TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

श्रीबांके बिहारी कॉरिडोर का विरोध क्यों?

समझिए, कॉरिडोर बनना क्यों आवश्यक है?

Chaman Kumar Mishra द्वारा Chaman Kumar Mishra
28 January 2023
in मत
श्रीबांके बिहारी कॉरिडोर

Source- Google

Share on FacebookShare on X

वृंदावन में श्रीबांके बिहारी कॉरिडोर का विरोध हो रहा है। बृजवासियों का कहना है कि कॉरिडोर बनने से वृंदावन ख़त्म हो जाएगा लेकिन क्या वास्तविकता में ऐसा है? क्या कॉरिडोर वृंदावन की पहचान को ख़तरा है? इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे श्रीबांके बिहारी कॉरिडोर का विरोध करना किसी भी तरह से सही नहीं है।

श्रीबांके बिहारी कॉरिडोर का विरोध

वृंदावन में स्थित श्रीबांके बिहारी मंदिर के आसपास उत्तर प्रदेश सरकार कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम कर रही है। प्रदेश सरकार की योजना है कि मंदिर के आस-पास पांच एकड़ में कॉरिडोर बनाया जाए। इस कॉरिडोर का वृंदावन में विरोध हो रहा है। विरोध करने वाले ज्यादातर बृजवासी ही हैं। बृजवासियों का कहना है कि कुंज गलियां वृंदावन की पहचान हैं, कुंज गलियां उनकी धरोहर हैं, इन्हीं कुंज गलियों में भगवान कृष्ण खेले हैं इसलिए इन्हें नष्ट नहीं करने देंगे।

संबंधितपोस्ट

दुर्घटनाओं की वजह से लोगों की हो रही अकाल मृत्यु से बचने के लिए प्रेमानंद महाराज ने बताए 5 उपाय

प्रेमानंद महाराज की देर रात्रि की पद यात्रा अनिश्चित काल के लिए बंद, जानें क्यों इसके विरोध में हुए प्रदर्शन?

सीएम योगी की नई सोशल मीडिया पॉलिसी- सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स पर मेहरबान, देश विरोधी पोस्ट पर सख्त

और लोड करें

इसके साथ बृजवासियों का मानना है कि कॉरिडोर बनने से ठाकुरजी उनसे दूर हो जाएंगे अर्थात वृंदावन में जिन लोगों के घर श्रीबांके बिहारी मंदिर के पास हैं वो लोग प्रतिदिन ठाकुरजी के दर्शन कर लेते हैं अपनी छत से खड़े होकर भी और चार कदम चलकर भी।

ऐसे में यदि कॉरिडोर बनता है तो कई चीजें बदल जाएंगी। इसके साथ ही विरोध करने वालों में मंदिर के आसपास पेड़ा समेत दूसरी दुकानें लगाने वाले व्यापारी भी हैं। इन लोगों का कहना है कि पिछली कई पीढ़ियों से वो इन्हीं गलियों में व्यापार करते आए हैं। यदि कॉरिडोर बनता है तो उनका यह व्यापार खत्म हो जाएगा। सभी विरोध करने वालों के करीब-करीब यही बिंदु रहते हैं। अब आइए, समझते हैं कि क्यों श्रीबांके बिहारी कॉरिडोर आवश्यक है?

और पढ़ें: “भगवान राम ने दलित शंबूक की हत्या की”, विकास दिव्यकीर्ति लाखों छात्रों में सनातन के प्रति विष भर रहा है

भगदड़ समस्या होगी खत्म

यदि आप वृंदावन गए होंगे तो आपने कुंज गलियों को देखा होगा। पतली-पतली गलियां हैं जिनमें तीन लोग एक साथ नहीं चल सकते जबकि ठाकुरजी के दर्शन करने लाखों भक्त हर दिन पहुंचते हैं। कुंज गलियां भक्तों से भरी रहती हैं। सुबह से लेकर रात तक गलियों में भीड़ ही भीड़ होती है।

इतनी भीड़ कि पैर रखने का स्थान तक नहीं बचता। ऐसे में कई बार वहां भगदड़ जैसी स्थिति भी बन जाती है। 20 अगस्त, 2022 को भी ऐसी ही भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।

ऐसे में यदि कॉरिडोर बनने से श्रीबांके बिहारी मंदिर के आसपास की गलियां चौड़ी होती हैं- तो इसमें कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। पूरे वृंदावन की कुंज गलियों को चौड़ा करने की बात सरकार नहीं कर रही है सिर्फ श्रीबांके बिहारी मंदिर के आसपास की गलियों को चौड़ा करने की बात है।

व्यापार में होगी बढ़ोत्तरी

दूसरा बिंदु है कि श्रीबांके बिहारी कॉरिडोर बनने से व्यापार खत्म हो जाएगा। इसकी भी कोई तुक नहीं बनती क्योंकि यदि कॉरिडोर बनेगा तो और ज्यादा लोग ठाकुरजी के दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचेंगे, जैसे कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने पर हमने देखा।

आज काशी में जाने वाले भक्तों की संख्या में बड़ी बढ़ोत्तरी हुई है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि कॉरिडोर हो या ना हो ठाकुरजी जिसे बुलाएंगे वो तो आएगा ही लेकिन यदि कॉरिडोर बन जाते है तो ज्यादा लोग पहुंचेंगे और ज्यादा लोग पहुंचने का सीधा अर्थ है- ज्यादा व्यापार।

और पढ़ें: “सीता के साथ बैठकर दिन में शराब पीते थे राम”, लेखक केएस भगवान ने और भी बहुत कुछ बोला है, सनातन धर्म पर ही हमला क्यों? 

कुप्रबंधन की समस्या भी होगी खत्म

एक और बिंदु है कि वृंदावन के लोगों के लिए ठाकुरजी दूर हो जाएंगे, यहां हमें समझना चाहिए कि ठाकुरजी विश्व के सभी सनातनियों के हैं। बृजवासियों के साथ-साथ यदि ठाकुरजी के भक्त दूसरे सनातनी भी बिना परेशानी के उनके दर्शन कर पाएं तो इससे समस्या ही क्या है?

ठाकुरजी बृजवासियों के पास ही रहेंगे। बृजवासियों को समझना चाहिए कि वर्तमान में जो श्रीबांके बिहारी मंदिर है उसकी क्षमता सिर्फ 400 लोगों की है और अब यहां लाखों लोग पहुंचते हैं।

ऐसे में कुप्रबंधन बहुत बड़ी समस्या है। तमाम भक्त तो ऐसे हैं जो सैकड़ों किलोमीटर दूर से वृंदावन तो पहुंच जाते हैं लेकिन भयंकर भीड़ और कुप्रबंधन की वज़ह से वो बिना ठाकुरजी के दर्शन के लौट आते हैं। कुंज गलियों की भीड़ से निकलकर किसी तरह आप मंदिर में पहुंच भी जाते हैं लेकिन मंदिर में घुसते ही भीड़ आपके ऊपर टूट पड़ती है। ठाकुरजी के दर्शन करना नामुमकिन-सा हो जाता है।

और पढ़ें: मलेशिया में हिंदू संस्कृति: जानिए इस इस्लामिक देश में कैसे लहरा रहा है सनातन धर्म का पताका

वहीं, इस वक्त न ही वहां भक्तों के जूते-चप्पल उतारने की व्यवस्था है और न ही निकलने की। आप जिस गली से घुसे थे- उससे पांच गली पीछे जाकर निकलते हैं। ऐसे में सैकड़ों किलोमीटर दूर से आने वाले भक्त परेशान हो जाते हैं। कई बार तो भक्त बीमार भी पड़ जाते हैं।

पूरे क्षेत्र में बंदरों का डर, अव्यवस्था का माहौल, गाय और सांड़ों से भरी हुईं गलियां, गंदगी से उफनती नालियां और उन्हीं गलियों में लाखों की भीड़ स्थिति को बद से बदतर बना देती है।

ऐसे में श्रीबांके बिहारी कॉरिडोर, इस कुप्रबंधन को खत्म कर देगा और ऐसी व्यवस्था कायम होगी जिससे कि ठाकुरजी का प्रत्येक भक्त, भक्ति भाव से ठाकुरजी के दर्शन कर पाएगा। इसलिए बृजवासियों को कॉरिडोर का विरोध करने के बजाये उसके समर्थन में आना चाहिए।

और पढ़ें: Hinduism in Cambodia: कंबोडिया का सनातनी इतिहास, जिसकी जड़ें भारत से जुड़ी हुई हैं

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Shri Banke Bihari corridorउत्तर प्रदेश सरकारवृंदावनश्रीबांके बिहारी कॉरिडोर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

ऐसे ही बंपर कमाई चलती रही तो मंगल ग्रह खरीद लेंगे पठान के प्रोड्यूसर

अगली पोस्ट

“प्रतिबंधित देश-विरोधी NGO ने अपना अंडरवर्ल्ड बना लिया”, इन पर और सख्त कार्रवाई का वक्त आ गया है

संबंधित पोस्ट

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व
भारत

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

22 February 2026

भारत के राष्ट्रीय जीवन में कुछ तिथियाँ केवल कैलेंडर की सामान्य तिथियाँ नहीं है, बल्कि वे राष्ट्र की चेतना, उसके संकल्प और उसके ऐतिहासिक दायित्व...

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited