TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर-काण्ड के लिए खरी-खोटी सुना ली? अब पूरी कथा पढ़िए

Shailabh Nandan Sharma द्वारा Shailabh Nandan Sharma
14 August 2017
in मत
योगी आदित्यनाथ गोरखपुर इंसेफ्लाइटिस
Share on FacebookShare on X

इस लेख का पूरा विश्लेषण हमारे अंग्रेजी लेख “Done blaming Yogi Adityanath for the Gorakhpur Tragedy? Now read the Full Story” में आप पढ़ सकते हैं जहाँ इस जापानी इंसेफ्लाइटिस बीमारी के इतिहास और योगी आदित्यनाथ के प्रयास को पूरे विस्तार से बताया गया है

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि जिन परिस्थितियों में योगी आदित्यनाथ ने देश के सबसे बड़े सूबे के मुख्य-सेवक के रूप में कमान संभाली थी , उस समय प्रदेश अत्यंत जर्जर अवस्था में था । सामाजिक रूप से, आर्थिक रूप से , प्रशासनिक रूप से , शिक्षा एवम् स्वास्थ्य की सुविधाओं की दृष्टि से और यह कल्पना करना कि चंद महीनों की अवधि में योगी जी प्रदेश की हर समस्या का निदान कर देंगे , यह किसी भी प्रकार से तर्क-संगत नहीं है।

लेकिन जो कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की परिणति हुई है , विशेषकर जो गोरखपुर के बाबा राघव दास चिकित्सा महाविद्यालय एवम् अस्पताल में करीब 60 बच्चों और नवजात शिशुओं की मृत्यु हुई है , जिसमें अब योगी सरकार की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं , मुख्यमंत्री जी को शीघ्रातिशीघ्र उच्च स्तरीय जांच संपन्न करवा के सभी संबंधित विभागों , संस्थाओं तथा व्यक्तियों की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कठोरता से कार्रवाई कर के प्रदेश की प्राचीन सुस्त एवम् लापरवाह स्वास्थ्य व्यवस्था को एक कड़ा सन्देश देना चाहिए चाहे वो अस्पताल प्रशासन हो , ऑक्सीजन आपूर्त्ति कर्त्ता ठेकेदार हो , या फिर प्रदेश सरकार का स्वास्थ्य विभाग , किसी को बख्शा नहीं जाना चाहिए ।

संबंधितपोस्ट

सीएम योगी का बड़ा तोहफा: पाकिस्तान से आए 1645 विस्थापित परिवारों को आज यूपी में मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

सीएम योगी की मां पर विवादित बयान, मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ 84 थानों में FIR दर्ज

मुंबई में बीजेपी की जीत ….जानें क्यों उद्धव और राज ठाकरे हुए पीछे

और लोड करें

जैसी जानकारियां सामने आ रही हैं कि गोरखपुर क्षेत्र में दर्जनों मासूम बच्चे कई दशकों से प्रति वर्ष जापानी इंसेफ्लाइटिस तथा सामान्य इंसेफ्लाइटिस के शिकार हो कर अपनी जान गवां देते हैं लेकिन बावजूद इसके पूर्व की सरकारों ने इस महामारी जैसी गंभीर समस्या से बच्चों की जान बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये । आँकड़ों के अनुसार 1978 में भारत में जापानी बुखार का पहला मामला सामने आया था और तब से लेकर अब तक कुल 40000 मामले सामने आ चुके हैं और करीब 14000 ज़िंदगियाँ इस बीमारी का शिकार हो चुकी हैं । जापानी इंसेफ्लाइटिस का प्रभाव मुख्यतः पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और गोरखपुर के आस-पास के इलाकों तक ही सीमित रहा है । और BRD अस्पताल में वर्षों से फैली हुई गन्दगी के कारण हमेशा ही कम उम्र के रोगियों में इंफेक्शन फैलने का संकट मंडराता रहता था , गत वर्ष 2016 में BRD अस्पताल में करीब 200 मरीजों की इंसेफ्लाइटिस की वज़ह से मृत्यु हुई थी लेकिन ना ही अस्पताल प्रशासन ने और ना ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कभी इस विषय में संज्ञान लिया ।

इस बात का अंदाज़ा स्पष्ट रूप से लगाया जा सकता है कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था कितने लचर स्तर पर कार्यरत होगी विगत दो दशकों से । हालांकि सरकार गठन के तत्काल प्रभाव से ही मुख्यमंत्री योगी जी ने इस समस्या पर नज़र रखी हुई थी तथा इससे निपटने के लिए जरुरी इंतज़ामात तथा सुविधाएं मुहैया करवाने की दिशा में कार्य कर रहे थे ।

इस से पूर्व भी अपने सांसद के पद के कार्यकाल के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कई बार लोकसभा में अपने संसदीय क्षेत्र में इस प्रकर की भीषण बीमारी तथा उसकी गंभीरता से अवगत कराते हुए जापानी बुखार को महामारी घोषित कर के केंद्र सरकार से मदद का आग्रह किया , लेकिन कभी भी ना तो केंद्र सरकार के कानों पर जूं रेंगी और ना ही तथाकथित सेक्युलर पार्टियों वाले राज्य सरकार पर।

और मीडिया को तो जैसे यह मामला टीवी पर दिखाने के लायक नहीं लगा लेकिन चूँकि अब भाजपा की सरकार है तो उसी समस्या की सारी ज़िम्मेदारी मुख्यमंत्री योगी जी पर थोपने का प्रयास किया जा रहा है।

https://www.youtube.com/watch?v=Zhg9dd9nr8M

हमारे लिए यह भी जानना आवश्यक है कि 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ग्रसित करने वाली जापानी इंसेफ्लाइटिस की बीमारी के इलाज़ के लिए कोई रामबाण दवा उपलब्ध नहीं है । मुख्य रूप से मस्तिष्क के क्रियाकलापों पर विपरीत असर डालने वाली इस बीमारी से ग्रसित होने के पश्चात अस्पताल तथा चिकित्सक ज्यादा से ज्यादा मरीज़ को जीवन-रक्षक प्रणालियों (वेंटिलेटर तथा ऑक्सीजन सिलिंडरों द्वारा कृत्रिम श्वास ) के द्वारा रोग के प्रभाव तथा लक्षणों को न्यूनतम करने का प्रयास करते हैं । अगर मरीज़ बीमारी से ठीक भी हो जाता है तो अधिकतर मामलों में उनके सोचने समझने की शक्ति हमेशा के लिए क्षीण हो जाती है । हालांकि इस बीमारी की रोकथाम के लिए चीन में निर्मित टीके का प्रयोग किया जाता रहा है ,बाद में वर्ष 2013 में भारत ने स्वदेशी निर्मित टीके में भी सफलता हासिल की । और मुख्यमंत्री बनने के पहले तीन महीनों में ही योगी जी ने 88 लाख बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया था ।

लेकिन इसके बावजूद भी आज जो हृदयविदारक घटना घटित हुई है , इसमें तीसरा पक्ष है अस्पताल में ऑक्सीजन आपूर्त्ति की ठेकेदार कंपनी पुष्पा सेल्स जिसने 1 अगस्त को अस्पताल प्रबंधन को यह सूचना दी थी कि उनकी कंपनी का अस्पताल पर 65 लाख रूपये का बकाया है , अगर बकाया राशि का भुगतान शीघ्र नहीं किया गया तो उनकी तरफ से अस्पताल को ऑक्सीजन की आपूर्त्ति रोक दी जाएगी । सरकार का कहना है कि अस्पताल की तरफ से सुचना मिलते ही 5 अगस्त को अस्पताल के खाते में राशि जमा कर दी गयी थी लेकिन उसके बाद ठेकेदार कंपनी को राशि भुगतान 11 तारीख को हुई और उन्होंने 10 अगस्त की रात को ही ऑक्सीजन की आपूर्त्ति रोक दी जिसकी वजह से यह दर्दनाक परिणाम सामने आया।

ये कहना कि इस घटना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ या सरकार की तरफ से बदइंतजामी जिम्मेदार है , पूरी तरह सही नहीं है, क्योंकि पूर्वी उत्तर प्रदेश विशेषकर गोरखपुर में इंसेफ्लाइटिस के कहर से लगभग दो दशकों से अनेकों मासूम बच्चे अपनी जान गंवाते आये हैं लेकिन फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है , और नवनिर्मित सरकार से यह अपेक्षा करना कि वह कुछ महीनों में प्रदेश को समस्या मुक्त बना दे , यह ठीक नहीं है।

समस्या की गंभीरता व संवेदनशीलता को समझते हुए दो दिन पूर्व ही स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उस क्षेत्र तथा अस्पताल का दौरा कर के वहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्था , सुविधाओं तथा साफ़-सफाई का जायज़ा लिया था और अधिकारियों को सख़्त निर्देश दिया था कि किसी प्रकार की लापरवाही होने पर कठोर कार्रवाई की जायेगी ।

लेकिन उसके दो दिन पश्चात ही इस प्रकार की घटना होने पर एक जिम्मेदार सरकार के जिम्मेदार मुख्यमंत्री होने का परिचय देते हुए उन्हें तीव्र जांच करके दोषियों को दंडित करना चाहिए। यह घटना स्पष्ट रूप से यूपी के कर्मचारियों की अकर्मण्यता , लापरवाह रवैये और असंवेदनशीलता को प्रदर्शित करती है जो उन्होंने पिछले सरकारों के कार्यकाल के दौरान अपनी प्रवृत्ति बना ली है , सभी कर्मचारियों को एक संदेश देना आवश्यक है ।

आपूर्ति विभाग के डॉक्टर कफ़ील अहमद खान को निलंबित करना एक सराहनीय कदम है, साथ ही साथ अस्पताल और कॉलेज के प्राचार्य को निलंबित किया गया है , लेकिन ऑक्सीजन आपूर्त्ति कंपनी की तरफ से आपूर्त्ति रोकने की चेतावनी के बाद और सरकार की तरफ से राशि आवंटित करने के बाद भी राशि के भुगतान में विलम्ब के लिए प्रचार्य तथा अन्य संबंधित महाविद्यालय पदाधिकारियों के ऊपर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ।

इसके अलावा पुष्पा सेल्स कंपनी जिन्होंने मामले की गंभीरता के बावजूद असंवेदनशील तरीके से ऑक्सीजन आपूर्त्ति बाधित करके अनेक बच्चों की ज़िंदगियाँ निगल ली , उनके ऊपर कार्रवाई करके उनका लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिए । अगर राशि के भुगतान में 2-3 दिन का विलम्ब होता है तो ऑक्सीजन आपूर्त्ति अवरुद्ध करना उस कंपनी के मालिकों की मानवीय संवेदनाओं के प्रति निष्ठुरता का स्पष्ट प्रमाण है यह जानते हुए भी कि मरीजों के लिए ऑक्सीजन जीवनदायक है , उनके ऊपर आपराधिक मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई होनी चाहिए ।

Tags: एनसेफलाइटिसकफ़ील अहमदगोरखपुरयोगी आदित्यनाथ
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

गोरखपुर-काण्ड में मसीहा बने डॉ कफ़ील अहमद का नाम तो सुना ही होगा? सच्चाई अब सामने आई है

अगली पोस्ट

प्रधानमंत्री मोदी ने निर्धारित किया महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस के लिए नया रोल

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20

What's Really Behind Xinjiang's Global Supply Chains?

00:03:26
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited