TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पंजाब में चावल की खेती होनी ही ‘नहीं’ चाहिए, इसके पीछे हैं 5 बड़े कारण

पंजाब के लिए चावल की खेती घाटे का सौदा है!

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
4 December 2021
in मत
पंजाब चावल
Share on FacebookShare on X

किसी भी देश में कृषि वहां की भगौलिक स्थिति पर निर्भर करती है। बात चाहे चीन, यूरोप और भारत की हो, सभी देशों में मुख्यतः उन्हीं फसलों की अधिकता है, जो वहां के वातावरण के अनुसार हैं। भारत एक कृषि प्रधान देश है इसलिए फसलों की अधिकता के कारण देश की अर्थव्यवस्था से लेकर आजीविका तक कृषि पर आश्रित है। हालांकि, जब देश में हरित क्रांति आई थी तब से लेकर आज तक कई चीजों में बदलाव हुआ और साथ ही कृषि स्वभाव में भी बदलाव हुआ है।

सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला पंजाब और उसके आसपास के क्षेत्र में। वर्ष 1960-61 में धान केवल 4.8% फसल क्षेत्र में उगाया जाता था। वहीं, वर्ष 2018-19 में इसे लगभग 39.6% फसली क्षेत्र में उगाया जाता था। पंजाब भारत का चौथा सबसे बड़ा चावल उत्पादक राज्य है। दरअसल, वर्ष 2014-2015 राज्य में 11.25 मिलियन टन चावल का उत्पादन हुआ था। इस राज्य में खपत तो गेंहू की अधिक होती है लेकिन इन्होंने चावल उगाने पर ध्यान दिया और इस बदलाव का परिणाम यह हुआ कि आज ये राज्य पानी की कमी के कारण रेगिस्तान बनने के मुहाने पर खड़ा है। ऐसे में, पंजाब को रेगिस्तान बनने से पहले चावल की खेती को बंद करना होगा।

संबंधितपोस्ट

बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

मस्जिदों में कुत्ते बांधने वाली पाकिस्तानी सेना: खैबर पख्तूनख्वा के विद्रोह से टूटा ‘एक पाकिस्तान’ का भ्रम, भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से बड़ा अवसर

सादगी की सरकार, शीशे के महल में बंद: दिल्ली से चंडीगढ़ तक केजरीवाल की चमचमाती सादगी की कहानी

और लोड करें

पंजाब को चावल नहीं उगाना चाहिए!

बता दें कि जब भी खेती की बात आती है, पंजाब का नाम सबसे पहले लिया जाता है, चाहे वह उसके उत्पादन के लिए या खेती के तौर तरीकों के लिए हो। इसे देखते हुए तत्काल आधार पर राज्य में चावल की फसल को बंद करने की जरूरत है। देखा जाए तो पंजाब में चावल की आवश्यकता ही नहीं है। पंजाब में पानी की कमी के बावजूद चावल की खेती पर ही ज़ोर दिया जाता है, जिसे तुरंत ही बंद किया जाना चाहिए और अन्य मोटे फसल की खेती की ओर मुड़ना चाहिए।

पंजाब का जल स्तर गिरता जा रहा है और मिट्टी की सेहत भी खराब हो रही है। पंजाब के राजनेताओं और किसानों को अब खुद से पूछना चाहिए: कब तक हम अपनी कब्र खोदते रहेंगे? पंजाब में चावल न उगाने के कई कारण हैं। इसमें से पांच प्रमुख कारण आहार संबंधी आदतें, परिवहन, प्रदूषण और पानी की कमी तथा अनया राज्यों के अवसर को छीनना है। आज हम इन्हीं पांच कारणों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

और पढ़े: धान की खेती को रोकने के लिए हरियाणा की बड़ी पहल, समय आ गया है पंजाब भी धान की खेती छोड़ने के लिए कदम उठाये

आहार-विहार

जब भी पंजाब में खाने की बात आती है, तो वहां का प्रमुख भोजन गेहूं आधारित होता है न कि चावल आधारित। पंजाब में चावल लोग तभी खाते हैं जब स्पेशल “राजमा चावल” या “कड़ी चावल” खाया जाता है। एतिहासिक रूप से इसका मुख्य कारण वहां का वातावरण है। चावल मुख्यतः भारत के पूर्वी क्षेत्र में खाया जाता है, जहां पानी की अधिकता है। उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार, झारखंड और फिर पूर्वी क्षेत्र में पश्चिम बंगाल असम और फिर पूरा पूर्वोतर भारत के लिए चावल एक मुख्य भोजन है।

दक्षिण भारत में भी हम सभी जानते हैं कि मुख्य भोजन चावल आधारित ही होते हैं। इसका मुख्य कारण इस क्षेत्र में पानी की अधिकता और अनुकूल मॉनसून है। चावल की खेती के लिए खेतों में घुटने तक पानी की आवश्यकता होती है और इन सभी क्षेत्रों में पानी की कोई कमी नहीं है। वहीं पंजाब की स्थिति देखी जाए तो इस क्षेत्र का मुख्य भोजन गेंहु आधारित होते हुए भी इन क्षेत्रों में चावल की खेती पर ही ध्यान दिया जाता है। ऐसे में यही सवाल उठता है कि क्या पंजाब के किसानों को चावल उगाकर अपनी जमीन को नष्ट करने का कोई अर्थ है, जबकि चावल की मांग पंजाब में हैं ही नहीं।

चावल उगाने से राज्य को अनावश्यक परिवहन खर्च करना पड़ता है..

विवेक कौल की पुस्तक India’s Big Government The Intrusive State and How It’s Hurting Us के अनुसार 2014-2015 में पंजाब ने 11.25 मिलियन टन चावल का उत्पादन किया, जिसमें से 11.19 मिलियन टन चावल तो सरप्लस रहा। इसमें से 8.15 मिलियन टन चावल FCI और अन्य राज्य खरीद एजेंसियों द्वारा अधिग्रहित किया गया था। यह उस वर्ष किसी भी राज्य से सरकार को प्राप्त चावल की सबसे अधिक मात्रा है।

और पढ़े: पंजाब कृषि कानून को लेकर सिर पीटते रह गया और MP ने पंजाब से व्हीट बास्केट का ताज छीन लिया

चावल उगाने से राज्य को अनावश्यक परिवहन पर खर्च करना पड़ता है। इससे ईंधन की बर्बादी होती है। अगर पंजाब के लोग चावल के स्थान पर कुछ अन्य अनाज उगाएं तो कई गुना ईंधन बचाया जा सकता है। भारत को ईंधन आयात के लिए अपने विदेशी मुद्रा भंडार का एक बड़ा हिस्सा खर्च करना पड़ता है। अगर पंजाब के किसान धान की खेती न करें, तो भारत के आयात खर्च को कम कर कई गुना विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाया जा सकता है। यही अन्य राज्यों को भी करना चाहिए जिससे ईंधन की बचत हो सके।

जल की गंभीर कमी

आदर्श रूप से पंजाब जैसे राज्य में भूजल 50 से 60 फीट की गहराई पर उपलब्ध होना चाहिए, लेकिन अंदाजा लगाइए कि इस राज्य में एक नल लगाने के लिए कितनी खुदाई करनी होगी। 200-300 फीट! और ऐसा क्यों? क्योंकि पंजाब में, धान की खेती के लिए भूजल का अंधाधुंध उपयोग किया जाता है, जो कि देश के पश्चिमी भाग के लिए प्राकृतिक फसल हैं ही नहीं। पहले की सरकारों ने जब चावल पर MSP देना शुरू किया, तो यह दालों और सब्जियों की तुलना में एक लाभकारी फसल बन गई।

इसके बाद तो पंजाब जैसे राज्यों के किसानों ने अंधाधुंध ट्यूबवेल लगाए और आज राज्य के लगभग हर बड़े किसान के पास चार से पांच ट्यूबवेल हैं। यही नहीं, पंजाब एक अर्ध-शुष्क क्षेत्र में होने के बावजूद जितना चावल का उत्पादन करने में सक्षम है, क्योंकि बिजली मुफ्त है। नहरों के अलावा भूजल की इतनी बर्बादी हुई कि आज यह क्षेत्र रेगिस्तान में परिवर्तित होने के मुहाने पर खड़ा है।

भूजल के अंधाधुंध उपयोग से जल स्तर कम होने लगा और आज यह लगभग 300 फीट तक पहुंच गया है। पिछले दो दशकों में, पंजाब में भूजल स्तर 25-30 सेंटीमीटर प्रति वर्ष की दर से गिर रहा है। अब पंजाब के लोगों को स्वयं सोचना चाहिए कि जल स्तर में कमी का एक मात्र कारण उनके द्वारा चावल की अत्यधिक खेती के लिए भूजल का अनावश्यक दोहन है।

पंजाब में बढ़ते जलकूप की संख्या

प्रदूषण

जिसने भी धान की खेती की होगी या जिन्होंने देखा होगा उन्हें यह पता होगा कि धान एक ऐसा फसल जिससे चावल निकालने के बाद सबसे अधिक अनुपयोगी तत्व निकलते हैं। आज जिसे पारली कहते हैं वह भी उसी का हिस्सा है। हर साल, दिल्ली-एनसीआर अक्टूबर और नवंबर के समय गैस चैंबर में बदल जाता है। इसका एक मात्र कारण पंजाब और हरियाणा के किसानों द्वारा की जाने वाली चावल की खेती है जिससे निकले पराली को वे जलाते हैं। चावल की खेती अपने पीछे बहुत सारा कृषि अपशिष्ट छोड़ जाती है, जिसे पराली के रूप में जलाया जाता है। अगर पंजाब में चावल की खेती होगी ही नहीं तो होने वाले प्रदूषण पर भी लगाम लगेगा और लोगों को हवा में घुले जहर से बचाया जा सकेगा। 

पानी बर्बाद करना

पंजाब में चावल की खेती के दो ही आधार हैं। पहला भूजल और दूसरा नहरों से मिलने वाला पानी। जब पंजाब को चावल की आवश्यकता ही नहीं है फिर भी वहां के किसान अगर खेती कर रहे हैं, तो इसका स्पष्ट अर्थ है कि वे भूजल और नहरों के पानी को बर्बाद कर रहे हैं। जो पानी हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और अन्य राज्यों द्वारा इस्तेमाल किया जा सकता है, उसे पंजाब में एक ऐसे फसल उगाने में बर्बाद कर रहा है जो वहां के वातावरण के अनुरूप हैं ही नहीं।

विवेक कौल की पुस्तक India’s Big Government The Intrusive State and How It’s Hurting Us के अनुसार यदि पानी की खपत को प्रति किलोग्राम चावल के संदर्भ में मापा जाता है, तो एक किलो चावल के उत्पादन में पंजाब सबसे अधिक पानी का उपयोग करता है। दूसरे राज्यों को देखा जाए तो एक किलो चावल का उत्पादन करने में पश्चिम बंगाल 2,169 लीटर की खपत करता है, इसके बाद असम (2,432 लीटर) और कर्नाटक (2,635 लीटर) का स्थान आता है।

अन्य राज्यों से अवसर छीनना

 देखा जाए तो पंजाब द्वारा की जा रही धान की खेती वास्तव में, यह दूसरे राज्यों के लोगों से अवसर छीनने जैसा है। पंजाब में चावल उगाने के लिए पानी की बर्बादी एक ऐसी चीज है, जिसे तुरंत रोकने की जरूरत है। पंजाब में किसान मूल रूप से प्रवासी श्रमिक हैं। जिन लोगों के पास खेत हैं, वे चौबीसों घंटे आराम फरमाते हैं और खेतों को उत्तर प्रदेश और बिहार से आए श्रमिक ही जोतते हैं। ऐसे में, पंजाब को चावल की खेती का नुकसान न सिर्फ पंजाब को हो रहा है, बल्कि पूरे देश पर इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।

इसका समाधान एक ही है कि पंजाब के किसान चावल की खेती छोड़ अन्य अनाज पर अपना ध्यान केन्द्रित करें, जिसके लिए अत्यधिक पानी की आवश्यकता भी न हो और साथ ही फसल वहां की खपत के अनुसार हो, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी बचाया जा सके। यही नहीं, इससे पंजाब में तेजी से घटता जलस्तर भी बढ़ेगा, फसल में विविधीकरण भी आएगी और प्रदूषण में भारी कटौती होगी।

Tags: कृषिपंजाबफसल
शेयर80ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत में कुपोषण के विरुद्ध शुरू हुई निर्णायक लड़ाई, सोनिया के “2000 कैलोरी” वाले मानदंड से मुक्त हो रहा है भारत

अगली पोस्ट

ममता के राज में सरकारी सुविधा का लाभ उठा कर बच्चों का यौनशोषण कर रहे हैं सरकारी अधिकारी

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited