कामरा या कचरा? कुणाल के कारनामों से यही प्रश्न उठता है
अपने चुटकुलों के लिए कम और अपनी बकवास के लिए अधिक चर्चाओं में रहने वाले कथित स्टैन्डअप कॉमेडियन कुणाल कामरा एक बार फिर ...
अपने चुटकुलों के लिए कम और अपनी बकवास के लिए अधिक चर्चाओं में रहने वाले कथित स्टैन्डअप कॉमेडियन कुणाल कामरा एक बार फिर ...
शासन शक्ति और सख्ती से चलता है, शासन के इसी शक्ति और सख्ती का प्रतीक बन चुका है बुलडोजर। पहले, दंगाई दंगा करते ...
लहर में लहर मोदी लहर! वर्ष 2014 के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी चुनावों को एक ही लहर के बूते पर जीतती ...
किसी ने ठीक ही कहा है, जब जागो तभी सवेरा। एक ओर चीन अपने ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ नीति के अंतर्गत एक के बाद ...
भारत मे रचनात्मक और सांस्कृतिक उद्योग तेजी से आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं के प्रमुख घटक बनते जा रहे हैं। विकास पर उनका प्रभाव आर्थिक और ...
भारतीय राजनीति के लिए यह बेहद दुखद है कि सरकारी संपत्ति को अपनी बपौती और पूरे देश को अपनी निजी संपत्ति समझा गया। ...
The oft spoken integration of the Northeast with 'Mainstream India' is now complete भारत के पूर्वोत्तर में स्थित राज्य अलगाववादी तत्वों और सेना ...
भारत को अंग्रेज़ों से मुक्ति दिलाने में स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान था न कि 1885 में बनी उस कांग्रेस पार्टी के नेताओं का, ...
मोदी सरकार ने भारत के हर एक विभाग और व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया है। ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जो मोदी ...
समय और परिस्थिति इंसान को उसके सभी वहमों से निजात दिला देती हैं। एक ऐसा ही वहम बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ...
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा शुरू की गई भुगतान सेवा प्रणाली RuPay का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष ...
एक कहावत है कि आपके कार्य आपके शब्दों से अधिक प्रभावी रूप से बताते हैं कि आप कैसे हैं। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र ...


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