फिल्म पेड्डी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है, लेकिन इसके साथ ही इसे लेकर विवाद भी लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे ज्यादा आलोचना फिल्म में जान्हवी कपूर के किरदार अचियम्मा की प्रस्तुति को लेकर हो रही है। कई दर्शकों और समीक्षकों का कहना है कि फिल्म में कैमरे का फोकस बार-बार उनके शरीर पर रखा गया है, जिससे उनके किरदार की कहानी और व्यक्तित्व कमजोर पड़ जाता है। उनका मानना है कि इस तरह की प्रस्तुति महिला पात्र को केवल दृश्य आकर्षण तक सीमित कर देती है।
बिना सहमति वाले सीन पर बढ़ा विवाद
विवाद को और बढ़ाने वाला एक अन्य सीन वह है, जिसमें राम चरण का किरदार अचियम्मा को उसकी सहमति के बिना किस करता है और बाद में इसे प्यार का इज़हार बताया जाता है। इस दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई लोगों का कहना है कि फिल्मों में इस तरह के व्यवहार को रोमांस के रूप में दिखाना गलत संदेश देता है और ऐसे दृश्यों को सामान्य नहीं बनाया जाना चाहिए।
फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों ने रखी अपनी राय
बढ़ती आलोचना के बीच अभिनेता जगपति बाबू ने जान्हवी कपूर का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कलाकार निर्देशक की सोच और कहानी के अनुसार काम करते हैं और हर रचनात्मक फैसले के लिए केवल अभिनेता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने लोगों से फिल्म की आलोचना करने और कलाकारों को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने में अंतर समझने की अपील की।
वहीं, जया बच्चन ने अपने फिल्मी अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक बार ऐसी शूटिंग करने से इनकार कर दिया था, जिसमें उन्हें असहज महसूस हुआ। उनका कहना था कि कलाकारों को अपनी सीमाएं तय करनी चाहिए।
करीना कपूर खान ने कहा कि पर्दे पर आकर्षण दिखाने के लिए छोटे या खुलासे वाले कपड़ों की जरूरत नहीं होती। उनके अनुसार, अच्छा अभिनय और भावनात्मक अभिव्यक्ति ही किसी दृश्य को प्रभावशाली बनाती है।
कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म निर्माण एक सामूहिक प्रक्रिया है और यदि किसी अभिनेता को कोई दृश्य अनुचित लगे तो उसे अपनी आपत्ति जरूर रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश फिल्म निर्माता जानबूझकर महिलाओं का वस्तुकरण नहीं करना चाहते, बल्कि कई बार यह रचनात्मक प्रस्तुति का परिणाम होता है।
अभिनेत्री अनु अग्रवाल ने कहा कि कलाकारों को भूमिकाएं चुनते समय अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। उनके अनुसार, बदलाव तभी आएगा जब फिल्म निर्माता, अभिनेता और दर्शक सभी ऐसे कंटेंट को स्वीकार करने से बचें जो किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाता हो।
निर्देशक ने मांगी माफी
बढ़ते विवाद के बीच पेड्डी के निर्देशक ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं का अनादर करने का उनका कोई इरादा नहीं था और जिन हिस्सों पर आपत्ति जताई गई है, उन पर दोबारा विचार किया जाएगा।
हालांकि, माफी के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ है। यह मामला अब केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि भारतीय सिनेमा में महिलाओं की प्रस्तुति, रचनात्मक स्वतंत्रता और फिल्म निर्माताओं की जिम्मेदारी पर व्यापक बहस का विषय बन गया है।


































