TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

    ‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

    एआई समिट विरोध के बाद

    एआई समिट विरोध के बाद असर: शर्टलेस प्रदर्शनों से देशभर में तनाव पैदा

    टोल प्लाज़ा पूरी तरह डिजिटल होंगे

    India के टोल प्लाज़ा पूरी तरह डिजिटल होंगे: 1 अप्रैल 2026 से नकद भुगतान बंद

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले के पास मंदिर निशाने पर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी

    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरियर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

    ‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

    एआई समिट विरोध के बाद

    एआई समिट विरोध के बाद असर: शर्टलेस प्रदर्शनों से देशभर में तनाव पैदा

    टोल प्लाज़ा पूरी तरह डिजिटल होंगे

    India के टोल प्लाज़ा पूरी तरह डिजिटल होंगे: 1 अप्रैल 2026 से नकद भुगतान बंद

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले के पास मंदिर निशाने पर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी

    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरियर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

तख्तापलट के डर से नेहरू ने सेना में नहीं बनने दिया तालमेल, 70 सालों बाद ‘चीफ ऑफ डिफेंस’ के मायने

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
18 August 2019
in रक्षा, रणनीति
सेना पीएम मोदी

PC: NewsState

Share on FacebookShare on X

‘’बलं विद्या च विप्राणां राज्ञः सैन्यं बलं।‘’ यानी विद्या ही ब्राह्मणों का बल है, राजा का बल सेना है। आचार्य चाणक्य ने अर्थशास्त्र में लिखा था कि किसी राष्ट्र की आन्तरिक शान्ति व्यवस्था तथा बाहरी सुरक्षा के लिए सेना अतिआवश्यक है। सेना को मजबूत और सुदृढ़ बनाना राजा का काम होता है और मौजूदा दौर की बात करें तो लोकतन्त्र में राजा की भूमिका में प्रधानमंत्री होता है। यह प्रधानमंत्री का दायित्व है कि वह अपने राष्ट्र की सेना को अपने दुश्मन देशों की सेना से ज्यादा ताकतवर बनाए। भारतीय परिपेक्ष्य में भी ऐसा ही हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सेना को डेटरेंस के लिए निरंतर मजबूत किया जा रहा है ताकि दुश्मन देश आँख उठा कर भी न देख सके।

इसी क्रम में पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से एक बड़ी घोषणा की और कहा कि सेना को संगठित करने के लिए ‘चीफ़ ऑफ डिफेंस स्टाफ’ की नियुक्ति की जाएगी जिससे सेना के तीनों अंगों में निर्णायक क्षमता बढ़ेगी। हालांकि यह पहली बार नहीं है कि ‘चीफ़ ऑफ डिफेंस स्टाफ’ कि मांग उठी हो। आजादी के पहले यह पद ब्रिटिश शासन काल में ‘कमांडर-इन-चीफ’ के नाम से जाना जाता था। स्वतन्त्रता के बाद भी लॉर्ड माउंटबैटन ने इस पद को बनाए रखने की सलाह दी थी लेकिन जवाहर लाल नेहरू ने इसे अस्वीकार कर दिया था। नेहरू का यह फैसला कितना भारी पड़ा वह हम वर्ष 1962 की चीन से मिली करारी हार में देख सकते है।

संबंधितपोस्ट

AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

पीएम मोदी ने मुंबई बैठक से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron का किया हार्दिक स्वागत

भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

और लोड करें

दरअसल, जवाहर लाल नेहरू को रणनीतिक और सैन्य मामलों की बहुत कम या कोई समझ नहीं थी इसलिए उन्हें रक्षा मामलों में नौकरशाहों और राजनीतिक नेताओं ने निर्देशित किया। सेना को लेकर उनके मन में कोई विचार ही नहीं थे, इस वजह से उन्होंने कई ऐसे फैसले लिए जिससे भारत को बुनियादी और बड़े पैमाने पर काफी नुकसान का सामना करना पड़ा।

जवाहर लाल नेहरू ने ब्रिटिश परंपराओं और कामों से प्रभावित होकर, एक प्रसिद्ध ब्रिटिश वैज्ञानिक पीएमएस ब्लैकेट को रक्षा क्षेत्र का सलाहकार नियुक्त किया जिन्हें रक्षा और सुरक्षा रणनीतियों की कोई विशेष जानकारी नहीं थी। द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद शीत युद्ध की शुरुआत और चीन की सत्ता में कम्युनिस्टों के आने से बढ़ने वाले खतरों व चुनौतियों के बारे में भी उन्हें कोई ज्ञान नहीं था। इस कारण से स्वतन्त्रता के बाद के दिनों में भारत रक्षा रणनीति में दिशाहिन रहा।

इतना ही नहीं वर्ष 1947 में सेना मुख्यालय में सैन्य सचिव मेजर जनरल रुद्र ने अपने संस्मरणों में लिखा है कि जब जनरल लॉकहार्ट कमांडर-इन-चीफ थे, तब उन्होंने सितंबर 1947 में आने वाली चुनौतियों और प्रतिरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नेहरू के समक्ष योजनाओं का एक शोध पत्र प्रस्तुत किया था। इस पर नेहरू ने चिल्लाते हुए कहा “बकवास! सब बकवास! हमें किसी रक्षा योजना की आवश्यकता नहीं है। हमारी नीति अहिंसा की है। हम किसी को सैन्य खतरा नहीं मानते हैं। सेना को खदेड़ो। हमारी सुरक्षा खतरों को पूरा करने के लिए पुलिस ही काफी है।” इस बात की पुष्टि मेजर जेनरल कुलदीप सिंह बाजवा ने अपनी पुस्तक जम्मू-कश्मीर वॉर 1947-1948 में की है। किसी देश के प्रधानमंत्री की ऐसी मानसिकता से सेना का मनोबल गिरना लाजिमी है।

स्वतन्त्रता के बाद नए-नए सत्ता में आए नेहरू और उनके मंत्री परिषद के कुछ मंत्रियों को यह भी अशंका था कि एक शक्तिशाली और एकीकृत सेना उनकी राजनीतिक आकांक्षा को चुनौती दे सकती है इसलिए अपने शासनकाल में नेहरू ने आधिकारिक वरीयता में सैन्य नेतृत्व के कद को कम कर दिया था। उन्होंने कई रक्षा नियुक्तियों, संरचनाओं और सुरक्षा तंत्रों को भंग कर दिया जो सशस्त्र बलों के बीच वैचारिक एकता, एकीकरण और संयुक्तता को बढ़ावा दे सकते थे।

पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने हर वह कदम उठाए जिससे सेना एकजुट ना रह पाये।

इन गलतियों में सबसे बड़ी गलती रही उनके कमांडर-इन-चीफ के पद को निरस्त करना। नेहरू को यह डर था कि सेना कहीं तख्तापलट न कर दे जो विश्व के अफ्रीका और मध्य एशिया के कुछ देशों में देखने को मिल रहा था। सत्ता के लिए वह इतने भूखे थे कि उन्होंने देश के हित के बारे में कभी नहीं सोचा। लॉर्ड माउंटबेटन ने नेहरू को यह सुझाव दिया था कि वे किसी को ‘कमांडर इन चीफ’ बनाए लेकिन नेहरू ने इस सुझाव को अस्वीकार कर दिया था।

इस पर लॉर्ड माउंटबेटन ने कहा था, ‘नेहरू ने पहले इस तरह के पोस्ट का विरोध किया था क्योंकि इससे भारतीय राजनीतिज्ञों को महान ‘कमांडर इन चीफ इन इंडिया’ के विचार को समाप्त करने की प्रेरणा मिलेगी। चीन से युद्ध के पहले भी लॉर्ड माउंटबेटन ने तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल थिमया को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाने का सुझाव दिया था लेकिन फिर से रक्षा मंत्री कृष्णन मेनन के दबाव में आकार प्रधानमंत्री नेहरू ने इसे अस्वीकार कर दिया। जनरल थिमय्या और कृष्णा मेनन के बीच का आपसी विवाद किसी से छिपा नहीं था लेकिन इसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ा और चीन से हार के कारण विश्व में भारत की साख को गहरा धक्का भी लगा।

जवाहरलाल नेहरू के इस फैसले का सेना पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ा साथ ही राजनीतिक नेतृत्व और नौकरशाही के पर भी इसका प्रभाव देखने को मिला है। जवाहरलाल नेहरू की अनेक गलतियों में से यह एक बड़ी गलती साबित हुई जो भारत को भरी पड़ी तथा चीन से हार का सामना करना पड़ा।

सेना के वर्चस्व को कम करने के लिए उन्होंने न सिर्फ कमांडर इन चीफ का पद हटाया अपितु सेना की संख्या में भी भरी कटौती की थी वह भी तब जब चीन तिबाट पर चढ़ाई कर रहा था। यह जानते हुए भी नवंबर 1950 में जब चीन ने पहले ही तिब्बत में प्रवेश कर लिया, नेहरू ने संसद में एक बहस के दौरान घोषणा की कि उन्होंने रक्षा खर्च और सेना के आकार को कम करने के लिए रक्षा मंत्रालय को निर्देश दिया था। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 1951 में सेना के 50,000 सैनिकों को हटा दिया गया था।

नेहरू की सेना के लिए इस मानसिकता का असर वर्ष 1962 की युद्ध के दौरान दिखाई दिया, जब हमारे सशस्त्र बल तालमेल के बिना ही एक संगठित चीनी सेना के खिलाफ लड़े और भारत को हार का सामना करना पड़ा था। हार के बावजूद, नेहरू का व्यामोह इतना अधिक था कि उन्होंने सीडीएस नियुक्त करने की मांग से इनकार कर दिया और फिर आगे आने वाली सभी सरकारों ने इस प्रवृत्ति को जारी रखा। हालांकि कारगिल युद्ध में जीत के बाद भी देश की सुरक्षा व्यवस्था में खामियों का पता लगाने के लिए गठित समिति ने भी चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ के नियुक्ति की पैरवी की थी। इसके बाद नरेश चंद्र टास्क फोर्स ने भी चीफ्स ऑफ स्टॉफ कमेटी के स्थाई प्रमुख के नियुक्ति की पैरवी की थी।

लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सुझावों के 20 वर्ष बाद इसे पूरा करने का जज्बा दिखाया है। बता दें कि दिसंबर, 2015 में नौसेना के विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर सवार होकर पीएम मोदी ने कंबाइंड कमांडर्स कांफ्रेंस को संबोधित करने के दौरान ही ‘चीफ ऑफ डिफेंस’ बनाने का संकेत दे दिया था। तब भी उन्होंने कहा था, “संयुक्त रूप से शीर्ष अधिकारी की ज़रूरत लंबे समय से बनी हुई है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को तीनों सेनाओं के कमांड का अनुभव होना चाहिए। हमारी सेना के वरिष्ठ सैन्य प्रबंधन में सुधार की ज़रूरत है। अतीत में दिए गए कई सैन्य सुधार के प्रस्तावों को लागू नहीं किया जा सका है, यह दुखद है। मेरे लिए यह प्राथमिकता का विषय है।” इस बार 73वें स्वतन्त्रता दिवस के मौके पर इस बड़े बदलाव का ऐलान भी कर दिया। इससे सेना के तीनों अंगों को बदलते तकनीक और वक्त के साथ युद्ध के दौरान तालमेल करने में मदद मिलेगी। ‘चीफ ऑफ डिफेंस’ तीनों सेनाओं के प्रभारी होंगे। इससे तीनों सेनाओं को एक नेतृत्व प्राप्त होगा। आचार्य चाणक्य ने भी एक सेनापति रखने का संदेश अपनी पुस्तक अर्थशास्त्र में दिया है। उन्होंने लिखा है:

अल्पबीजहतं क्षेत्रं हतं सैन्यमनायकम् ।

अर्थात कम बीज से खेत तथा बिना सेनापति वाली सेना नष्ट हो जाती है। प्रधानमंत्री ने कहा ये व्यवस्था इसलिए की गई है क्योंकि आज के समय में तीनों सेनाओं का साथ चलना बेहद जरूरी है। तीनों सेनाएं एक साथ चलें तभी देश सुरक्षित रहेगा।

 

 

 

Tags: पं. नेहरूपीएम मोदीभारतीय सेनारक्षा मंत्रालय
शेयर1513ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

रामचन्द्र गुहा के इस मोदी विरोधी लेख की हर लाइन, हर शब्द, हर अक्षर पूरी तरह बकवास और कूड़ा है

अगली पोस्ट

अमित शाह ने एक भाषण में शेहला राशिद के फलते-फूलते राजनीतिक करियर को तबाह कर दिया

संबंधित पोस्ट

Tejas mark -1
आयुध

वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

22 February 2026

इकोनॉमिक टाइम्स ने एक परेशान करने वाली रिपोर्ट पब्लिक की है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारतीय वायुसेना ने एक और तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट को...

तेजस Mk1-A: बन कर तैया
चर्चित

तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

9 February 2026

स्वदेशी तेजस Mk1A एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है, क्योंकि इससे जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई है। इस तस्वीर में...

भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान
भारत

फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

9 February 2026

भारत फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए लगभग ₹3.25 लाख करोड़ की बड़ी डील के और करीब पहुंच गया है। रक्षा सूत्रों...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited