TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी की 21 मई को होगी अहम बैठक

    पीएम की 21 मई बैठक पर सबकी नजर, कैबिनेट फेरबदल और बड़े सुधारों के संकेत तेज

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक पकड़ाया

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक ने फर्जी पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की का किया अपहरण, भागने की कोशिश में यूपी पुलिस मुठभेड़ में लगी गोली

    पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन

    पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़े, जनता पर महंगाई की मार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी की 21 मई को होगी अहम बैठक

    पीएम की 21 मई बैठक पर सबकी नजर, कैबिनेट फेरबदल और बड़े सुधारों के संकेत तेज

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक पकड़ाया

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक ने फर्जी पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की का किया अपहरण, भागने की कोशिश में यूपी पुलिस मुठभेड़ में लगी गोली

    पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन

    पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़े, जनता पर महंगाई की मार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जिस गुरु ने हाथ पकड़कर लिखना सिखाया, उन्हीं के मुंह पर कालिख पोत रहा है मनमोहन

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
5 December 2019
in मत
मनमोहन सिंह, पीवी नरसिम्हा राव, कांग्रेस, 1984 दंगा,

(PC: Outlook India)

Share on FacebookShare on X

मनमोहन सिंह एक ऐसे पूर्व प्रधानमंत्री हैं जिनके कार्यकाल में सबसे अधिक भ्रष्टाचार हुए लेकिन अभी भी उनकी छवि साफ ही दिखाई जाती है। किसी भी प्रकार की आलोचना को यह कह कर दबा दिया जाता है कि उन्होंने भारत को दिवालिया होने से बचाया था। यही सब बातें कहकर कई भ्रष्टाचारों के बावजूद उन्हें छोड़ दिया जाता है। वे अक्सर मौन व्रत धारण किए रहते हैं इसी वजह से कोई उन पर सवाल नहीं करता।

परंतु इस बार उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है जो शायद उनके साफ छवि पर भारी पड़ेगा। उन्होंने न सिर्फ अपनी परिवार भक्ति दिखाई है बल्कि अपने गुरु और पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के साथ भी विश्वासघात किया है।

संबंधितपोस्ट

मस्जिदों में कुत्ते बांधने वाली पाकिस्तानी सेना: खैबर पख्तूनख्वा के विद्रोह से टूटा ‘एक पाकिस्तान’ का भ्रम, भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से बड़ा अवसर

सादगी की सरकार, शीशे के महल में बंद: दिल्ली से चंडीगढ़ तक केजरीवाल की चमचमाती सादगी की कहानी

“पाकिस्तान घर जैसा है”: सैम पित्रोदा और कांग्रेस की पाकिस्तान नीति पर विवाद

और लोड करें

दरअसल, मनमोहन सिंह ने एक कार्यक्रम में कहा, दिल्‍ली में जब 84 के सिख दंगे हो रहे थे, गुजराल जी उस समय के गृह मंत्री नरसिम्हा राव के पास गए थे। उन्‍होंने राव से कहा कि स्थिति इतनी गंभीर है कि सरकार के लिए जल्द से जल्द सेना को बुलाना आवश्यक है। अगर राव गुजराल की सलाह मानकर आवश्‍यक कार्रवाई करते तो तो शायद 1984 के नरसंहार से बचा जा सकता था।‘

Ex-PM Manmohan Singh: When the sad event of '84 took place, IK Gujral ji went to the then HM PV Narasimha Rao&told him,situation is so grave that it's necessary for govt to call Army at the earliest. If that advice had been heeded perhaps '84 massacre could've been avoided.(4.12) pic.twitter.com/bQmnktnmem

— ANI (@ANI) December 4, 2019

यह कोई छोटा मोटा बयान नहीं है। यह एक पूर्वप्रधानमंत्री के तरफ से आया है और यह पीवी नरसिम्हा राव के ऊपर 1984 के दंगो को मढ़ने का एक स्पष्ट प्रयास है। क्योंकि इस बयान में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बात ही नहीं की गयी है तो यह भी स्पष्ट दिख रहा है कि मनमोहन सिंह राजीव गांधी की भूमिका को पूरी तरह से भुला रहे हैं या जानबूझ कर यह आरोप नरसिम्हा राव के सिर मढ़ना चाहते हैं।

मनमोहन सिंह जिस प्रकार के विद्वान हैं उससे तो यह नहीं लगता है कि उनकी याददास्त इनती कमजोर होगी। इसका मतलब यह है कि मनमोहन सिंह ने गांधी परिवार की वफादारी करते हुए अपने बयान से 2 निशाने साधने की कोशिश की है। पहला यह कि 1984 के दंगों में राजीव गांधी का कोई हाथ नहीं था और दूसरा यह कि तत्कालीन गृह मंत्री नरसिम्हा राव दंगों को रोक सकते थे, इसलिए दंगों के जिम्मेदार वे हैं। स्पष्ट तौर पर नरसिम्हा राव पर यह आरोप लगाने के बाद मनमोहन सिंह ने अपने गुरु के साथ विश्वास घात किया है, जिन्होंने उन्हें वित्त मंत्री बनाया था। आइये जरा एक नजर डालते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कितना सच बोल रहे हैं।

1984 के दंगों में राजीव गांधी की भूमिका:

01 नवंबर 1984 के दिन सुबह से ही दिल्ली में सिखों के कत्ले-आम की शुरुआत हो चुकी थी, जो 03 नवंबर 1984 तक बिना रोक-टोक चलती रही। इस कत्ले-आम में हज़ारों सिखों को बेरहमी से मारा गया था। इसके बाद जो हुआ वह भारत के इतिहास का सबसे काला अध्याय था।

ममोहन सिंह ने यह आरोप लगाया है कि उस वक्त के गृह मंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने अगर IK Gujral की बात मानी होती तो यह दंगा नहीं होता। शायद मनमोहन सिंह यह भूल रहे है कि उस समय प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे और बिना उनके इशारे के बिना कुछ भी संभव नहीं था। इस बात का खुलासा करते हुए विनय सत्पथी ने अपनी किताब Half Lion में यह बताया है कि कैसे एक फोन से गृह मंत्री को अपना काम नहीं करने दिया।

मनमोहन सिंह, नरसिम्हा राव

उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि सुबह 6 बजे ही गृह मंत्री के ऑफिस में एक कांग्रेस के नेता जिन्हें राजीव गांधी का करीबी माना जाता था, उनका का फोन आता है और यह आदेश मिलता है कि इन दंगों के लिए एक कोर्डिनेटेड response की आवश्यकता है इसलिए सभी दंगों की सभी खबरें अब से सीधे PMO को दी जाएंगी।

इसके बाद नरसिम्हा राव राम जेठमलानी से भी मिलते हैं और वह भी ये नोटिस करते हैं कि गृह मंत्री किसी भी पुलिस के संपर्क में नहीं थे। इससे स्पष्ट था कि जब PMO ने स्वयं हस्तक्षेप किया है तो उनकी कोई आवश्यकता नहीं है। इस किताब के अनुसार अगले दिन लगभग 2733 लोगों के मारने या जलाने की खबर आई थी। इससे यह स्पष्ट ही होता है कि इन दंगों में राजीव गांधी ने खुद कमान संभाली हुई थी।

यही नहीं 15 नवंबर 1984 के दिन एक सार्वजनिक सभा में राजीव गाँधी ने सिख कत्ले-आम पर कहा था कि “जब एक बड़ा पेड़ ज़मीन पर गिरता है, तब धरती थोड़ी हिलती है।” इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनका इशारा इन्दिरा गांधी की मौत के तरफ था। जैसे मानो वो इशारा कर रहें हो कि इन्दिरा गांधी कि हत्या के बाद भड़के दंगे जायज थे।

इस मामले में कई जांच बैठी लेकिन किसी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किसने यह दंगा कराया था। इसका कारण भी था कि उसके बाद भी सरकार कांग्रेस की ही थी।

पीवी नरसिम्हा राव पर जब सवाल दागे जा रहे थे तब भी वह इस सच्चाई को बता सकते थे और राजीव गांधी पर आरोप लगा सकते थे लेकिन उन्होंने भी परिवार की चापलूसी करते हुए यह बात किसी को नहीं बताई।

इन दंगों की जांच के लिए एक सिटीज़न कमेटी बनी थी और इसमें कुछ बातों को सामने लाया भी गया था। भारत के भूतपूर्व मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में श्री एस.एम सीकरी और बाकी सारे बुद्धिजीवियों ने सिख कत्लेआम के दौरान सरकार के अधीन दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो, दिल्ली पुलिस, कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, दिल्ली के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर और पूरी सरकारी व्यवस्था को ही आपराधिक कठघरे में खड़ा कर दिया था।

सिटीज़न कमीशन 03 नवंबर 1984 का हवाला देकर लिखती है कि इस दिन श्रीमती इंदिरा गांधी का दाह संस्कार करना था और इससे ठीक पहले दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर को छुट्टी पर भेज दिया गया। अब गृह सचिव को इस पद की ज़िम्मेदारी सौंप दी गई थी। इंदिरा गांधी के दाह संस्कार के संबंध में फौज और पुलिस को विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के इंतज़ाम में लगाया गया। इन सभी घटनाओं से पता चल जाता है कि यह दंगा कितने सुनयोजित तरीके से करवाया गया था।

धारा 144 लागू करके कर्फ्यू के दौरान किस तरह भीड़ सिख समुदाय के घरों को चुन-चुन कर निशाना बनाने में कामयाब हो रही थी यह एक बड़ा सवाल है। जहां भी हिंसा हुई वहां किसी भी तरह के पुलिस प्रशासन की उपस्थिति का कोई ब्यौरा नहीं मिलता। संजय सूरी की 1984 के संदर्भ में लिखी गई किताब में भी कई सच सामने आते हैं। इस किताब में उन्होंने यह बताया है कि कांग्रेस के एक बड़े नेता पुलिस थाने में पुलिस अफसर की मौजूदगी में सिख कत्ले-आम में लूट के आरोप में पकड़े गए लोगों की पैरवी करते हुए दिखाई दे रहे थे।

कई चश्मदीद गवाहों ने पालम कॉलोनी, तिलक विहार, राज नगर जैसे इलाकों में हुए दंगों में सज्जन कुमार, बलवान खोखर, प्रताप सिंह, महा सिंह और मोहिंदर सिंह की भूमिकाओं के बारे में गवाही दी है। सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर सिख-विरोधी दंगों का चेहरा रहे हैं। इसके अलावा संजय सूरी की 1984 दी एंटी-सिख वॉयलेंस एंड आफ़्टर (किताब) में मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ की उन दिनों संदिग्ध और संभवतः आपराधिक भूमिका पर विस्तार से बताया है। वहीं सज्जन कुमार के केस में अहम गवाह रही श्रीमती जगदीश कौर ने फिल्म जगत के बड़े अभिनेता अमिताभ बच्चन पर भी आरोप लगाया कि वह टीवी पर “खून के बदले खून” के नारे लगाते हुए दिखे थे।

इस तरह से ममोहन सिंह का यह बयान देना और सभी आरोप पीवी नरसिम्हा पर मढ़ देना उनकी मानसिकता को दिखाता है कि कैसे वे अभी भी गांधी परिवार की चापलूसी से निकल नहीं पाए हैं। सोनिया गांधी के हाथों में कांग्रेस का कमान जाने के बाद से पीवी नरसिम्हा राव को एक बलि के बकरे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस ने कभी भी उन्हें वह इज्जत नहीं दी जिसके वो असल हकदार थे। यहाँ तक कि उनकी मृत्यु के बाद उनके शव को भी कांग्रेस मुख्यालय में नहीं ले जाने दिया गया।

अब तो यह आप समझ ही गए होंगे कि यह किसके इशारे पर हुआ था। अब इस तरह से मनमोहन सिंह का भी अपने राजनीतिक गुरु को धोखा देकर दोषी बनाना, उनकी दाशता को ही दिखाता है। यह पीवी नरसिम्हा राव ही थे जो मनमोहन सिंह को राजनीति में लाए और अर्थशास्त्री IP Patel द्वारा ठुकराये जाने के बाद उन्हें वित मंत्री बना दिया। यह पीवी नरसिम्हा ही थे जिन्होंने भारी विरोध के बावजूद मनमोहन सिंह को आर्थिक नीति पर फैसले लेने की खुली छूट दी। जिसका परिणाम यह हुआ कि देश में परिवर्तन आया और देश साम्यवाद की जकड़ से छूट कर उदारवाद की राह पर चल पड़ा।

आज किसी भी कांग्रेसी नेता के मन में पीवी नरसिम्हा राव के लिए सम्मान नहीं रहा। मनमोहन सिंह ही वो आखिरी नेता थे जिनसे यह उम्मीद लगाई गई थी कि कम से कम वो पीवी नरसिम्हा राव की विरासत का मान रखेंगे लेकिन इस बयान से उन्होंने अपने राजनीतिक गुरु के साथ विश्वासघात किया है। गांधी परिवार की जी हुज़ूरी करते करते इस बयान से उन्होंने शायद अपने ही अमर शब्दों को और अमर कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि इतिहास उनके साथ न्याय करेगा। अब नरसिम्हा राव पर इस बयान के बाद अवश्य ही इतिहास उनके साथ न्याय करेगा।

इतिहास इसलिए भी अब मनमोहन सिंह को याद करेगा क्योंकि उन्होंने गांधी परिवार की चाटूकारिता के लिए अपने राजनीतिक गुरू व भारत के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री पर 1984 के दंगे का आरोप लगाया, जोकि जगजाहिर है कि इस दंगे को किस परिवार ने और क्यों अजांम दिया था।

Tags: 1984 दंगापंजाबपीवी नरसिम्हामनमोहन सिंहसिख
शेयर1070ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पाखंडी नित्यानन्द का कथित हिन्दू राष्ट्र ‘कैलासा’, रजनीशपुरम 2.0 साबित होगा!

अगली पोस्ट

चीन अपने फायदे के लिए केन्या को कंगाल कर रहा है, केन्याई लोग विरोध करने सड़कों पर उतर आए हैं

संबंधित पोस्ट

बंगाल में बारूद और बैलेट की जंग: पनिहाटी से भवानीपुर तक हिंसा, तोड़फोड़ और ‘EVM’ पर संग्राम; लोकतंत्र के महापर्व में मची भारी चीख-पुकार
मत

बंगाल में बारूद और बैलेट की जंग: पनिहाटी से भवानीपुर तक हिंसा, तोड़फोड़ और ‘EVM’ पर संग्राम; लोकतंत्र के महापर्व में मची भारी चीख-पुकार

29 April 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का अंतिम और निर्णायक चरण बुधवार को लोकतंत्र के उत्सव से कहीं अधिक 'रणक्षेत्र' जैसा नजर आया। नादिया की शांत गलियों...

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा
चर्चित

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा

24 April 2026

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 24 अप्रैल 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए मतदान ने...

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
चर्चित

क्या ‘युवा संकल्प’ बदलेगा बंगाल का भविष्य ? असंतोष…संभावनाएँ और परिवर्तन की दस्तक !

21 April 2026

बंगाल की माटी में बदलाव की चाह कोई अचानक उठी हुई लहर नहीं है, यह एक लंबे समय से संचित असंतोष, आकांक्षा और संभावनाओं का...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited