TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कनाडा खालिस्तानियों का अड्डा कैसे बन गया? भिंडरावाले से लेकर जगमीत सिंह तक की कहानी

जयशंकर के इस बयान ने कनाडा में पनप रही खालिस्तानी ताकतों में मचाई खलबली

TFI Desk द्वारा TFI Desk
23 September 2022
in विश्व
खालिस्तानी कनाडा
Share on FacebookShare on X

विभाजन से पहले और बाद में भी भारत को खंडित करने वाली ताकतें हमेशा से ही मौजूद रही हैं। देश को पहली बार तोड़ने का षड्यंत्र मोहम्मद अली जिन्ना ने रचा था और वो अपनी इस षड्यंत्र में सफल भी रहे, जिसका परिणाम यही निकला कि पाकिस्तान के रूप में एक कट्टर इस्लामिक राष्ट्र बनकर सामने आया। वहीं भारत को तोड़ने का दूसरा बड़ा षड्यंत्र सिख धर्म के आधार पर खालिस्तान बनाने की होती रही है। 60 के दशक से बदले राजनीति परिदृश्य के बाद से आए दिन खालिस्तान का मुद्दा चर्चाओं का हिस्सा बना रहता है। देखा जाए तो वर्तमान समय में यह खालिस्तानी ताकतें सबसे अधिक कनाडा में सक्रिय हो रही है और यहीं से अपने भारत विरोधी एजेंडे को संचालित कर रही हैं।

कनाडा में जनमत संग्रह

कनाडा में इस समय पंजाब को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर जनमत संग्रह का आयोजन तक किया जाने लगा है और इस खतरनाक मुहिम को वहां Khalistan Referendum नाम दिया गया है। अभी 18 सितंबर को ही कनाडा के ओंटारियो शहर में भारत में प्रतिबंधित आंतकी संगठन सिख फॉर जस्टिस ने जनमत संग्रह का आयोजन कराया था।

संबंधितपोस्ट

पीएम मोदी का ब्रिटेन दौरा: भगोड़ों के प्रत्यर्पण और खालिस्तानी कट्टरपंथ की गतिविधियों पर होगा फोकस

खालिस्तान का समर्थन और भारत विरोधी सोच: कौन हैं अमेरिका में सांसद का चुनाव लड़ रहीं जस्मीत बैंस?

‘पंजाब में खालिस्तानी तुष्टिकरण की इंदिरा गांधी वाली नीति दोहरा रही है AAP’

और लोड करें

भारत के खिलाफ अक्सर जहर उगलने वाला गुर पतवंत सिंह पन्नू सिख फॉर जस्टिस आतंकी गुट का प्रमुख है। पन्नू पाकिस्तान के इशारे पर भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देता है। यहां गौर करने वाली बात यह रही कि खालिस्तान पर जनमत संग्रह का भारतीयों ने तो कड़ा विरोध किया है, इसके साथ साथ कनाडा में रहने वाले सिखों के गुटों ने भी इसके खिलाफ खड़े नजर आए, जो कि खालिस्तानी आतंकी संगठनों के लिए किसी झटके से कम नहीं था। वैसे इससे पहले ब्रिटेन में भी खालिस्तान को लेकर ऐसी ही नौटंकी होती हुई देखने को मिल चुकी है।

वहीं यहां बड़ी बात यह भी रही कि  कनाडा की ट्रूडो सरकार ने इसे ‘शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया’ बताते हुए जनमत संग्रह पर रोक लगाने से ही इनकार कर दिया था। दरअसल, अवैध जनमत संग्रह को लेकर भारत ने कनाडा के समक्ष अपनी आपत्तियां जाहिर की और ट्रूडो सरकार से इसे रोकने के लिए भी कहा गया था।

जिस पर उनकी तरफ से टुड्रो सरकार ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कनाडा में व्यक्तियों को इकट्ठा होने और अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। वैसे इससे पूर्व कुछ दिन पहले ही कनाडा में खालिस्तानियों द्वारा स्वामीनारायण मंदिर को निशाना बनाकर वहां हमला किया गया था। इन हालिया घटनाक्रम को देखकर साफ पता चलता है कि कनाडा में किस तरह से भारत विरोधी मानसिकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। वो कोई और नहीं कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ही हैं, जिनके कारण कनाडा में यूं खालिस्तानी ताकतें फल-फूल रही हैं।

और पढ़ें- इस्लामिक आतंकवादी, खालिस्तानी और स्थानीय सरगनाओं के गठजोड़ पर NIA की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

जयशंकर की प्रतिक्रिया

जाहिर तौर पर इसके पीछे कनाडा के वोट बैंक की राजनीति है, जिस कारण ट्रूडो यूं कनाडा में खालिस्तानियों का समर्थन करते नजर आते हैं। परंतु इस पूरे मामले को लेकर भारत की तरफ से ऐसा हड़काया गया, जिससे कनाडा में मौजूद खालिस्तानियों में खलबली मच गई। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा– “अगर हमारे यहां आपस में विभाजन होगा तो दुनिया में ऐसी ताकतें होंगी जो इसका फायदा उठाना चाहेंगी और पहले उठा भी चुके हैं। हमारे लिए घर में एकता बनाए रखना आवश्यक है। अगर बाहर की सरकारें अगर ऐसा कुछ करती हैं, जिससे हमें नुकसान पहुंचता है, तो हमें यह बर्दाश्त नहीं करना चाहिए और ना ही चुप रहना चाहिए और हमें जवाब देना चाहिए, जो हम कर भी रहे हैं।”

जयशंकर ने अपने बयान में आगे यह भी कहा- “कनाडा को अपनी यह वोट बैंक की राजनीति अपने देश तक ही सीमित रखनी चाहिए और इसका असर भारत पर नहीं पड़ना चाहिए।“ भारत के इस रुख पर कनाडा से ज्यादा वहां के कट्टरपंथी खालिस्तानी संगठन भड़के हुए हैं।

और पढ़ें- पाकिस्तानी आतंकी यासीन मलिक को सजा मिलने पर क्यों बिलबिलाने लगे खालिस्तानी आतंकी ?

खालिस्तान का विचार कैसे अस्तित्व में आया?

परंतु यहां कई तरह के प्रश्न उठते है कि आखिर सिखों के लिए अलग राज्य की मांग कब और कैसे अस्तित्व में आई और अलगाववादी आंदोलन को हवा देने वाले कौन थे? और कैसे यह बढ़ते-बढ़ते दूसरे देशों तक पहुंचने लगी?

पंजाब की राजनीति की शुरुआत में कांग्रेस ने कुछ वर्षों तक शासन किया लेकिन फिर वहां शिरोमणि अकाली दल की राजनीति ने कांग्रेस को परेशान करना शुरू कर दिया। यह संगठन मूल रूप से सिखों को प्रमोट करने के लिए और सिख अधिकारों को बढ़ावा देने की बात करता था। ऐसे में 1970 का दशक आते-आते यहां अकाली दल का प्रभाव बढ़ गया जिसके बाद कांग्रेस के लिए पंजाब में मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई।

जब कांग्रेस पंजाब में अपने पैर पसारने की सोच रही थी तो उस दौरान ही जरनैल सिंह भिंडरावाला का उदय होता है। वो लगातार अकाली दल के खिलाफ आंदोलन कर रहा था। कांग्रेस को लगा कि इसके माध्यम से वह अपनी राजनीतिक विरासत को हासिल कर सकती है। कांग्रेस ने भिंडरावाले को पैसा हथियार सबकुछ दिया और परिणाम यह रहा कि पंजाब में कांग्रेस की स्थिति मजबूत होती चली गई। वहीं अब भिंडरावाले स्वयं को एक राजनेता के तौर पर पेश कर रहा था।

साल 1977 में भले ही इंदिरा गांधी की चुनाव में हार हुई हो, लेकिन साल 1980 में इंदिरा के आने के बाद एक बार फिर पंजाब की राजनीति में भिंडरावाले का कद मजबूत हो गया। इसके विपरीत जो जिन्न कांग्रेस ने विपक्षियों को परेशान करने के लिए छोड़ा था वह स्वयं ही उनके लिए मुसीबत बन गया। पंजाब में नशे के विस्तार से लेकर आतंकवाद तक में भिंडरावाले की अहम भूमिका थी‌ और सबसे अहम बात यह कि भिंडरावाले के समर्थक हिंदुओं को भी निशाने पर लेने लगे थे। भिंडरावाले ने स्वर्ण मंदिर तक को बंधक बना लिया। इस प्रकरण से निपटने के लिए पहले इंदिरा गांधी ने ऑपरेशन ब्लूस्टार चलाकर भिंडरावाले को मरवाया और फिर उन्हें अलगाववादियों और भिंडरावाले के समर्थकों ने ही मौत के घाट उतार दिया था।

पनपने लगी आतंकवाद की भावना

इसके बाद हुए सिख विरोधी दंगों में बड़ा नरसंहार हुआ और इसका असर यह था कि पंजाब में अलगाववाद और आतंकवाद की भावना पनपने लगी। 90 का दशक शुरू हुआ और तब पुलिस अधिकारी केपीएस गिल को प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव की तरफ से फ्री हैंड मिल गया जिसके बाद आतंकियों और अलगाववादियों के खिलाफ कार्रवाई होने लगीं। जो भी खालिस्तान की मांग करता उनकी खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाता था।

ऐसे में खालिस्तानी आतंकी जहां भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई से बचने के लिए भागने लगे, वहीं दूसरी ओर पंजाब का एक तबका आर्थिक तंगी और आतंकवाद से छुटकारा पाने के लिए भी पंजाब छोड़ विदेशों का रूख करने लगे थे। विदेशों में उनके लिए कनाडा एक सहज जगह साबित हुई‌। यहां क्षेत्रफल बड़ा और जनसंख्या कम होने के चलते कनाडा सरकार भी सिखों को खूब सपोर्ट करती रही। वहीं इन सिखों ने कनाडा में काम करने के साथ ही यहां की नागरिकता लेकर अपना रहन-सहन तक जमा लिया। इन सिखों की कनाडा के वैंकोवर से टोरंटो आदि शहरों में बड़ी तादाद हो गई थी।

कनाडा सरकार से सिखों को समर्थन मिला, तो यहां धीरे-धीरे खालिस्तानी लोगों के मन में वही इच्छा उमड़ने लगी। सिख फॉर जस्टिस से लेकर बब्बर खालसा जैसे आतंकी संगठन बन गए। इन आतंकी संगठनों को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का भी साथ मिला और प्लेन हाईजैक करने से लेकर उन्हें ब्लास्ट कराने तक में इन आतंकी संगठनों की भूमिका सामने आने लगी।

और पढ़ें- खालिस्तानियों को ट्रूडो के खुले समर्थन के कारण स्वामीनारायण मंदिर पर हमला हुआ

ट्रूडो को खालिस्तानियों का समर्थन

भारत ने अपने विरोधियों में उठने वाली आवाजों को विदेशों में भी चुप कराया, परंतु कोई इनके विरुद्ध कोई कार्रवाई तो नहीं कर पाया है। इसकी वजह यह है कि खालिस्तान की मांग करने वाले और सिख अधिकारों की बात करने वाले इन लोगों की संख्या कनाडा और फ्लोरिडा के इलाकों में कुछ ज्यादा ही है। साथ ही कनाडा में तो इन्हें  जस्टिन ट्रूडो की पार्टी को समर्थन भी मिलता है।

खालिस्तानी सोच रखने वाले लोग ट्रूडो की कैबिनेट तक में शामिल हैं। यदि यह मंत्री और राजनेता समर्थन वापस ले लें तो कनाडा में जस्टिन ट्रूडो की सरकार तक गिर सकती है। यही कारण है कि ट्रूडो भी पर्दे के पीछे से खालिस्तानी संगठनों का समर्थन करते हैं।

हालांकि जिस तरह से जनमत संग्रह कराकर भारत के बाहर खालिस्तानी ताकतों को मजबूत करने का पूरा खेल चल रहा है, उसको लेकर सरकार की तरफ से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अब स्पष्ट कर दिया है कि जस्टिन ट्रूडो अपनी सत्ता चलाने के लिए या राजनीतिक दांव पेंच के लिए भारत की संप्रभुता से खिलवाड़ करने वाले लोगों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल न करें और यदि वे करते भी हैं तो इसे कनाडा तक ही सीमित रखें। एस जयशंकर का यही बयान कनाडा में मौजूद खालिस्तानी ताकतों में उथल-पुथल मचा रहा है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: खालिस्तानजनमत संग्रहजयशंकरट्रूडो
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

UNSC में भारत की स्थाई सदस्यता का समर्थन बाइडन यूं ही नहीं कर रहे हैं, षड्यंत्र लंबा है

अगली पोस्ट

‘पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना’ को बंद करने का वक्त आ गया है?

संबंधित पोस्ट

मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था
मत

हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

3 September 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत सरसंघचालक मोहन भागवत वैश्विक प्रवास पर हैं। इस अभियान के तहत उन्होंने अमेरिका...

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग
AMERIKA

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

6 August 2026

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य के कैसवेल काउंटी में बुधवार सुबह एक घर में हुई गोलीबारी से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना में कई...

क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है
चर्चित

क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

31 July 2026

ज़रा कल्पना कीजिए...आप एक सुबह उठते हैं और देखते हैं कि हजारों लोग आपके शहर में प्रवेश कर चुके हैं। सड़कों पर भारी भीड़ है,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43

J-20 vs India: How Super Sukhoi, Rafale & AMCA Could Counter China’s Stealth Fleet | IAF | HAL

00:03:32

QRSAM to Akash NG: India’s Massive Push to Build 2,000 Indigenous Air Defence Missiles | DRDO| IAF

00:04:05

MQ-9B SeaGuardian: Why India Needs More Eyes Over the Indian Ocean | NAVY | USA | Hormuz

00:03:51
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited