TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    शुभेंदु अधिकारी के केबिनेट ममं मंत्रियों का विस्तार

    West Bengal Cabinet Expansion: शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, नबान्न में 35 मंत्रियों ने ली शपथ

    सीएम योगी का बड़ा फैसला

    सीएम योगी का बड़ा तोहफा: पाकिस्तान से आए 1645 विस्थापित परिवारों को आज यूपी में मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    शुभेंदु अधिकारी के केबिनेट ममं मंत्रियों का विस्तार

    West Bengal Cabinet Expansion: शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, नबान्न में 35 मंत्रियों ने ली शपथ

    सीएम योगी का बड़ा फैसला

    सीएम योगी का बड़ा तोहफा: पाकिस्तान से आए 1645 विस्थापित परिवारों को आज यूपी में मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘भारतीय छात्र कनाडा आ रहे हैं’ CBC के लेख का TFI ने ‘ऑपरेशन’ किया है

TFI संस्थापक अतुल मिश्रा की जादुई भाषा में कमाल का लेख, छोड़ मत दीजिए।

Atul Kumar Mishra द्वारा Atul Kumar Mishra
13 September 2022
in मत
CBC News
Share on FacebookShare on X

बीते 11 सितंबर, 2022 को CBC News ने एक ओपेड प्रकाशित किया, जिसके माध्यम से प्रकाशन ने यह बताने का प्रयास किया कि अधिक से अधिक भारतीय छात्र अपनी शिक्षा ग्रहण करने कनाडा क्यों आ रहे हैं, किंतु बिना सर-पैर के लिखा गया यह ओपेड स्वयं का ही उपहास उड़ाता है। वस्तुतः जब हम ऐसे किसी लेख को लिखते हैं तो स्वयं के द्वारा किए दावों को बल प्रदान करने के क्रम में पर्याप्त आंकड़े भी प्रस्तुत करते हैं किंतु CBC द्वारा प्रकाशित इस ओपेड में आंकड़े ही अपर्याप्त हैं जिससे यह पूर्णतः स्पष्ट हो जाता है कि यह लेख एक एजेंडे के अंतर्गत लिखा गया है।

लेख में किए गए दावों की पोल खुलेगी

यह लेख कनाडा में रह रहे दो भारतीय प्रवासी सरबमीत सिंह और अक्षय कुलकर्णी के द्वारा लिखा गया है लेकिन मैं इनके लेख को लेकर केवल बड़ी-बड़ी बातें नहीं करूंगा, मैं तथ्यों को आपके समक्ष प्रस्तुत करते हुए इनके द्वारा किए गए दावों की पोल खोलूंगा।

संबंधितपोस्ट

आप दिल्ली-शिक्षा मॉडल पर अटके हुए हैं, यूपी-शिक्षा मॉडल तो मिसाल है मिसाल!

यूक्रेन से लौटे छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में मिलेगा दाखिला? डूब जाएगी नैया

यूक्रेन संकट के बीच मेडिकल छात्रों के लिए मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अब सरकारी शुल्क पर ही चलेंगे निजी मेडिकल कॉलेज

और लोड करें

इस लेख में यह बताया गया है कि भारतीय छात्र किन दो कारणों से कनाडा में प्रवास करते हैं, लेखकों की माने तो भारत में अस्थिर राजनीतिक वातावरण एवं रोज़गार के साधन में कमी के कारण भारतीय छात्रों को कनाडा आना पड़ता है। इस लेख में एक भारतीय को सदर्भित करते हुए बताया गया है कि करण सिंह नाम का एक व्यक्ति कनाडा चला गया है क्योंकि उसे हरियाणा में व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर भय है। इस लेख का मूल आधार यही है, किंतु समझना होगा कि पिछले कई दशकों से भारतीय छात्र बेहतर शिक्षा एवं रोज़गार की खोज में विश्वभर में जाते रहे हैं। भारतीय छात्र अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, यूक्रेन और यहां तक ​​कि चीन भी जाते रहे हैं, इन देशों के अतिरिक्त भारतीय छात्रों का कनाडा जाना तुलनात्मक रूप से नयी घटना है|

सरलता के लिए इन छात्रों को हम 6 वर्ग समूहों में विभाजित कर सकते हैं-

1)अच्छे छात्र, गरीब माता-पिता (जीएसपीपी)

2)औसत छात्र, गरीब माता-पिता (एएसपीपी)

3)अच्छे छात्र, मध्यवर्गीय माता-पिता (जीएसएमपी)

4)औसत छात्र, मध्यम वर्ग के माता-पिता (एएसएमपी)

5)अच्छे छात्र, अमीर माता-पिता (जीएसआरपी)

6)औसत छात्र, अमीर माता-पिता(एएसआरपी)

एएसपीपी के अंतर्गत छात्र दो-तिहाई भारतीय विश्वविद्यालयों में पढ़ते हैं और कभी-कभी वे एएसएमपी में भी शामिल हो जाते हैं। एएसएमपी के छात्र ज्यादातर टियर-2 भारतीय विश्वविद्यालयों में पढ़ते हैं। जीएसपीपी, जीएसएमपी और जीएसआरपी आम तौर पर भारत में प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं को पास करते हैं। ये वे हैं जो आपको IIT और IIM जैसे टियर-1 विश्वविद्यालयों में मिलते हैं।

और पढ़ें- ‘द वायर’ के औपनिवेशिक गुलामों, कान्होजी आंग्रे के बारे में विष वमन करने से पहले ये पढ़ लो

अब कुल मिलाकर बचे एएसआरपी छात्र, आमतौर पर यह बिगड़ैल बच्चे होते हैं जिनका जीवन के प्रति सादा और लक्ष्यहीन दृष्टिकोण होता है। वे अपने पूरे स्कूली जीवन में ही संघर्ष करते हैं लेकिन उनके पास सबसे चमकदार लैपटॉप होते हैं ये वे लोग हैं जो 12वीं की परीक्षा के बाद विदेश के लिए पहला विमान पकड़ते हैं। किंतु किस देश के लिए?

ये लोग यूएस और यूके नहीं जाते हैं, सिंगापुर या औस्ट्रलिया भी नहीं जाते, विश्वविद्यालय के लिहाज़ से अमेरिका और ब्रिटेन में दुनिया के कुछ बेहतरीन विश्वविद्यालय हैं। वस्तुतः पढ़ाई में शुरू से ही कमजोर रहने के कारण MIT, कैम्ब्रिज, स्टैनफोर्ड, ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड, कैलटेक, इंपीरियल आदि जैसे कॉलेज एएसआरपी को प्रवेश नहीं देते हैं, मूलतः एएसआरपी प्रवेश परीक्षा को क्रैक नहीं कर पाएंगे। उस ने कहा कि एएसआरपी अभी भी अच्छे कॉलेजों की पहली प्रतियों में शामिल हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, लंदन स्कूल ऑफइकोनॉमिक्स एक ग्रेड-ए कॉलेज है लेकिन लंदन (और उसके उपनगरों) में ऐसे स्कूल हैं जिनमें लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंडबिजनेस, लंदन स्कूल ऑफ बिजनेस एंड फाइनेंस और लंदन इकोनॉमिक्स स्कूल जैसे मिलते-जुलते नाम हैं। आप एडिडास-एबिदास की अवधारणा से तो भलीभाँति परिचित होंगे, लेकिन एएसआरपी इन मिलते-जुलते नामों के कॉलेज के लिए समझौता नहीं करते हैं। हालांकि इन छात्रों के लिए सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया अपेक्षाकृत आसान विकल्प हैं किंतु फिर भी एएसआरपी के लिए यह मिशन भी असंभव होता है।

इसलिए इन एएसआरपी के पास चीन, यूक्रेन या कनाडा में अध्ययन करने का एकमात्र विकल्प ही बचा रहता है। चीन के महानगरों की हर गली में डेंटिस्ट्री का एक कॉलेज है। चीन में कोई भी डेंटिस्ट बन सकता है। मेरे बचपन का एक दोस्त (एएसआरपी) पटना में Levi’s का शोरूम चलाता है। वह अपने लिए काफी अच्छा कर रहा है, किंतु उसने चीन से डेंटिस्ट की पढ़ाई की है। यूक्रेन के मेडिकल कॉलेजों की पढ़ाई 30% सस्ती तो है लेकिन ये 0% ज्ञान प्रदान करते हैं। यह बात और है कि यूक्रेन से डॉक्टरी पढ़कर लौटे छात्र लगभग कभी भी आईएमए परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं और इसलिए उन्हें भारत में डॉक्टर ही नहीं माना जाता है, ऐसे में वे विदेश में रहने को मजबूर हो जाते हैं।

चीन और यूक्रेन,एएसआरपी के शीर्ष के पसंदीदा देशों में हुआ करते थे जब से कनाडा एक विकल्प के रूप में उनके सामने आया है तो धीरे-धीरे ये कनाडा की तरफ़ पलायन करने लगे है, हालांकि कनाडा, चीन एवं यूक्रेन की तुलना में कम से कम 3 गुना अधिक महंगा है लेकिन एएसआरपी के पास धन की कमी नहीं है। इसलिए, पिछले 20 वर्षों में, हमने कनाडा को केवल खालिस्तानी, कैब ड्राइवर और एएसआरपी निर्यात किए हैं। चीन और यूक्रेन क्षेत्र में अब एएसएमपी का दबदबा है।

और पढ़ें- आप पृथ्वी से प्रेम करते हैं तो इलेक्ट्रिकल व्हीकल कभी मत खरीदना

इन कॉलेजों का एकमात्र उद्देश्य ही पैसा कमाना है

कनाडा विषयों को चुनने के लिए एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है- मूलतः कानून, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन इत्यादि विषय। मैकगिल, या टोरंटो विश्वविद्यालय जैसे अच्छे संस्थानों को छोड़कर कनाडाई विश्वविद्यालय में प्रवेश पाना बहुत आसान है। इसलिए एएसआरपी आमतौर पर कनाडा के ऐसे कॉलेजों में पढ़ते हैं जिन कॉलेजों का एकमात्र उद्देश्य ही पैसे कमाना होता है।

ब्रिटिश कोलंबिया के प्रश्न को समझना बहुत आसान है। ब्रिटिश कोलंबिया कनाडा में यहूदी बस्ती से प्रभावित प्रांत है।  इसमें किसी भी कनाडाई प्रांत की तुलना में प्रति वर्ग फुट अधिक प्रवासी और प्रति वर्ग मील अधिक कॉलेज हैं।  ओंटारियो इसका दूसरा उदाहरण है, इसलिए यह महज संयोग नहीं है कि पढ़ाई के लिए कनाडा जाने वाले अधिकांश भारतीय छात्र ब्रिटिश कोलम्बिया एवं ओंटारियो निवास करते हैं और यदि साथ में कोई अन्य एएसआरपी रहने लगता है तो और सोने पे सुहागे जैसी बात हो जाती है।

मैं यदि यह कहूं कि फ्रांस में एक ‘अस्थिर राजनीतिक माहौल’ है किंतु मै अगर आँकड़ों और तथ्यों को न रखूँ तो यह मात्र मेरे दिमाग़ में उपजा हुआ विचार होगा। CBC ओपेड के पास इस व्यापक झूठ की पुष्टि करने के लिए कोई भी ठोस तथ्य नहीं है। नौकरी के अवसरों की कमी एक वैध बिंदु है लेकिन किस देश में इसकी प्रचुरता नहीं है? उदाहरण के लिए अमेरिका को ले सकते हैं, ओबामा के दौर में अमरीकी नौकरी के अवसरों की कमी को लेकर त्राहि त्राहि रहे थे, ट्रम्प के शासन के दौरान लोग नौकरी के अवसरों की कमी को लकेर त्राहि त्राहि कर रहे थे और लोग मौजूदा बाइडेन युग के दौरान में भी नौकरी के अवसरों की कमी के बारे में रो ही रहे हैं। गरीबी, सुरक्षा, नौकरियां और महंगाई (सकारात्मक सुधार) किसी भी राजनीतिक अभियान के चार स्तम्भ होते हैं। कुछ भी हो, आँकड़े बताते हैं कि भारत ने पिछले 25 वर्षों की तुलना में पिछले 8 वर्षों में अधिक नौकरियां जोड़ी हैं (स्पष्टीकरण के लिए ईपीएफ पंजीकरण डेटा देखें)।

और ग्रामीण हरियाणा का एक अप्रवासी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित क्यों है? क्या वह कुछ छुपा रहा है? हो सकता है कि श्री करण सिंह की अगली यात्रा के दौरान उनके घर की जांच की जाए।

इसे सारांशित करते हुए मैं कहना चाहूंगा कि CBC संपादकीय बोर्ड ने भारत विरोधी लेख लिखने का फैसला तब किया जब भारत ने अर्थव्यवस्था के खेल में यूके को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने दो यादृच्छिक एएसआरपी चुने और उन्हें साधारण स्कूल-स्तरीय अंग्रेजी में एक ड्रोनिंग पीस लिखने को कहा। इन एएसआरपी के माता-पिता को अपने बच्चों से बात करनी चाहिए और उन्हें पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और ड्रग्स से दूर रहने के लिए कहना चाहिए। ऐसा करना ही समझदारी की बात होगी।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: डेंटिस्टमेडिकल कॉलेजलंदन स्कूल ऑफइकोनॉमिक्ससीबीसी न्यूज
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने निकाल दी सेंट स्टीफंस की नेतागिरी, चुपचाप नियम मानने लगा कॉलेज

अगली पोस्ट

ब्रह्मास्त्र एक औसत हिट भी नहीं परंतु नंबर फेंक फेंक एक अलग ही नैरेटिव बनाया जा रहा है

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited