TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

उत्तर प्रदेश के मेडिकल संरचना का कायाकल्प

इस परिवर्तन के बारे में कम ही लोग आपको बताएँगे!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
14 September 2023
in मत
उत्तर प्रदेश के मेडिकल संरचना का कायाकल्प
Share on FacebookShare on X

यदि आपने ‘जवान’ फिल्म देखी है, तो आपने डॉक्टर इरम का किरदार भी देखा होगा, जिसे सान्या मल्होत्रा ने निभाया है. इनके किरदार को देखकर कहीं आभास हुआ कि इसे कहीं  पहले भी देखा या सुना है? यदि हाँ, तो बधाई हो, आपका उत्तर बिलकुल सही है, और ये रिफ्रेंस अप्रत्यक्ष रूप से गोरखपुर काण्ड की ओर संकेत था, जहाँ ऑक्सीजन की कमी के कारण कई शिशुओं की मृत्यु हुई थी!

परन्तु सिल्वर स्क्रीन की चकाचौंध से दूर एक बार को वास्तविकता की ओर भी ध्यान देते हैं. क्या सच में सरकार उतनी ही निष्ठुर है, जैसा फिल्म में दिखाया गया? अगर संरचना की बात करें, तो ये फिल्म कथित तौर पर स्वास्थ्य की दृष्टि से समृद्ध राज्य जैसे केरल, पंजाब, यहाँ तक कि तमिलनाडु को भी पीछे छोड़ रहा है!

संबंधितपोस्ट

जिस कानून का नहीं अस्तित्व, उसके आधार पर कोर्ट ने सुना दिया फैसला: भड़के इलाहाबाद HC ने रद्द कर सुनाई खरी-खरी

सीएम योगी का बयान- यूपी में नहीं है ईधन की कमी अफवाहों पर ना दें ध्यान

यूपी में चाइनीज मांझे से हुई मौत के बाद योगी सरकार सख्त, मांझे को किया बैन

और लोड करें

बहुत ज़्यादा समय नहीं हुआ है, एक समय जापानी बुखार से उत्तर प्रदेश में 655 नवजात शिशुओं की मृत्यु होती थी. परन्तु स्थिति यह है कि आज encephalitis के कारण एक  नहीं दर्ज हुई है!

तो स्वागत है आप सभी का, और आज हम प्रकाश डालेंगे स्वास्थ्य के  दृष्टिकोण से यूपी के इसी कायाकल्प का. हम बात करेंगे उन कारकों की, जिनके पीछे उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य संरचना की, जो किसी चमत्कार से कम नहीं है, और क्यों ये केवल यूपी के निवासियों के लिए नहीं, अपितु सम्पूर्ण भारत के लिए जानना अति महत्वपूर्ण है!

यूपी में इन्सेफेलाइटिस से शून्य मृत्यु!

आज उत्तर प्रदेश (यूपी) ने वह हासिल कर लिया है जो एक समय तो असंभव लगता था। हाल ही में एक बयान में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्व से घोषणा की, “वर्तमान वर्ष में 1 जनवरी से 7 सितंबर के बीच, जापानी एन्सेफलाइटिस, चिकनगुनिया और मलेरिया से किसी की मृत्यु नहीं हुई है। इस बीमारी ने राज्य में चार दशकों तक कहर बरपाया है, और राज्य सरकार ने मात्र पांच वर्षों के भीतर इस पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पा लिया है। हमारा अगला लक्ष्य इसका पूर्ण उन्मूलन है।”

जो बात इस उपलब्धि को और भी उल्लेखनीय बनाती है, वह है योगी आदित्यनाथ की अपनी सहित पिछले प्रशासनों की गलतियों को स्वीकार करने की इच्छा। उन्होंने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि जापानी एन्सेफलाइटिस के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक मोड़ दुखद गोरखपुर मामले के बाद आया। यह तब था जब योगी आदित्यनाथ ने कुछ ही माह पूर्व मार्च 2017 में मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता संभाली थी। 2017 में, उनकी सरकार ने एक अंतर-विभागीय समिति की स्थापना की, जो विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक साथ लायी। इस सहयोगी प्रयास ने बीमारी से निपटने के लिए एक बहु-आयामी दृष्टिकोण की शुरुआत की।

जैसे-जैसे हम आँकड़ों पर प्रकाश डालते हैं, ये प्रगति और भी अधिक स्पष्ट हो जाती है। 1 जनवरी से 31 जुलाई 2023 तक, उत्तर प्रदेश में जापानी एन्सेफलाइटिस के मात्र 17 मामले दर्ज किए गए। आश्चर्यजनक रूप से, इस अवधि के दौरान इस बीमारी से एक भी जान नहीं गई। मृत्यु दर में यह तीव्र गिरावट एक ऐसे राज्य की तस्वीर पेश करती है जो पूर्व में असाध्य रहे इस रोग पर पूर्ण विजय की राह पर है।

और पढ़ें: उत्तर प्रदेश में दिमागी बुखार से शून्य मृत्यु दर्ज!

सब कोविड के कारण प्रारम्भ हुआ!

परन्तु ये राह इतनी भी सरल न थी. CAA के विरोध के नाम पर उपद्रव करने वाले दंगाइयों से निपटे यूपी प्रशासन को दो माह भी न हुए कि कोविड 19 जैसी विकट महामारी संसार समेत भारत के द्वार पर दस्तक देने लगी! लोगों ने उत्तर प्रदेश को आशा और संदेह की मिश्रित दृष्टि से देखा। स्वाभाविक था, क्योंकि यूपी का स्वास्थ्य रिकॉर्ड बहुत ही लीजेंड्री नहीं था!

फिर भी, 2021 तक, कई रणनीतिकारों और नीति निर्माताओं को, अनिच्छा से ही सही,  परन्तु ये स्वीकार करना पड़ा, कि जब बात कोविड-19 महामारी से निपटने की हो, तो योगी प्रशासन का कोई मुकाबला नहीं!

विश्वास नहीं होता तो कोविड 19 के दूसरी लहर पर दृष्टि डालें. इसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे के मामले में, संयुक्त राज्य अमेरिका भारत से कई गुना आगे है। फिर भी, दूसरी लहर के चरम के दौरान, अमेरिका में प्रति मिलियन 1800 से 2100 मौतों की आश्चर्यजनक मृत्यु दर देखी गई। इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश में इसी अवधि के दौरान प्रति दस लाख पर केवल 47 मौतें दर्ज की गईं, बावजूद इसके कि महामारी प्रतिदिन 3 लाख से अधिक मामलों के साथ चरम पर थी, और भारत को नीचा दिखाने में कुछ लोगों को विशेष आनंद मिल रहा था.

ऐसे समय में जब महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्य, अपने कथित बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ, महामारी के समक्ष टिके रहने में भी पस्त हो रहे थे, तो वहीँ उत्तर प्रदेश ने सीमित संसाधनों के बावजूद, COVID मामलों और उसके बाद के टीकाकरण दोनों में अधिकांश भारतीय राज्यों से बेहतर प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और शासन ने यूपी की उल्लेखनीय COVID -19 प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया, “ऑस्ट्रेलिया की आबादी लगभग 30 मिलियन है और भारत में पिछले कुछ वर्षों में 30 मिलियन गरीब लोगों के लिए घर बनाए गए हैं। भारत ने महामारी के दौरान 800 मिलियन लोगों को मुफ्त राशन प्रदान किया, जो अमेरिका और यूरोपीय संघ के सभी देशों की संयुक्त आबादी से भी अधिक है”।

जब संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी आपके उपायों को स्वीकार करने के लिए मजबूर हैं, तो आपने निस्संदेह कुछ बहुत मूल्यवान उपलब्धि हासिल की है। कुख्यात स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठा वाले राज्य से लेकर कोविड-19 की सफलता की कहानी तक यूपी की यात्रा अभूतपूर्व चुनौतियों के सामने प्रभावी नेतृत्व, संसाधनशीलता और लचीलेपन की शक्ति का एक प्रमाण है।

इस कायाकल्प की कोई चर्चा ही नहीं!

आज, उत्तर प्रदेश (यूपी) का स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा एक मजबूत ताकत के रूप में खड़ा है। यह परिवर्तन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अटूट प्रतिबद्धता से प्रेरित हुआ है, जिन्होंने स्वास्थ्य सेवा को अपने प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बनाया है।

प्रारम्भ में राज्य के केवल 12 जिलों में राजकीय मेडिकल कॉलेज थे। 2022 तक तेजी से आगे बढ़ते हुए, यूपी वित्तीय वर्ष के अंत तक 14 नए मेडिकल कॉलेजों को शामिल करने के लिए तैयार है। लेकिन वह सब नहीं है; राज्य जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने में भी व्यस्त है। इसमें जिला स्तर पर आरटीपीसीआर लैब, सीटी स्कैन यूनिट, डायलिसिस यूनिट इत्यादि की स्थापना शामिल है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में, राज्य न केवल कोरोनोवायरस के प्रसार को रोकने में कामयाब रहा है, बल्कि इसके चिकित्सा बुनियादी ढांचे में भी महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है। “एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज” की नीति को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया गया है। इसके अतिरिक्त, पांच जिलों: गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज, कानपुर और झाँसी के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक शुरू किए गए हैं।

चिकित्सा शिक्षा का विस्तार भी उतना ही प्रभावशाली रहा है। राज्य के मेडिकल कॉलेजों में कुल 938 एमबीबीएस सीटें और 127 पीजी सीटें जोड़ी गई हैं। निजी क्षेत्र में 1,550 स्नातक सीटें और 461 स्नातकोत्तर और डिप्लोमा सीटें बढ़ाई गई हैं। एक समय चिकित्सा पेशेवरों की जो कमी थी वह अब बहुतायत में बदल रही है, अगले पांच वर्षों में मेडिकल सीटों की संख्या दोगुनी करने की योजना है। इसमें एमबीबीएस के लिए 7,000 सीटें, पीजी के लिए 3,000, नर्सिंग के लिए 14,500 और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए 3,600 सीटें शामिल हैं। योगी सरकार के प्रयासों से पिछली सरकारों की तुलना में स्वास्थ्य सेवाओं में स्वर्ण युग की शुरुआत हुई है।

और पढ़ें: G20 Summit: भारत ने क्या क्या प्राप्त किया!

लेकिन स्वास्थ्य सेवा में सुधार की प्रतिबद्धता यहीं खत्म नहीं होती है। यूपी सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे को बढ़ाने पर लगन से काम कर रही है। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, 29 नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर काम चल रहा है, जिससे राज्य भर में कुल संख्या 937 हो गई है। इसके अलावा, 3,691 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वर्तमान में कार्यरत हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि दूरदराज के इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवा सुलभ हो।

ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप-केंद्रों और स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों की स्थापना के लिए धन आवंटित किया है। इस रणनीतिक दृष्टिकोण का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि उप-केंद्र 5,000 की आबादी की सेवा करें, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 10,000 से अधिक की आबादी की सेवा करें, और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ी आबादी के लिए स्थापित किए जाएं। इसके अतिरिक्त, गंभीर चिकित्सा मामलों को प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए 100 बिस्तरों वाले अस्पताल खोलने की भी योजना है।

सच कहें तो, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य सेवा परिवर्तन उल्लेखनीय से कम नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की प्रतिबद्धता यूपी में सिर्फ एक वचन नहीं है, अपितु वो वास्तविकता है, जिसका लाभ करोड़ों लोग उठा रहे हैं.

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Anti-CAA ActivistsChief MinisterChikungunyaCOVID-19 pandemicDisease ControlEradicationHealthcare Improvement.Healthcare RecordJapanese EncephalitisKayakalpMalariaMedical InfrastructureUPUttar PradeshYogi Adityanath
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत में भद्द पिटवाने के बाद मोदी सर्कार को मनाने चले ट्रूडो!

अगली पोस्ट

“The Vaccine War”: COVID के विरुद्ध भारतीय मोर्चे का अद्भुत रूपांतरण!

संबंधित पोस्ट

बंगाल में बारूद और बैलेट की जंग: पनिहाटी से भवानीपुर तक हिंसा, तोड़फोड़ और ‘EVM’ पर संग्राम; लोकतंत्र के महापर्व में मची भारी चीख-पुकार
मत

बंगाल में बारूद और बैलेट की जंग: पनिहाटी से भवानीपुर तक हिंसा, तोड़फोड़ और ‘EVM’ पर संग्राम; लोकतंत्र के महापर्व में मची भारी चीख-पुकार

29 April 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का अंतिम और निर्णायक चरण बुधवार को लोकतंत्र के उत्सव से कहीं अधिक 'रणक्षेत्र' जैसा नजर आया। नादिया की शांत गलियों...

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा
चर्चित

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा

24 April 2026

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 24 अप्रैल 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए मतदान ने...

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
चर्चित

क्या ‘युवा संकल्प’ बदलेगा बंगाल का भविष्य ? असंतोष…संभावनाएँ और परिवर्तन की दस्तक !

21 April 2026

बंगाल की माटी में बदलाव की चाह कोई अचानक उठी हुई लहर नहीं है, यह एक लंबे समय से संचित असंतोष, आकांक्षा और संभावनाओं का...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited