TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

देशभक्त बटुकेश्वर दत्त: शहीद भगत सिंह के साथ आज़ादी की लड़ाई लड़ी, फिर भी इन्हें भुला दिया गया

ये हैं देश के वो वीर जिन्हें अनदेखा किया गया

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
20 July 2019
in इतिहास
बटुकेश्वर दत्त

PC: TopYaps

Share on FacebookShare on X

ये कथा है अमर हुतात्मा बटुकेश्वर दत्त की : 

8 अप्रैल 1929। तत्कालीन इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउन्सिल के निचले सदन, यानि सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेम्बली सदस्यों और दर्शकों से भरा हुआ था। उस दिन दो अहम बिल – पब्लिक सेफ्टी बिल और ट्रेड डिस्प्यूट बिल पर चर्चा होनी थी। हालांकि, ये चर्चा तो महज औपचारिकता थी, अंग्रेज़ों ने इन दोनों बिल को पारित कराने की पूरी व्यवस्था कर ली थी। भारत के तत्कालीन सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के प्रतिनिधि सर जॉर्ज शूस्टर ब्रिटिश सरकार का मत रखने के लिए उठे ही थे कि अचानक असेम्बली में एक के बाद एक दो बम फोड़े गए।

संबंधितपोस्ट

अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन से सिजी नदी का बहाव रुका, कभी भी टूट सकता है प्राकृतिक बांध; फ्लैश फ्लड का खतरा

राम मंदिर चंदा विवाद पर तुरंत सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- नियमित प्रक्रिया से होगी सुनवाई

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

और लोड करें

बम की आवाज़ से पूरे सदन में खौफ छा गया और लोग अफरा-तफरी में इधर-उधर भागने लगे। लेकिन यदि कोई नहीं भागा, तो वे थे दर्शक दीर्घा में बैठे दो युवक। खाकी की कमीज़ और शॉर्ट्स पहन के आए इन दो युवकों ने इसी भगदड़ में लाला रंग की पर्चियां फेंकनी प्रारम्भ की और पूरा सदन ‘इंकलाब ज़िंदाबाद’ एवं ‘साम्राज्यवाद मुर्दाबाद’ के नारों से गूंज उठा। पुलिस के आने के बाद भी ये दोनों युवकों अपनी जगह से टस से मस भी नहीं हुए, और बिना झिझके पुलिस के सामने समर्पण किया।

इनमें से एक युवक बाद में करोड़ों युवाओं की प्रेरणा, और अमर हुतात्मा भगत सिंह के रूप में सदा के लिए अमर हो गए। परंतु दूसरा युवक भगत जैसे वीर और प्रतिभावान होने के बाद भी गुमनामी के अंधकार में सदा के लिए खो गए। ये कथा है अमर हुतात्मा बटुकेश्वर दत्त की, जिन्होंने असेम्बली में बम फोड़ने में भगत सिंह का साथ दिया था, और जिनकी आज 54वीं पुण्यतिथि है।

वीर बटुकेश्वर दत्त जीवन परिचय

बटुकेश्वर दत्त का जन्म 18 नवंबर 1910 को पश्चिम बंगाल के पूर्बा बर्धमान जिले के औरी ग्राम में हुआ था। अपना बचपन बर्धमान जिले में बिताने के बाद ये कानपुर आए, जहां उन्होंने पहले पीपीएन हाइ स्कूल से अपना हाईस्कूल और फिर पीपीएन कॉलेज से अपना स्नातक पूरा किया।

यहीं पर 1923 में बटुकेश्वर की मुलाक़ात भगत सिंह से हुई थी, जो उस समय विवाह से बचने के लिए कानपुर भाग आए थे। भगत सिंह और अजय घोष के साथ उन्होंने तत्कालीन हिंदुस्तान रिपब्लिकन असोसीएशन [एचआरए] की सदस्यता ग्रहण की, जिसके संस्थापकों में योगेश चन्द्र चटर्जी, शचीन्द्रनाथ बख्शी, रामप्रसाद बिस्मिल इत्यादि शामिल थे।

बटुकेश्वर दत्त पहले एचआरए और उसके पश्चात हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन [एचएसआरए] के अहम सदस्य थे। अंग्रेज ऑफिसर जेपी सॉन्डर्स को मार गिराने के पश्चात जब कलकत्ता में सभी सदस्य इकट्ठा हुए थे. इसी दौरान बटुकेश्वर दत्त ने यतीन्द्रनाथ दास [जतिन दास] को एचएसआरए में शामिल कराने का सुझाव दिया, क्योंकि वे बम बनाने में काफी कुशल थे। जतिन के अंतर्गत एचएसआरए के कई सदस्यों ने बम बनाने में प्रशिक्षण लिया था।

उस समय ब्रिटिश राज के विरुद्ध विद्रोह को दबाने के लिए तत्कालीन सरकार ने डिफेन्स ऑफ इंडिया एक्ट 1915 को मजबूत बनाने के लिए दो बिलों को सदन में पारित कराने का निर्णय लिया। जहां पब्लिक सेफ़्टी बिल के जरिये किसी भी व्यक्ति को बिना सूचना के हिरासत में लिया जा सकता था, वहीं ट्रेड डिसप्यूट बिल के सहारे सरकारी हस्तक्षेप के विरोधस्वरूप होने वाली हड़तालों पर लगाम लगाई जा सकती थी।

इसी के विरोधस्वरूप भगत सिंह ने एक फ़्रांसिसी कट्टरवादी Auguste Vaillant [जिसने पेरिस के Chamber of Deputies पर बम फेखा था] से प्रेरित हो असेम्बली में बम फोड़ने का प्रस्ताव रखा। इसके लिए पहले एचएसआरए ने राम सरन दास और बटुकेश्वर दत्त को चुना, लेकिन सुखदेव के विरोध के पश्चात भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त को असेम्बली में बम फोड़ने के लिए चुना गया था।

असेम्बली के बम कांड के बाद बटुकेश्वर दत्त और भगत सिंह को अलग-अलग जेलों में रखा गया, ताकि वे किसी भी जेल में अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध कोई विद्रोह न कर सकें।  बटुकेश्वर दत्त पर दिल्ली के सेशन्स कोर्ट में मुकदमा चला गया, जहां पर भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त को आईपीसी की धारा 307 और विस्फोटक अधिनियम 1884 की धारा 4 के अंतर्गत सजा सुनाई गयी थी. भगत सिंह को सांडर्स की हत्या के लिए फांसी की सजा हुई तो बटुकेश्वर दत्त कप काला पानी की सजा मिली यानि कि आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गयी। बटुकेश्वर दत्त पर लाहौर षड़यंत्र केस’ का मुक़दमा चलाया गया था, परंतु वहां  इनके विरुद्ध कोई ठोस प्रमाण नहीं मिल पाये।

जहां भगत सिंह और सुखदेव, राजगुरु को 23 मार्च 1931 को फांसी पर लटका दिया गया था, तो वहीं बटुकेश्वर दत्त को पहले सेल्यूलर जेल और फिर भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के नाते मोतीहारी जेल में सजा काटनी पड़ी, जिसके कारण उन्हें क्षय रोग [टीबी] की बीमारी हो गयी। भारत की स्वतन्त्रता के पश्चात उन्होंने अंजलि नामा की एक महिला से नवम्बर 1947 में विवाह किया था।

हालांकि, जिस देश के लिए बटुकेश्वर दत्त ने अपना सर्वस्व अर्पण कर दिया, उस देश का स्वतंत्र प्रशासन ने उन्हें एक सम्मानजनक नौकरी भी नहीं दे पाया। बटुकेश्वर दत्त ने कई नौकरियाँ की, जैसे एक सिगरेट कंपनी का एजेंट होना, या फिर एक छोटी सी बिस्कुट एवं ब्रेड [डबलरोटी] का कारख़ाना खोलना, या फिर परिवहन के क्षेत्र में अपने हाथ आजमाना, जिसमें से दुर्भाग्यवश उन्हें किसी में भी सफलता हाथ नहीं लगी।

जब क्षय रोग के कारण उनकी हालत बिगडती गयी, तो उन्हें पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इनकी हालत देखकर व्यथित पत्रकार मित्र चमनलाल आज़ाद ने एक लेख में लिखा, ‘क्या बटुकेश्वर दत्त जैसे कांतिकारी को भारत में जन्म लेना चाहिए? परमात्मा ने इतने महान शूरवीर को हमारे देश में जन्म देकर भारी भूल की है। खेद की बात है कि जिस व्यक्ति ने देश को स्वतंत्र कराने के लिए प्राणों की बाजी लगा दी और जो फांसी से बाल-बाल बच गया, वह आज नितांत दयनीय स्थिति में अस्पताल में पड़ा एडियां रगड़ रहा है और उसे कोई पूछने वाला नहीं है।‘

इस लेख के प्रकाशित होने पर पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया और आजाद, के अलावा तत्कालीन  केंद्रीय गृहमंत्री गुलजारी लाल नंदा और पंजाब के मंत्री भीमलाल सच्चर बटुकेश्वर से मिले। पंजाब सरकार ने तो एक हजार रुपए का चेक बिहार सरकार को भेजकर राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री केबी सहाय को यह भी लिखा कि यदि वे उनका इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं तो वह उनका दिल्ली या चंडीगढ़ में इलाज का व्यय वहन करने को तैयार हैं।

बटुकेश्वर की हालत बिगड़ती चली गयी, क्योंकि उन्हें सही इलाज नहीं मिल पाया था और 22 नवंबर 1964 को उन्हें दिल्ली लाया गया। दिल्ली पहुंचने पर उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘मुझे स्वप्न में भी ख्याल न था कि मैं उस दिल्ली में जहां मैने बम डाला था, एक अपाहिज की तरह स्ट्रेचर पर लाया जाउंगा।‘ उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल और बाद में उच्च स्तर की सुविधा के लिए 11 दिसंबर को उन्हें एम्स में भर्ती किया गया।

लेकिन फिर पता चला कि दत्त बाबू को कैंसर है और उनकी जिंदगी के चंद दिन ही शेष बचे हैं। भीषण वेदना झेल रहे बटुकेश्वर दत्त के चेहरे पर एक शिकन नहीं थी। बटुकेश्वर ने प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता मनोज कुमार की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘शहीद’ के लिए पटकथा भी लिखी, जिसके लिए उन्हें मरणोपरांत राष्ट्रीय पुरुस्कार भी मिला।

उनकी अंतिम इच्छा पूछने पर बटुकेश्वर ने इतना ही कहा, ‘मेरा अंतिम संस्कार फ़िरोज़पुर के हुस्सैनीवाला में स्थित उसी समाधि पर किया जाये, जहां भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की अंत्येष्टि हुई थी।‘ अंतत: काफी समय तक क्षय रोग और कैंसर की दोहरी मार से जूझने के बाद 20 जुलाई 1965 को बटुकेश्वर दत्त ने अंतिम सांस ली। उनकी इच्छा अनुसार उनका अंतिम संस्कार फिरोजपुर के हुसैनीवाला बाग में ही कराया गया।

ये बड़ी ही विडम्बना की बात है कि जिस क्रांतिकारी ने भगत सिंह के साथ कदम से कदम मिलाकर देश की स्वतन्त्रता में अपना छोटा, परंतु अहम योगदान दिया था, उसे अंत समय में उचित सुविधाएं भी नहीं मिली। ऐसे न जाने कितने आजादी के मतवाले रहे होंगे, जिन्हें स्वतंत्र भारत के प्रशासन ने सम्मान करना तो दूर की बात, उन्हें पहचानने से भी मना कर दिया होगा।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

शेयर834ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मुजफ्फरनगर मामला: अखिलेश सरकार ने जानबूझकर हिंदुओं पर लादे 40 फर्जी मामले, अब जाकर मिला इंसाफ

अगली पोस्ट

‘सोनभद्र हिंसा के लिए कांग्रेस पार्टी ही है जिम्मेदार’, सीएम योगी ने प्रियंका की हिपोक्रिसी को किया एक्स्पोज

संबंधित पोस्ट

शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
इतिहास

ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

26 June 2026

भारत के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी...

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

गोवा राज्य स्थापना दिवस
इतिहास

गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

30 May 2026

गोवा क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा राज्य है। भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गोवा करीब 450 वर्षों तक पुर्तगाल के शासन...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited