TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान, बोले- राष्ट्र की एकता के लिए उनका संघर्ष प्रेरणादायक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान, बोले- राष्ट्र की एकता के लिए उनका संघर्ष प्रेरणादायक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

परमाणु कचरे से बनाई गई बैटरी 28,000 वर्षों तक ऊर्जा देगी, जानिए इसके बारे में सबकुछ

अब बार-बार चार्जिंग का झंझट होगा खत्म!

Ruchi Mehra द्वारा Ruchi Mehra
18 August 2022
in तकनीक
NDB

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

आज हमारा जीवन बैटरी पर काफी हद तक निर्भर हो चुका है। स्मार्टफोन से लेकर गाड़ी, घड़ी समेत तमाम उपकरणों में बैटरी का उपयोग किया जाता है परंतु इन बैटरियों की अवधि अधिक नहीं होती, जिसकी वजह से इन्हें बार-बार चार्ज करने की आवश्यकता पड़ती रहती है। एक बैटरी की अवधि कितनी हो सकती है? कुछ घंटे, कुछ दिन या फिर ज्यादा से ज्यादा कुछ महीनों तक ही। परंतु तब क्या जब हम आपको एक ऐसी बैटरी के बारे में बताए जो कुछ महीने या दो-चार सालों तक नहीं बल्कि पूरे 28 हजार वर्षों तक चलेगी?

जी हां, अमेरिका की एक स्टार्टअप NDB द्वारा यह दावा किया जा चुका है कि वह कंपनी एक ऐसी बैटरी बनाने पर काम कर रही है, जो 28 हजार वर्षों तक काम करेगी। कहा जा रहा है कि इस बैटरी के एक बार विकसित होने के बाद इसे 28 हजार वर्षों तक चार्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस बैटरी को बनाने वाली कंपनी का नाम NDB और बैटरी का नाम नैनो डायमंड बैटरी (Nano Diamond Battery) है। हजारों वर्षों तक चलने वाली इस बैटरी को परमाणु कचरे से बनाया जा रहा है। यह बैटरी एक सेल्फ चार्जिंग बैटरी है, जिस कारण इसे बार-बार चार्ज करने की आवश्यकता नहीं होती। ध्यान देने वाली बात है कि वर्ष 2023 तक कंपनी पेशेवर आधार पर नैनो डायमंड बैटरी का उत्पादन शुरू करने की योजना में है।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

और पढ़ें: उपेक्षित होने से लेकर सबसे बड़ा ईवी बाजार बनने तक, भारत ने लंबा सफर तय किया है!

बैटरी का निर्माण कार्बन 14 कचरे से किया जा रहा है, जो कि एक रेडियो एक्टिव पदार्थ है। कार्बन 14 को काफी खतरनाक माना जाता है। हालांकि, बैटरी को सुरक्षित बनाने के प्रयास किए गए हैं। बैटरी एक परमाणु रिऐक्टर की तरह काम करती है। रेडियो एक्टिव तत्वों की वजह से इलेक्ट्रॉन्स का निर्माण होता है, जिससे बैटरी के अंदर ही अंदर बिजली बनती है। नैनो डायमंड बैटरी को कृत्रिम हीरे के खोल में कार्बन 14 कचरा डालकर बनाया गया है। रिसाव न हो इसलिए खोल के ऊपर रेडियो एक्टिव रोधी हीरे का लेप लगाया गया है।

ज्ञात हो कि नैनो डायमंड बैटरी भविष्य में काफी लाभकारी साबित हो सकती है। स्मार्टफोन से लेकर लैपटॉप, स्मार्टवॉच, कैमरा समेत रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोग में आने वाली ऐसी कई चीजें है, जिनमें बैटरी का उपयोग होता है। परंतु इसे बार-बार चार्ज करने की आवश्यकता भी पड़ती है। नैनो डायमंड बैटरी को अगर उपयोग में लाया जाए, तो यह झंझट खत्म हो सकती है। एक से अधिक बैटरियों को जोड़कर अधिक ऊर्जा पैदा की जा सकती है, जो इतनी हो सकती है कि इससे किसी गांव या कस्बे को रोशन किया जा सकता है।

भविष्य में इन बैटरियों का उपयोग अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भी किया जा सकता है। जैसे कि अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले रॉकेट और सैटेलाइट में इसका इस्तेमाल हो सकता है। इस बैटरी के जरिए अंतरिक्ष मिशनों का जीवनकाल बढ़ सकता है और यह लंबे समय तक अंतरिक्ष में काम कर सकते है। बैटरी के अन्य फायदों पर गौर करें तो इन सबके अलावा यह स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी तमाम सुविधाओं में भी काम आ सकती है। श्रवण यंत्र से लेकर कृत्रिम पेसमेकर में बैटरी की आवश्यकता पड़ती है। अगर इनमें नैनो डायमंड बैटरी का उपयोग किया जाए तो जिंदगीभर के लिए इसे बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

परिवहन से जुड़े क्षेत्र में नैनो डायमंड बैटरी क्रांति लाने का काम कर सकती है। दुनिया का भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों पर टिका है। ऐसे में इन इलेक्ट्रिक वाहनों में अगर नैनो डायमंड बैटरी एक बार लगा दी जाए तो इन्हें बदलने का झंझट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। नैनो डायमंड बैटरी के जरिए हमारी ऊर्जा से जुड़ी आवश्यकताएं पूरी हो सकती है। साथ ही इससे जैविक इंधन की खपत में भी कमी आएगी। इन सबके अतिरिक्त इससे काफी हद तक परमाणु कचरे को कम करने में भी मदद मिलेगी। मौजूदा समय में दुनियाभर में तीन लाख टन से भी अधिक परमाणु कचरा मौजूद है परंतु कोई यह नहीं जानता कि आखिर इस कचरे के साथ किया क्या जाए? यह बैटरी इस समस्या का भी समाधान कर सकती है।

परंतु हर चीज के साथ कुछ समस्याएं तो होती ही है। दरअसल, एनडीबी कंपनी ने जो रिपोर्ट दी है, उसके अलावा बैटरी से संबंधित अधिकांश दावों के अभी तक कोई ठोस सुबूत नहीं मिलते। वहीं, NDB पूरी तरह से यह नहीं बताता कि गर्मी को खत्म करने के लिए थर्मल वेंट का वर्णन करने के अलावा ऊर्जा रूपांतरण के दौरान उत्पन्न होने वाली गर्मी का क्या होता है। NDB द्वारा नैनो डायमंड बैटरी को लेकर जो अब तक दावे किए है, उसके बारे में विश्लेषण के लिए अभी अधिक डेटा भी उपलब्ध नहीं है, जिस कारण इसकी उपयोगिता पर अभी ज्यादा कुछ नहीं कहा सकता। हालांकि, ऐसा नहीं है कि नैनो डायमंड बैटरी लाभकारी नहीं होगी। इसके साथ कुछ चुनौतियां है, अगर उनसे निपटा जा सके तो यह क्रांति लाने का काम कर सकती है।

और पढ़ें: आ रही है Suzuki और Toyota की भारत में बनी पहली मिड साइज़ इलेक्ट्रिक व्हीकल

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: NDBनैनो डायमंड बैटरीपरमाणु कचरा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जहां बॉलीवुड को अपने अस्तित्व बचाने के लाले पड़े हैं, अभिषेक अग्रवाल नोट पर नोट छाप रहे हैं

अगली पोस्ट

‘महिला ने उत्तेजक कपड़े पहने थे, इसलिए यौन उत्पीड़न का मामला नहीं’, केरल कोर्ट ने आरोपी को दी जमानत

संबंधित पोस्ट

ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल
चर्चित

ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

29 May 2026

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में बड़ा आतंक विरोधी अभियान चलाया है। एजेंसी ने 12 जगहों पर छापेमारी की,...

भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?
तकनीक

भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

21 May 2026

आज की दुनिया में, भारत जमीनी स्तर पर क्रिप्टोकरेंसी के व्यापक अपनाने में अग्रणी बन चुका है। यह इस बात का संकेत है कि डिजिटल...

अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क
तकनीक

अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

11 April 2026

पृथ्वी से लगभग 480 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में एक ऐसा रहस्यमयी क्षेत्र मौजूद है, जिसने वैज्ञानिकों और स्पेस एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

00:03:48

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited