TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक पकड़ाया

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक ने फर्जी पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की का किया अपहरण, भागने की कोशिश में यूपी पुलिस मुठभेड़ में लगी गोली

    पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन

    पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़े, जनता पर महंगाई की मार

    पहली हैंगोर पनडुब्बी

    PNS Hangor की लॉन्चिंग से बढ़ा पाकिस्तान का आत्मविश्वास, लेकिन असली चुनौती अभी बाकी है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक पकड़ाया

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक ने फर्जी पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की का किया अपहरण, भागने की कोशिश में यूपी पुलिस मुठभेड़ में लगी गोली

    पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन

    पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़े, जनता पर महंगाई की मार

    पहली हैंगोर पनडुब्बी

    PNS Hangor की लॉन्चिंग से बढ़ा पाकिस्तान का आत्मविश्वास, लेकिन असली चुनौती अभी बाकी है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

तो क्या सच में गांधीजी गौहत्या के समर्थक थे?

Ramesh Venkatraman द्वारा Ramesh Venkatraman
16 June 2017
in मत
गांधीजी गाय
Share on FacebookShare on X

यह लेख TheWire.in में छपे लेख ‘महात्मा गांधी ने भारत में बीफ पर प्रतिबंध लगाने वालों को क्या कहा’ के प्रतिक्रिया में लिखा गया है।

25 जुलाई 1947 को हुई प्रार्थना सभा से उद्धृत इस लेख ने महात्मा गांधी का भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को दिया गया जवाब संक्षेप में समाया है। प्रसाद बाबू ने गांधी को एक लाख से भी ज़्यादा प्रार्थनापत्र प्रदान किए, जिनमें गौवध पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गयी थी। अपने उत्तर में जहां गांधीजी ने हिन्दुओं के लिए गाय की पवित्रता का समर्थन किया, वहीं उन्होने यह भी कहा, की वो किसी को गायों की हत्या न करने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। उन्ही के शब्दों में, “मैं किसी को गौ हत्या न करने के लिए कैसे बाध्य कर सकता हूँ, अगर उसकी इच्छा न हो तो? ऐसा तो नहीं है की भारतीय संघ में में सिर्फ हिन्दू रहते हैं। मुसलमान, पारसी, ईसाई और अन्य धार्मिक समूह भी यहाँ रहते है।“

संबंधितपोस्ट

लंदन में गांधी की प्रतिमा का अपमान- कोई नई बात नही, पहले भी हो चुके कई हमले! गांधीविरोध की क्या है वजह?

थरूर ने कांग्रेस से मतभेदों को स्वीकारा, गांधी परिवार से वैचारिक दूरी के दिए संकेत

असहयोग आंदोलन गांधी की उपज नहीं थी

और लोड करें

यद्यपि ये सच है की गांधीजी गौहत्या के विषय पर ऐसी सोच रखते थे, पर इस बात पर भी गौर करने लायक है की वे आजीवन गौ रक्षा पर भी अपने मुखर विचार रखते थे, जिसमें वे भारत के हिन्दुओं को गौ रक्षा और गौ सेवा का आवाहन देते थे, और इसे उनकी सबसे पवित्र कर्तव्य की संज्ञा भी देते थे।

विकल्प की स्वतन्त्रता और कट्टर लोकतान्त्रिक सोच रखने वाले गांधी ने भले ही गौहत्या और उसके प्रतिबंध पर अपने निजी विचार सामने रखने में हिचकिचाये हों, पर इसे ज़रूर समझना चाहिए की गांधीजी गौरक्षा के मुखर समर्थक थे। उनका तरीका शायद आदर्शवादी है, वो अपने विचार किसी पर थोप नहीं सकते थे, पर इसका अर्थ कदापि नहीं की वे गौ हत्या का समर्थन करते थे। गांधीजी को पूर्ण विश्वास था की वे देश के मुसलमानों को गौहत्या छोडने पर विवश कर देंगे, क्योंकि उनके विचार में अगर एक मुसलमान एक गाय की हत्या करे, तो वो अपने देशवासी की हत्या करने समान होगा, जो यकीनन हिन्दू होता।

ये आवश्यक है की विरोध के नाम पर दिनदहाड़े एक मासूम गाय की निर्ममता से हत्या करना गांधीजी के विचार में क्या होता। वे तो इस घटना पर हम आम हिंदुस्तानियों से ज़्यादा आहत होते, क्योंकि ये उनके प्रिय सिद्धान्त – अहिंसा के विरुद्ध खड़ा होता।

द वायर, एनडीटीवी जैसे कुछ कथित पत्रकार संस्थान जहां अपने हर कुकृत्य को छुपाने के लिए गांधीजी के सिद्धांतों की दुहाई देते हैं, वहीं गांधीजी का यह बयान उनके झूठ का पर्दाफाश करने के लिए काफी है।

उनके विचार में:- ‘गाय का वध करने के लिए धार्मिक रूप से मुसलमान बिलकुल भी प्रतिबद्ध नहीं है।“ इसी विषय पर लिखते हुये उन्होने बताया, “……जहां तक मैंने कुरान को समझा है, वो बिना मक़सद किसी भी जीवित प्राणी के प्राण लेने को पाप सिद्ध करता है। मैं अपनी क्षमता में मुसलमानों को यह समझाना चाहता हूँ की गाय ही हत्या अपने ही देशवासियों, भ्राता समान हिन्दुओं की हत्या करने समान होगा। कुरान कहता है की किसी बेगुनाह पड़ोसी की हत्या करने से जन्नत कभी नसीब होगी।‘ ये अलग बात है की कततारपंथी मुसलमानों ने उनके नसीहत को कभी नहीं समझा।

युवा भारत [YOUNG INDIA] में लिखते हुये गांधीजी ने गौ रक्षा के महत्व में यह कहा था:-

हिन्दू धर्म का केन्द्रीय तत्व है गौ रक्षा। मेरे लिए गौ रक्षा मानवता के विकास में सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं से है। ये मानव को अपने जाती से ऊपर उठाती है। मेरे लिए गाय का तात्पर्य सम्पूर्ण उप मानव दुनिया से है। ……..मुझे समझ में आता है की गाय का ही गुणगान के लिए क्यूँ चुनाव हुआ। भारत में सबसे सच्चा साथी है गाय। वो कामधेनु है, अर्थात सब कुछ देने वाली। न सिर्फ वो दूध देती है, अपितु कृषि उत्पादन में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

गौ रक्षा विश्व को हिन्दू धर्म का उपहार है। और जब तक हिन्दू गाय की रक्षा करेंगे, तब तक हिन्दू धर्म रहेगा। हिन्दुओं को उनके तिलक या मंत्रोच्चारण से नहीं, न ही उनके तीर्थयात्राओं से, न ही उनके जाती प्रथा के अनुष्ठान से, बल्कि उनके गाय की रक्षा करने की तत्परता करने से परखा जाएगा।“ इससे पढ़कर तो हमारे बुद्धिजीवियों के छाती पर पक्का साँप लोटेगा।

1927 में युवा भारत के संस्कारण में दोबारा से इस विषय पर गांधीजी ने अपने विचार लिखे। उनके छह बिन्दु रेखांकित किए, जो गौहत्या के प्रश्न को आर्थिक रूप से असंभव सिद्ध करेगा, जबकि दुनिया के समस्त जगहों में हिन्दुओं का पवित्र पशु ही बदकिस्मती से काटे जाएंगे।“ कुछ निम्नलिखित बिन्दु है, जो इस विषय में गांधीजी के विचारों पर प्रकाश डालते हैं:-
राज्य को खुले बाज़ार में नीलामी पे लगी गाय को खरीदने के लिए बाकी विक्रेताओं से ज़्यादा ऊंची बोली लगानी पड़ेगी।

हर मुख्य शहर में राज्य को डेरी खुलवानी चाहिए, जिससे निरंतर दूध की एक उचित, और सस्ती आपूर्ति मिल जाये।
राज्य को टेनरियाँ चलनी चाहिए, जहां मृत मवेशियों के खाल और हड्डी का उचित इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
राज्य को आदर्श मवेशी फार्म का निर्माण करना चाहिए और लोगों को गायों के लालन पालन के दिशा निर्देश देने चाहिए।
चारा योग्य भूमि के लिए राज्य को उचित व्यवस्था करनी चाहिए और विश्व के उच्चतम विशेषज्ञों को बुलाकर गौपालन के विज्ञान की दीक्षा आम लोगों को देनी चाहिए।

इस उद्देश्य के लिए एक अलग विभाग होना चाहिए, और इस विभाग से कोई भी मुनाफा नहीं बनना चाहिए, जिससे लोगों को गाय के विभिन्न नस्लों में हो रहे सुधारों, और उससे संबन्धित मसलों का भरपूर फायदा मिले

“पूर्वगामी योजना में राज्य को समस्त बूढ़े, रोगी एवं दिव्याङ्ग गायों का पालन करना चाहिए। निश्चय ही ये काफी भारी बोझ हो सकता है, पर इस बोझ को सारे राज्य, विशेषकर हिन्दू राज्य को सहर्ष उठाना चाहिए।“

दिसम्बर 1927 में गठित काँग्रेस के मद्रास में वार्षिक सम्मेलन में पार्टी ने यह घोषणा की गांधीजी ने हिन्दू मुस्लिम एकता के एक ड्राफ्ट प्रोपोसल को महज सरसरी निगाह में ही पारित करा दिया। इसमें एक पंक्ति थी, जहां ये लिखा हुआ था:-
“………मुसलमानों को गौहत्या का अधिकार दिया जाएगा और गौरक्षा के सवाल पर लगाम लगेगी……” गांधीजी को जब सच्चाई पता लगी, तो हड्बड़ाकर बीच रात में उठकर उन्होने कहा:-

“मैंने एक घोर अपराध किया है। मैंने ड्राफ्ट को ठीक से नहीं पढ़ा। पर अभी रात को मुझे याद आया की यह ड्राफ्ट मुसलमानों को गाय काटने की आधारिक अनुमति देती है। मैं इसे कैसे सह सकता हूँ? अगर वो गायों का वध करेंगे, तो हम उन्हे ज़बरदस्ती नहीं रोक सकते, यह सत्या है, पर हम उनका विश्वास तो जीत सकते है प्रेम और श्रद्धा से और अपनी बात समझा सकते हैं। स्वराज के विजय के लिए मैं अपने गौरक्षा का सिद्धान्त कदापि नहीं त्यागूंगा। जाओ, कह दो इन लोगों से, की मैं इस समझौते से सहमत नहीं हूँ। चाहे कुछ भी हो, मैं गौहत्या का हिस्सा नहीं बनूँगा।“

यहाँ हालांकि कोई भी गांधीजी के गौहत्या पर आधिकारिक रोक के विरोध से मुंह नहीं मोड़ रहा है, पर दुनिया को हम ये भी बताना चाहते हैं, की निजी तौर पर गांधीजी गाय को पवित्र मानते थे, और चाहते थे की इसकी हत्या को रोका जाये। पर अगर ये बात सबकी समझ में आए, तो देश को तोड़ने वालों की दुकान कैसे चलेगी?

इस लेख का उद्देश्य गौहत्या पर प्रतिबंध लगाने या ‘बीफ बैन’ लगाने से बिलकुल नहीं है, बस ये दिखाने के लिए हैं की गांधीजी के गाय और उसकी हत्या पर उनके विचार एक चश्मे से कदापि न देखें। एक सुलझी हुई समीक्षा से ये साबित होता है की वे गौरक्षा और उसके वध के विरोध में अपने मुखर विचार रखते हैं। उनका तरीका आज के हिसाब से हास्यास्पद लग सकता है, पर गांधीजी, दोनों इंसान और हिन्दू होने के नाते इस बात में विश्वास रखते थे की गाय की रक्षा अवश्य करनी चाहिए और उसके लिए वे एक ऐसे तरीके की खोज कर रहे थे, जिससे उनके प्रभुत्व और उनके सद्भाव से ही मुसलमानों गौ हत्या के पाप को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हो जाएँ। अफसोस, ये न हो सका।

संदर्भ:

  1. Available at: Link 1 Last Accessed: June 7, 2017
  2. Available at: Link 2. Last accessed: June 7, 2017
  3. A Review of “Beef in ancient India” Gita Press; 1971: “Gandhiji’s Sound Advice”
  4. A Review of “Beef in ancient India” Gita Press; 1971: “No compromise on cow-slaughter with Muslim league by Mahatma Gandhi” Glimpse No: 78 from the stray glimpses of Bapu” (Second edition, August 1960); Kakasaheb Kalelkar, published by Navjivan Publishing House, Ahmedabad 14.)
Tags: गाँधीगायगौरक्षागौहत्या
शेयर7ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

ओडिशा में बीजेपी की बल्ले बल्ले, एक कद्दावर नेता की एंट्री लगभग तय

अगली पोस्ट

हांक हांक कर ठोंका लश्कर कमांडर जुनैद मट्टू को भारतीय सेना नें

संबंधित पोस्ट

बंगाल में बारूद और बैलेट की जंग: पनिहाटी से भवानीपुर तक हिंसा, तोड़फोड़ और ‘EVM’ पर संग्राम; लोकतंत्र के महापर्व में मची भारी चीख-पुकार
मत

बंगाल में बारूद और बैलेट की जंग: पनिहाटी से भवानीपुर तक हिंसा, तोड़फोड़ और ‘EVM’ पर संग्राम; लोकतंत्र के महापर्व में मची भारी चीख-पुकार

29 April 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का अंतिम और निर्णायक चरण बुधवार को लोकतंत्र के उत्सव से कहीं अधिक 'रणक्षेत्र' जैसा नजर आया। नादिया की शांत गलियों...

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा
चर्चित

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा

24 April 2026

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 24 अप्रैल 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए मतदान ने...

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
चर्चित

क्या ‘युवा संकल्प’ बदलेगा बंगाल का भविष्य ? असंतोष…संभावनाएँ और परिवर्तन की दस्तक !

21 April 2026

बंगाल की माटी में बदलाव की चाह कोई अचानक उठी हुई लहर नहीं है, यह एक लंबे समय से संचित असंतोष, आकांक्षा और संभावनाओं का...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited