भारत का सब्र टूटा: क्या संयुक्त राष्ट्र से बाहर निकलना ही रास्ता है?
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान-  बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान- बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान-  बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान- बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत का सब्र टूटा: क्या संयुक्त राष्ट्र से बाहर निकलना ही रास्ता है?

सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट के लिए भारत की दशकों की कोशिशों के बाद भी दरवाज़े बंद हैं। हर बार कहा जाता है कि सुधार ज़रूरी है, विचार चल रहा है। लेकिन, कोई बदलाव नहीं होता।

The Thoughtful Indian द्वारा The Thoughtful Indian
4 October 2025
in भारत, भू-राजनीति, विश्व
“भारत का सब्र टूटा: क्या संयुक्त राष्ट्र से बाहर निकलना ही रास्ता है?”

पश्चिमी अर्थव्यवस्थाएं धीमी पड़ चुकी हैं और एशिया खासकर भारत नई ऊर्जा का केंद्र है।

Share on FacebookShare on X

क्या भारत को संयुक्त राष्ट्र छोड़ देना चाहिए? यह सवाल अब सिर्फ़ कूटनीतिक गलियारों तक ही सीमित नहीं रहा कि क्या भारत को संयुक्त राष्ट्र जैसे संस्थानों से आगे बढ़कर अपना रास्ता तय करना चाहिए? यह चर्चा अब नीति-निर्माताओं, विश्वविद्यालयों और विदेश नीति के मंचों पर भी गूंजने लगी है।

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र का निर्माण द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुआ था, जब दुनिया में ‘न्यायपूर्ण’ और ‘स्थायी’ शांति का सपना देखा गया। लेकिन वह सपना उस समय की सत्ता-संरचना के सांचे में ढला था अमेरिका, रूस (तब का सोवियत संघ), ब्रिटेन, फ्रांस और चीन को वीटो का अधिकार मिला। बाक़ी दुनिया के देशों को बस मंच और भाषण मिला। भारत, तब ब्रिटिश शासन के अधीन था, उस संरचना का हिस्सा तो बना लेकिन निर्णायक नहीं। आज़ादी के बाद भी स्थिति बहुत नहीं बदली है और यही आज की बहस की जड़ में है।

संबंधितपोस्ट

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

रूसी तेल पर अमेरिका की नीति पर ईरान का हमला: प्रतिबंधों और छूट में दिखा दोहरा रवैया

और लोड करें

1945 का ढांचा, 2025 की दुनिया

आज भारत 1.4 अरब लोगों का लोकतांत्रिक गणराज्य है, दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और डिजिटल-टेक्नोलॉजी का अग्रदूत है। उसने शांति और रक्षा अभियानों में सबसे ज़्यादा सैनिक भेजे, संकट में विश्व को सहयोग दिया और महामारी के समय वैक्सीन-मित्रता के जरिये मानवता का चेहरा दिखाया। लेकिन क्या इन योगदानों के बावजूद भारत को वह स्थान मिला है, जिसका वह हक़दार है? नहीं। सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट के लिए दशकों की कोशिशों के बाद भी दरवाज़े बंद हैं। हर बार कहा जाता है कि सुधार ज़रूरी है, “विचार चल रहा है। लेकिन, कोई बदलाव नहीं होता है।

ठीक यहीं से भारत की नाराज़गी नहीं, बल्कि थकान झलकती है। एक ऐसी थकान, जो उस व्यवस्था से है, जो विकासशील देशों से ज़िम्मेदारी की उम्मीद रखती है। लेकिन, उसे निर्णय लेने का हक़ नहीं देती।

सद्भाव की नीति बनाम शक्ति की राजनीति

वैसे तो भारत हमेशा से शांति और सहअस्तित्व की नीति पर चला है। उसने कभी औपनिवेशिक विस्तार नहीं किया, बल्कि सभ्यता और संस्कृति के पुल बनाए। लेकिन, वैश्विक संस्थानों में वही पुरानी औपनिवेशिक मानसिकता आज भी काम करती दिखती है, शक्ति उन्हीं के हाथ में है जिन्होंने युद्ध जीता था।

संयुक्त राष्ट्र की वैधता अब उसी सवाल पर टिक गई है, जिससे वह पैदा हुआ था। क्या यह संस्थान वाकई सबके लिए है? जब अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के देश लगातार कहते हैं कि उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं मिलता, तब जवाब सिर्फ औपचारिक बयान होता है। भारत का संदेश अब यही है कि अगर वैश्विक संस्थाएं समानता और सम्मान की गारंटी नहीं दे सकतीं, तो उन्हें सुधारना ही पड़ेगा, और अगर वे सुधार नहीं चाहतीं, तो दुनिया नए मंच बनाएगी।

भारत की वैकल्पिक राह

विश्व की दृष्टि से देखा जाए तो भारत अब अकेला नहीं है जो बदलाव की बात कर रहा है। ब्रिक्स (BRICS) जैसे मंचों पर दक्षिणी गोलार्ध की आवाज़ तेज़ हो चुकी है। अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और एशिया के देश अब वैकल्पिक विकास बैंक बना रहे हैं, जहां पश्चिमी शर्तें नहीं, बल्कि समानता का सिद्धांत है। यह वही मॉडल है, जिसे भारत दशकों से वसुधैव कुटुंबकम् की भावना में देखता आया है। यानी दुनिया एक परिवार है, लेकिन परिवार में बराबरी ज़रूरी है। कोई पिता या कोई पुत्र नहीं।

अगर भारत संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं में सुधार की मांग करता है, तो वह सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन देशों के लिए भी बोलता है जिन्हें दशकों तक उपेक्षित रखा गया।

संयुक्त राष्ट्र छोड़ने की चर्चा प्रतीकात्मक या वास्तविक?

कई विश्लेषकों का मानना है कि भारत का संयुक्त राष्ट्र से निकलना फिलहाल व्यावहारिक नहीं है।
क्योंकि यह मंच अभी भी मानवीय सहायता, वैश्विक मानक और शांति-रक्षा का केंद्र है। लेकिन, यह भी उतना ही सच है कि भारत अगर चाहे, तो इन लक्ष्यों के लिए अपने मंच खड़े कर सकता है, जैसे इंटरनेशनल सोलर एलायंस, जी20 और BIMSTEC के जरिए उसने किया भी है।

भारत का संयुक्त राष्ट्र छोड़ना शायद अभी नीतिगत कदम न हो, लेकिन उसका संदेश स्पष्ट है, सुधार करो, वरना अप्रासंगिक बन जाओ। यानी भारत की नाराज़गी को अलगाव नहीं, बल्कि चेतावनी समझा जाना चाहिए।

आत्मसम्मान की नई परिभाषा

भारत का तर्क केवल कूटनीति का नहीं है, बल्कि सभ्यतागत भी है। यह देश हजारों वर्षों से संवाद, विविधता और आत्मनिर्भरता की परंपरा में जिया है। जब वही सभ्यता आधुनिक विश्व में कहती है कि हमें बराबरी चाहिए, तो यह केवल राजनीतिक मांग नहीं, बल्कि ऐतिहासिक न्याय की पुकार बन जाती है। भारत की विदेश नीति में अब एक स्पष्ट आत्मविश्वास है, हम अब नियम के उपभोक्ता नहीं, निर्माता बनेंगे।

विश्व व्यवस्था में नए सूत्र

वैसे देखा जाए तो दुनिया की शक्ति-संरचना अब बदल रही है। पश्चिमी अर्थव्यवस्थाएं धीमी पड़ चुकी हैं और एशिया खासकर भारत नई ऊर्जा का केंद्र है। तकनीक, डेटा, आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा सुरक्षा इन सबमें भारत अब निर्णायक भूमिका निभा रहा है। ऐसे में अगर वही भारत संयुक्त राष्ट्र की निष्क्रियता पर सवाल उठाता है, तो वह सिर्फ़ शिकायत नहीं, बल्कि चेतावनी है कि दुनिया अब एक केंद्र से नहीं, कई ध्रुवों से चलेगी।

भारत शायद तुरंत संयुक्त राष्ट्र से बाहर न जाए, लेकिन उसकी दिशा स्पष्ट है कि सुधार नहीं होगा, तो नया ढांचा बनेगा। यह वही आत्मनिर्भरता की भावना है, जिसने औपनिवेशिक सत्ता के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम को जन्म दिया था। आज वही आत्मा एक बार फिर जाग रही है, लेकिन इस बार कूटनीति के रूप में। भारत सिर्फ अपनी सीट नहीं मांग रहा, वह नियम बदलने की बात कर रहा है। इतिहास बताता है कि जब कोई सभ्यता नियम बदलने पर उतर आती है, तो दुनिया भी उसका अनुसरण करने लगती है।

Tags: अमेरिकाएशियाभारतविश्वसंयुक्त राष्ट्रस्थायी सीट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कैसे अटल बिहारी वाजपेयी ने हिंदी को संयुक्त राष्ट्र तक पहुँचाकर रचा इतिहास और संयुक्त राष्ट्र के हॉल में गूंजाई भारत की आवाज़

अगली पोस्ट

उमर-अब्दुल्ला, मेहबूबा मुफ्ती और बाकी कश्मीरी नेता PoK में पाकिस्तान की हिंसा पर क्यों चुप हैं?

संबंधित पोस्ट

ट्रंप का ‘हेलहोल’ अपमान और भारत का कड़ा पलटवार: कूटनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप, डैमेज कंट्रोल में जुटा वाशिंगटन; ईरान ने भी ली चुटकी
भू-राजनीति

ट्रंप का ‘हेलहोल’ अपमान और भारत का कड़ा पलटवार: कूटनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप, डैमेज कंट्रोल में जुटा वाशिंगटन; ईरान ने भी ली चुटकी

24 April 2026

दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच अक्सर 'अटूट' दोस्ती का दावा किया जाता है, लेकिन कभी-कभी एक सोशल मीडिया पोस्ट इस दोस्ती की...

समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका
भू-राजनीति

समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

23 April 2026

इन पंक्तियों के लिखे जाने तक निष्कर्ष यही है कि अमेरिका-ईरान के बीच तत्काल शांति समझौते की संभावना खत्म हो चुकी है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति...

होर्मुज का ‘काला समंदर’: अंतरिक्ष से दिखा तेल का महाविनाश, बेगुनाह जीवों की चीखें और 10 करोड़ लोगों की प्यास का भयावह संकट
भू-राजनीति

होर्मुज का ‘काला समंदर’: अंतरिक्ष से दिखा तेल का महाविनाश, बेगुनाह जीवों की चीखें और 10 करोड़ लोगों की प्यास का भयावह संकट

22 April 2026

मिडिल ईस्ट की धरती इन दिनों केवल बारूद की गंध और मिसाइलों के शोर से ही नहीं थर्रा रही है, बल्कि इसकी लहरें भी अब...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited