असम में बाढ़ की स्थिति मंगलवार को और गंभीर हो गई। राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। सरकारी बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है, जबकि प्रभावित लोगों की संख्या लगभग चार गुना बढ़कर 37,000 से अधिक पहुंच गई है।
बाढ़ का असर मुख्य रूप से सोनितपुर, डिब्रुगढ़, लखीमपुर, धेमाजी, जोरहाट और शिवसागर जिलों में देखा जा रहा है। इन जिलों के कई गांवों और कस्बों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बड़ी संख्या में घर जलमग्न हो गए हैं और खेतों में खड़ी फसलें भी पानी में डूब गई हैं।
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन की टीमें नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रही हैं। कई राहत शिविर भी बनाए गए हैं, जहां प्रभावित परिवारों को भोजन, पीने का पानी और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में और बारिश होने की संभावना जताई है, जिससे बाढ़ की स्थिति और बिगड़ सकती है। अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
असम बाढ़ में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आती है। इस बार भी बढ़ते जलस्तर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सड़क संपर्क टूटने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और कृषि को हुए नुकसान से लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। राज्य सरकार ने स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए सभी जिलों के अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

































