TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

“रूस को दोस्त न समझना भारत”, भारत-रूस के संभावित सैन्य गठबंधन से चीन की रूह तक कांप उठी है

तभी तो Global Times एक-एक पेज का Article छाप रहा है

Shikhar Srivastava द्वारा Shikhar Srivastava
11 September 2020
in रक्षा
रूस
Share on FacebookShare on X

चीन की प्रोपोगेंडा पत्रिका ग्लोबल टाइम्स ने भारत चीन की वर्तमान स्थिति पर एक लेख लिखा है जिसका शीर्षक है “Does international community favor India in its conflict with China?” हालांकि, यह आर्टिकल सिर्फ दो देशों, रूस और अमेरिका, को ध्यान में रखकर लिखा गया है। चीन ने जापान, फ्रांस, यूरोप के बाकी देश आदि कई देशों को अपने लेख में जगह नहीं दी है। यह लेख चीन की मनोवैज्ञानिक युद्धनीति का हिस्सा है।  सेना और प्रशासनिक अधिकारी इनसे प्रभावित नहीं होते किंतु आम लोगों पर इनका प्रभाव पड़ता है। चीन ऐसी psychological tactics का इस्तेमाल करता रहता है। अभी पिछले दिनों चीन ने पैंगोंग झील पर पर्यटकों के जाने का वीडियो वायरल किया था और यह जताने की कोशिश की थी कि पैंगोंग झील पर उनका कब्जा हो गया है। इसे कई ट्विटर हैंडल से यह कहते हुए शेयर किया गया कि यह भारतीय इलाके की झील है। जबकि सत्य यह था कि 135 किलोमीटर लंबी झील का 60 फीसदी से अधिक हिस्सा पहले ही चीन के पास है, 1962 के भी युद्ध से पहले से ही।

ऐसा भ्रामक खबरों का इस्तेमाल शत्रु देश पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए किया जाता है। चीन की ये सभी नीतियां उसकी ही कमजोरी दिखाती हैं। चीन को अफसोस होना चाहिए कि जो हरकतें पाकिस्तान करता था अब चीन कर रहा है।

संबंधितपोस्ट

मॉनसून ने पूरे देश को किया कवर, दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित

मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

और लोड करें

बहरहाल, लेख में चीन की बौखलाहट साफ दिखाई देती है। लेख में कहा गया है कि भारत उकसावे की कार्रवाई कर रहा है क्योंकि उसे इस बात पर दृढ़ विश्वास है कि चीन युद्ध नहीं करेगा। यह हास्यास्पद है कि खुद चीन ने LAC पर यथास्थिति बदलने की कोशिश की एवं उन इलाकों में अपनी सेना उतार दी जो किसी एक पक्ष के हिस्से में नहीं थे एवं दोनों पक्षों द्वारा वहाँ पेट्रोलिंग की जाती थी। चीन भारत को दबाव में लाना चाहता था, जिससे वह अमेरिका के पक्ष में न जाए, किंतु चीन के अनावश्यक उकसावे के कारण भारत और उसके संबंध इस कदर बिगड़े हैं कि यह सुधरने में दशकों लगेंगे।

चीन ने आरोप लगाया है कि भारत सरकार घरेलू समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसे कदम उठा रही है, और वह अति राष्ट्रवाद से प्रेरित है। यह दोनों बात विरोधाभासी हैं। अगर भारत सरकार अति राष्ट्रवाद का शिकार होती तो बिना सोचे समझे फैसले लेती, अस्थिर बुद्धि से। जबकि घरेलू मुद्दों से ध्यान हटाने की साजिश रचने के लिए स्थिर दिमाग चाहिए। दोनों एकसाथ हो ही नहीं सकता।

वैसे भी भारत लोकतंत्र है, यहाँ विपक्ष को राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक मुद्दे में अंतर करने आता है। यही कारण है कि अधिकांश विपक्ष या सरकार में बैठे राजनीतिक दल चीन मुद्दे पर बयानबाजी नहीं कर रहे, इसे पूरी तरह सरकार और सेना पर छोड़ दिया गया है। जबकि आंतरिक राजनीति में कोरोना से लेकर बॉलीवुड तक के मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इसके विपरीत चीन में एक तानाशाही सरकार है, जिस पर उसकी ही निष्कासित प्रोफेसर ने आरोप लगाया है कि चीन सरकार घरेलू असंतोष से ध्यान हटाने के लिए पड़ोसियों के साथ झगड़े बढ़ा रही है।

चीन को आंतरिक मुद्दों को सुलझाने पर भारत को ज्ञान नहीं देना चाहिए।  जिस देश का 3/4 हिस्सा मानवाधिकारों से वंचित हो वह घरेलू मुद्दों को सुलझाने की बात करे, यह बेशर्मी की हद है।

अब आते हैं लेख के मूल मुद्दे पर, चीन ने यह बताने की कोशिश की है कि दुनिया या कहें कि रूस और अमेरिका भारत और चीन के युद्ध में नहीं पड़ेंगे। भारत इस भुलावे में है कि आज उसके प्रति दुनिया में सकारात्मक रुख है और चीन के प्रति गुस्सा।

यह मजेदार है कि चीन को अपने घरेलू असंतोष का तो ध्यान नहीं है साथ ही उसे दुनिया में क्या चल रहा है इसकी भी जानकारी नहीं। समस्या यही है कि मध्यकालीन सोच से ग्रस्त ये देश अपने भूभाग को दुनिया मानता है। रूस और चीन पूर्वी यूरोप से लेकर व्लादिवोस्टोक तक अनेक मुद्दों पर एक दूसरे के खिलाफ हैं। जबकि रूस और भारत की बात करें तो दोनों देशों के पारंपरिक रूप से बेहद अच्छे संबंध हैं। यह सत्य है कि रूस नहीं चाहता कि भारत और चीन के बीच युद्ध हो, किंतु यह तो भारत भी नहीं चाहता कि युद्ध हो, तो फिर रूस और भारत के संबंधों में टकराव कहाँ है। वैसे भी रूस ने चीन को हथियारों की आपूर्ति पर रोक लगा दी है, क्योंकि वह अक्सर रूसी तकनीक की नकल करके अपने स्वदेशी हथियार तैयार कर लेता है।

इसके विपरीत रूस भारत चीन तनाव के बीच भी भारत को सुखोई-30 और मिग-29upg  की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। वह हाल ही में अंडमान निकोबार द्वीपसमूह के नजदीक संयुक्त सैन्य अभ्यास में भी सम्मिलित हुआ था और सबसे महत्वपूर्ण यह है कि भारत को चीन के साथ किसी युद्ध में उलझना पड़ा तो उसे किसी देश की आवश्यकता नहीं। भारतीय सेनाएं स्वयं सक्षम हैं। यही कारण है कि विस्तारवादी चीन बातचीत से मामला सुलझाना चाहता है।

रही बात अमेरिका की, तो चीन का यह आरोप भी बकवास है कि अमेरिका सिर्फ अपने हथियार बेचने के लिए भारत को उकसा रहा है। भारत के अधिकांश  हथियार रूस में निर्मित हैं, थोड़े से हिस्से में इजराइल, फ्रांस और अमेरिका आदि हैं। तनाव के बीच भी भारत ने जो दो बड़े समझौते किये हैं वह रूस और इजराइल के साथ हुए हैं। अमेरिका के साथ कोई बड़ा रक्षा समझौता हुआ ही नहीं है।

लेख लिखने का कारण वैश्विक स्तर पर चीन पर बढ़ता दबाव है। भारत अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ मिलिट्री लॉजिस्टिक पैक्ट कर चुका है और जल्द ही भारत और रूस के बीच भी यह होने वाला है। भारत पहले ही QUAD का हिस्सा है ऐसे में रूस का भी भारत के साथ समझौता होना, चीन को तीन तरफ से नुकसान पहुँचाएगा।

प्रथम तो वह भारत पर दबाव बनाने के जो प्रयास कर रहा है वह बुरी तरह विफल होंगे, उसकी जो स्थिति अभी है, उससे भी अधिक अपमान होगा, दूसरा भारत रूस को हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए आमंत्रित कर रहा है, यदि ऐसा हुआ तो चीन की स्थिति और भी खराब हो जाएगी।

तीसरा महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि चीन अमेरिका के खिलाफ इसी भरोसे पर डटा है कि रूस उसके साथ है, अगर रूस भारत की हिन्द-प्रशांत रणनीति का हिस्सा बन गया तो अमेरिका के खिलाफ लड़ाई में भी चीन को मुँह की खानी होगी।

राजनाथ सिंह के मॉस्को दौरे के बाद हमने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि रूस का इस दौरे के समय रवैया चीन को एक संदेश था कि रूस भारत के पक्ष में है। अब ग्लोबल टाइम्स का यह लेख इसकी पुष्टि करता है कि चीन को रूस और भारत का संदेश भली-भांति समझ आ गया है।

पूरे लेख में केवल एक बात सही है कि युद्ध हुआ तो दोनों पक्षों को नुकसान होगा। ग्लोबल टाइम्स इसके लिए बधाई का पात्र है कि उसने यह स्वीकार किया कि चीन के सैनिकों को चोट लग सकती है। वैसे तो ग्लोबल टाइम्स की माने तो दुनिया में चीन से मजबूत सेना है ही नहीं। खैर जैसा पहले बताया गया यह psychological tactics का हिस्सा है, चीन का उद्देश्य था कि इसके माध्यम से भारतीय जनमानस और नीति निर्माताओं को डराया जाए। किंतु इस लेख की हवा-हवाई बातों ने चीन की घबराहट को ही जाहिर किया है, जो रूस के प्रत्यक्ष रूप से भारतीय पक्ष में आ जाने की संभावना से पैदा हुआ है।

Tags: global timesभारतरूस
शेयर16ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सिर्फ़ Make in India ही नहीं, चीन को सप्लाई चेन से Out करने के लिए “Assemble in India” भी आ गया है

अगली पोस्ट

“बस बहुत हुआ तुर्की का”, फ्रांस के दबाव में आकर अब EU तुर्की को प्रतिबंधों के जाल में फँसाने वाला है

संबंधित पोस्ट

भारतीय सेना का बड़ा बदलाव
चर्चित

भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

29 June 2026

भारतीय सेना जल्द ही अपने पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (Integrated Battle Group-IBG) को ऑपरेशनल करने जा रही है। इसे सेना की युद्ध संरचना में पिछले...

ब्रह्मोस मिसाइल
रक्षा

ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

30 May 2026

भारत के रक्षा निर्यात को नई गति मिली है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि भारत ने वियतनाम के साथ ब्रह्मोस...

अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला
चर्चित

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

30 May 2026

Vice Admiral Ajay Kochhar ने भारतीय नौसेना के 48वें वाइस चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ (VCNS) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। वे अपने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Gwadar, CPEC and the Balochistan Question: The Missing Link in Pakistan's Development Vision

Gwadar, CPEC and the Balochistan Question: The Missing Link in Pakistan's Development Vision

00:03:07

Tibet Under Pressure: Religion, Language & Identity in Focus Amid Governance Debate

00:03:30

Why Tibet Remains a Flashpoint of Identity, Culture and Governance Debate

00:03:12

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

00:03:48

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited