TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अशोक यूनिवर्सिटी से इस्तीफ़े के बाद प्रताप भानु मेहता और उनके समर्थक मोम की तरह पिघल गए

लिबरलों की हाय-हाय फिर शुरू!

TFI Desk द्वारा TFI Desk
21 March 2021
in मत
प्रताप भानु मेहता
Share on FacebookShare on X

भारत में अच्छे शैक्षिक संस्थानों की पहले से ही कमी थी और जो सरकारी शैक्षिक संस्थान मौजूद हैं भी, उनको वामपंथियो ने दीमक की तरह धीरे-धीरे बर्बाद कर दिया है। आज वामपंथियों के कारण भारत की मुख्य यूनिवर्सिटीज़ शिक्षा से ज़्यादा लिबरल एजेंडे की गढ़ बन चुकी है। ऐसा ही एक उदाहरण है सोनीपत में स्थित अशोका विश्वविद्यालय, जहां से हाल ही में दो वामपंथी प्रोफेसरों को विश्वविद्यालय में लिबरल एजेंडा फैलाने के लिए बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

बता दें कि उपर्युक्त दो वामपंथी प्रोफेसरों का नाम प्रताप भानु मेहता और अरविंद सुब्रमण्यन है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों ने अपने पद से इस्तीफा दिया है, और उसके पीछे का कारण बताया है कि उनकी अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता के ऊपर अंकुश लगाया जा रहा था। जब इस मामले ने तूल पकड़ लिया तो प्रोफेसर मेहता ने अपनी सफाई देने हेतु अपना पत्र सामने रखा जिसमें उन्होंने लिखा, “संस्थापकों के साथ एक बैठक के बाद, यह मुझे स्पष्ट हो गया है कि विश्वविद्यालय के साथ मेरा जुड़ाव एक राजनीतिक दायित्व माना जा रहा है। स्वतंत्रता के संवैधानिक मूल्यों और सभी नागरिकों के लिए समान सम्मान का प्रयास करने वाली राजनीति के समर्थन में मेरा सार्वजनिक लेखन, विश्वविद्यालय के लिए जोखिम उठाने समान माना गया है।”

संबंधितपोस्ट

Ashoka University: प्रताप भानु मेहता ने इस्तीफा दिया या कार्रवाई के भय से छोड़ा पद

और लोड करें

वामपंथी समुदाय में चोट एक को लगती है, और दर्द सबको होता है, और इस बार भी कुछ अलग नहीं था। देश के लगभग सारे वामपंथी पत्रकार और कथित बुद्धिजीवियों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की। सबसे पहले बात करेंगे सागरिका घोष की, घोष ने अपने एक ट्वीट में कहा,“#AshokaUniversity में चौंकाने वाला घटनाक्रम। बहस, असंतोष और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता विश्वविद्यालय परिसरों की आम दिनचर्या का हिस्सा होनी चाहिए। यह विचारों की मुक्त खोज है जो शिक्षा को सार्थक बनाती है।”

Shocking developments at #AshokaUniversity. Debate, dissent and freedom of expression should be the daily diet on university campuses. It is the free exploration of ideas that make education meaningful. https://t.co/iAG4t2voaJ

— Sagarika Ghose (@sagarikaghose) March 18, 2021

ऐसे मौके पर प्रशांत भूषण भला कैसे पीछे रहते। भूषण ने अपने ट्वीट्स के ज़रिये कहा, “यदि आप यहां अध्ययन करना चाहते हैं तो अपनी Activism को कैद कर लें! #अशोकविविधता।”

Deposit your activism if you want to study here! #AshokaUniversity pic.twitter.com/2t4JEzC5ww

— Prashant Bhushan (@pbhushan1) March 21, 2021

उसके बाद तो मानो ट्विटर पर वामपंथियो की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें रामचंद्रा गुहा भी शामिल थे। उन्होंने कहा, “अब तक की यात्रा में अशोक यूनिवर्सिटी का रुख बेहद सकारात्मक रहा था। अब वे शायद अपने trustees के झुकने की वजह से सरकार के दबाव में रेंगने लगे हैं।”

In its journey thus far, Ashoka University had shown much promise. They may have frittered all that away by the spinelessness of their Trustees, who have chosen to crawl when asked to bend.

— Ramachandra Guha (@Ram_Guha) March 17, 2021

राहुल गांधी के बेहद करीबी मानें जाने वाले कौशिक बसु ने अपने ट्वीट में कहा, “प्रताप भानु मेहता और अरविंद सुब्रमण्यन ने अशोक विश्वविद्यालय छोड़ने का दुखद समाचार दिया है। आलोचनात्मक लोग सबसे अच्छे एवं जुझारू होते हैं। अगर हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते, तो हम रचनात्मकता को नुकसान पहुंचाते हैं। आखिर में हार देश और उसके आर्थिक विकास की ही होगी। दुनिया भर में इसके पर्याप्त उदाहरण हैं।”

Pratap Bhanu Mehta & Arvind Subramanian quitting Ashoka University is sad news. The best minds are combative minds, critical minds. If we can't tolerate that, we damage creativity. The ultimate loser is the nation–its economy & growth. There are enough examples around the world.

— Kaushik Basu (@kaushikcbasu) March 18, 2021

रघुराम राजन भी भारत की संस्थाओं को नीचा दिखाने में भला कैसे पीछे रहते। उन्होंने अपने Linkedln एकाउंट पर लिखा, “अशोक के संस्थापकों ने एक परेशान आलोचक से छुटकारा पाने के लिए बाहरी दबाव के आगे घुटने टेक दिए हैं।” राजन ने आगे कहा, “वास्तविकता यह है कि प्रोफेसर मेहता सरकार के लिए एक कांटा हैं। वह कोई साधारण कांटा नहीं है क्योंकि वह सरकार और सर्वोच्च न्यायालय जैसे उच्च कार्यालयों में ज्वलंत सोच के साथ मुद्दों को उठाते रहे हैं।”

खुद को कथित किसान, बुद्धिजीवी, अर्थशास्त्री और न जाने क्या क्या मानने वाले योगेंद्र यादव ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा, “प्रताप मेहता ने भारत में आम जनता के बीच चर्चा के स्तर को ऊपर उठाया है। उनके मध्य-सेमेस्टर इस्तीफ़े से पता चलता है कि हमने विचारों के दमन के अगले चरण में प्रवेश कर लिया है और अब यहाँ असहमति जताने वालों के लिए “सुरक्षित जगह” नहीं है, निजी university में भी नहीं! अब अगला निशाना कौन और कब?

Pratap Mehta has single handedly raised the bar of public discourse in India.His mid-semester "resignation" shows we've entered next phase of suppression of ideas, that there are no "safe heavens" for dissenters, not even in private univs.
What/who next? https://t.co/DNcWdZCke9

— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) March 17, 2021

मेहता अपने बाकी वामपंथी साथियों की तरह अशोका विश्वविद्यालय में वामपंथ फैलाने की पुरजोर कोशिश कर रहे थे, लेकिन वर्ष 2019 में भाजपा की जीत से उन्हें बहुत सदमा लगा था। उसके उपरांत मेहता ने जुलाई 2019 में मोदी सरकार के एक बड़े बहुमत के साथ सत्ता में आ जाने के कुछ महीनों बाद ही कुलपति के पद से इस्तीफा दे दिया था।

वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव से पहले प्रताप भानु मेहता ने एक बयान दिया था जिसके मुताबिक, “पिछले पांच वर्षों में भारतीय आत्मा का उत्परिवर्तन हुआ है।” मेहता ने आगे कहा था “वे हर उस चीज़ के लिए खड़े होते हैं, जो गैर-भारतीय हैं और हर उस वादे के खिलाफ हैं जो इस लोकतंत्र ने अपने प्रत्येक नागरिक के साथ किया था।”

मेहता की बातों से साफ हो रहा है कि उनकी समस्या विश्वविद्यालय से ज्यादा दिल्ली में बैठी नरेंद्र मोदी की सरकार से है। मेहता ने शुरुआत से ही मोदी सरकार के खिलाफ अपने विचार प्रकट किए हैं और वो अशोका विश्वविद्यालय के संस्थापकों से भी ऐसे ही उम्मीद कर रहे थे लेकिन उन्होंने मेहता की एक न सुनी। इसका नतीजा यह हुआ कि विश्वविद्यालय से मेहता और अरविंद को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। विश्वविद्यालय से निकाले जाने के बाद मेहता अपने वामपंथी साथियों के साथ मिलकर अशोका विश्वविद्यालय को बदनाम करने के कोशिश में लगे हुए हैं।

Tags: अशोक यूनिवर्सिटीप्रताप भानु मेहता
शेयर27ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अपने यहाँ काम कर रही चीनी कंपनियों के खिलाफ ताइवान सरकार की ताबड़-तोड़ कार्रवाई

अगली पोस्ट

उद्धव को भी हफ्ता वसूली की जानकारी थी, देशमुख के साथ उद्धव को भी इस्तीफा दे देना चाहिए

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited