TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

इंडोनेशिया में बैलेट पेपर से चुनाव के दौरान चली गई 272 जानें, क्या हमरा विपक्ष इससे सीख लेगा?

Pawan Jayaswal द्वारा Pawan Jayaswal
30 April 2019
in मत
इंडोनेशिया में बैलेट पेपर से चुनाव के दौरान चली गई 272 जानें, क्या हमरा विपक्ष इससे सीख लेगा?

(PC: BBC)

Share on FacebookShare on X

हमारे देश में जहां एक तरफ विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग से ईवीएम की बजाए बैलट पेपर (मतपत्र) से चुनाव कराने की मांग कर रही है वहीं इंडोनेशिया से इससे जुड़ी बड़ी दर्दनाक खबर सामने आई है। एक ऐसी खबर जो बैलट पेपर से चुनाव कराने की विपक्ष की मांग पर पानी ही नहीं फेरेगी बल्कि उनके मंसूबों को भी तबाह कर देगी।    

दरअसल, इंडोनेशिया में 10 दिन पहले ही चुनाव संपन्न हुए हैं। ये चुनाव वहां की सरकार ने बैलट पेपर (मतपत्र) के जरिए संपन्न करवाए थे। इसका यह परिणाम सामने आया कि अब तक वहां बैलट पेपर की गिनती करने वाले 272 कर्मचारियों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। वहीं करीब 1878 कर्मचारी बीमार हैं।

संबंधितपोस्ट

मॉनसून ने पूरे देश को किया कवर, दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित

पीएम मोदी का सम्मान इंडोनेशिया में सम्मान : रक्षा से लेकर समुद्री सुरक्षा तक, जानिए भारत-इंडोनेशिया के बीच क्या-क्या बड़े समझौते हुए

मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

और लोड करें

गौरतलब है कि, इंडोनेशिया की कुल आबादी 26 करोड़ है। यहां की सरकार ने खर्चा बचाने के लिए राष्ट्रपति चुनावों के साथ ही संसदीय और क्षेत्रीय चुनाव भी करा लिये थे। ये सारे चुनाव एक ही दिन 17 अप्रैल को आयोजित हुए। हालांकि, यहां चुनाव जरूर शांतिपूर्ण ढंग से हो गए लेकिन मतपत्रों की गणना के समय यह दर्दनाक घटना घटित हो गई।

इंडोनेशिया चुनाव आयोग के प्रवक्ता के अनुसार बैलट पेपर गिनने वाले अधिकांश कर्मचारियों की मौत बेहद थकान के कारण होने वाली बीमारियों के चलते हुई। इंडोनेशिया में इस समय करीब 70 लाख लोग वोटों की गिनती और निगरानी में मदद कर रहे हैं। इन लोगों में ज्यादातर अस्थाई कर्मचारी हैं। इनका स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं किया गया था। ये कर्मचारी हाथों से बैलट पेपर गिन रहे हैं।

दरअसल, यहां कर्मचारियों को बेहद गर्मी और खराब परिस्थितियों में रात भर जागकर काम करना पड़ रहा है। इस कारण इन लोगों को शारीरिक परेशानियां आने लगी थीं। इन बेहद खराब परिस्थितियों के कारण ही वहां अब तक 272 कर्मचारियों की मौत हो गई है। अगर इंडोनेशिया सरकार मतपत्रों के बजाय ईवीएम से चुनाव करवाती तो इन लोगों को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती।

अब आप सोचिए जब 26 करोड़ की आबादी वाले इंडोनेशिया में बैलट पेपर से चुनाव कराने पर इस तरह की परिस्थितियां उतपन्न हो गईं तो सोचिये अगर चुनाव आयोग फिर से बैलट पेपर से चुनाव करवाने के लिए राजी हो जाए तो 133.92 करोड़ जनसंख्या वाले भारत का क्या हाल होगा। भले ही भारत में संसाधन इंडोनेशिया से ज्यादा हैं फिर भी मतपत्रों से चुनाव कराने से बूथ कैप्चरिंग जैसे कई बड़े खतरे हैं।

इंडोनेशिया में मतपत्रों से चुनाव कराने के बावजूद वहां का विपक्ष खुश नहीं है। यहां विपक्ष ने चुनावों के दौरान धांधली का आरोप लगाया है। यहां राष्ट्रपति पद के विपक्षी उम्मीदवार प्रबोवो सुबिआंतो ने मतगणना के दौरान बड़े स्तर पर धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी वर्तमान राष्ट्रपति जोको विडोडो को जिताने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, विडोडो सरकार के सुरक्षा मंत्री ने आरोपों को आधारहीन बताया है। इस दौरान दोनों उम्मीदवारों ने जीत की घोषणा की है। यहां 22 मई तक वोटों की गिनती पूरी होगी जिसके बाद विजेताओं की घोषणा होगी।

जहां एक तरफ इंडोनेशिया जैसे देश में बैलट पेपर से चुनाव करवाने के नकारात्मक नतीजे देखने को मिल रहे हैं वहीं भारत में विपक्षी पार्टियां और लेफ्ट लिबरल गैंग बैलट पेपर से चुनाव करवाने की बात करते रहे हैं। हमारे देश के विपक्ष की बात करें तो यहां कांग्रेस, एसपी, बीएसपी, आरजेडी, तृणमूल कांग्रेस और वांपथी दलों सहित कुल 17 विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग को लिखा था कि वो ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव करवाए। यही नहीं हर चुनाव के बाद यहां लगभग-लगभग सभी विपक्षी पार्टियां ईवीएम पर सवाल उठाती रही हैं। यहां सोचने वाली बात है कि इंडोनेशिया की तुलना में भारत की जनसंख्या कहीं ज्यादा है अगर बैलट पेपर से चुनाव किये जाते हैं तो इससे न सिर्फ समय की बर्बादी होगी बल्कि जाने भी जा सकती हैं। इंडोनेशिया की इस घटना से भारत के लेफ्ट-लिबरल गैंग को जरुर जवाब मिल गया होगा कि क्यों चुनाव आयोग बैलट पेपर को फिर से मतदान के लिए नहीं लाना चाहता।

गौरतलब है कि हमारे देश में समय-समय पर कई नेता ईवीएम को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। एनडीटीवी को दिये एक इंटरव्यू में हार्दिक पटेल ने कहा था कि, अगर मैं मोदी के खिलाफ चुनाव लडूं और 2 लाख वोट से जीत भी जाऊं तो भी ईवीएम का विरोध करूंगा। एनडीटीवी के रवीश कुमार ने भी कहा था कि उनकी राय में मतदान में मशीन नहीं होनी चाहिए। वहीं इसी साल फरवरी में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा था, ‘मैं तीन चार-साल से देख रहा हूं कि जब वोटिंग होती है जब हम कोई भी बटन दबाते हैं तो वोट जो है बीजेपी को जाता है। चाहे आप हाथी पर दबाएं या साइकिल पर लेकिन वह जाता फूल को ही है। जब चुनाव आयोग इन पार्टियों को अपनी बात साबित करने के लिए मौके दिए तो ये पार्टियां अपने कदम पीछे खींच लेती हैं। लेकिन बार बार हर चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद भी ये विपक्षी पार्टियां अगर हार का मुंह देखती हैं तो फिर से ईवीएम खराबी का रोना रोती हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कर दिया कि देश को बैलट पेपर के दौर में नहीं ले जाया जायेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने एक बार दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा भी था कि, ‘मैं आपको स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हम वापस बैलट पेपर्स के दौर में नहीं लौट रहे हैं।’ बार बार विपक्षी पार्टियों द्वारा ईवीएम हैक के दावे झूठे ही साबित हुए हैं।

CEC Sunil Arora in Delhi: We will continue to use EVMs & VVPATs. We are open to any criticism & feedback from any stakeholder including political parties. At the same time, we are not going to be intimidated, bullied or coerced into giving up these and start era of ballot papers. pic.twitter.com/bco5DOSfTd

— ANI (@ANI) January 24, 2019

वैसे देखा जाए तो विपक्षी पार्टियों द्वारा ईवीएम के विरोध के पीछे मंशा तब जगजाहिर हो गई जब कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद कीर्ती आजाद ने दावा किया कि उन्होंने 1999 का लोकसभा चुनाव कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा बूथ कैप्चरिंग की मदद से जीता था। कीर्ति आजाद ने बताया कि, कांग्रेस के लोग उनके दिवंगत पिता के लिए चुनाव के दौरान बूथ लूटा करते थे।

कुल मिलाकर एक बात जो समझ आती है वो ये है कि ईवीएम खराबी का रोना रोने वाले विपक्षी दल और लेफ्ट लिबरल गैंग सिर्फ अपने हित के लिए और मतदान प्रक्रिया में धांधली नहीं कर पा रहे। यही वजह है कि हार का ठीकरा ईवीएम पर थोपते हैं और जीत को जनता का जनादेश बताते हैं। हालांकि, इन्हें अब इंडोनेशिया की घटना से से इन्हें अपने सवालों के जवाब जरुर मिल गये होंगे साथ ही देश की जनता को भी विपक्ष का दोहरा रुख समझ आ चुका है तो अब ये लोग झूठा राग अलापते रहे।

Tags: इंडोनेशियाचुनाव आयोगबैलट पेपरभारतमतदान
शेयर421ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

ईस्टर धमाके के बाद आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए श्रीलंका भारत से मांगी एनएसजी फोर्स की मदद

अगली पोस्ट

सोनू निगम ने गाया नमो अगेन नाम से गाना, कहा- पहली बार मैने ऐसे पीएम को देखा जो डायनेमिक है

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

THE CAMPS AFTER URUMQI

THE CAMPS AFTER URUMQI

00:03:51

BANGKOK PUB FIRE HORROR

00:04:07

Vietnam Speedboat Tragedy: How 15 Indian Tourists Lost Their Lives

00:03:35

Gwadar, CPEC and the Balochistan Question: The Missing Link in Pakistan's Development Vision

00:03:07

Tibet Under Pressure: Religion, Language & Identity in Focus Amid Governance Debate

00:03:30
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited