TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    शुभेंदु अधिकारी के केबिनेट ममं मंत्रियों का विस्तार

    West Bengal Cabinet Expansion: शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, नबान्न में 35 मंत्रियों ने ली शपथ

    सीएम योगी का बड़ा फैसला

    सीएम योगी का बड़ा तोहफा: पाकिस्तान से आए 1645 विस्थापित परिवारों को आज यूपी में मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    शुभेंदु अधिकारी के केबिनेट ममं मंत्रियों का विस्तार

    West Bengal Cabinet Expansion: शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, नबान्न में 35 मंत्रियों ने ली शपथ

    सीएम योगी का बड़ा फैसला

    सीएम योगी का बड़ा तोहफा: पाकिस्तान से आए 1645 विस्थापित परिवारों को आज यूपी में मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

उमर अब्दुल्ला और अनुच्छेद 370 की वापसी की राजनीति: रणनीति, संकेत और सियासी संतुलन

जम्मू-कश्मीर की राजनीति एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ी है, जहां इतिहास, संवैधानिकता और वर्तमान राजनीतिक रणनीति आपस में टकराती नजर आ रही हैं

TFI Desk द्वारा TFI Desk
4 April 2026
in चर्चित
उमर अब्दुल्ला और अनुच्छेद 370 की वापसी की राजनीति: रणनीति, संकेत और सियासी संतुलन

ओमर अब्दुल्ला की रणनीति और अनुच्छेद 370 बहाली की राजनीति

Share on FacebookShare on X

जम्मू-कश्मीर की राजनीति एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ी है, जहां इतिहास, संवैधानिकता और वर्तमान राजनीतिक रणनीति आपस में टकराती नजर आ रही हैं। इस बहस के केंद्र में हैं उमर अब्दुल्ला, जिनके हालिया कदमों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वे एक सोची-समझी रणनीति के तहत अनुच्छेद 370 की बहाली की दिशा में धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं।

अनुच्छेद 370, जो कभी जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देता था, भारत के संघीय ढांचे में एक अनूठी व्यवस्था का प्रतीक था। इसके तहत राज्य को अपना संविधान बनाने और कई मामलों में स्वतंत्र निर्णय लेने की शक्ति प्राप्त थी। लेकिन 5 अगस्त 2019 को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस प्रावधान को निष्क्रिय कर दिया और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया। इस फैसले ने देशभर में राजनीतिक और वैचारिक बहस को जन्म दिया, जो आज भी जारी है।

संबंधितपोस्ट

उमर अब्दुल्ला ने मोदी की बात को सराहा, बोले: ‘कश्मीर आइए, रोज़गार बढ़ाइए’

युद्ध के साये से लौटे छात्र: PM मोदी का ‘ऑपरेशन सिंधु’ जारी, उमर अब्दुल्ला ने की खास व्यवस्था

सिंधु जल समझौता: बाप-दादा तक क्यों पहुंची उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की जुबानी जंग?

और लोड करें

इस घटनाक्रम के बाद से Jammu & Kashmir National Conference और इसके नेता उमर अब्दुल्ला लगातार अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग करते रहे हैं। हालांकि, उनका तरीका हमेशा टकराव की बजाय संवैधानिक रास्तों जैसे प्रस्ताव, अदालतों में याचिकाएं और जनसमर्थन जुटाने पर आधारित रहा है। यही वजह है कि उनके हालिया कदमों को एक “ग्रेजुअलिस्ट” यानी चरणबद्ध रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

हाल ही में जम्मू-कश्मीर विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें विशेष दर्जे की बहाली की मांग की गई। दिलचस्प बात यह है कि केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से खारिज नहीं किया। समर्थकों का मानना है कि यह उमर अब्दुल्ला के लिए एक रणनीतिक आधार बन सकता है, जिससे वे भविष्य में बड़े संवैधानिक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

हालांकि, उमर अब्दुल्ला का सार्वजनिक रुख पूरी तरह आक्रामक नहीं है। वे एक तरफ अनुच्छेद 370 की बहाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं, तो दूसरी तरफ राजनीतिक वास्तविकताओं को भी स्वीकार करते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि मौजूदा केंद्र सरकार के कार्यकाल में इस प्रावधान की बहाली संभव नहीं है। यह बयान उनके व्यावहारिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जहां वे आदर्श और वास्तविकता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

यही संतुलन उनकी राजनीति को जटिल और दिलचस्प बनाता है। एक तरफ वे अपने समर्थकों को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनकी मूल मांग अब भी कायम है, वहीं दूसरी तरफ वे केंद्र के साथ सीधे टकराव से बचते हुए धीरे-धीरे राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे हैं।

उनके इस दृष्टिकोण को कुछ लोग “स्टेप-बाय-स्टेप” रणनीति मानते हैं, जिसमें पहले राज्य का दर्जा बहाल करना, फिर संस्थागत स्वायत्तता को मजबूत करना और अंततः संवैधानिक बहाली की दिशा में आगे बढ़ना शामिल हो सकता है।

लेकिन इस रणनीति के आलोचक भी कम नहीं हैं। People’s Democratic Party जैसे विपक्षी दलों का आरोप है कि उमर अब्दुल्ला का यह रुख कमजोर और समझौता करने वाला है। उनका मानना है कि इस तरह की धीरे-धीरे चलने वाली रणनीति 2019 के बाद बने नए राजनीतिक ढांचे को स्वीकार करने के समान है, जिससे अनुच्छेद 370 की मूल भावना कमजोर पड़ सकती है।

आलोचकों का यह भी कहना है कि केवल प्रस्ताव पास करना या बयान देना पर्याप्त नहीं है, जब तक कि उसके साथ ठोस राजनीतिक और कानूनी कदम न उठाए जाएं। उनके अनुसार, यह रणनीति जनता को केवल उम्मीद में बांधे रखने का एक तरीका भी हो सकती है।

वहीं, समर्थकों का तर्क है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में सीधी टकराव की राजनीति न केवल असफल हो सकती है, बल्कि क्षेत्र के विकास और स्थिरता को भी नुकसान पहुंचा सकती है। उनका मानना है कि ओमर अब्दुल्ला का दृष्टिकोण व्यावहारिक और दूरदर्शी है, जिसमें दीर्घकालिक परिणामों को ध्यान में रखा गया है।

इस पूरी बहस का एक और महत्वपूर्ण पहलू है People’s Alliance for Gupkar Declaration, जो अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए बना था। हालांकि, समय के साथ इस गठबंधन की सक्रियता कम हो गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस मुद्दे पर एकजुट राजनीतिक मोर्चा बनाना कितना कठिन है।

उमर अब्दुल्ला की राजनीति केवल अनुच्छेद 370 तक सीमित नहीं है। वे एक ऐसे नेता हैं जिन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों और राजनीतिक आकांक्षाओं के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। एक केंद्र शासित प्रदेश के नेता के रूप में उन्हें विकास, सुरक्षा और जनकल्याण के मुद्दों पर भी ध्यान देना होता है, जो उनके राजनीतिक एजेंडे को और जटिल बना देता है।

इस स्थिति में उनका हर कदम एक संदेश देता है चाहे वह विधानसभा में प्रस्ताव हो, सार्वजनिक बयान हो या फिर केंद्र के साथ संवाद। यही कारण है कि उनके हर राजनीतिक कदम को बारीकी से देखा और परखा जा रहा है।

यह बहस केवल एक व्यक्ति या एक पार्टी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र में क्षेत्रीय आकांक्षाओं और केंद्रीय नीतियों के बीच संतुलन की भी कहानी है। अनुच्छेद 370 का मुद्दा आज भी भावनात्मक, राजनीतिक और संवैधानिक स्तर पर उतना ही महत्वपूर्ण है जितना 2019 में था।

अंततः सवाल यह है कि क्या उमर अब्दुल्ला की यह चरणबद्ध रणनीति वास्तव में अनुच्छेद 370 की बहाली की दिशा में एक ठोस रास्ता साबित होगी, या यह केवल एक राजनीतिक पुनर्संतुलन है जो बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की कोशिश कर रहा है।

जवाब फिलहाल स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना तय है कि जम्मू-कश्मीर की राजनीति में यह मुद्दा आने वाले वर्षों तक केंद्र में बना रहेगा। ओमर अब्दुल्ला की भूमिका इस पूरी प्रक्रिया में निर्णायक हो सकती है, और उनकी रणनीति ही तय करेगी कि यह बहस किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

Tags: Article 370 debateArticle 370 restorationIndia politics newsKashmir special statusModi government KashmirNC partyOmar AbdullahPDP vs NC
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

INS अरिधमन लॉन्च की तैयारी: भारत की तीसरी परमाणु पनडुब्बी से बढ़ेगी समुद्री ताकत

अगली पोस्ट

सीबीएसई का बड़ा कदम: कक्षा 3 से 8 तक एआई और कंप्यूटेशनल थिंकिंग की पढ़ाई, भविष्य के डिजिटल भारत की तैयारी

संबंधित पोस्ट

कावागोए मस्जिद पर गिराए जाने का खतरा
चर्चित

कावागोए मस्जिद पर गिराए जाने का खतरा, जापान में कानूनी, सामाजिक और आव्रजन संबंधी बहस तेज

3 June 2026

जापान के कावागोए सिटी प्रशासन ने कहा है कि एक मस्जिद ऐसे क्षेत्र में बनाई गई है जहां विशेष अनुमति के बिना निर्माण कार्य की...

AC में गैस कम होने के ये संकेत
चर्चित

AC में गैस कम होने के ये संकेत बिल्कुल न करें नजर अंदाज, घर बैठे ऐसे पहचानें समस्या

3 June 2026

गर्मी का मौसम शुरू होते ही एयर कंडीशनर AC घर और ऑफिस की सबसे जरूरी जरूरत बन जाता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है...

रेस्टोरेंट में भीषण आग से 21 लोगों की मौत
चर्चित

दक्षिण दिल्ली के रेस्टोरेंट में भीषण आग से 21 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया

3 June 2026

दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में मंगलवार सुबह भीषण आग लगने से कम से कम 21 लोगों की मौत...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited