TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जिस गुरु ने हाथ पकड़कर लिखना सिखाया, उन्हीं के मुंह पर कालिख पोत रहा है मनमोहन

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
5 December 2019
in मत
मनमोहन सिंह, पीवी नरसिम्हा राव, कांग्रेस, 1984 दंगा,

(PC: Outlook India)

Share on FacebookShare on X

मनमोहन सिंह एक ऐसे पूर्व प्रधानमंत्री हैं जिनके कार्यकाल में सबसे अधिक भ्रष्टाचार हुए लेकिन अभी भी उनकी छवि साफ ही दिखाई जाती है। किसी भी प्रकार की आलोचना को यह कह कर दबा दिया जाता है कि उन्होंने भारत को दिवालिया होने से बचाया था। यही सब बातें कहकर कई भ्रष्टाचारों के बावजूद उन्हें छोड़ दिया जाता है। वे अक्सर मौन व्रत धारण किए रहते हैं इसी वजह से कोई उन पर सवाल नहीं करता।

परंतु इस बार उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है जो शायद उनके साफ छवि पर भारी पड़ेगा। उन्होंने न सिर्फ अपनी परिवार भक्ति दिखाई है बल्कि अपने गुरु और पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के साथ भी विश्वासघात किया है।

संबंधितपोस्ट

बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

मस्जिदों में कुत्ते बांधने वाली पाकिस्तानी सेना: खैबर पख्तूनख्वा के विद्रोह से टूटा ‘एक पाकिस्तान’ का भ्रम, भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से बड़ा अवसर

सादगी की सरकार, शीशे के महल में बंद: दिल्ली से चंडीगढ़ तक केजरीवाल की चमचमाती सादगी की कहानी

और लोड करें

दरअसल, मनमोहन सिंह ने एक कार्यक्रम में कहा, दिल्‍ली में जब 84 के सिख दंगे हो रहे थे, गुजराल जी उस समय के गृह मंत्री नरसिम्हा राव के पास गए थे। उन्‍होंने राव से कहा कि स्थिति इतनी गंभीर है कि सरकार के लिए जल्द से जल्द सेना को बुलाना आवश्यक है। अगर राव गुजराल की सलाह मानकर आवश्‍यक कार्रवाई करते तो तो शायद 1984 के नरसंहार से बचा जा सकता था।‘

Ex-PM Manmohan Singh: When the sad event of '84 took place, IK Gujral ji went to the then HM PV Narasimha Rao&told him,situation is so grave that it's necessary for govt to call Army at the earliest. If that advice had been heeded perhaps '84 massacre could've been avoided.(4.12) pic.twitter.com/bQmnktnmem

— ANI (@ANI) December 4, 2019

यह कोई छोटा मोटा बयान नहीं है। यह एक पूर्वप्रधानमंत्री के तरफ से आया है और यह पीवी नरसिम्हा राव के ऊपर 1984 के दंगो को मढ़ने का एक स्पष्ट प्रयास है। क्योंकि इस बयान में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बात ही नहीं की गयी है तो यह भी स्पष्ट दिख रहा है कि मनमोहन सिंह राजीव गांधी की भूमिका को पूरी तरह से भुला रहे हैं या जानबूझ कर यह आरोप नरसिम्हा राव के सिर मढ़ना चाहते हैं।

मनमोहन सिंह जिस प्रकार के विद्वान हैं उससे तो यह नहीं लगता है कि उनकी याददास्त इनती कमजोर होगी। इसका मतलब यह है कि मनमोहन सिंह ने गांधी परिवार की वफादारी करते हुए अपने बयान से 2 निशाने साधने की कोशिश की है। पहला यह कि 1984 के दंगों में राजीव गांधी का कोई हाथ नहीं था और दूसरा यह कि तत्कालीन गृह मंत्री नरसिम्हा राव दंगों को रोक सकते थे, इसलिए दंगों के जिम्मेदार वे हैं। स्पष्ट तौर पर नरसिम्हा राव पर यह आरोप लगाने के बाद मनमोहन सिंह ने अपने गुरु के साथ विश्वास घात किया है, जिन्होंने उन्हें वित्त मंत्री बनाया था। आइये जरा एक नजर डालते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कितना सच बोल रहे हैं।

1984 के दंगों में राजीव गांधी की भूमिका:

01 नवंबर 1984 के दिन सुबह से ही दिल्ली में सिखों के कत्ले-आम की शुरुआत हो चुकी थी, जो 03 नवंबर 1984 तक बिना रोक-टोक चलती रही। इस कत्ले-आम में हज़ारों सिखों को बेरहमी से मारा गया था। इसके बाद जो हुआ वह भारत के इतिहास का सबसे काला अध्याय था।

ममोहन सिंह ने यह आरोप लगाया है कि उस वक्त के गृह मंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने अगर IK Gujral की बात मानी होती तो यह दंगा नहीं होता। शायद मनमोहन सिंह यह भूल रहे है कि उस समय प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे और बिना उनके इशारे के बिना कुछ भी संभव नहीं था। इस बात का खुलासा करते हुए विनय सत्पथी ने अपनी किताब Half Lion में यह बताया है कि कैसे एक फोन से गृह मंत्री को अपना काम नहीं करने दिया।

मनमोहन सिंह, नरसिम्हा राव

उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि सुबह 6 बजे ही गृह मंत्री के ऑफिस में एक कांग्रेस के नेता जिन्हें राजीव गांधी का करीबी माना जाता था, उनका का फोन आता है और यह आदेश मिलता है कि इन दंगों के लिए एक कोर्डिनेटेड response की आवश्यकता है इसलिए सभी दंगों की सभी खबरें अब से सीधे PMO को दी जाएंगी।

इसके बाद नरसिम्हा राव राम जेठमलानी से भी मिलते हैं और वह भी ये नोटिस करते हैं कि गृह मंत्री किसी भी पुलिस के संपर्क में नहीं थे। इससे स्पष्ट था कि जब PMO ने स्वयं हस्तक्षेप किया है तो उनकी कोई आवश्यकता नहीं है। इस किताब के अनुसार अगले दिन लगभग 2733 लोगों के मारने या जलाने की खबर आई थी। इससे यह स्पष्ट ही होता है कि इन दंगों में राजीव गांधी ने खुद कमान संभाली हुई थी।

यही नहीं 15 नवंबर 1984 के दिन एक सार्वजनिक सभा में राजीव गाँधी ने सिख कत्ले-आम पर कहा था कि “जब एक बड़ा पेड़ ज़मीन पर गिरता है, तब धरती थोड़ी हिलती है।” इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनका इशारा इन्दिरा गांधी की मौत के तरफ था। जैसे मानो वो इशारा कर रहें हो कि इन्दिरा गांधी कि हत्या के बाद भड़के दंगे जायज थे।

इस मामले में कई जांच बैठी लेकिन किसी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किसने यह दंगा कराया था। इसका कारण भी था कि उसके बाद भी सरकार कांग्रेस की ही थी।

पीवी नरसिम्हा राव पर जब सवाल दागे जा रहे थे तब भी वह इस सच्चाई को बता सकते थे और राजीव गांधी पर आरोप लगा सकते थे लेकिन उन्होंने भी परिवार की चापलूसी करते हुए यह बात किसी को नहीं बताई।

इन दंगों की जांच के लिए एक सिटीज़न कमेटी बनी थी और इसमें कुछ बातों को सामने लाया भी गया था। भारत के भूतपूर्व मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में श्री एस.एम सीकरी और बाकी सारे बुद्धिजीवियों ने सिख कत्लेआम के दौरान सरकार के अधीन दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो, दिल्ली पुलिस, कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, दिल्ली के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर और पूरी सरकारी व्यवस्था को ही आपराधिक कठघरे में खड़ा कर दिया था।

सिटीज़न कमीशन 03 नवंबर 1984 का हवाला देकर लिखती है कि इस दिन श्रीमती इंदिरा गांधी का दाह संस्कार करना था और इससे ठीक पहले दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर को छुट्टी पर भेज दिया गया। अब गृह सचिव को इस पद की ज़िम्मेदारी सौंप दी गई थी। इंदिरा गांधी के दाह संस्कार के संबंध में फौज और पुलिस को विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के इंतज़ाम में लगाया गया। इन सभी घटनाओं से पता चल जाता है कि यह दंगा कितने सुनयोजित तरीके से करवाया गया था।

धारा 144 लागू करके कर्फ्यू के दौरान किस तरह भीड़ सिख समुदाय के घरों को चुन-चुन कर निशाना बनाने में कामयाब हो रही थी यह एक बड़ा सवाल है। जहां भी हिंसा हुई वहां किसी भी तरह के पुलिस प्रशासन की उपस्थिति का कोई ब्यौरा नहीं मिलता। संजय सूरी की 1984 के संदर्भ में लिखी गई किताब में भी कई सच सामने आते हैं। इस किताब में उन्होंने यह बताया है कि कांग्रेस के एक बड़े नेता पुलिस थाने में पुलिस अफसर की मौजूदगी में सिख कत्ले-आम में लूट के आरोप में पकड़े गए लोगों की पैरवी करते हुए दिखाई दे रहे थे।

कई चश्मदीद गवाहों ने पालम कॉलोनी, तिलक विहार, राज नगर जैसे इलाकों में हुए दंगों में सज्जन कुमार, बलवान खोखर, प्रताप सिंह, महा सिंह और मोहिंदर सिंह की भूमिकाओं के बारे में गवाही दी है। सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर सिख-विरोधी दंगों का चेहरा रहे हैं। इसके अलावा संजय सूरी की 1984 दी एंटी-सिख वॉयलेंस एंड आफ़्टर (किताब) में मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ की उन दिनों संदिग्ध और संभवतः आपराधिक भूमिका पर विस्तार से बताया है। वहीं सज्जन कुमार के केस में अहम गवाह रही श्रीमती जगदीश कौर ने फिल्म जगत के बड़े अभिनेता अमिताभ बच्चन पर भी आरोप लगाया कि वह टीवी पर “खून के बदले खून” के नारे लगाते हुए दिखे थे।

इस तरह से ममोहन सिंह का यह बयान देना और सभी आरोप पीवी नरसिम्हा पर मढ़ देना उनकी मानसिकता को दिखाता है कि कैसे वे अभी भी गांधी परिवार की चापलूसी से निकल नहीं पाए हैं। सोनिया गांधी के हाथों में कांग्रेस का कमान जाने के बाद से पीवी नरसिम्हा राव को एक बलि के बकरे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस ने कभी भी उन्हें वह इज्जत नहीं दी जिसके वो असल हकदार थे। यहाँ तक कि उनकी मृत्यु के बाद उनके शव को भी कांग्रेस मुख्यालय में नहीं ले जाने दिया गया।

अब तो यह आप समझ ही गए होंगे कि यह किसके इशारे पर हुआ था। अब इस तरह से मनमोहन सिंह का भी अपने राजनीतिक गुरु को धोखा देकर दोषी बनाना, उनकी दाशता को ही दिखाता है। यह पीवी नरसिम्हा राव ही थे जो मनमोहन सिंह को राजनीति में लाए और अर्थशास्त्री IP Patel द्वारा ठुकराये जाने के बाद उन्हें वित मंत्री बना दिया। यह पीवी नरसिम्हा ही थे जिन्होंने भारी विरोध के बावजूद मनमोहन सिंह को आर्थिक नीति पर फैसले लेने की खुली छूट दी। जिसका परिणाम यह हुआ कि देश में परिवर्तन आया और देश साम्यवाद की जकड़ से छूट कर उदारवाद की राह पर चल पड़ा।

आज किसी भी कांग्रेसी नेता के मन में पीवी नरसिम्हा राव के लिए सम्मान नहीं रहा। मनमोहन सिंह ही वो आखिरी नेता थे जिनसे यह उम्मीद लगाई गई थी कि कम से कम वो पीवी नरसिम्हा राव की विरासत का मान रखेंगे लेकिन इस बयान से उन्होंने अपने राजनीतिक गुरु के साथ विश्वासघात किया है। गांधी परिवार की जी हुज़ूरी करते करते इस बयान से उन्होंने शायद अपने ही अमर शब्दों को और अमर कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि इतिहास उनके साथ न्याय करेगा। अब नरसिम्हा राव पर इस बयान के बाद अवश्य ही इतिहास उनके साथ न्याय करेगा।

इतिहास इसलिए भी अब मनमोहन सिंह को याद करेगा क्योंकि उन्होंने गांधी परिवार की चाटूकारिता के लिए अपने राजनीतिक गुरू व भारत के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री पर 1984 के दंगे का आरोप लगाया, जोकि जगजाहिर है कि इस दंगे को किस परिवार ने और क्यों अजांम दिया था।

Tags: 1984 दंगापंजाबपीवी नरसिम्हामनमोहन सिंहसिख
शेयर1070ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पाखंडी नित्यानन्द का कथित हिन्दू राष्ट्र ‘कैलासा’, रजनीशपुरम 2.0 साबित होगा!

अगली पोस्ट

चीन अपने फायदे के लिए केन्या को कंगाल कर रहा है, केन्याई लोग विरोध करने सड़कों पर उतर आए हैं

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited