TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जिसकी शुरुआत कभी भाजपा ने खुद की थी आज उसे खत्म भी कर दिया, इसका श्रेय पीएम मोदी को जाता है

Vikrant Thardak द्वारा Vikrant Thardak
8 June 2019
in मत
जिसकी शुरुआत कभी भाजपा ने खुद की थी आज उसे खत्म भी कर दिया, इसका श्रेय पीएम मोदी को जाता है

(PC: Deccan Chronicle)

Share on FacebookShare on X

वर्ष 1979 में जब केंद्र की सत्ता पर आसीन जनता पार्टी ने मंडल आयोग का गठन किया था तो इसका मकसद सामाजिक और शैक्षिक तौर पर पिछड़े वर्ग को उनकी पहचान दिलाना था। कई सालों के अनुसंधान और विरोध के बाद आखिर वीपी सिंह की सरकार के दौरान 1990 में मंडल आयोग को लागू कर दिया गया, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट से भी मान्यता मिल गई थी। मंडल आयोग का उद्देश्य पिछड़े वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देकर सामाजिक और आर्थिक तौर पर उन्हें सशक्त बनाना था। मंडल आयोग के आने के बाद देश की राजनीति में अचानक जाति की महत्ता काफी बढ़ गई और जातिगत आधारित राजनीति करने वाली क्षेत्रीय पार्टियों का अभूतपूर्व तरीके से उदय हुआ। मंडल आयोग के बाद आए इस नए राजनीतिक युग को ‘पोस्ट मण्डल पॉलिटिक्स’ कहा जाने लगा। जहां एक तरफ तो राज्य स्तर पर क्षेत्रीय पार्टियों का उदय हो रहा था तो वहीं, केंद्र स्तर पर गठबंधन की सरकारें बनाई जा रही थी क्योंकि कोई भी पार्टी अपने दम पर अकेले लोकसभा में बहुमत लाने के काबिल नहीं थी और सरकार बनाने के लिए कई क्षेत्रीय पार्टियों का एक-साथ आना अनिवार्य हो गया था।

इस बात में कोई शक नहीं था कि मंडल आयोग ने लोगों को जातीय आधार पर बांट दिया था। लोगों की जाति ही उनकी सबसे बड़ी पहचान गई। पिछड़ी जाति के लोगों की राजनीतिक महत्वकाक्षाएँ बढ़ गई और वे सरकार द्वारा दिए गए इस अवसर को पूरी तरह भुनाना चाहते थे। यही कारण था कि कई राजनीतिक पार्टियां सिर्फ जाति आधारित वोटबैंक के बूते ही वजूद में आ सकीं और उन्होंने खुलकर एक विशेष जाति को समर्थन देना शुरू कर दिया।

संबंधितपोस्ट

हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

West Bengal Cabinet Expansion: शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, नबान्न में 35 मंत्रियों ने ली शपथ

पीएम मोदी का बड़ा गवर्नेंस रीसेट: विकसित भारत 2047 के लिए ने मंत्रियों को मिशन मोड में लगाया

और लोड करें

प्रत्येक राज्य में जाति आधारित राजनीति करने वाली क्षेत्रीय पार्टियों का वर्चस्व काफी बढ़ गया और उत्तर प्रदेश में एसपी और बीएसपी, बिहार में आरजेडी, आंध्र प्रदेश में टीडीपी, ओड़ीशा में बीजेडी, तमिल नाडु में डीएमके जैसी पार्टियों को काफी राजनीतिक शक्ति हासिल हो गयी। यही कारण है कि इनमें से कुछ राजनीतिक पार्टियां तो आज तक राज्य में अपनी सरकार बनाने में सफल होती आई हैं। हालांकि, मंडल आयोग के बाद राष्ट्रीय स्तर पर लोगों के राजनीतिक विचारों में अलगाव पैदा हो गया लोकसभा चुनावों में मिला जुला जनादेश आना शुरू हो गया, और यही सबसे बड़ी वजह थी कि मंडल आयोग के दो दशकों बाद तक केंद्र में कोई मजबूत सरकार ना आ सकी और कुछ सरकारें तो मात्र कुछ महीनों तक ही चल सकीं। पीवी नरसिम्हा राव से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह जैसे नेता भी क्षेत्रीय पार्टियों के समर्थन के बूते ही प्रधानमंत्री बन सके क्योंकि इनकी अपनी पार्टियों को लोकसभा में बहुमत नहीं मिल सका था।

कुछ महीनों की अस्थिर सरकारें चलाने के बाद वर्ष 1999 में जब भाजपा दोबारा सत्ता में आई थी तो वह शिव सेना, जेडीयू, बीजेडी, डीएमके, टीएमसी, जेकेएनसी और आरएलडी जैसी क्षेत्रीय पार्टियों के समर्थन के दम पर ही पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करने में सफल हो पाई थी। उस वक्त भाजपा को सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने के बावजूद लोकसभा में सिर्फ 182 सीटें ही मिली थीं। उसके बाद यूपीए सरकार के दो कार्यकाल भी गठबंधन के सहारे ही पूरे हो सके थे। वर्ष 2004 में जहां कांग्रेस को सिर्फ 145 सीटें मिली थी तो वहीं वर्ष 2009 के चुनावों में भी कांग्रेस सिर्फ 206 सीटें हासिल करने में कामयाब हो सकी थी। इसके बावजूद कांग्रेस के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनी, और पूरे 10 साल देश पर यूपीए ने राज किया।

हालांकि, 2014 में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए। भाजपा को अपने दम पर लोकसभा में बहुमत हासिल हुआ और उसने 282 सीटों पर जीत हासिल की। इन चुनावों में क्षेत्रीय पार्टियों को सबसे बड़ा नुकसान हुआ और बीएसपी, डीएमके और आरएलडी जैसी क्षेत्रीय पार्टियों को तो एक भी सीट नहीं मिल पाई। मंडल आयोग के बाद ऐसा पहली बार हुआ था कि जाति आधारित राजनीति पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई थी। भाजपा लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार, महंगाई जैस बड़े राष्ट्रीय मुद्दों की तरफ केन्द्रित करने में सफल हुई और वोटर्स ने भाजपा को सबसे अच्छे विकल्प के तौर पर देखा और जाति से ऊपर उठकर भाजपा पर अपना भरोसा जताया। इसका नतीजा यह निकला कि देशभर में जातिगत राजनीति करने वाली पार्टियों के साथ-साथ वंशवाद की राजनीति करने वाली क्षेत्रीय पार्टियों का अस्तित्व खतरे में आ गया। राष्ट्रवाद और विकास के एजेंडे के सामने जातीय समीकरण पूरी तरह फीके पड़ गए।

इसके बाद वर्ष 2019 में यही सिलसिला जारी रहा और भाजपा को 303 सीटों पर जीत के रूप में प्रचंड बहुमत मिला। इन चुनावों में भी क्षेत्रीय पार्टियों को बुरा दौर जारी रहा और हिन्दी बेल्ट के राज्यों में भाजपा-विरोधी पार्टियों का अस्तित्व लगभग पूरी तरह खत्म हो गया। भाजपा को 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सभी क्षेत्रीय पार्टियों को मिले वोट्स से ज़्यादा वोट्स मिले और टीएमसी जैसी मजबूत क्षेत्रीय पार्टी को भी भाजपा ने कड़ी टक्कर दी। पश्चिम बंगाल में टीएमसी को सिर्फ 22 सीटें मिल सकी और भाजपा ने 18 सीटों पर अपना परचम लहराया। उत्तर प्रदेश में भी एसपी-बीएसपी के महागठबंधन को लोगों ने पूरी तरह नकार दिया। इन चुनावों की खास बात तो यह रही कि वोटर्स ने वंशवाद की राजनीति को भी पूरी तरह नकार दिया और बड़े-बड़े राजनेताओं के परिवार-जनों को करारी हार का सामना करना पड़ा। उदाहरण के तौर पर टीआरएस के मुखिया केसीआर की बेटी, कल्वकुंतला कविता को इन लोकसभा चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा एनसीपी के मुखिया शरद पवार के भतीजे अजीत पवार के बेटे, पार्थ पवार को भी लोगों ने खारिज कर दिया। दूसरी ओर, एचडी कुमारस्वामी के बेटे निखिल कुमारस्वामी को भी अपनी लोकसभा सीट पर जीत ना मिल सकी।

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों से यह साफ हो गया है कि लोगों ने जातिगत राजनीति को परे रख राष्ट्रहित कि राजनीति को प्राथमिकता दी है। जात-पात से ऊपर उठकर सभी वोटर्स ने पीएम मोदी को अपना वोट दियाम जिसके कारण भाजपा को एकतरफा जनादेश हासिल हुआ। मंडल आयोग के बाद शुरू हुई जातिगत राजनीति का अस्तित्व अब पूरी तरह खत्म होता दिखाई दे रहा है जिसका पूरा श्रेय पीएम मोदी और भाजपा को ही जाता है। जनता पार्टी द्वारा शुरू किए गए ‘गठबंधन युग’ को अब भाजपा ने ही खत्म किया है जिसकी वजह से देश को एक मजबूत नेतृत्व मिलने में सफलता हासिल हो सकी है।

Tags: गठबंधनपीएम मोदीभाजपा
शेयर220ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अलीगढ़ दुष्कर्म कांड में बॉलीवुड की पोस्टर गैंग ने दिखाया अपना असली स्वरूप

अगली पोस्ट

आईसीसी के पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ बीसीसीआई को अपनी आर्थिक शक्तियों का इस्तेमाल करना चाहिए

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited