TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फर्जी नाम से दोस्ती

    बटला हाउस में मुस्लिम युवक के धोखे के बाद हिंदू युवती ने झेला गैंगरेप, प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन का दबाव

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल,

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल, BJP ने बताया धमकी भरी राजनीति

    गंगा नदी को लेकर सरकार का अहम फैसला

    अलकनंदा-भागीरथी पर नई पनबिजली परियोजनाओं पर रोक, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा

    ताइवान में इंडियन को किया जा रहा परेशान

    ताइवान में भारतीय मजदूरों के विरोध वाला पोस्टर विवादों में, नस्लीय भेदभाव के आरोप तेज

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी, हमले के बाद दोनों हमलावरों ने की आत्महत्या

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    भोजशाला

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फर्जी नाम से दोस्ती

    बटला हाउस में मुस्लिम युवक के धोखे के बाद हिंदू युवती ने झेला गैंगरेप, प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन का दबाव

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल,

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल, BJP ने बताया धमकी भरी राजनीति

    गंगा नदी को लेकर सरकार का अहम फैसला

    अलकनंदा-भागीरथी पर नई पनबिजली परियोजनाओं पर रोक, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा

    ताइवान में इंडियन को किया जा रहा परेशान

    ताइवान में भारतीय मजदूरों के विरोध वाला पोस्टर विवादों में, नस्लीय भेदभाव के आरोप तेज

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी, हमले के बाद दोनों हमलावरों ने की आत्महत्या

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    भोजशाला

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

गोवा में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी BJP लेकिन विपक्ष में कांग्रेस नहीं AAP बैठेगी

भगवामय होगा गोवा!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
12 January 2022
in राजनीति
गोवा पार्टी

Source- Google

Share on FacebookShare on X

गोवा में राजनीति इस समय अभूतपूर्व प्रवाह और पहेली की स्थिति में है। हर दिन, भारत के पश्चिमी तट पर इस छोटे से राज्य के नेता और विधायक राजनीतिक निष्ठा बदल रहे हैं। आने वाले कुछ ही महीनों में राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राजनीतिक पार्टी जोर-शोर से अपनी तैयारियों में लग गई हैं। आगामी चुनाव को लेकर राज्य की राजनीतिक गलियारों में हलचले तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरु हो गए हैं और साथ ही साथ प्रदेश में दल बदल का खेल भी शुरु हो गया है, जिसने गोवा के लोगों को एक गहरी दुविधा में डाल दिया गया है कि आखिर 2022 के सबसे चर्चित विधानसभा चुनाव में वोट किसे दिया जाए।

पिछले तीन महीनों में, 40 सदस्यीय विधानसभा के करीब 15 विधायकों ने अपनी राजनीतिक संबद्धता बदल ली है। इसके अलावा, स्थानीय राजनीतिक नेता और पूर्व विधायक लगातार दल बदल कर रहे हैं, जिससे राजनीतिक दल भी यह अनुमान नहीं लगा पा रहें हैं कि आखिर गोवा चुनाव 2022 में कौन करेगा कमाल, किसके हिस्से में जाएगी सत्ता की चाबी और कौन बनेगा राज्य का अगला मुख्यमंत्री। मौजूदा समय में राज्य में प्रमोद सावंत के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है, जो राज्य के विकास के लिए तत्पर होकर लगातार काम कर रही है।

संबंधितपोस्ट

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

केरल कांग्रेस की ताज़ा राजनीतिक शर्मिंदगी बना: बहुमत मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री का अब तक कोई फैसला नहीं

शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट से भाजपा ने बंगाल में सामाजिक और राजनीतिक विस्तार का दिया बड़ा संदेश

और लोड करें

गोवा में विधानसभा चुनावों के ऐलान से पहले कई नेताओं ने अपनी पार्टी बदल ली। पार्टी बदलने वालों में सबसे ज्यादा विधायक कांग्रेस (Congress) से रहे, जिनको भाजपा में अपना भविष्य उज्जवल नजर आया। इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस, गोवा फॉरवर्ड पार्टी और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी भी ऐसी पार्टियां रहीं, जहां से कई विधायकों ने भाजपा का रुख कर लिया। मौजूदा समय में राज्य में कांग्रेस की लुटिया गोल होती दिख रही है, जबकि आम आदमी पार्टी और टीएमसी अपनी स्थिति सुधारने के लिए चुनाव लड़ने वाले हैं। इस आर्टिकल में हम आगामी चुनाव को लेकर गोवा में भाजपा, आप, टीएमसी और कांग्रेस की स्थिति पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

और पढ़ें कांग्रेस के दो CM आपस में लड़ रहे हैं और चाहते हैं कि PM मोदी संकट का समाधान करें!

गोवा में भाजपा का वर्चस्व

वर्ष 2017 में भाजपा ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) जैसे क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन कर गोवा में सरकार बनाई। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता मनोहर पर्रिकर इस गठबंधन के मुख्य नायक रहें और इस नींव में दरार के बावजूद उन्होंने गठबंधन को एकजुट रखा था। हालांकि, 2019 में पर्रिकर की मृत्यु के बाद भाजपा ने पॉलिटिकल इंजीनियरिंग से खुद को सत्ता में बनाए रखा। मौजूदा समय में 12-सदस्यीय मंत्रिमंडल में सात दलबदलुओं की उपस्थिति से यह स्पष्ट होता है कि इस बार भी सत्ता की चाबी भाजपा के हाथों में ही है। ध्यान देने वाली बात है कि 27 साल में पहली बार ऐसा होगा कि गोवा चुनाव के लिए भाजपा के पास पर्रिकर नहीं होंगे। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मत है कि भगवा पार्टी अव्यवस्थित है, परंतु आरएसएस के नियंत्रण और मोदी की नीतियों के कारण पार्टी का चुनावी अभियान पुनः पटरी पर लौट रहा है। कई ओपिनियन पोल के अनुसार भाजपा इस बार औसतन 25 सीटों के साथ सरकार बनाने में सफल होगी।

गोवा अक्सर भाजपा खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है। वर्ष 2002 के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ऐतिहासिक बैठक गोवा में ही हुई थी, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नरेंद्र मोदी को गुजरात के मुख्यमंत्री के पद से हटाना चाहते थे पर, लाल कृष्ण आडवाणी और पार्टी के अन्य नेताओं ने उन्हें बचा लिया!

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री मोदी बनने  की नींव भी यहीं से पड़ी जब गोवा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने नरेंद्र मोदी को भाजपा लोकसभा अभियान का चेहरा बनाने की खुली मांग की।

AAP का बढ़ सकता है वोट शेयर

गोवा विधानसभा चुनाव 2017 में आम आदमी पार्टी (AAP) ने लगभग 6 फीसदी वोट शेयर हासिल किया था। इस बार पार्टी अधिक संसाधनों और कार्य योजना के साथ मैदान में उतरी है। हालांकि, पिछले पांच वर्षों में, पार्टी एक भी ऐसे नेता का पोषण नहीं कर पाई, जो राज्य में पार्टी का नेतृत्व कर सके। पार्टी के पास अभी भी ऐसा कोई नेता नहीं है, जो पूरे गोवा में प्रसिद्ध हो। पार्टी के राज्य संयोजक राहुल म्हाम्ब्रे अपने गृहनगर मापुसा से इतर कहीं लोकप्रिय नहीं हैं और इसी तरह, अमित पालेकर को ज्यादातर लोग एक वकील के रूप में जानते है न कि एक राजनेता के रूप में।

आप का गोवा अभियान तीन प्राथमिक कारकों पर टिका है, जिसमें राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की छवि, अन्य दलों के लोकप्रिय नेताओं को शामिल करना और विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं का झूठा और फ्री का वादा शामिल है। इसके लिए पार्टी ने दयानंद नार्वेकर, महादेव नाइक, अलीना सलदान्हा, प्रतिमा कौटिन्हो और पूर्व भाजपा नेता गणपत गांवकर जैसे नेताओं को पहले ही शामिल कर लिया है।

और पढ़ें: ISIS भर्ती रैकेट चलाती पकड़ी गई कांग्रेस के पूर्व विधायक की बहू

टीएमसी के पास नहीं है चेहरा

टीएमसी की गतिविधि पूरी तरह से राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली कंसल्टेंसी फर्म, इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) द्वारा संचालित है। नेताओं के साथ बातचीत करने, टीएमसी में शामिल करने, अभियान की रूपरेखा तैयार करने और यहां तक ​​कि दैनिक प्रचार में संभावित उम्मीदवारों की सहायता करने तथा अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन करने तक, सब कुछ I-PAC द्वारा निर्धारित किया जाता है। गोवा की सबसे पुरानी पार्टी, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) के साथ हाथ मिलाने का TMC का हालिया निर्णय दोधारी तलवार साबित हो सकता है, क्योंकि MGP अध्यक्ष दीपक धवलीकर और विधायक सुदीन धवलीकर ने सनातन संस्था जैसे दक्षिणपंथी संगठनों का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया है।

इसके अलावा, पिछले दस दिनों में दो MGP उम्मीदवार, प्रवीण अर्लेकर और प्रेमेंद्र शेत ने पार्टी के गढ़ पेरनेम और मयेम निर्वाचन क्षेत्रों से “टीएमसी-एमजीपी गठबंधन” का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है। जबकि शेत पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं, दूसरी ओर अर्लेकर भगवा पार्टी के साथ उन्नत बातचीत कर रहे हैं। राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए यह तो तय हो गया है कि गोवा में ममता की दाल नहीं गलने वाली। गोवा में टीएमसी के पास न तो चेहरा है और न ही कैडर। इसके साथ-साथ उनमें गोवा के विचारधारा की कमी भी है। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के साथ गठबंधन करने से मुस्लिम और क्रिश्चियन वोट बैंक भी उनसे छिटक जायेंगे। रही बात भगवा वोटों की, तो TMC से गठबंधन के कारण वो सारे वोट भाजपा के खाते में जाना निश्चित है। अतः इस चुनाव में ममता सिर्फ मुसलमानों का वोट काटकर भाजपा को फायदा पहुंचाने वाली हैं।

कांग्रेस की डूबती नैया

सालसेट, मोरमुगाओ, तिस्वाड़ी, क्यूपेम और बर्देज़ तालुकाओं में, लगभग 17 सीटें हैं, जहां अल्पसंख्यक मतदाता 40 फीसदी से अधिक हैं और जहां वे चुनावी परिणामों को महत्वपूर्ण रूप से निर्धारित करते हैं। इतना ही नहीं, राज्य में ऐसी सात और सीटें हैं, जहां अल्पसंख्यकों के पास 25 प्रतिशत से अधिक वोट हैं। कांग्रेस को जीत के लिए प्रेरित करने हेतु यह पर्याप्त है या नहीं, यह देखा जाना बाकी है? हम ऐसा इसलिए कह रहें है, क्योंकि ममता बनर्जी और AAP की एंट्री ने गोवा में कांग्रेस को छिन्न-भिन्न कर दिया है। ममता ने जहां उनके संगठन को ध्वस्त करते हुए लुईजिन्हो फलेरियो (गोवा के पूर्व कांग्रेस सीएम) के पूरे खेमे को TMC में मिला लिया, तो वहीं AAP उनके कैडर वोटर और विचारधारा को खा रही है। लाचार और अशक्त आलाकमान सिर्फ कांग्रेस की डूबती नैया को देख रहा है। ऐसे में यह अनुमान है कि आगामी चुनाव में कांग्रेस मात्र 4-5 सीटों पर सिमट जाएगी।

और पढ़ें: हरीश रावत करेंगे कांग्रेस से बगावत या बनेंगे बलि का बकरा?

गोवा में भाजपा की जीत पक्की

बताते चलें कि मनोहर पर्रिकर के स्वर्गवास से पार्टी में एक लोकप्रिय राजनेता का निर्वात सा उत्पन्न हो गया है। हालांकि, पार्टी इसको भरने के लिए पीएम मोदी और प्रमोद सामंत का भरपूर प्रयोग कर रही है, पर गोवा की राजनीतिक विविधता को देखते हुए मनोहर पर्रिकर जैसा कोई नहीं लगता। ओपिनियन पोल में भाजपा जीतते हुए दिखाई दे रही है, लेकिन उसे पश्चिम बंगाल की गलतियों को न दोहराते हुए जमीन से जुड़े अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भरोसा करना होगा। भाजपा जीत तो रही है, लेकिन उसे यह ध्यान रखें होगा को चुनाव जीत सत्ता पाने से भी जरूरी पर्रिकर के पोजिशन को भरना है। संभावनाओं पर बात करें तो आम आदमी पार्टी राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी बनती दिख रही है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस भी इस बार एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है, जबकि कांग्रेस का सिमटना तय है। गोवा में भाजपा पिछले 10 सालों से सत्ता में है। हालांकि, इस बार किसकी तकदीर में सिहांसन होगा, ये तो जनता ही तय करेगी।

Tags: आम आदमी पार्टीकांग्रेसप्रमोद सावंतभाजपा
शेयर14ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

धर्मविरोधी देवदत्त पटनायक सरकारी कार्यक्रम में ‘गणमान्य अतिथि’? सवाल उठना स्वाभाविक है

अगली पोस्ट

मुगल नहीं चालुक्य, पल्लव और राष्ट्रकूट वंश हमारे इतिहास की किताबों में अधिक ध्यान देने योग्य हैं

संबंधित पोस्ट

फर्जी नाम से दोस्ती
चर्चित

बटला हाउस में मुस्लिम युवक के धोखे के बाद हिंदू युवती ने झेला गैंगरेप, प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन का दबाव

21 May 2026

दिल्ली में 23 वर्षीय एक दलित हिंदू युवती ने पुलिस को दिए बयान में कई सालों तक चले कथित यौन शोषण, धमकी और मानसिक प्रताड़ना...

अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल,
चर्चित

अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल, BJP ने बताया धमकी भरी राजनीति

21 May 2026

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक...

गंगा नदी को लेकर सरकार का अहम फैसला
चर्चित

अलकनंदा-भागीरथी पर नई पनबिजली परियोजनाओं पर रोक, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा

21 May 2026

पर्यावरण और धार्मिक महत्व को देखते हुए अब अलकनंदा और भागीरथी नदियों पर कोई नई पनबिजली परियोजना शुरू नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार ने सुप्रीम...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited