TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नोएडा वर्कर्स प्रोटेस्ट: वेतन विवाद से हिंसा तक, सोशल मीडिया और बाहरी हस्तक्षेप ने कैसे बढ़ाया संकट

नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में शुरू हुआ मजदूरों का आंदोलन धीरे-धीरे एक बड़े संकट में बदल गया, जिसने प्रशासन और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चुनौती खड़ी कर दी

Ayush Aman Rai द्वारा Ayush Aman Rai
17 April 2026
in चर्चित
नोएडा वर्कर्स प्रोटेस्ट: वेतन विवाद से हिंसा तक, सोशल मीडिया और बाहरी हस्तक्षेप ने कैसे बढ़ाया संकट

सोशल मीडिया और बाहरी हस्तक्षेप ने बढ़ाया संकट

Share on FacebookShare on X

नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में शुरू हुआ मजदूरों का आंदोलन धीरे-धीरे एक बड़े संकट में बदल गया, जिसने प्रशासन और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चुनौती खड़ी कर दी। शुरुआत में यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से मजदूरों की बुनियादी मांगों—जैसे वेतन वृद्धि, ओवरटाइम का भुगतान और बेहतर कार्य परिस्थितियों—को लेकर था। लंबे समय से इन मुद्दों पर असंतोष पनप रहा था, लेकिन हाल के महीनों में पड़ोसी औद्योगिक क्षेत्रों में हुए वेतन संशोधन ने इस असंतोष को और बढ़ा दिया। इससे नोएडा के मजदूरों में भी उम्मीद जगी कि उन्हें भी समान लाभ मिलना चाहिए।

धीरे-धीरे यह असंतोष सड़कों पर उतर आया और हजारों मजदूर अलग-अलग सेक्टरों में इकट्ठा होने लगे। प्रदर्शन का दायरा इतना बढ़ गया कि कई औद्योगिक इकाइयों में कामकाज ठप हो गया और सड़कों पर यातायात बाधित होने लगा। यह साफ था कि यह केवल एक स्थानीय विरोध नहीं रहा, बल्कि एक बड़े स्तर का श्रमिक आंदोलन बन चुका है।

संबंधितपोस्ट

किरेन रिजिजू ने एलन मस्क की पोस्ट शेयर कर राहुल गांधी को दिया करारा जवाब

हिन्दू युवक को पहले बनाया बंधक, फिर जबरन धर्मांतरण करा बहन से ही करा दिया निकाह- मौलाना सहित 4 पर मुकदमा दर्ज

सलमान ने दलित युवती को कोर्ट में बुलाया, फिर शादी के लिए करने लगा जबरदस्ती- वकीलों ने पकड़कर पीटा

और लोड करें

प्रदर्शन का उग्र रूप और हिंसा

स्थिति ने तब गंभीर मोड़ लिया जब प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें शुरू हो गईं, जिसमें पत्थरबाजी, आगजनी और बैरिकेड तोड़ने जैसी घटनाएं सामने आईं। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और कई इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

कई जगहों पर सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया और कई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। यह वह बिंदु था जहां एक शांतिपूर्ण मजदूर आंदोलन कानून-व्यवस्था के बड़े संकट में बदल गया।

सोशल मीडिया की भूमिका और अफवाहों का असर

जांच के दौरान एक अहम पहलू सामने आया—सोशल मीडिया की भूमिका। अधिकारियों के अनुसार, इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भ्रामक और उकसाने वाली सामग्री तेजी से फैल रही थी, जिसने स्थिति को और बिगाड़ दिया। कुछ ऐसे अकाउंट्स की पहचान की गई, जिनके बारे में आशंका जताई जा रही है कि वे भारत के बाहर से संचालित हो रहे थे।

इन अकाउंट्स के जरिए ऐसी सूचनाएं फैलाई गईं, जिनमें हिंसा की घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया या पूरी तरह से झूठी जानकारी दी गई। इससे मजदूरों में गुस्सा और असुरक्षा की भावना बढ़ी और वे बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए इतनी तेजी से भीड़ जुटना प्रशासन के लिए एक नई चुनौती बनकर सामने आया।

बाहरी तत्वों की भूमिका पर संदेह

जांच एजेंसियों ने यह भी पाया कि प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग ऐसे थे, जो वास्तव में औद्योगिक मजदूर नहीं थे। इससे यह आशंका और मजबूत हुई कि आंदोलन में बाहरी तत्वों की घुसपैठ हो सकती है। अधिकारियों का मानना है कि इन बाहरी लोगों ने स्थिति को भड़काने और हिंसा फैलाने में भूमिका निभाई हो सकती है।

गिरफ्तार किए गए कई लोगों के बारे में यह सामने आया कि उनका औद्योगिक इकाइयों से कोई सीधा संबंध नहीं था। इससे आंदोलन की प्रकृति पर सवाल उठने लगे और यह चर्चा तेज हो गई कि क्या यह आंदोलन पूरी तरह से मजदूरों का था या इसे किसी और दिशा में मोड़ने की कोशिश की गई।

प्रशासन की कार्रवाई और सख्ती

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। कई एफआईआर दर्ज की गईं, दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया गया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी बढ़ा दी गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मजदूरों की मांगें जायज हो सकती हैं, लेकिन हिंसा और अफवाह फैलाने को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

डिजिटल जांच के तहत चैट रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और कॉल डिटेल्स का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि यह समझा जा सके कि आंदोलन को किस तरह से संगठित किया गया और इसमें बाहरी प्रभाव की क्या भूमिका थी।

समाधान की दिशा में प्रयास

एक ओर जहां प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर मजदूरों की मूल समस्याओं को सुलझाने की कोशिश भी की जा रही है। अधिकारियों ने मजदूर प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शुरू की है और वेतन संरचना तथा कार्य परिस्थितियों की समीक्षा की जा रही है।

सरकार का उद्देश्य यह है कि मजदूरों की शिकायतों का समाधान संस्थागत तरीके से किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने। इसके लिए श्रम कानूनों के पालन और औद्योगिक इकाइयों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

व्यापक प्रभाव और भविष्य की चुनौतियां

नोएडा का यह मामला केवल एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के लिए एक संकेत है कि कैसे स्थानीय मुद्दे तेजी से बड़े संकट में बदल सकते हैं। डिजिटल युग में सोशल मीडिया की भूमिका इतनी बढ़ गई है कि कोई भी जानकारी सही या गलत कुछ ही मिनटों में हजारों लोगों तक पहुंच सकती है।

यह घटना यह भी दिखाती है कि बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूर कितनी जल्दी संगठित हो सकते हैं, चाहे वह स्वाभाविक रूप से हो या किसी बाहरी प्रभाव के कारण। ऐसे में प्रशासन के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वह न केवल भौतिक स्तर पर बल्कि डिजिटल स्तर पर भी सतर्क रहे।

संतुलन की जरूरत

हालांकि नोएडा वर्कर्स प्रोटेस्ट एक ऐसा मामला बन गया है, जो श्रमिक अधिकारों, कानून-व्यवस्था और डिजिटल सुरक्षा के बीच संतुलन की आवश्यकता को उजागर करता है। एक तरफ मजदूरों की जायज मांगें हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, वहीं दूसरी तरफ कानून और व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसियां बाहरी हस्तक्षेप के आरोपों को किस हद तक साबित कर पाती हैं और प्रशासन मजदूरों की समस्याओं का समाधान किस तरह करता है। यह मामला निश्चित रूप से भविष्य में ऐसे आंदोलनों को संभालने के तरीके को प्रभावित करेगा।

Tags: external influence protestindustrial protest IndiaNoida workers protestUttar Pradesh Newsworker agitation crisis
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

अगली पोस्ट

TCS नासिक विवाद: प्रेग्नेंसी दावे के साथ गहराता मामला, कॉर्पोरेट सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

संबंधित पोस्ट

चीन के शिनजियांग के रास्ते उड़ानें शुरू करने की तैयारी
चर्चित

चीन के शिनजियांग के रास्ते उड़ानें शुरू करने की तैयारी, पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने से बढ़ा खर्च

30 September 2026

नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि भारत चीन के साथ शिनजियांग के ऊपर से भारतीय विमानों को उड़ान भरने की...

बडगाम में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में लश्कर का आतंकी हाशिम
चर्चित

बडगाम में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में लश्कर का आतंकी हाशिम मूसा ढेर, पहलगाम हमले से भी जुड़ा था नाम

30 September 2026

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग इलाके में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को...

बिरसा मुंडा को लेकर नई वैचारिक बहस
चर्चित

बिरसा मुंडा को लेकर नई वैचारिक बहस, क्या वे ब्राह्मणवाद के विरोधी थे?

30 September 2026

बिरसा मुंडा 19वीं सदी के अंत में अंग्रेजी शासन और आदिवासी समाज के शोषण के खिलाफ हुए मुंडा विद्रोह (उलगुलान) के प्रमुख नेता थे। उनकी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55

ONGC finds gas off Odisha: Can the Mahanadi basin fuel India’s energy future?

00:07:22

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

00:12:10

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

00:05:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited