TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मायावती ने अपने इस दांव से अखिलेश के कॅरियर को पूरी तरह तबाह कर दिया

Vikrant Thardak द्वारा Vikrant Thardak
25 June 2019
in मत
मायावती का बड़ा आरोप, कहा ‘मुझे अखिलेश ने मुसलमानों को टिकट देने से मना किया था’
Share on FacebookShare on X

उत्तर प्रदेश को राजनीतिक दृष्टि से देश का सबसे महत्वपूर्ण राज्य माना जाता है और यही कारण है कि इस साल के लोकसभा चुनावों से पहले जनवरी में राज्य की दो सबसे बड़ी क्षेत्रीय पार्टी, यानि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने हाथ मिला लिया और एकसाथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया। सभी को उम्मीद थी कि यह महागठबंधन भाजपा को कड़ी टक्कर देगा और भाजपा को वर्ष 2014 के प्रदर्शन को दोहराने से रोक देगा। लेकिन इस बार भी इन पार्टियों के हाथ निराशा ही लगी और भाजपा गठबंधन की नाक के नीचे से राज्य की 62 सीटों पर कब्जा करने में कामयाब रही। हालांकि, हार के बाद से ही गठबंधन में दरार पड़ना शुरू हो चुकी थी। बसपा को पिछले बार की शून्य सीटों के मुक़ाबले इस बार 10 सीटें मिली थी, और इसे सबसे बड़े गेनर के तौर पर देखा जा रहा था लेकिन समाजवादी पार्टी को अपने बड़े वोट बैंक से हाथ धोना पड़ा था, लेकिन उसके बाद भी मायावती ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश पर लगातार हमला जारी रखा है।

इसकी शुरुआत तब हुई जब चुनावी नतीजों के महज़ 10 दिन बाद ही मायावती ने अपना यह फैसला सार्वजनिक कर दिया कि बसपा अब गठबंधन का हिस्सा नहीं रहेगी। मायावती ने ऐलान किया कि वे राज्य की 11 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों पर अकेले ही चुनाव लड़ेंगे यह फैसला समाजवादी पार्टी के लिए बड़ा झटका था क्योंकि इसी पार्टी के साथ मिलकर बसपा को इन चुनावों में इतनी बड़ी सफलता मिली थी।

संबंधितपोस्ट

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT की जांच तेज, कई कर्मचारियों और बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में निधन, फिटनेस प्रेमी प्रतीक की मृत्यु का कारण क्या है?

और लोड करें

हालांकि, ऐसा नहीं है कि मायावती ने सिर्फ गठबंधन से अलग होने की घोषणा की हो, अलग होने के साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि समाजवादी पार्टी के वोटबैंक में अखिलेश के प्रति अविश्वास की भावना पैदा हो सके। दरअसल, बीते रविवार को सपा की एक बैठक में मायावती ने अखिलेश यादव पर ऐसे आरोप लगाए जिसको सुनने के बाद खुद अखिलेश का वोटबैंक भी उनसे नाराज़ हो जाएगा। मायावती ने उनपर सबसे बड़ा आरोप यह लगाया कि चुनावों से पहले अखिलेश ने उनसे मुसलमानों को टिकट ना देने के लिए कहा था क्योंकि उनके मुताबिक उसकी वजह से तुष्टीकरण होगा और भाजपा को इससे फायदा पहुंचेगा। मायावती ने कहा कि उन्होंने अखिलेश के इन सुझावों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया था। मायावती ने अपने इस बयान से एक तीर से दो निशाने साधने का प्रयास किया है, और दोनों ही अखिलेश के लिए किसी झटके से कम नहीं है। एक तरफ जहां मायावती ने अखिलेश को मुस्लिम विरोधी दिखाने का प्रयास किया तो वहीं मायावती ने खुद को तुष्टीकरण की घटिया राजनीति से ऊपर उठने वाले नेता के तौर पर प्रदर्शित किया है।

इसके अलावा मायावती ने एक और बड़ा दांव खेला। मायावती ने कहा कि इन चुनावों में दलितों ने समाजवादी पार्टी को पूरी तरह नकार दिया क्योंकि पार्टी के शासन के समय दलितों पर खूब अत्याचार हुए थे। साथ ही यादवों ने भी सपा का समर्थन नहीं किया और समाजवादी पार्टी के बड़े-बड़े नेता भी हार गए। इन दोनों का बुरा असर गठबंधन पर पड़ा और गठबंधन को वो जनसमर्थन नहीं मिल पाया जिसकी उन्हें आशा थी। मायावती ने अपने इस बयान से अखिलेश पर सीधे तौर पर दलित-विरोधी होने का आरोप लगा डाला। मायावती ने यह भी कहा कि हार के बाद अखिलेश का रवैया काफी निराशनजाक रहा और उन्होंने उनको फोन तक करने की ज़हमत नहीं उठाई। इसके उलट अखिलेश ने बसपा के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा को फोन किया। उन्होंने बैठक के एक दिन बाद यानि सोमवार को दो ट्वीट किए और समाजवादी पार्टी पर गठबंधन का धर्म ना निभाने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा ‘वैसे भी जगजाहिर है कि सपा के साथ सभी पुराने गिले-शिकवों को भुलाने के साथ-साथ सन् 2012-17 में सपा सरकार के बीएसपी व दलित विरोधी फैसलों, प्रमोशन में आरक्षण विरूद्ध कार्यों एवं बिगड़ी कानून व्यवस्था आदि को दरकिनार करके देश व जनहित में सपा के साथ गठबंधन धर्म को पूरी तरह से निभाया’।

वैसे भी जगजाहिर है कि सपा के साथ सभी पुराने गिले-शिकवों को भुलाने के साथ-साथ सन् 2012-17 में सपा सरकार के बीएसपी व दलित विरोधी फैसलों, प्रमोशन में आरक्षण विरूद्ध कार्यों एवं बिगड़ी कानून व्यवस्था आदि को दरकिनार करके देश व जनहित में सपा के साथ गठबंधन धर्म को पूरी तरह से निभाया।

— Mayawati (@Mayawati) June 24, 2019

इसके बाद उन्होंने एक दूसरे ट्वीट में लिखा ‘परन्तु लोकसभा चुनाव के बाद सपा का व्यवहार बीएसपी को यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या ऐसा करके बीजेपी को आगे हरा पाना संभव होगा? जो संभव नहीं है। अतः पार्टी व मूवमेन्ट के हित में अब बीएसपी आगे होने वाले सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले अपने बूते पर ही लड़ेगी’।

परन्तु लोकसभा आमचुनाव के बाद सपा का व्यवहार बीएसपी को यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या ऐसा करके बीजेपी को आगे हरा पाना संभव होगा? जो संभव नहीं है। अतः पार्टी व मूवमेन्ट के हित में अब बीएसपी आगे होने वाले सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले अपने बूते पर ही लड़ेगी।

— Mayawati (@Mayawati) June 24, 2019

खैर चुनावों के बाद की स्थिति स्पष्ट है। एक तरफ मायावती हैं, जिनकी पार्टी के पास पहले की शून्य सीट के मुक़ाबले अब 10 सीटें हैं। मायावती ने अपने हाल ही के बयानों से यह भी दर्शाने की कोशिश की है वे दलितों और पिछड़ों की हितैषी हैं और उन्हें सपा के साथ गठबंधन करके नुकसान हुआ। जबकि दूसरी ओर अखिलेश हैं जिनकी पार्टी के पास सिर्फ 5 सीटें हैं और साथ ही उनके वोटबैंक में भी भारी नुकसान हुआ है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश के 22.20 प्रतिशत वोटर्स ने अपना समर्थन दिया था, जबकि वर्ष 2019 में यह वोट शेयर सिर्फ 17.96 प्रतिशत तक गिर गया, यानि समाजवादी पार्टी को लगभग 4 प्रतिशत वोटशेयर का नुकसान उठाना पड़ा। इसके बाद अब मायावती ने भी उनका साथ छोडते-छोड़ते अखिलेश यादव पर ऐसे आरोप लगाए हैं जिससे उनकी छवि को गहरा नुकसान पहुंचा है और इसका खामियाजा उन्हें आने वाले उपचुनावों में भी भुगतना पड़ सकता है।

साफ है, अगर समाजवादी पार्टी के जनाधार में कमजोरी आती है तो मायावती के लिए इससे अच्छी बात कोई और हो नहीं सकती। अगर अखिलेश कमजोर पड़ते हैं तो बहुजन समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में एकमात्र ऐसी पार्टी बचेगी जो भाजपा को चुनौती दे सके, क्योंकि कांग्रेस तो कहीं लड़ाई में है ही नहीं। इन्हीं महत्वाकांक्षाओं के साथ अब उत्तर प्रदेश में मायावती ने यह राजनीतिक दांव खेला है और काफी हद तक अखिलेश भी बसपा प्रमुख की इस चुनावी चाल में फंसते नज़र आ रहे हैं। मायावती ने अखिलेश पर जो आरोप लगाए हैं, वे काफी गंभीर है, लेकिन अब तक अखिलेश की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब यह जानना दिलचस्प होगा कि अखिलेश इस पूरे मामले पर क्या रुख दिखाते हैं। हार के बाद अखिलेश मीडिया के सामने आए थे और तब उन्होंने कहा था कि वे विज्ञान के छात्र हैं और उन्होंने यह प्रयोग किया जो सफल नहीं हो पाया। लेकिन हमारा मानना है ना सिर्फ उनका यह प्रयोग असफल हुआ बल्कि इस प्रयोग से अब उनके हाथ जलते भी नज़र आ रहे हैं। अगर समाजवादी पार्टी और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी की गिरती साख को बचाने की कोशिश नहीं की, तो वह दिन दूर नहीं होगा जब इस पार्टी का अस्तित्व ही खात्मे की ओर होगा ।

Tags: अखिलेश यादवउत्तर प्रदेशमायावती
शेयर934ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“कहां मां गंगा कहां गंदी नाली”, कांग्रेस के लोकसभा चीफ की प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ शर्मनाक टिप्पणी

अगली पोस्ट

बॉलीवुड में 27 साल पूरे होने के बाद, शाहरुख खान का नई फिल्में करने का मन नहीं करता

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited