करना होगा या बचे रहने के लिए बदलना होगा। दोनों संभव नहीं।

स्रोत: पाकिस्तान, जिहाद, नुक्लेअर, Pakistan, Jihad, Nuclear
Tags: JihadNuclearPakistanजिहादनुक्लेअरपाकिस्तान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बांग्लादेश के 2 ‘चिकन नेक’ अतिसंवेदनशील हैं: भारत को सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर धमकाने वालों को CM हिमंता का जवाब

अगली पोस्ट

जयशंकर ने बताया- भारत ने पाकिस्तान को कब दी थी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जानकारी?

संबंधित पोस्ट

डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,
AMERIKA

डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

27 June 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द भारत का दौरा करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसकी पुष्टि की है। रुबियो ने एक इंटरव्यू में...

अमेरिका-ईरान समझौते का दावा
AMERIKA

अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

16 June 2026

पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के...

रूसी तेल का आयात
चर्चित

रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

9 June 2026

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत पहले की तुलना में अधिक मात्रा में रूस से कच्चे तेल...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited