TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    तंबाकू व्यवसायी के बेटे शिवम मिश्रा चर्चा में

    लैम्बॉर्गिनी कार ने कइयों को कुचला, लेकिन आरोपी रईसजादे को थाने में मिला VIP ट्रीटमेंट !

    Anu Lal

    क्या धर्म पर्यावरण की रक्षा कर सकता है? ‘बिश्नोईज़ एंड द ब्लैकबक’ के माध्यम से अनु लाल का एक जरूरी सवाल

    बजट सत्र के दौरान संसद में हंगामा

    बजट सत्र में लोकसभा फिर बाधित, विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की दी चेतावनी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    तंबाकू व्यवसायी के बेटे शिवम मिश्रा चर्चा में

    लैम्बॉर्गिनी कार ने कइयों को कुचला, लेकिन आरोपी रईसजादे को थाने में मिला VIP ट्रीटमेंट !

    Anu Lal

    क्या धर्म पर्यावरण की रक्षा कर सकता है? ‘बिश्नोईज़ एंड द ब्लैकबक’ के माध्यम से अनु लाल का एक जरूरी सवाल

    बजट सत्र के दौरान संसद में हंगामा

    बजट सत्र में लोकसभा फिर बाधित, विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की दी चेतावनी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

केरल में कैसे अंग्रेजों ने पितृसत्ता महिलाओं के ऊपर थोपी?

अंग्रेजों के आने से पहले केरल की महिलाओं के पास कितनी स्वतंत्रता थी?

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
25 July 2022
in प्रीमियम
Kerala

SOURCE dainik bhaskar

Share on FacebookShare on X

पाइरेट्स ऑफ़ द कैरेबियन [Pirates of The Carribean] स्मरण है? फिल्म के पहले भाग में  नायिका यानी एलिजाबेथ को उपहार में एक विशेष वस्त्र पहनने को दिया जाता है, जिसका नाम होता है कॉर्सेट। उस वस्त्र के लिए उसके पिता गवर्नर स्वान कहते हैं, ‘ये लंदन में लेटेस्ट फैशन हैं’। परंतु उसे पहनते ही एलिजाबेथ का दम घुटने लगता है और अपने मंगेतर के समक्ष बात करने से पूर्व ही वह बेसुध होकर समुद्र में गिर जाती है।

आखिर इसकी चर्चा क्यों?

आप सोच रहे होंगे कि इसकी चर्चा क्यों की जा रही है? आज जो पाश्चात्य संस्कृति हमें आधुनिकता का पाठ पढ़ाती है- पितृसत्ता पर हमें लंबे चौड़े लेक्चर देती है, ये वही रूढ़िवादी पश्चिमी जगत है जो कभी संदेह मात्र होने पर अपनी महिलाओं को ‘डायन’ यानी ‘विच’ (Witch) बताकर मृत्युदंड दे देते थे, उन्हें ऐसी यातनाएं देते थे कि आप भी सोचने को मजबूर हो जाएंगे कि यह वास्तव में मानव ही थे न? हम आपको परिचित कराते हैं कि कैसे यूरोपीय, विशेषकर ब्रिटिश साम्राज्यवादियों ने अपनी कुत्सित पितृसत्ता यानी ‘Patriarchy’ केरल पर थोपी और शनै:-शनै: ये सम्पूर्ण भारत का हिस्सा बन गया।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

एक लेख में हमने आपको परिचित कराया था कि कैसे राजा रवि वर्मा अपने भांजों हेतु वधु ढूंढ रहे थे। अब राजा रवि वर्मा के दो भांजे थे जिनमें से एक ठीक वैसे ही दिखते थे जैसा आपने राजा रवि वर्मा के चित्र में बने श्रीराम को देखा था। धर्मशास्त्र के प्रकांड पंडित, नीति शस्त्र में निपुण, इस व्यक्ति का नाम था राजा राज वर्मा और इनके अनुज थे राजा राम वर्मा, जो नीति और धर्म शास्त्र में निपुण तो अवश्य थे, परंतु रूप में इनका और राजा राज वर्मा का दूर-दूर तक कोई मुकाबला न था।

जब त्रावणकोर की कुँवरी के समक्ष अपना वर चुनने को कहा गया तो सोचिए, उनका विकल्प क्या रहा होगा? आपके अनुसार तो राजा राज वर्मा ही होगा न। रूपवान भी हैं, गुणवान भी हैं, परंतु हुआ ठीक उल्टा। राजा राज वर्मा का रूपवान होना ही उसके लिए अभिशाप समान हो गया और उनके स्थान पर राजा राम वर्मा को वर के रूप में चुना गया। अब प्रभु की लीला थी, वही जाने कि ये कैसे संभव था?

यहां पितृसत्तात्मक के ठीक उलट मातृसत्तात्मक व्यवस्था थी। क्योंकि पुरुष अधिकतम युद्ध में व्यस्त रहते थे, इसलिए सत्ता/प्रशासन का अधिकार अधिकतम रानी के पास रहता था और स्त्री का कद इस राज्य में पुरुष के समान और कुछ परिस्थतियों में तो पुरुष से कहीं अधिक होता था। DW के एक विश्लेषणात्मक लेख के अंश अनुसार, “यह बात नायर समुदाय और नंबूदिरी ब्राह्मणों में अधिक देखी जाती थी। भारत के अन्य भागों की भांति यहां कोई विधवा प्रथा नहीं थी, न ही उन पर पति के परिवार के साथ रहने का कोई दबाव था। वह जिनके साथ रहना चाहें, जैसे रहना चाहें, रह सकती थीं। उनके वस्त्रों, उनके जीवनशैली पर कोई प्रतिबंध, कोई प्रश्न नहीं उठाया जा सकता था।”

और पढ़ें- राजा रवि वर्मा के ‘श्रीराम’ की इस तस्वीर के पीछे की कथा क्या है?

महिलाओं को पूर्ण स्वतंत्रता थी

अकल्पनीय! अविश्वसनीय! क्या आज के भारत में ऐसा कोई सोच भी सकता है? परंतु केरल में, विशेषकर त्रावणकोर रीति में यही नीति चलती थी। आपको जानकर अचरज होगा कि केरल में केवल महिलाओं को अपने अनुसार संबंध रखने की ही नहीं, अपितु संबंध चलाने और अपने अनुसार जीवन जीने की संपूर्ण स्वतंत्रता थी।

तिरुवनंतपुरम के श्रीनारायण कॉलेज में समाजशास्त्र की सहायक प्रोफेसर डॉक्टर लेख एनबी के अनुसार चूंकि महिलाएं बच्चों को जन्म देती थीं, इसीलिए उनका महत्व परिवार में अधिक होता था। महिलाएं यदि चाहें तो स्वयं के घरों में विवाहेत्तर भी निवास कर सकती थीं और विवाह के पश्चात वर को महिला के घर वास करने का निर्णय करना पड़ता था। क्या आज के कथित नारीवादी ऐसी कल्पना भी कर सकते हैं? कदापि नहीं।

नायर समुदाय की महिलाओं में जातिवाद या रूढ़िवाद जैसी कोई भावना ही नहीं थी। वे भूमि स्वामिनी भी थी, उनका अपना महत्व भी था और वे कभी भी किसी पुरुष पर निर्भर नहीं रहती थीं। कई लोगों को आश्चर्य होगा परंतु जिसे आज लिव इन कहते हैं, आज से युगों पूर्व केरल में महिलाएं ‘संबंधनम’ में रहती थीं।

‘संबंधनम’ का क्या अर्थ है? ‘संबंधनम’ अर्थात महिलाएं एक से अधिक पुरुषों से संबंध रख सकती थीं और उन्हें वैवाहिक प्रणाली में रहने को बाध्य भी नहीं होना पड़ता था। ये सुनने में आपको तनिक अजीब लग सकता है परंतु ये भी भारत का एक रूप था। इस बारे में मनु एस पिल्लई ने अपनी पुस्तक- ‘द आइवरी थ्रोन’ में विस्तार से चर्चा की है।

तो फिर ऐसा क्या हुआ कि इतने बहुमुखी, प्रगतिशील समाज को हटा दिया गया? ऐसा क्या हुआ जिसके कारण केरल, जो विश्वगुरु भारत का प्रतीक चिह्न था, आज रूढ़िवाद और धर्मांधता का अनंत सागर बन चुका है? इसका कारण स्पष्ट है – यूरोपीय साम्राज्यवाद। केरल पर अनेक प्रकार के आक्रमण हुए, जिनमें अरबी, तुर्की, यहां तक कि अफगानी तक सम्मिलित थे। परंतु जो घात यूरोपीय साम्राज्यवादियों, विशेषकर ब्रिटिश साम्राज्यवादियों ने केरल को पहुंचाया, वैसा घात शायद ही किसी अन्य सभ्यता ने पहुंचाया होगा।

जैसे कि पायरेट्स ऑफ द कैरेबियन में दिखाया गया था, अंग्रेज़ी महिलाओं के परिधान एवं सभ्यता दम घोंटू होते थे। वे बस नाममात्र के प्रगतिशील थे, वास्तव में कट्टरपंथियों को छोड़ दिया जाए तो उनसे अधिक रूढ़िवादी तो शायद ही कोई संसार में रहा होगा।

और पढ़ें- काँवड़ यात्रा और इसके सांस्कृतिक महत्व के बारे में सबकुछ जान लीजिए

कट्टरपंथियों ने खूब उपद्रव मचाया था

मनु एस पिल्लई के विश्लेषण अनुसार, “त्रावणकोर वंश के राजा महाराज तक एक प्रणाली के अनुसार विवाह करते थे। प्रांत में लैंगिकता मानो उत्सव समान था और शुद्धता इतनी भी महत्वपूर्ण नहीं थी। परंतु अंग्रेज़ों को यह स्वीकार्य नहीं था। जो भी नायर अंग्रेज़ी संस्थानों में पढ़ने जाते थे, उन्हें अपने विचारों, अपने पीढ़ियों और अपने सामाजिक संस्थाओं के लिए अंग्रेजों के ताने और उलाहने सुनने पड़ते थे। उन्हें तरह-तरह के अपशब्द सुनाए जाते थे। धीरे-धीरे अंग्रेज़ों का प्रभुत्व और 1925 आते आते इस प्रणाली का विनाश सुनिश्चित हो गया। ये वही समय था जब मालाबार में मोपलाह ‘क्रांति’ के नाम पर कट्टरपंथियों ने उपद्रव मचाया था और हजारों निर्दोष हिंदुओं की बलि चढ़ी थी। आज जो केरल पितृसत्ता का प्रतीक बना हुआ है, आज जिस केरल में कट्टरपंथ सर चढ़कर बोल रहा है, उसके पीछे केवल और केवल एक ही कारण है– ब्रिटिश साम्राज्यवाद और इसके लिए यदि वे नाक रगड़कर भी क्षमा मांगे तो भी वे क्षमा योग्य नहीं।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: तिरुवनंतपुरमत्रावणकोरयूरोपीय साम्राज्यवाद
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

इन 5 कारणों से बॉक्स ऑफिस पर शमशेरा हुई धड़ाम

अगली पोस्ट

ख़त्म होने जा रहा है वनडे क्रिकेट?

संबंधित पोस्ट

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध
चर्चित

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध

3 November 2025

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, ISRO, ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विज्ञान और तकनीक में भारत किसी से पीछे नहीं है। मार्च 2026...

क्या नेताजी सचमुच 1945 में मारे गए थे? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य
इतिहास

क्या नेताजी का निधन सचमुच 1945 विमान हादसे में हुआ था? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य

31 October 2025

रहस्य जो आज भी जीवित है जब इतिहास की किताबों में लिखा गया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1945 में विमान हादसे में मरे, तो...

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक
चर्चित

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक

29 October 2025

कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार के लिए यह क्षण किसी राजनीतिक झटके से कम नहीं है। राज्य की धारवाड़ बेंच ने सरकार के उस विवादास्पद सरकारी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited