TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सुब्रमनियन स्वामी ने की जेएनयू की जबरदस्त खिंचाई

Apurv Agrawal द्वारा Apurv Agrawal
11 December 2017
in मत
जेएनयू सुब्रमनियन स्वामी
Share on FacebookShare on X

जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय के एक छात्रसंघ विवेकानंद विचार मंच द्वारा सुब्रमनियन स्वामी को बाबरी मस्जिद विध्वंस की २५वीं सालगिरह के अवसर पर ‘व्हाई राम मंदिर इन अयोध्या?’(अयोध्या में राम मंदिर क्यों?) नामक विषय पर भाषण देने के लिए बुलाया गया था। ये कार्यक्रम ६ दिसम्बर, शाम ९ बजकर ३० मिनट पर कोयना मेस में शुरू होना था।

 

संबंधितपोस्ट

जेएनयू परिसर में फिर हुई हिंसक झड़प, छात्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ी

DUSU चुनाव 2025: Gen Z ने अपने वोट से दिया राष्ट्रवाद का संदेश

बंगाल का JNU कहे जाने वाले जादवपुर यूनिवर्सिटी में की गई आजाद कश्मीर और फ्री फिलिस्तीन की पेंटिंग; वामपंथी छात्र संगठन PDSF के खिलाफ दर्ज हुई FIR

और लोड करें

jnu subramanian swamy जेएनयू सुब्रमनियन स्वामी

आयोजकों को इस कार्यक्रम की अनुमति कई दिनों पहले २७ नवम्बर को ही दी जा चुकी थी। हालाँकि जेएनयू प्रशासन ने आयोजकों को कुछ भी कहने सुनने का समय न देते हुए ६ दिसम्बर, शाम ४ बजे कार्यक्रम को एकाएक निरस्त कर दिया।

प्रशासन ने एक सूचना देते हुए कहा कि “प्राशासन ने ये निर्णय लिया है कि ६/१२/२०१७ को जेएनयू के कोयना छात्रावास में कोई भी चर्चा नहीं होगी। इस वज़ह से “अयोध्या में राम मंदिर क्यों” विषय पर कोयना हॉस्टल में होने जा रही चर्चा का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है।”

jnu subramanian swamy जेएनयू सुब्रमनियन स्वामी

राष्ट्रवाद विरोधी और अलगाववाद-समर्थकों के साथ जेएनयू का प्रेम

जेएनयू ने उदारवादी रवैया अपनाते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर परिसर के अन्दर राष्ट्र विरोधी नारेबाजी होने दी और ९ फरवरी २०१६ को आतंकवादी अफज़ल गुरु की फांसी और ब्राह्मणों के खिलाफ एक कार्यक्रम आयोजित होने दिया जहाँ राष्ट्र विरोधियों के एक झुण्ड ने चीख चीख कर देश विरोधी नारे लगाये।

 

jnu subramanian swamy जेएनयू सुब्रमनियन स्वामी

 

भारत के पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक डॉ. के.के. मुहम्मद ने ये दावा किया था कि जेएनयू से सम्बंधित इतिहासकारों ने राम जन्मभूमि मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान नहीं निकलने दिया।

जेएनयू से सम्बद्ध तीन प्रोफेसर रोमिला थापर, बिपिन चंद्रा और एस. गोपाल ने तर्क दिया कि १९वीं शताब्दी के पहले मंदिर को ढहाने का कहीं कोई उल्लेख नहीं था। श्री राम जन्मभूमि के पक्ष में अगणित ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्यों के बावजूद भी ये तर्क-दोष उत्पन्न किया गया।

कुछ इतिहासकार जो बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी में शामिल थे, जैसे इरफ़ान हबीब, आर.एस. शर्मा, अथर अली, डी.एन. झा और सूरज भान इत्यादि लोग भी जेएनयू ब्रिगेड के झूठे दावों के साथ हो लिए।

जेएनयू की प्रसिद्द असहिष्णुता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राम मंदिर पर एक साधारण कार्यक्रम से इतना डर?

डॉ. स्वामी ने कल एक साक्षात्कार में बताया कि जेएनयू ने वामपंथी विचारधारा का अपनी ही परिभाषा निकाली है, और उन्होंने पूछा कि क्यों जेएनयू एक साधारण सा भाषण बर्दाश्त नही कर सकता जबकि ये संस्थान अभिव्यक्ति की आज़ादी का बहुत बड़ा समर्थक रहा है।

डॉ. सुब्रमनियन स्वामी, जिन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर रखी है, हार्वर्ड में सह-प्राध्यापक के रूप में कार्य किया है, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में २२ वर्षों तक गणितीय अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रहे हैं, विश्व के किसी भी विश्वविद्यालय के लिए उनके जैसे प्रवक्ता की मेजबानी करना ख़ुशी की बात होगी।

सुब्रमनियन स्वामी ने अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण को लेकर अपनी पुस्तक ‘रिबिल्डिंग राम मंदिर इन अयोध्या’ में बड़े पैमाने पर अपने विचार व्यक्त किए हैं जिसमें उन्होंने भारतीय संविधान, कानून, पुरातात्विक सर्वेक्षणों और इतिहास से तथ्यों का हवाला दिया है इसके उलट वामपंथियों ने अपनी मलिन विचारधारा जनित भावनाओं के अनुरुप बहस करना जारी रखा है।

जेएनयू ने प्रकाश करात के कार्यक्रम को भी रद्द करके अच्छी चाल चली

उसी दिन सीपीआई (एम) नेता, प्रकाश करात को जेएनयू के छात्र संघ द्वारा आयोजित कर्यक्रम ‘रिक्लेमिंग द रिपब्लिक’ पर एक भाषण देना था। इस कार्यक्रम के लिए लगाये गये पोस्टरों में “डिमांड फॉर जस्टिस अगेंस्ट बाबरी मस्जिद डेमोलिशन”(बाबरी मस्जिद विध्वंस के खिलाफ न्याय की मांग) साफ़ साफ़ लिखा हुआ था।

jnu subramanian swamy जेएनयू सुब्रमनियन स्वामी

जेएनयू छात्र संघ की सदस्य सिमोन जोया खान ने सीएनएन-न्यूज़ 18 को बताया कि उनके पास करात का भाषण करवाने के लिए उचित अनुमति थी। डॉ. स्वामी के कार्यक्रम के आयोजकों ने प्रशासन से मिलने का प्रयास किया, इसी बीच मीडिया और सोशल मीडिया दोनों ही डॉ. स्वामी के भाषण के रद्द होने की वज़ह से भड़क गये।

‘रिक्लेमिंग द रिपब्लिक’ के प्रवक्ताओं का विवरण :

प्रकाश करात: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), जेएनयू के पूर्व छात्र

कविता कृष्णन: अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संघ (एआईपीडब्ल्यूए) की सचिव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (माकपा-एमएल) के मासिक प्रकाशन ‘लिबरेशन’ की संपादक, जेएनयू की भूतपूर्व छात्रा

प्रोफेसर जयती घोष: जेएनयू के स्कूल ऑफ़ सोशल साइंसेज़ में ‘इकोनॉमिक्स एट द सेंटर फॉर इकनोमिक स्टडीज़ एंड प्लानिंग’ की प्रोफेसर

अल्बीना शकील: भूतपूर्व जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष

बाद में प्रशासन ने ‘सांप्रदायिक सद्भावना और शांति’ का हवाला देते हुए परिसर में दोनों ही कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया।

करात द्वारा सहानुभूति प्राप्त करने के लिए उठाया गया कदम

जेएनयू के द्वारा इस कार्यक्रम को निरस्त कर दिए जाने के कारण करात की आखिरी साँसे गिनती राजनीति को एक झटका लगा और उनके कभी कभार ही लोक प्रसिद्धि में आने का अवसर भी नष्ट हो गया।

करात ने कहा कि विश्वविद्यालय ने १६वीं शताब्दी की मस्जिद के विध्वंस की बरसी के मौके पर भाषण की अनुमति न देकर एक बहुत ही अलोकतांत्रिक कदम उठाया है।

करात ने कहा कि “चर्चाओं की अनुमति न देना जेएनयू की परम्पराओं के बिलकुल खिलाफ है।”

सुब्रमनियन स्वामी जेएनयू प्रशासन की चुटकी ली और दावा किया कि उन्होंने जेएनयू प्रशासन को अपने तथ्यों से चुप करा दिया है

डॉ. स्वामी एक दिन पहले ही राम मंदिर मामले में पेश हुए थे और कपिल सिब्बल के सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील न होने के दावे को उधेड़ के रख दिया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश की एक प्रतिलिपि को प्रस्तुत किया जिसमें सिब्बल के वक्फ बोर्ड का वकील होने का स्पष्ट उल्लेख था। वे कार्यक्रम के रद्द होने पर हँसे और एक टीवी पर साक्षात्कार में कहा कि उनके पास करने के लिए बहुत सारे बेहतर काम हैं।

क्या जेएनयू सुब्रमनियन स्वामी से डर गया था?

सुब्रमनियन स्वामी की 2G, नेशनल हेराल्ड और जयललिता जैसे राजनेताओं के भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार लड़ाई जेएनयू के वामपंथियों को भीतर तक डरा देने के लिए पर्याप्त थी। स्वामी उस मतवाले सांड की तरह हैं जो अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को ध्वस्त कर देते हैं। जेएनयू को डर था कि वे परिसर के अन्दर बैठे गुप्त रामभक्तों को उत्साहित भी कर सकते थे।

सुब्रमनियन स्वामी कोई भाषण दिए बिना भी एक विजेता की तरह उभर कर सामने आये जबकि करात परास्त होकर बाहर आये

यदि ये कार्यक्रम हुआ होता तो मीडिया और सोशल मीडिया दोनों में इसे खूब जगह मिलती लेकिन इस पर जेएनयू के विरोध ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के इनके खुद के ही समर्थन को ध्वस्त कर दिया और ‘राम मंदिर निर्माण’ को इस कार्यक्रम से भी ज्यादा लोकप्रियता दिलवाई।

सुब्रमनियन स्वामी, ने बड़े मखौल भरे अंदाज़ में एक गाने का यूट्यूब लिंक ट्वीट करके जेएनयू प्रशासन को अपने निशाने पर लिया। उस गाने के बोल थे ‘मस्जिद कहीं और बनाओ ये राम लला का डेरा है’ और विश्वविद्यालय को ये सुझाव भी दिया की इस गाने को रोज़ परिसर में बजाया करें।jnu subramanian swamy जेएनयू सुब्रमनियन स्वामी

Tags: जेएनयूसुब्रमनियन स्वामी
शेयर554ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

शबाना आज़मी के प्रपंच को ध्वस्त करने के लिए कंगना राणावत को बधाई देनी चाहिए

अगली पोस्ट

श्रीनगर में लाल चौक पर शिवसेना ने सफलतापूर्वक फहराया तिरंगा

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20

What's Really Behind Xinjiang's Global Supply Chains?

00:03:26

IRAN HITS UAE OIL TANKERS

00:03:28

THE CAMPS AFTER URUMQI

00:03:51
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited