TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की रेड: क्या है पूरा विवाद और कहां हैं कांग्रेस नेता?

    पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की रेड: क्या है पूरा विवाद और कहां हैं कांग्रेस नेता?

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की रेड: क्या है पूरा विवाद और कहां हैं कांग्रेस नेता?

    पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की रेड: क्या है पूरा विवाद और कहां हैं कांग्रेस नेता?

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पॉल एर्लिच का “पॉपुलेशन बम” जिसके कारण इंदिरा गांधी ने कुख्यात “सामूहिक नसबंदी” कराई

एक ऐसा सत्य जो कांग्रेस नहीं चाहती हम और आप जाने!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
29 June 2023
in राजनीति
पॉल एर्लिच का “पॉपुलेशन बम” जिसके कारण इंदिरा गांधी ने कुख्यात “सामूहिक नसबंदी” कराई
Share on FacebookShare on X

आज जब एक बड़बोले अमेरिकी राजनीतिज्ञ के बचाव में कुछ वामपंथी, विशेषकर कांग्रेसी राजनीतिज्ञों को आते हुए देखता हूँ, तो क्रोध भी आती है और हंसी भी। पर क्या आपको पता है कि दासता इनमें ऐसी घर कर गई है कि इन्होंने इस सनक में इस देश की जनसंख्या की जबरन नसबंदी करने तक का निर्णय ले लिया?

1970 के दशक में आपातकाल के दौरान भारत में जबरन नसबंदी का कुख्यात अध्याय देश के इतिहास में एक तानाशाही युग की भयावह स्मृतियों के रूप में अंकित है। इस घृणित उपाय की जड़ें पॉल एर्लिच की विवादास्पद पुस्तक, “द पॉपुलेशन बम” में खोजी जा सकती हैं, जिसमें अत्यधिक जनसंख्या के गंभीर परिणामों की भविष्यवाणी की गई थी।

संबंधितपोस्ट

ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला: गुटखा, पान मसाला और तंबाकू पर पूरे राज्य में बैन

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मतदाता धोखाधड़ी और घुसपैठियों की सांठगांठ को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ विरोध: कुछ पशु प्रेमियों और कार्यकर्ताओं का खतरनाक अंधापन

और लोड करें

इस लेख में आइए पॉल एर्लिच के सिद्धांतों, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की भूमिका और उस अवधि के दौरान भारत में सामने आई दुखद घटनाओं के बीच संबंध पर गहन चर्चा करें।

ये कैसी प्रेरणा?

कल्पना कीजिए कि भारतीय प्रशासन बर्नी सैंडर्स और ग्रेट थनबर्ग जैसों  की नीति पर शब्दशः कार्य कर रहा है। 70 के दशक की शुरुआत में तत्कालीन कांग्रेस प्रशासन ने ठीक यही किया था। हाल ही में इसी विषय पर @mezaoptimizer नामक यूज़र ने पॉल एरलिच के सुझाव पर भारतीयों की जबरन नसबंदी से संबंधित की ट्वीट किए, जिसपर ट्विटर संचालक एवं चर्चित उद्योगपति एलन मास्क ने भी आश्चर्य और निराशा व्यक्त की, और पॉल को “मानवता के लिए कलंक” बताया।

Ok WHAT. I had no idea “The Population Bomb” led to the sterilization of 8 million Indians and Paul Ehrlich just lives out his life as a beloved professor. From a recent ACX post— pic.twitter.com/gtIDYC3pcu

— James Campbell (@jam3scampbell) June 26, 2023

Paul Ehrlich has done immense damage to humanity. Immense. I despise him.

— Elon Musk (@elonmusk) June 26, 2023

परंतु ऐसा भी क्या हुआ था? वैश्विक जनसंख्या वृद्धि के बारे में पॉल एर्लिच नामक एक व्यक्ति तरह तरह की अफवाहें फैलाता था। परंतु सोशल मीडिया के अभाव में ऐसा बकैत एक सामाजिक कार्यकर्ता बन गया, जिसने एर्लिच पुरस्कार और प्रशंसा अर्जित करते हुए पर्यावरण विज्ञान और एक्टिविज़्म में अपना प्रभाव जमाया। इनकी भ्रामक धारणाओं का भारत की परिवार नियोजन नीतियों पर गहरा प्रभाव पड़ा, जिससे एक भयानक और अमानवीय अभियान शुरू हुआ।

और पढ़ें: मोदी और ऑपोजीशन: एक जटिल प्रेम कथा

इस कथा का प्रारंभ 1968 में होता है, एर्लिच की पुस्तक ने दुनिया भर में अत्यधिक जनसंख्या और इसके कारण होने वाली भुखमरी के बारे में चिंताएँ पैदा कर दीं। जबरन नसबंदी की उनकी सिफारिशों को विशेषकर तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने गंभीरता से लिया था। कथित तौर पर, जॉनसन ने बड़े पैमाने पर नसबंदी कार्यक्रमों के कार्यान्वयन पर ही भारत को वित्तीय सहायता देने की शर्त रखी, जिसे भारत के नेतृत्व से समर्थन मिला।

एरलिच का इंडिया कनेक्शन

इसी एरलिच के कारण आपातकाल में भारतीय प्रशासन ने जबरन नसबंदी प्रारंभ की। विश्व बैंक, स्वीडिश अंतर्राष्ट्रीय विकास प्राधिकरण और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों से वित्तीय सहायता के साथ, सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपने स्वयं के नागरिकों को केवल आंकड़ों के रूप में माना। ऐसा लग रहा था मानो 1984 उपन्यास के किसी का वास्तव में रूपांतरण हो रहा है।

आपातकाल के दौरान जबरन नसबंदी का पैमाना चौंका देने वाला था। केवल एक वर्ष में लगभग 6.2 मिलियन भारतीय पुरुषों की नसबंदी कर दी गई। लक्ष्य मुख्य रूप से वंचित क्षेत्रों के गरीब, अशिक्षित पुरुषों पर केंद्रित थे। कुछ उदाहरणों में, पूरे गाँवों को पुलिस द्वारा घेर लिया गया था, और पुरुषों को जबरदस्ती सर्जरी के अधीन किया गया था। दुख की बात है कि ख़राब प्रक्रियाओं के कारण 2,000 से अधिक पुरुषों ने अपनी जान गंवा दी। लेकिन जब तक उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है, तब तक किसे परवाह थी?

एक घिनौनी विरासत

फोर्ड और रॉकफेलर फाउंडेशन जैसे संस्थानों की भागीदारी जबरन नसबंदी को समर्थन और सुविधा देने में उनकी मिलीभगत पर सवाल उठाती है। हालाँकि इन संस्थानों ने भारत की जनसंख्या समस्या के समाधान के साधन के रूप में अपने समर्थन को उचित ठहराया होगा, लेकिन ऐसे कार्यों के नैतिक निहितार्थों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। यह उन राष्ट्रों द्वारा प्रदर्शित दोहरे मानकों को उजागर करता है जो आज मानवाधिकारों और लोकतंत्र के समर्थक हैं।

और पढ़ें: फ़ैक्ट चेकर्स का आवश्यक पंजीकरण जल्द ही!

लाखों भारतीय पुरुषों की जबरन नसबंदी देश के आधुनिक इतिहास के सबसे भयावह अध्यायों में से एक का प्रतिनिधित्व करती है। यह मानवीय गरिमा, व्यक्तिगत अधिकारों की उपेक्षा और सत्ता के दुरुपयोग की एक दर्दनाक याद के रूप में कार्य करता है। इस अंधेरे दौर के निशान आज भी प्रभावित परिवारों और समुदायों पर असर कर रहे हैं। भारत में आपातकाल के दौरान चलाया गया जबरन नसबंदी अभियान गुमराह विचारधारा और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव के सम्मिलन का एक दुखद परिणाम है। यह मानव अधिकारों की रक्षा करने, व्यक्तिगत स्वायत्तता का सम्मान करने और मानवता पर संख्याओं को प्राथमिकता देने वाली नीतियों के प्रति सतर्क रहने के महत्व की याद दिलाता है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: consequencescontroversialDemographic CrisisFamily Planninggovernment interventionhistorical contextImpactIndira GandhiInfamouslegacymass sterilizationNotoriousPaul Ralph EhrlichPolitical RamificationsPopulation BombPopulation ControlPopulation GrowthPublic HealthReproductive Policiessocial issuesअत्यधिक जनसंख्याअफवाहेंजनसंख्या वृद्धिजबरन नसबंदी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

हर्ष मंदर न घर के रहे न ही घाट के!

अगली पोस्ट

10 भारतीय फिल्में जो इतनी बेकार हैं कि उसमें भी एक बात है!

संबंधित पोस्ट

पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की रेड: क्या है पूरा विवाद और कहां हैं कांग्रेस नेता?
चर्चित

पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की रेड: क्या है पूरा विवाद और कहां हैं कांग्रेस नेता?

7 April 2026

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा एक बार फिर बड़े राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। मंगलवार सुबह उस वक्त सियासी हलचल तेज हो गई...

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास
इतिहास

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

7 April 2026

‘भारत’ दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता, संस्कृति और चेतना का जीवंत प्रतीक है। इसकी भूमि पर हर संघर्ष, हर सपना और हर परंपरा हमें हमारी...

ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?
चर्चित

ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

6 April 2026

जैसे-जैसे वेस्ट बंगाल में अहम चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राज्य की राजनीति में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता जा रहा है।...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited