TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    jefferies Industrial revolution

    क्या है नया Industrial Revolution? 6 सेक्टर में बड़े बदलाव से बनेगा विकसित भारत 2047

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    jefferies Industrial revolution

    क्या है नया Industrial Revolution? 6 सेक्टर में बड़े बदलाव से बनेगा विकसित भारत 2047

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कॉलेजियम प्रणाली को जड़ से उखाड़ने को तैयार हैं किरेन रिजिजू

राजनीति और बॉलीवुड की तरह 'न्यायिक व्यवस्था' भी है परिवारवाद से ग्रसित!

Ruchi Mehra द्वारा Ruchi Mehra
19 September 2022
in राजनीति
कॉलेजियम सिस्टम

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

न्याय में लंबे समय तक देरी भी अन्याय समान ही मानी जाती है। इसमें कोई संदेह नहीं कि भारत की न्याय प्रणाली अच्छी है। हमारे न्याय प्रणाली की हमेशा से ही ऐसी विशेषता रही कि सबूतों के अभाव में भले ही दस कसूरवार छूट जाएं परंतु किसी भी एक बेगुनाह को सजा नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि, इन सबसे इतर देखा जाए तो दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में न्यायिक प्रक्रिया काफी धीमी है। न्याय पाने के लिए लोगों को सालों-साल का इंतेजार करना पड़ता है। इसका प्रमुख कारण है जजों की नियुक्ति। देशभर की विभिन्न अदालतों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। न्यायिक नियुक्ति में कॉलेजियम प्रणाली को सबसे बड़ी अड़चन माना जाता है, जिस पर अब कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रश्न उठाते हुए कुछ ऐसी बातें कही है, जो विचार करने योग्य है।

और पढ़ें: जज ने 4 दिन में फैसला सुना दिया तो बड़े जज साहब ने सस्पेंड कर दिया?

संबंधितपोस्ट

राहुल गांधी साहिल संग पहुंचे थाने , FIR की मांग को लेकर धरने पर बैठे कहा-FIR दर्ज होने तक नहीं हटेंगे

मानसून सत्र खत्म, किरेन रिजिजू ने बताया- राज्यसभा की उत्पादकता 39% और लोकसभा की 19%

12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

और लोड करें

रिजिजू ने कही ये बात

दरअसल, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए चले आ रहे कॉलेजियम प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। राजस्थान के उदयपुर में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में उन्होंने कहा कि न्यायिक नियुक्तियों में तेजी लाने के लिए वर्तमान कॉलेजियम प्रणाली पर विचार करने की आवश्यकता है। ‘उभरते कानूनी मुद्दे-2022’ पर आयोजित सम्मेलन में किरेन रिजिजू ने कहा कि यदि कोई सिस्टम सही से नहीं चल रहा, तो उसमें क्या बदलाव होने चाहिए, इसकी चिंता करना हम सबका कर्तव्य है।

कानून मंत्री ने कहा, हाईकोर्ट और निचली अदालत की मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। न्याय प्रणाली को फिर से जीवंत करने का वक्त आ गया है। इसके तहत रिक्त पदों को जल्द ही भरा जाएगा। वैसे ऐसा पहली बार हुआ, जब कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने यूं सार्वजनिक तौर पर इतने सख्त शब्दों में कॉलेजियम प्रणाली पर प्रश्न खड़े किए हो। देखा जाए तो कॉलेजियम प्रणाली हमेशा से ही सवालों के घेरे में बनी रही है। कभी इसकी पारदर्शिता पर प्रश्न उठते हैं तो कभी न्यायाधीशों की नियुक्ति में इसे एक बड़ी समस्या के तौर पर देखा जाता है।

देशभर की अदालतों में जजों की नियुक्ति की प्रणाली को कॉलेजियम प्रणाली कहा जाता है। वर्ष 1993 में आई इस व्यवस्था के तहत न्यायाधीशों के पोस्टिंग, तबादले और पदोन्नति से जुड़े निर्णय कॉलेजियम समिति द्वारा लिए जाते हैं। यह समिति पांच लोगों की एक समूह होती हैं, जिसमें उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के साथ चार वरिष्ठ न्यायाधीश सदस्य होते हैं। कॉलेजियम प्रणाली से ही यह तय होता है कि हाईकोर्ट के कौन से जज पदोन्नत होकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। हालांकि, हमारे भारतीय संविधान में कॉलेजियम प्रणाली का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।

ज्ञात हो  कि केवल बॉलीवुड या फिर राजनीति ही नहीं परिवारवाद से हमारे देश की न्यायपालिका भी ग्रसित है। ऐसा कहा जाता है कि कॉलेजियम प्रणाली के माध्यम से न्यायपालिका में भी परिवारवाद को बढ़ावा दिया जाता है। अगर केवल सुप्रीम कोर्ट को ही देख लिया जाए तो वहां 38 प्रतिशत मौजूदा न्यायाधीशों का न्यायपालिका या फिर सरकार में गहरा पारिवारिक संबंध है। प्रथम दृष्यता से तो यही स्पष्ट होता है कि न्यायपालिका पर कुछ चुनिंदा परिवारों का कब्जा है। स्वयं न्यायपालिका के अंदर से ही इसकी पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लगते आए हैं। कुछ वर्षों पूर्व इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर कॉलेजियम प्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट तौर पर कहा कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्तियों में परिवारवाद और जातिवाद का बोलबाला है।

मोदी सरकार ने पहले भी उठाया था कदम

ऐसा नहीं है कि कॉलेजियम प्रणाली को कभी खत्म करने के प्रयास नहीं हुए। सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने वर्ष 2014 में राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्त‍ि आयोग (NJAC) अधिनियम बनाया था। यह सरकार द्वारा प्रस्तावित एक संवैधानिक संस्था थी, जिसमें छह सदस्य रखने का प्रस्ताव था। इसमें मुख्य न्यायाधीश के अलावा सुप्रीम कोर्ट के दो वरिष्ठ वकील, कानून मंत्री और विभिन्न क्षेत्र से जुड़ी दो लोकप्रिय हस्तियों को सदस्य के तौर पर शामिल करने की बात थी। परंतु सुप्रीम कोर्ट द्वारा नए कानून को असंवैधानिक बताते हुए इसे वर्ष 2015 में ही रद्द कर दिया गया। इस दौरान कहा गया कि इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर असर पड़ेगा, जिसके बाद कॉलेजियम प्रणाली ही दोबारा से बहाल हो गई।

वैसे भी देखा जाए तो अपने कुछ निर्णयों के कारण न्यायपालिका आलोचनाओं में भी घिरी हुई है। न्याय पाने के लिए लोग देश की व्यवस्था पर तो पूरा भरोसा करते हैं परंतु न्यायाधीशों के सभी फैसलों पर लोग उनसे सहमत हो, ऐसा भी नहीं है। ऐसा ही कुछ बीते महीनों देखने मिला था, जब उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की इस्लामिस्टों द्वारा बेरहमी से हत्या करने पर सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा की पूर्व प्रवक्ता को जिम्मेदार ठहराया था। कोर्ट के इस बयान को लेकर लोगों में काफी नाराजगी भी देखने को मिली थी। इसके अलावा भी न्यायपालिका कई अन्य कारणों से लगातार आलोचनाओं में घिरी हुई है।

बताते चलें कि कॉलेजियम प्रणाली को न्यायी प्रणाली में बाधा की तरह देखा जाता है। हालांकि, अब कानून मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा कॉलेजियम प्रणाली पर यूं सार्वजनिक तौर पर सवाल उठाने के बाद यह प्रश्न उठ रहे हैं कि क्या मोदी सरकार इसे लेकर कुछ बड़ा निर्णय लेने की तैयारी में है? अगर ऐसा है तो इसे लेकर शीघ्र ही कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जिससे हमारी न्याय व्यवस्था में सुधार हो और लोगों में जल्द न्याय मिलने की उम्मीद भी जगे।

और पढ़ें: पूर्व जजों और नौकरशाहों ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस पारदीवाला को सत्य से अवगत करा दिया

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: किरेन रिजिजूकॉलेजियम प्रणालीमोदी सरकारसुप्रीम कोर्ट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अब भारत के पास मोबाइल हैंडसेट गेम में चीन को मात देने का अच्छा अवसर है

अगली पोस्ट

आतंकवाद का नया लॉन्च पैड बना ममता का नया बंगाल

संबंधित पोस्ट

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ
मत

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

4 September 2026

आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। आज के दिन हम प्रायः श्रीकृष्ण के बालरूप को याद करते हैं। माखन चुराने वाले नटखट कान्हा, मुरली बजाने वाले गोप...

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्
ज्ञान

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

4 September 2026

हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिन्दूः पतितो भवेत् मम दीक्षा हिन्दू रक्षा, मम मन्त्रः समानता यही वह भाव है, जिसके साथ विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना...

मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था
मत

हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

3 September 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत सरसंघचालक मोहन भागवत वैश्विक प्रवास पर हैं। इस अभियान के तहत उन्होंने अमेरिका...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

00:05:37

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

00:16:00

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited