TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

राष्ट्रपति और राज्यपाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची केरल सरकार।

केरल की मार्क्सवादी सरकार पहले ही राज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खान से सीधे-सीधे टकराव पर उतरी हुई थी, अब उसने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
4 April 2024
in चर्चित, राजनीति
केरल सरकार, सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खान
Share on FacebookShare on X

केरल की मार्क्सवादी सरकार का दुराग्रह चरम पर पहुंच गया है। माकपा के नेतृत्व वाली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार पहले ही राज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खान से सीधे-सीधे टकराव पर उतरी हुई थी। फिर वह उनके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में गई और अब उसने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। 

राष्ट्रपति के खिलाफ यातिका दाखिल

केरल की पिनराई विजयन सरकार ने 23 मार्च को राष्ट्रपति के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। इसमें उसने आरोप लगाया है कि राज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खान द्वारा प्रस्तावित कई विधेयकों को राष्ट्रपति ने रोक रखा है। साथ ही, राज्यपाल पर भी आरोप लगाया है कि उन्होंने ‘वर्षों’ तक इन विधेयकों को रोके रखा। 

संबंधितपोस्ट

सस्ती दवाइयों के देश में महंगा इलाज: हर साल 6 करोड़ परिवार गरीबी की ओर, अस्पतालों की वसूली पर सरकार ने मानी गड़बड़ी

बच्चों के लिए इंटरनेट मौलिक अधिकार, बैन समाधान नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने क्यों सुझाया सोशल मीडिया पर ‘चाइल्ड मोड’?

मंदिर प्रशासन में तमिलनाडु सरकार की भूमिका पर सुप्रीम कोर्ट के सवाल, कपालीश्वर मंदिर की मूर्ति से जुड़ा है मामला

और लोड करें

राज्य सरकार राज्यपाल पर लगा रही आरोप

राज्य सरकार का तर्क है कि इन विधेयकों को समयबद्ध मंजूरी मिलनी चाहिए। उसका आरोप है कि राज्यपाल विधानसभा के कानून बनाने के अधिकार में बाधा डाल रहे हैं। इस याचिका में राज्यपाल भी प्रतिवादी हैं।

इससे पहले, केरल सरकार ने यह कहते हुए राज्यपाल के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था कि वह राज्य विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को रोक रहे हैं। इसके बाद राज्यपाल ने 7 विधेयक राष्ट्रपति के पास विचार के लिए भेजे थे। 

और पढ़ें:- क्या है एक्स-मुस्लिम मूवमेंट जो अमेरिका से भारत तक फैल चुका है?

राज्यपाल ने नहीं दी विधेयकों को मंजूरी

इनमें से पांच विधेयक विश्वविद्यालय कानून संशोधन से संबंधित थे, जिनका उद्देश्य राज्यपाल से राज्य में विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति की शक्ति छीनना है। इनमें से एक विधेयक एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय से संबंधित है। इससे पहले सितंबर 2023 में पारित केरल भूमि आवंटन (संशोधन) विधेयक को लेकर तो राज्य सरकार का राज्यपाल के साथ टकराव चरम पर पहुंच गया था। 

जब राज्यपाल ने विधेयक को मंजूरी देने से इनकार कर दिया तो माकपा और पिनराई सरकार गुस्से से आगबबूला हो गई थी। माकपा के गुंडों ने राज्यपाल पर हमला भी किया था। इसी तरह, केरल सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (संशोधन) विधेयक पर भी राज्यपाल को आपत्ति है। 

उनका कहना है कि यह लोकतंत्र की भावना और सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। राज्यपाल का तर्क है कि जो लोग डेयरी किसानों के प्रतिनिधि नहीं हैं, विधेयक के जरिए उन्हें अधिकार देकर हेर-फेर किया जा सकता है। 

केरल लोकायुक्त संशोधन विधेयक पर उन्होंने यह कहते हुए हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था कि यह लोकायुक्त को नख-दंत विहीन एक निरर्थक निकाय बना देगा। हालांकि राष्ट्रपति ने इस विधेयक को मंजूरी दे दी थी, लेकिन चार विधेयकों को अस्वीकार कर दिया था। राष्ट्रपति के पास अब दो ही विधेयक लंबित हैं। 

राष्ट्रपति ने जिन चार विधेयकों को मंजूरी नहीं दी, वे हैं-

  1. केरल विश्वविद्यालय कानून (संशोधन नंबर-2) विधेयक-2022 : इसका उद्देश्य राज्यपाल को विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के पद से हटाना है।  
  2. विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक-2021: इसका उद्देश्य राज्यपाल को बाहर रखना और सरकार को अपीलीय न्यायाधिकरण नियुक्त करने का अधिकार देना है।
  3. विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक-2022: यह कुलपति के चयन के लिए खोज समिति के विस्तार से संबंधित है।  
  4. मिल्मा यानी केरल सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (संशोधन) विधेयक-2022: इसका उद्देश्य नामित सदस्यों के माध्यम से केरल सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ पर ‘कब्जा’ करना है।

कानूनी विशेषज्ञ राष्ट्रपति के खिलाफ केरल सरकार के अदालत जाने के कदम का समर्थन नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता, कानूनी सलाहकार और राजनीतिक टिप्पणीकार के. रामकुमार ने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 361 राष्ट्रपति, राज्यपालों और राजप्रमुखों को संरक्षण प्रदान करता है। इसमें प्रावधान है कि –

  1. राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल या राजप्रमुख अपने कार्यालय की शक्तियों और कर्तव्यों के प्रयोग व प्रदर्शन या उन शक्तियों और कर्तव्यों के प्रयोग और प्रदर्शन में उनके द्वारा किए गए या किए जाने वाले किसी भी कार्य के लिए के लिए किसी भी अदालत के जवाबदेह नहीं होंगे।
  2. अनुच्छेद 61 के अनुसार, किसी शिकायत की जांच के लिए संसद के किसी सदन द्वारा नियुक्त या नामित कोई भी न्यायालय, न्यायाधिकरण या संस्था राष्ट्रपति के आचरण को जांच के दायरे में ला सकती है।
  3. राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल या राजप्रमुख के खिलाफ उनके कार्यकाल के दौरान किसी भी अदालत में कोई भी आपराधिक कार्यवाही शुरू या जारी नहीं रखी जा सकती है।
  4. राष्ट्रपति या राज्यपाल या राजप्रमुख के लिए कोई भी अदालत गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं कर सकती है।
  5. राष्ट्रपति या राज्यपाल के खिलाफ उनकी व्यक्ति क्षमता में किए गए कार्यों पर दीवानी कार्यवाही केवल 2 महीने की पूर्व सूचना के बाद ही की जा सकती है।

कानूनी विशेषज्ञ नहीं कर रहे समर्थन

राज्य के जाने-माने अधिवक्ता और राजनीतिक टिप्पणीकार जयशंकर का भी यही कहना है कि इन सबके बावजूद यदि राज्य सरकार देश के राष्ट्रपति के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में गई है तो उसका मामला टिक नहीं पाएगा। 

शायद इसीलिए राज्य सरकार ने प्रतिवादी के रूप में (राष्ट्रपति के) सचिव का नाम रखा है। राज्य सरकार केवल उन लोगों के लिए क्षमादान के मामलों में कुछ राहत की उम्मीद कर सकती है, जो मृत्यु दंड के अदालती फैसले का सामना कर रहे हैं। 

जयशंकर ने क्षमादान और दया याचिका पर निर्णय लेने में 11 वर्ष की देरी का हवाला देते हुए राजीव गांधी के हत्यारों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उदाहरण दिया, जिसमें तीनों हत्यारे संथन, मुरुगन और पेरारिवलम फांसी से बच गए थे। 

हालांकि इस मामले में सर्वोच्च नयायालय ने केंद्र के उस तर्क को को खारिज किया था कि उसकी दया याचिका पर निर्णय लेने कोई अनुचित देरी नहीं हुई थी। साथ ही, यह भी कहा था कि राष्ट्रपति को संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत छूट प्राप्त है। उन्होंने केरल सरकार के मामले में बेहतर यही होगा कि हम इंतजार करें और देखें।

उधर, अतिंगल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने मीडिया से कहा कि राष्ट्रपति के खिलाफ केरल सरकार का सर्वोच्च न्यायालय जाने का फैसला चौंकाने वाला है। 

आज तक किसी सरकार या पार्टी ने ऐसा नहीं किया। यह इस तथ्य को रेखांकित करता है कि माकपा राष्ट्रपति विरोधी है। वह महिला विरोधी होने के साथ-साथ वनवासी समुदाय की भी विरोधी है। राष्ट्रपति का अपमान करने की माकपा की कोशिश हास्यास्पद है।

सच तो यह है कि एलडीएफ सरकार वनवासियों के धन का दुरुपयोग करती है। यहां तक कि उन्हें छात्रवृत्ति भी नहीं देती है। लेकिन कांग्रेस का रुख माकपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ एलडीएफ के जैसा ही है। 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एर्नाकुलम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद शियास का कहना है कि यदि विधेयक पारित होते हैं, तो राज्यपाल से यह उम्मीद की जाती है कि वे इनका समर्थन करें। इसी तरह, यदि ऐसे विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजे जाते हैं, तो उन्हें रोका नहीं जाना चाहिए।

राज्य सरकार व्यर्थ ही राज्यपाल और राष्ट्रपति से टकराव मोल ले रही है।

बहरहाल, राज्य में अधिकांश लोगों को लगता है कि राज्य सरकार व्यर्थ ही राज्यपाल और राष्ट्रपति से टकराव मोल ले रही है। इससे उसे कुछ हासिल नहीं होगा। बेवजह के कानूनी पचड़ों में पैसा, समय और शक्ति लगाने के बजाय राज्य सरकार कुछ सकारात्मक काम करे। 

राज्य में कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। सरकारी कर्मचारियों की पेंशन और बुजुर्गों को कल्याण पेंशन देने में भी सरकार आनाकानी कर रही है। पुलिसकर्मियों को आवश्यक वाहन और ईंधन बिल आदि का भुगतान करने के लिए भी पैसे नहीं मिलते हैं। यह स्थिति ठीक नहीं है।

और पढ़ें:- ‘I.N.D.I.A.’ नाम के इस्तेमाल को लेकर याचिका, हाईकोर्ट ने मांगा आखरी जवाब

Tags: Governor Dr. Arif Mohammad KhanKerala GovernmentPresident Draupadi MurmuSupreme Courtकेरल सरकारराज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खानराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मूसुप्रीम कोर्ट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

क्या है एक्स-मुस्लिम मूवमेंट जो अमेरिका से भारत तक फैल चुका है?

अगली पोस्ट

अमेरिका में एक और भारतीय छात्र की हुई रहस्यमय तरीके से मौत।

संबंधित पोस्ट

बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?
राजनीति

बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

28 October 2026

चार राज्यों के विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस को ऐसा झटका लगा है, जिसका इस्तेमाल भाजपा ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ अभियान पर पलटवार...

महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया
मत

महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

26 October 2026

यदि आपसे एक बहुत सरल-सा प्रश्न पूछा जाए कि आपके दादा के परदादा का क्या नाम था? या क्या आपको अपने परिवार की 7वीं पीढ़ी...

संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक
मत

संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

24 October 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के 101वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संघ ने बड़े-बड़े कार्यक्रमों के स्थान पर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

00:03:14

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited