TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अगर इस बार भी बीजेपी पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा को देती टिकट तो पार्टी को देखना पड़ता हार का मुंह

TFI Desk द्वारा TFI Desk
23 March 2019
in मत
शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब बीजेपी

PC: Jansatta

Share on FacebookShare on X

बिहार के पटना साहिब से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने का जो काम किया है, वह उनके राजनीतिक भविष्य के लिए घातक साबित होने वाला है। शत्रुघ्न सिन्हा लंबे समय से नकारात्मक राजनीति करते आ रहे हैं। पहले माना गया था कि, कोई मंत्री पद नहीं मिलने या पार्टी में कोई उच्च पद नहीं मिलने से वे निराश थे। अफवाहें तो यह भी थीं कि, उन्होंने यह भी सोचा था कि उन्हें बिहार चुनाव में भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया जाएगा। शायद वो भूल गए थे कि, मंत्री पद पाने के लिए कोई योग्यता भी होनी चाहिए, सिर्फ एक्टर होना ही पर्याप्त नहीं होता। गौरतलब है कि वाजपेयी सरकार के समय केंद्रीय मंत्रिमंडल के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री के रूप में उनका प्रदर्शन काफी चिंताजनक रहा था। हर समय फिल्मी अंदाज में रहने वाले सिन्हा ने नकारात्मक राजनीति के अलावा जनता के लिए क्या किया है, आइए जानने की कोशिश करते हैं।

साल 2014 के बाद से ही शत्रुघ्न सिन्हा या तो टीवी पर दिखाई देते रहे और या फिर मीडिया के सामने आकर फिल्मी अंदाज में नकारात्मक बयानबाजी करते रहे। विपक्षियों के बीच अपनी ही पार्टी की बुराई करना इस 5 साल के कार्यकाल में उनका मुख्य शगल रहा। विपक्षी पार्टियों की सभाओं में भाषण देना, उनके एजेंडे को सपोर्ट करना, यह ही उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में किया है। वे कहते हैं कि, वे जनता के प्रति जवाबदेह हैं ना कि भाजपा नेताओं के प्रति। अब जनता उनसे पूछना चाहती है कि, पिछले 5 सालों में पार्टी, समाज और मतदाताओँ के लिए उनका क्या योगदान रहा है। क्या वे संसद सदस्य के रूप में 5 साल के अपने योगदान और प्रदर्शन की बैलेंस शीट तैयार कर सकते हैं? क्या वे ऐसा करने की हिम्मत रखते हैं? हमें पता है कि वे नहीं बता पाएंगे तो आइए हम बताते हैं कि, एक लोकसभा सांसद के रूप में उनका 5 साल का कार्यकाल कैसा रहा।

संबंधितपोस्ट

बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

मेलोडी पर पवन खेड़ा का तंज, पीएम मोदी- मेलोनी की दोस्ती पर क्यों गरमाई सियासत?

और लोड करें

शत्रुघ्न सिन्हा के पिछले 5 साल के सांसद कार्यकाल की बात करें तो इसमें वे अव्व्ल आए हैं। जी हां, लेकिन वे अव्वल ऊपर से नहीं बल्कि नीचे से आए हैं। पीआरएस इंडिया की वेबसाइट के अनुसार शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने कार्यकाल में संसद की किसी भी डिबेट में हिस्सा नहीं लिया जबकि इसकी राष्ट्रीय औसत 67.1 है। इसके अलावा शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने कार्यकाल में संसद में कोई प्रश्न भी नहीं पूछा है। इसमें भी उनका नंबर जीरो ही है जबकि राष्ट्रीय औसत 293 प्रश्नों की हैं। अब आते हैं प्राइवेट मेंबर बिल पर। यहां भी सिन्हा कहां पीछे रहने वाले थे। पीआरएस की वेबसाइट के अनुसार सिन्हा ने अपने कार्यकाल के दौरान सदन में कोई भी प्राइवेट मेंबर बिल नहीं रखा है अर्थात इसमें भी उनके मार्क्स आए हैं जीरो। यही नहीं, शत्रुघ्न सिन्हा की संसद में उपस्थिति भी औसत से काफी कम हैं। संसद में उपस्थिति का राष्ट्रीय औसत 80 पर्सेंट है और शत्रुघ्न सिन्हा की संसद में उपस्थिति मात्र 67 पर्सेंट ही है।

स्पष्ट है कि, शत्रुघ्न सिन्हा की अपने सांसद कार्यकाल के दौरान परफॉर्मेंस बेहद घटिया रही है। उन्होंने अपने कार्यकाल में अपनी पार्टी और भाजपा नेताओं को शर्मिंदा करने का ही काम किया है। एक सांसद के रूप में अपनी जिम्मेदारी से वे पूरे कार्यकाल के दौरान भागते रहे हैं।

अगर शत्रुघ्न सिन्हा बीजेपी में असहज थे, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और नकारात्मक राजनीति जारी रखी। उन्होंने सोचा होगा कि बीजेपी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी और फिर वे विक्टिम कार्ड खेल सकते हैं। बीजेपी ने अब सही समय पर सही तरीके से शत्रुघ्न को जवाब दिया है। पटना साहिब से शत्रुघ्न का टिकट काटकर अब वहां से रविशंकर प्रसाद को टिकट दिया गया है। यह पार्टी के लिए जरूरी भी था। वह इसलिए क्योंकि पटना साहिब में शत्रुघ्न का जनाधार धीरे-धीरे काफी कम हो गया है। इस बार किसी भी हालत में वहां सिन्हा का स्टारडम नहीं चलने वाला था। बीजेपी से पत्ता कटने के बाद अब अगर पटना साहिब से सिन्हा को कांग्रेस की ओर से भी टिकट मिलता है तो भी उनके जितने की संभावना शून्य से कुछ ज्यादा नहीं है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह अब शत्रुघ्न सिन्हा का राजनीतिक भविष्य खतरे में हैं और यह उनके द्वारा अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मारने का ही परिणाम है।

Tags: बीजेपीशत्रुघ्न सिन्हा
शेयर355ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

तेजस्वी यादव ने ऐन वक्त पर दिया कन्हैया कुमार को बड़ा झटका, नहीं दिया बेगूसराय से टिकट, टुकड़े-टुकड़े गैंग में पसरा मातम

अगली पोस्ट

भैंसें और गधे बेचने के बाद अब पाकिस्तान सरकारी सामान बेचकर चलाएगा देश

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited