TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

INS विक्रांत का पुनर्जन्म: भारतीय नौसेना का गौरव

लौट रहा है 'महापराक्रमी' INS विक्रांत

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
1 September 2022
in चर्चित, रक्षा
Ins Vikrant
Share on FacebookShare on X

2 सितंबर 2022 – यह दिन भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दिन भारत का सर्वप्रथम, स्वनिर्मित नौसैनिक एयरक्राफ्ट कैरियर ‘INS विक्रांत’ को भारत की सेवा में सौंप दिया जाएगा। इस निर्णय से न केवल हमारे देश की नौसेना पुनः समृद्ध होगी अपितु जो शौर्य कभी एक एयरक्राफ्ट कैरियर देश के लिए प्राप्त करता था वही शौर्य इस युद्धपोत के माध्यम से पुनः प्राप्त होगा जिसका नाम भी संयोगवश INS विक्रांत ही था। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि भारत के शौर्य, INS विक्रांत का पुनर्जन्म हुआ है और वह पुनः मां भारती की सेवा हेतु तैयार है।

परंतु यह INS विक्रांत है क्या और इसमें ऐसी क्या विशेषता थी जिसके कारण यह भारतीय नौसेना के लिए गौरव का विषय रहा है?

संबंधितपोस्ट

पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

भारतीय नौसेना: संकट में सबसे पहले मदद पहुंचाने वाली ताकत

और लोड करें

1940 के दशक पर ध्यान देना होगा

ये बात है 1940 के दशक की जब विश्व युद्ध अपने चरम पर था। तब रॉयल नेवी ने ऐसे एयरक्राफ्ट कैरियर बनाने पर ध्यान दिया जो हल्के हों पर बहुपयोगी हों और जर्मन एवं जापानी सेनाओं से निपटने हेतु सक्षम हों। इसी दिशा में तैयार हुए मैजेस्टिक क्लास के कैरियर जो 16 लाइट एयरक्राफ्ट कैरियर में से चिह्नित किए गए थे, इन्हीं में से एक थी HMS Hercules जो Vickers Armstrong एवं Harland and Wolff जैसे जहाज निर्माताओं द्वारा तैयार किए गए थे। परंतु इससे पूर्व कि इन पर मूलभूत निर्माण प्रारंभ होता था, 1945 में विश्व युद्ध समाप्त हो चुका था और ये परियोजना ठंडे बस्ते में चली गयी।

HMS Hercules यूं ही ठंडे बस्ते में था परंतु इसी बीच यूके को स्मरण आया कि उनके ‘अधीन’ देश तो अब स्वतंत्र भी हो रहे हैं। ऐसे में ये आधे अधूरे कैरियर इन्हीं ‘राष्ट्रमंडल’ देशों में बंटने प्रारंभ हुए, और इन्हीं में से एक था भारत।

ऐसे में भारत ने HMS Hercules के आधे अधूरे एयरक्राफ्ट कैरियर को खरीदते हुए इसे पूरा करने की जिम्मेदारी उठायी और 1961 में इस जहाज़ को भारत की सेवा में सौंपा गया। यही था हमारा INS विक्रांत जो 700 फीट लंबा था और जिसका डिसप्लेसमेंट डीप लोड पर लगभग 20000 टन एवं आम लोड पर लगभग 16000 टन था। ये अधिकतम 25 नॉट की शक्ति से संचालित होता था यानी नौसैनिक परिभाषा में इसकी अधिकतम स्पीड लगभग 46 किलोमीटर प्रति घंटा था।

इस युद्धपोत को प्रारंभ से ही एक्शन में लगाया, जब पुर्तगाल के विरुद्ध गोवा की स्वतंत्रता के अंतर्गत, 1961 में ऑपरेशन विजय में इसका उपयोग हुआ था। परंतु INS विक्रांत की कोई सक्रिय भूमिका नहीं थी, उसने केवल गोवा की तटीय पैट्रोलिंग की थी। 1965 में INS विक्रांत ड्राई डॉक में रही, जिसके कारण उसने कोई सक्रिय भूमिका नहीं निभायी।

और पढ़ें- आर्मीनिया को सुरक्षा सहायता प्रदान कर एर्दोगन को चुनौती देने के लिए तैयार है भारत

परंतु 1971 में सब कुछ बदल गया। INS विक्रांत के प्रभुत्व से ही पाकिस्तानी सेना इतना थर-थर कांपती थी कि इसे डुबाने के लिए उन्होंने अपना समुद्री खंजर उतारा। ये समुद्री खंजर कोई और नहीं, विश्व युद्ध द्वितीय में अमेरिका द्वारा प्रयोग में लायी गयी पनडुब्बी USS Diablo थी, जो अब पाकिस्तानी नौसेना की शान, PNS Ghazi बन चुकी थी और जिसने 1965 के युद्ध में द्वारका क्षेत्र पर भी कथित तौर पर हमला किया।

पीएनएस ग़ाज़ी को अमेरिकी नौसेना ने पाकिस्तान को उधार दिया था, उसका मूल नाम USS Diablo था। पीएनएस ग़ाज़ी विशाखापत्तनम के करीब आ चुकी थी। एडमिरल कृष्णन ने युद्धपोत INS विक्रांत को अंडमान आईलैंड्स की ओर ले जाने का आदेश दिया। उन्होंने INS विक्रांत का कॉल साइन भी बदल दिया। INS राजपूत के लिए इस्तेमाल होने वाला कॉल साइन INS विक्रांत के लिए तय कर दिया गया। INS राजपूत एक पुराना युद्धपोत था जो बेस पर था। इसी प्रकरण में कथित रूप से एक पनडुब्बी, INS करंज का भी उपयोग हुआ, और 2017 की चर्चित बहुभाषीय ‘द ग़ाज़ी अटैक’ इसी प्रकरण पर आधारित है।

इधर कृष्णन ने INS राजपूत के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कमांडर इंदर सिंह को बता दिया था कि वह जब हार्बर से निकलेंगे तो हो सकता है कि उनके आसपास दुश्मन की सबमरीन मिले। कृष्णन अपनी किताब ‘नो वे बट सरेंडर- ऐन एकाउंट ऑफ इंडो-पाकिस्तान वॉर इन द बे ऑफ बंगाल 1971’ में लिखते हैं, ‘चकमा देने की हमारी रणनीति सफल रही। डूब चुके ग़ाज़ी से हमने एक सीक्रेट सिग्नल रिकवर किया था। उसमें कराची के सबमरींस कमांडर ने 25 नवंबर को ग़ाज़ी को सिग्नल भेजा था कि इंटेलिजेंस से संकेत मिल रहा है कि वह युद्धपोत पोर्ट में ही है।’ उस सिग्नल में ग़ाज़ी से कहा गया था कि उसे ‘पूरे साजोसामान के साथ विशाखापत्तनम की ओर बढ़ना चाहिए।’ परंतु उन्हें क्या पता था कि भारतीय नौसेना उनके लिए पूरी तरह तैयार खड़ी थी और PNS ग़ाज़ी के लिए बंगाल की खाड़ी में उसका कब्र सारी सुविधाओं सहित उनकी प्रतीक्षा कर रही थी।

3 से 4 दिसंबर 1971 की रात को क्या हुआ, यह आज भी एक रहस्य है परंतु उसी के पश्चात भारत पाकिस्तान युद्ध आधिकारिक तौर पर प्रारंभ हुआ, क्योंकि उसके पश्चात कुछ भी पहले जैसा नहीं रहा। आज भी पाकिस्तान ग़ाज़ी की पराजय को खुलेआम स्वीकारता नहीं है और आज भी वह 1971 की पराजय की भांति इस पराजय से मुंह मोड़ता है।

और पढ़ें- रक्षा मंत्रालय भारतीय रक्षा बल को फास्ट-ट्रैक के माध्यम से हथियार खरीदने की आपात शक्तियां देने की तैयारी में

INS विक्रांत ने जब त्राहिमाम मचाया

तद्पश्चात INS विक्रांत ने खुलना, चटगाँव इत्यादि में काफी त्राहिमाम मचाया, जो उस समय पूर्वी पाकिस्तान का हिस्सा थे। अपनी सेवा के लिए INS विक्रांत के क्रू को 2 महावीर चक्र और 12 वीर चक्र से उस युद्ध में सम्मानित किया गया। फिर कई वर्षों की सेवा के पश्चात 1997 में INS विक्रांत सेवानिर्वृत्त हुआ। कुछ समय के लिए इसे एक संग्रहालय पोत के रूप में संरक्षित करने का प्रयास किया गया परंतु वह अधूरा ही रहा और अंतत: 2014 में इसे स्क्रैप कर दिया गया।

तो नये और पुराने INS विक्रांत में अंतर क्या है? अंतर है और बहुत स्पष्ट अंतर है। मूल जहाज़ की तुलना में भारत से पहले सिर्फ पांच देशों ने 40 हजार टन से अधिक वजन वाला एयरक्राफ्ट कैरियर बनाया है। नये INS विक्रांत का वजन 45 हजार टन है।

इस पोत का डिजाइन नौसेना के वारशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है। वहीं निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र की शिपयार्ड कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड ने किया है। पिछले साल 21 अगस्त से अब तक समुद्र में परीक्षण के कई चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। पोत को नौसेना की सेवा में शामिल किए जाने के बाद इस पर विमानों को उतारने का परीक्षण किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त नए INS विक्रांत में ये विशेषताएँ हैं–

  • इसका मूल्य है 20 हजार करोड़ रुपये
  • 18 राज्यों में बने हैं इसके उपकरण
  • ये पोत 262 मीटर लंबा और 62 मीटर चौड़ा है
  • इसकी अधिकतम गति 28 नॉट है
  • विक्रांत में करीब 2200 कंपार्टमेंट हैं
  • पोत से एक साथ 30 विमान संचालित हो सकते हैं
  • चालक दल 1,600 सदस्यों के रहने के लिए पर्याप्त है
  • मिग-29के लड़ाकू विमानों और केए-31 हेलिकॉप्टरों का एक बेड़ा तैनात होगा

और पढ़ें- F-INSAS, लैंडिंग क्राफ्ट असॉल्‍ट, निपुण माइंस और भी बहुत कुछ, देश के सैनिकों के हाथ में आया साक्षात काल

अब कल्पना कीजिए, ऐसा युद्धपोत यदि सक्रिय युद्ध में भारत की सेवा में उतरता है तो सामने वाले शत्रु का क्या हाल होगा? पाकिस्तान तो दूर की बात है, चीन एवं अन्य औपनिवेशिक मानसिकता से ग्रसित देश भी अब भारत से भिड़ने से पूर्व हजार बार सोचेंगे। कभी भारतीय नौसेना का शौर्य रहे INS विक्रांत का पुनर्जन्म हुआ है और वह स्वदेशी रूप में गर्व से वापसी करने को तैयार है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: INS राजपूतINS विक्रांतभारतीय नौसेना
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

विकसित और विकासशील देशों के विकास दर से भारत कितना ‘ऊपर या नीचे’ है?

अगली पोस्ट

आमिर खान बने माफी मैन

संबंधित पोस्ट

केतन अग्रवाल मर्डर केस में एक नया और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है
क्राइम

केतन अग्रवाल मर्डर केस: पिता का दावा- हत्या से चार दिन पहले भी सिया ने की थी जान लेने की कोशिश

24 June 2026

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में एक नया और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। यह दावा खुद केतन के पिता विशाल अग्रवाल...

गिलगित-बाल्टिस्तान
चर्चित

गिलगित-बाल्टिस्तान: विकास, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी के बीच संतुलन की तलाश

24 June 2026

गिलगित-बाल्टिस्तान को लेकर चर्चा लंबे समय से भू-राजनीति, सीमा विवादों और रणनीतिक महत्व के नजरिए से होती रही है। वर्षों तक इस क्षेत्र को मुख्य...

केतन अग्रवाल मौत मामला
क्राइम

केतन अग्रवाल मौत मामला: परिवार ने लगाया मंगेतर सिया पर साजिश का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

24 June 2026

महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित लोहगढ़ किले पर 26 वर्षीय केतन की मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस मामले में...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited