TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

देश में देववाणी संस्कृत के प्रति क्यों कम हो रहा लगाव ?

अंग्रेजों और मुग़लों के अलावा हम भी इसके लिए जिम्मेदार हैं!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
22 September 2021
in ज्ञान
संस्कृत भाषा
Share on FacebookShare on X

राष्ट्रीय संस्कृत दिवस प्रति वर्ष रक्षाबंधन के समय श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस पूरे सप्ताह को राष्ट्रीय संस्कृत सप्ताह कहा जाता है। इस साल 7 अगस्त को संस्कृत दिवस और 4 से 10 अगस्त तक संस्कृत भाषा सप्ताह मनाया गया। इसका उद्देश्य संस्कृत के उपयोग को बढ़ावा देना और लोकप्रिय बनाना है।

इस शास्त्रीय भाषा के बारे में ऐसा कहा जाता है कि यह उच्च माध्यमिक, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर एक लोकप्रिय विषय बना हुआ है। पाठ्यक्रम के बाहर हिंदू धार्मिक समारोह (कर्म कांड) जैसे पूजा, विवाह और श्राद्ध आदि कार्यों में इसे प्रयोग में लाया जाता है लेकिन संस्कृत में पत्रकारिता, आधुनिक साहित्य, फिल्म उद्योग, टेलीविजन चैनल या संगीत उद्योग की उपलब्धता नहीं है।

संबंधितपोस्ट

दैनिक जीवन में संस्कृत अपनाएं, यही असली भारतीयता: मोहन भागवत

RSS को सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके “संस्कृत/वैदिक गणित/शास्त्र” के सुझाव देशभर में लागू हों

111 वर्ष बाद रचा इतिहास, झांसी राजस्व न्यायालय ने ‘संस्कृत’ में सुनाया अपना निर्णय

और लोड करें

यह आश्चर्यजनक है कि भारत में युगों तक दार्शनिक, साहित्यिक और कलात्मक प्रवचनों पर हावी रहने के बावजूद संस्कृत सार्वजनिक जीवन से कैसे गायब हो गई, संस्कृत के विशेषज्ञ खुद इससे अनजान हैं। विशेषज्ञ आमतौर पर इसे बाहरी कारकों जैसे लॉर्ड थॉमस बैबिंगटन मैकाले की शिक्षा नीतियों और जवाहरलाल नेहरू की इसे राष्ट्रीय भाषा घोषित करने की अनिच्छा के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं।

अंग्रेजों की शिक्षा नीतियों को दोष देना राजनीतिक रूप से सही है। मुग़ल शासन को दोष देने के लिए भारत में कुछ इस्लामिक कट्टरपंथियों का विरोध झेलना पड़ता है लेकिन अपना ऐतिहासिक स्व-विश्लेषण करना सबसे कठिन कार्य है। संस्कृत के विद्वानों को इसे प्रसारित करना होगा यदि वे इस ईश्वरीय भाषा की दुर्दशा को समझना चाहते हैं।

मुगलों ने संस्कृत को सीमित कर दिया

मध्यकालीन युग में स्थानीय भाषाओं के विकास ने संस्कृत की संभावनाओं को प्रभावित किया। उनमें से कई स्थानीय भाषाएं संस्कृत से उत्पन्न हुई और उनकी विरासत को उच्च सम्मान भी मिला है। भक्ति आंदोलन भी स्थानीय भाषाओं के साथ-साथ चला। भाषायी आंदोलन उत्तर भारत में कबीर, महाराष्ट्र में संत ज्ञानेश्वर, मिथिला में विद्यापति और पश्चिम बंगाल में चंडीदास द्वारा शुरू किया गया था। गोस्वामी तुलसीदास जो खुद संस्कृत में निपुण थे लेकिन उन्होंने 16वीं शताब्दी में अवधी में रामचरितमानस लिखने का फैसला किया। जैसा भी हो लेकिन तथ्य यह है कि मुगल दरबार में विशेष रूप से अकबर के समय में कुछ चुनिन्दा संस्कृत विद्वानों को ही प्रश्रय मिलता था। हालांकि, यह काफी स्वार्थी राजनीतिक कदम था। उसके बाद मुगलों ने संस्कृत को पुस्तकालयों में लाकर हमेशा के लिए वहीं सीमित कर दिया।

और पढ़ें: CCI के जांच के दायरे में दिग्गज कंपनी Google, मोबाइल बाजार पर एकाधिकार है मामला

वाराणसी के संस्कृत पंडितों ने संस्कृत साहित्य की गैर-संस्कृत भाषा में अनुवाद का विरोध किया लेकिन महान वेदांतवादी भिक्षु मधुसूदन सरस्वती उनकी मदद के लिए आगे आए। एक बंगाली होने के नाते मधुसूदन सरस्वती को पता था कि रामायण अच्छी तरह से एक गैर-संस्कृत भाषा में लिखी जा सकती है। तुलसीदास की शताब्दी में हिंदी की बोलियों में लिखने वाले अन्य कवियों का उदय हुआ, जिनमें सूरदास, अब्दुल रहीम खान-ए-खाना (जिन्होंने अवधी, संस्कृत और फारसी में लिखा), रसखान, केशवदास (एक संस्कृत विद्वान) और बिहारी लाल चौबे जैसे कवि शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि अद्वैत सिद्धि के लेखक मधुसूदन सरस्वती भारत के अंतिम व्यक्ति थे, जो पूरी तरह से संस्कृत में लिखकर सार्वजनिक व्यक्तित्व के मालिक बन गए। उनके बाद स्वामी दयानंद सरस्वती और संत त्यागराज सहित कोई भी सार्वजनिक जीवन में केवल संस्कृत के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त नहीं कर पाया।

ब्रिटिश काल में हुआ संस्कृत का पुनर्जागरण

अंग्रेजी ज्ञान का नया पैटर्न लेकर आई जो समकालीन पाश्चात्य संस्कृति और आधुनिकता पर आधारित थी। यह भाषा ज्ञान को ‘मंदिर’ की बजाय ‘प्रयोगशाला’ बनाने में विश्वास करती थी। संस्कृत के पास इस नए राजनीतिक-कानूनी-तकनीकी शासन को ध्वस्त करने का साधन नहीं था। राजा राम मोहन राय से लेकर मदन मोहन मालवीय तक उस युग के कई दिग्गजों को संस्कृत का अच्छा ज्ञान था लेकिन उन्होंने अंग्रेजी या अपनी मातृभाषा में लिखने और बोलने को ज्यादा तवज्ज़ो दी।

यह एक मिथक है कि अंग्रेजों ने भारत पर अंग्रेजी थोप दी जिससे संस्कृत का नाश हो गया। अगर अंग्रेजों ने अंग्रेजी को ‘लागू’ किया होता, तो भारत की स्थानीय भाषाओं का भी ऐसा ही हश्र होता लेकिन उसी ब्रिटिश शासन के तहत स्थानीय भाषाओं का तेजी से विकास हुआI

सच तो यह है कि ब्रिटिश काल में संस्कृत का ‘पुनर्जागरण’ हुआ। वारेन हेस्टिंग्स (1772) से लेकर लॉर्ड एमहर्स्ट (1828) तक अंग्रेजों ने ‘प्राच्यवाद’ की नीति अपनाई जिससे संस्कृत, फारसी, उर्दू आदि को बढ़ावा मिला। इस परियोजना के एक भाग के रूप में वाराणसी के संस्कृत कॉलेज (अब संपूर्णानंद विश्वविद्यालय), कलकत्ता संस्कृत कॉलेज आदि की स्थापना की गई थी। देवनागरी फ़ॉन्ट विकसित किया गया जिसमें संस्कृत पांडुलिपियों की छपाई हुई।

भारत के विभिन्न हिस्सों से कई खोई हुई संस्कृत पांडुलिपियां बरामद की गई और अनुवाद का कार्य किया गया। मैकाले की जीत के बाद भी संस्कृत नहीं हारी। कोई संस्कृत कॉलेज या संस्कृत पाठशाला बंद नहीं की गई। 1902 में स्वामी श्रद्धानंद ने हरिद्वार के निकट गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना की। मद्रास संस्कृत कॉलेज की स्थापना भी 1906 में हुई थी।

और पढ़ें: मोपला नरसंहार: कैसे टीपू सुल्तान और उसके पिता हैदर अली ने मोपला नरसंहार के बीज बोए थे

संस्कृत को मिले संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह

यह आधुनिक भारतीय भाषाओं का विकास था जिसने संस्कृत की संभावनाओं को बंद कर दिया। संस्कृत की प्रधानता उस युग की थी जब पुस्तकों का बड़े पैमाने पर उत्पादन नहीं होता था। 19वीं और 20वीं शताब्दी में जब पुस्तकों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू हुआ तब लेखक, प्रकाशक, मुद्रक, पुस्तक विक्रेता और पाठक के बीच एक व्यावसायिक संबंध उभर कर सामने आया। संस्कृत लुप्त हो गई। जब प्राचीन काल में भर्तृहरि, भास या भारवी ने कोई रचना लिखी थी तो उनका यह इरादा बिलकुल नहीं था कि उनके काम की प्रतियां अधिक से अधिक लोगों के पास हो। लेकिन बिक्री का आंकड़ा आधुनिक काल में साहित्य का एक महत्वपूर्ण घटक बन गया।

इस प्रकार संस्कृत अपने छोटे पाठक आधार के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकी। दर्शकों की रुचि के बारे में भी यही सच है। यही कारण है कि 20वीं शताब्दी में संस्कृत भाषा सिर्फ संस्कृत शिक्षण और सीखने तक ही सीमित होकर रह गई। स्वतंत्र भारत में दोनों संस्कृत आयोगों का गठन क्रमशः 1957 और 2015 में हुआ था। इन आयोगों नें संस्कृत को केवल सीखने तक सीमित कर दिया। सीखना निश्चित रूप से महान भाषा को पुनर्जीवित करने का पहला कदम है।

संस्कृत भारत में सबसे कम बोली जाने वाली भाषा हो सकती है लेकिन यह धूल-धूसरित होने से बहुत दूर है। 2011 की नवीनतम जनगणना के आंकड़ों से पता चलता है कि प्राचीन भाषा ने 10 वर्षों की अवधि में 71 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,000 नए वक्ता अर्जित किए हैं। इसके प्रोत्साहन के लिए जरूरी है कि इसे संविधान की 8वीं अनुसूची में जगह दी जाए। ऐसे कुछ सार्थक कदमों के माध्यम से ही हम संस्कृत को एक लोकप्रिय भाषा के रूप में प्रसारित कर सकते है।

 

Tags: संस्कृत
शेयर18ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

SONY-ZEE विलय: मनोरंजन के क्षेत्र में हुए सभी विलयों का ‘बाप’ यहाँ है

अगली पोस्ट

सभी हिंदूओं को श्राद्ध क्यों मनाना चाहिए?

संबंधित पोस्ट

गोवा राज्य स्थापना दिवस
इतिहास

गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

30 May 2026

गोवा क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा राज्य है। भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गोवा करीब 450 वर्षों तक पुर्तगाल के शासन...

1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)
इतिहास

अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

28 May 2026

जब विनायक दामोदर सावरकर यानी वीर सावरकर को ब्रिटिश सरकार ने अंडमान की सेलुलर जेल में कैद किया, तब उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी...

हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?
चर्चित

हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

27 May 2026

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद इस बार जो अभूतपूर्व माहौल बना है, उसने बोर्ड की पूरी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited