चीन द्वारा किए गए आक्रमण का जवाब देने के लिए भारतीय सैनिकों के पास अदम्य साहस, वीरता, पराक्रम और युद्ध कौशल के अतिरिक्त कुछ भी नहीं था
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं

    कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

    सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

    विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    जैवलिन मिसाइल

    अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

    बांग्लादेश और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात

    ‘हसीना’ संकट के बीच NSA अजित डोभाल की बांग्लादेश के NSA से मुलाकात के मायने क्या हैं?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

    क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

    26 नवंबर भारतीय संविधान दिवस

    संविधान दिवस: भारतीय चिंतन परंपरा की दृष्टि से संविधान 

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं

    कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

    सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

    विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    जैवलिन मिसाइल

    अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

    बांग्लादेश और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात

    ‘हसीना’ संकट के बीच NSA अजित डोभाल की बांग्लादेश के NSA से मुलाकात के मायने क्या हैं?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

    क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

    26 नवंबर भारतीय संविधान दिवस

    संविधान दिवस: भारतीय चिंतन परंपरा की दृष्टि से संविधान 

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘नेहरू की गलतियों से हुआ था 1962 का युद्ध’, भारत ने खोई थी 43000 Km जमीन और 3000 जवान; नहीं मानी थी सरदार पटेल की बात

चीन द्वारा किए गए आक्रमण का जवाब देने के लिए भारतीय सैनिकों के पास अदम्य साहस, वीरता, पराक्रम और युद्ध कौशल के अतिरिक्त कुछ भी नहीं था

Akash Sharma Nayan द्वारा Akash Sharma Nayan
21 October 2024
in इतिहास, चर्चित, भू-राजनीति
भारत-चीन युद्ध 1962

नेहरू की गलतियों से हुआ था 1962 का युद्ध (फ़ोटो साभार: Britannica)

Share on FacebookShare on X

स्वर कोकिला लता मंगेशकर का गया हुआ “ऐ मेरे वतन के लोगों, ज़रा आँख में भर लो पानी…” आज भी जब कहीं यह गीत सुनाई पड़ता है तो प्रत्येक देशवासी की आंखें नम हो जाती हैं। वास्तव में भारत-चीन युद्ध का जितना मार्मिक और सच्चा चित्रण इस गीत में किया गया है, उतना कहीं और नहीं। ये महज़ एक गीत नहीं है, बल्कि सच्ची श्रद्धांजलि है भारत के उन वीर सैनिकों को, जिन्होंने अपने पराक्रम से सैन्य इतिहास में नया अध्याय जोड़ा और कठिन से कठिन परिस्थिति में भी मोर्चा छोड़ने के स्थान पर बलिदान होना स्वीकार किया।

20-21 अक्टूबर 1962 की रात समुद्र तल से 16 हज़ार मीटर की ऊंचाई पर स्थित रेजांग ला दर्रा, जहां ऑक्सीजन की कमी के कारण सांस लेने में भी भारी परेशानी होती है, वहाँ शुरू हुआ चीन की शक्तिशाली सेना और भारत की बहादुर सेना के बीच युद्ध।

संबंधितपोस्ट

आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

अष्टलक्ष्मी की उड़ान: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर से उभरती विकास, संस्कृति और आत्मगौरव की नई कहानी

और लोड करें

रेजांग ला दर्रा में ठंड व बर्फबारी की स्थिति को देखते हुए उसे बर्फिस्तान कहा जाए तो गलत नहीं होगा। -50 से भी कम तापमान पर परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह अपने मात्र 120 जवानों के साथ 12 सौ अधिक चीनी सैनिकों के सामने फौलाद की दीवार बनकर खड़े हो गए थे। तेरहवीं कुमाऊं रेजीमेंट के इन जाबांजों ने आखिरी सांस और अंतिम गोली तक युद्ध लड़ कर चीनी सेना के आत्मबल को हिलाकर रख दिया था। ठंड इतनी कि खून जम जाए, ऐसी स्थिति में भी युद्धरत सैनिकों ने पूरे पराक्रम से युद्ध लड़ा, किन्तु चीनी सैनिकों की संख्या व उनके ऊंचाई पर होने के कारण भारतीय सैनकों को सीने पर गोलियां खानी पड़ी थीं।

चीन द्वारा किए गए आक्रमण का जवाब देने के लिए भारतीय सैनिकों के पास अदम्य साहस, वीरता, पराक्रम और युद्ध कौशल के अतिरिक्त कुछ भी नहीं था। मसलन, हिमालय की चोटी पर लड़े जा रहे इस युद्ध में भारत के जवान पतली ऊनी स्वेटर और सामान्य जूतों के साथ लड़ रहे थे। भोजन, पानी, तंबू, ईंधन, गर्म कपड़े हर चीज़ का अभाव था। पर्याप्त गोला बारूद नहीं था। हाथ में थीं पुराने जमाने की राइफलें, जबकि चीनी सैनिक ऑटोमेटिक राइफलों और भारी तोप के साथ हमले कर रहे थे।

सीमा पर भारतीय सेना को लेकर की गई तैयारियों का भी बुरा हाल था। 16000 फ़ीट की ऊंचाई तक जाने के लिए सड़कें नहीं थीं, और तो और संख्या बल में भी भारतीय सेना चीनियों की अपेक्षा कमज़ोर थी। जबकि चीनी सेना संख्या, साधन और हथियार सभी में अधिक थे।भारतीय सेना की इस साधनहीन स्थिति के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू व उनके प्रिय रक्षा मंत्री वीके कृष्ण मेनन ज़िम्मेदार थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री व रक्षामंत्री को ज़िम्मेदार इसलिए ठहरा जा रहा है क्योंकि नेहरू सेना की ज़रूरतों के प्रति इस कदर उपेक्षा का भाव रखते थे कि  वो कहते थे कि हम तो अहिंसावादी हैं, हमें किसी से युद्ध नहीं करना। हमारा काम तो पुलिस से ही चल जाएगा।

आज विश्वास करना मुश्किल है लेकिन नेहरू के प्रधानमंत्री काल में सीमा की सुरक्षा के लिए सेना या अर्धसैनिक बलों के स्थान पर पुलिस थाने स्थापित किए गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उस समय सेना के सुरक्षा उपकरणों के लिए बनवाए गए कारखानों में कप-प्लेट और सौन्दर्य प्रसाधन की वस्तुएं तैयार की जा रहीं थी। इसका कारण यह था कि हथियारों के उत्पादन के लिए न तो आदेश था और न ही आवंटित बजट। ऐसे में, कर्मचारियों से कोई न कोई काम तो करवाना ही था।

दरअसल, ऐसा कतई नहीं है कि चीन ने 20-21 अक्टूबर की दरमियानी रात को अचानक से हमला किया था, बल्कि तीन साल से चल रही छुटपुट वारदातें उस रात बड़ी हो गई थीं। यदि तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू में राजनीतिक सूझ-बुझ होती तो शायद इस युद्ध में भारतीय सेना को झुकना नहीं पड़ता। उस रात चीन ने पूर्वी और पश्चिमी सेक्टर पर हमला बोल दिया था, तब न तो प्रधानमंत्री नेहरू और न ही सेना किसी युद्ध के लिए तैयार थे। 20-21 अक्टूबर की रात को चीनी सेना द्वारा शुरू हुआ हमला 24 अक्टूबर को जाकर थमा था। चीनी नेता चाऊ-एन-लाई ने युद्ध विराम कर बातचीत के रास्ते खोले थे। दोनों देशों के बीच बातें हुईं, बैठकें हुईं लेकिन परिणाम नहीं निकला, चीन एक बार फिर भारतीय सेना पर हावी होने लगा।

युद्ध के बीच में ही आठ नवंबर को नेहरू ने संसद में प्रस्ताव रखा, इसमें उन्होंने चीन के धोखे की बात स्वीकार की। नेहरू को आखिरकार हज़ारों सैनिकों के शहीद होने के बाद दुनिया समझ में आ गयी थी। जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि वह आधुनिक दुनिया की सच्चाई से दूर हो गए थे और अपने लिए एक बनावटी माहौल तैयार कर लिया था। 28 अक्टूबर 1962 को जवाहर लाल नेहरू अमेरिकी राजदूत जॉन केनेथ गेलब्रेथ से मिले और सहायता करने के लिए कहा था। भारत की ‘दयनीय’ स्थिति को देखते हुए अमेरिका सहायता के लिए तैयार हो गया।

उधर, चीन ने 15 नवंबर को फिर हमला बोल दिया और नेफ़ा की सीमा पर जमकर बम-बारी की, 22 नवंबर को चीन ने रणनीतिक योजना के तहत एकतरफ़ा युद्धविराम की घोषणा भी कर दी थी, चीन ने युद्ध विराम क्यों किया, जबकि वह युद्ध मे ताक़तवर व आगे था। इस प्रश्न का उत्तर अब तक किसी के पास नहीं है। हालांकि रक्षा विश्लेषक कहते हैं कि चीन को यह अंदाजा हो गया था कि यदि अमेरिका भारत का साथ देगा तो उसे हार का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए उसने एकतरफा युद्ध विराम की घोषणा कर दी थी।

भारत ने इस युद्ध में अपने वीर सैनिकों के अतिरिक्त एक बड़ा इलाका अक्साई चिन भी खो दिया था। हिंदुस्तान की 43,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर चीनी सेना कब्जा कर चुकी थी। यही नहीं इस भीषण युद्ध में भारत के 3250 जवान भी वीरगति को प्राप्त हो चुके थे।

गौरतलब है कि तमाम रक्षा विश्लेषकों व तत्कालीन सेना अध्यक्षों के आग्रह के बाद भी जवाहरलाल नेहरू ‘हिंदी-चीनी भाई-भाई’ के नारे में खोए रहे और चीनी सत्ता की बातों पर आंख बंद करके भरोषा करते रहे। चीन पर सरदार पटेल द्वारा दी गई चेतावनी को भी नेहरू द्वारा अनदेखा किया गया। सरदार पटेल ने भारत-चीन युद्ध से 12 साल पहले साल 1950 में नेहरू को पत्र लिखकर कहा था, “चीन शत्रुता की भाषा बोल रहा है और तुम दोस्ती निभाए जा रहे हो।”
देश के पहले गृहमंत्री सरदार पटेल ने अनेकों बार तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू को चीन के विषय में चेताया था लेकिन नेहरू आत्ममुग्ध थे, उन्हें लगता था कि वो हमेशा सही होते हैं।

आज जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चीन समस्या के लिए जवाहर लाल नेहरू को ज़िम्मेदार ठहराया जाता है तो कांग्रेसी नेताओं द्वारा उनका बचाव किया जाता है, जबकि सच्चाई है कि चीन समस्या की प्रमुख जड़ जवाहर लाल नेहरू की रणनीतिक भूल है, चाहे वह संयुक्तराष्ट्र में स्थायी सदस्यता के लिए चीन का नाम आगे बढ़ाना हो या फिर तिब्बत जैसे बड़े हिस्से को चीन द्वारा कब्ज़ा कर लेना पर कोई भी प्रभावी प्रतिक्रिया न देना हो। यदि तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा कोई प्रतिक्रिया दी गई होती तो शायद आज चीन समस्या जितनी बड़ी प्रतीत होती है वह नहीं होती।

स्रोत: INDIA CHINA DISPUTE, CHINA, भारत चीन, भारत चीन युद्ध, चीन का भारत पर आक्रमण, india-china war
Tags: #भारतविरुद्धचीनChinainternationalJawahar lal Nehruअंतर्राष्ट्रीयचीनजवाहर लाल नेहरू
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

करवा चौथ की रात जिन आतंकियों ने 7 परिवारों को दिया घाव, उन्हें The Hindu ने बताया ‘लड़ाका’

अगली पोस्ट

मुझे महान देश भारत से प्यार, लेकिन बहुत चिंतित हूं… तसलीमा नसरीन ने अमित शाह से की क्या अपील?

संबंधित पोस्ट

चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है
चर्चित

चक्रवात ‘दित्वाह’ से लड़ रहे श्री लंका की मदद को भारत ने बढ़ाया हाथ, ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ ने बताया भारत क्यों है सबसे ‘भरोसेमंद’ पड़ोसी

29 November 2025

श्री लंका वक्त, बीते कुछ वर्षों की सबसे बड़ी और खतरनाक प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। चक्रवात दित्वाह ने वहां...

बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है
इतिहास

क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

26 November 2025

इतिहास की एक बड़ी विशेषता ये है कि वो नायकों और खलनायकों को परिभाषित करने का जिम्मा आने वाली पीढ़ियों पर छोड़ देता है, और...

26 नवंबर भारतीय संविधान दिवस
इतिहास

संविधान दिवस: भारतीय चिंतन परंपरा की दृष्टि से संविधान 

26 November 2025

भारत में संविधान दिवस  प्रतिवर्ष  26 नवंबर को मनाया जाता है। यह मात्र एक स्मृति-दिवस नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक क्षण का उत्सव है जब 1949...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56

Tejas Under Fire — The Truth Behind the Crash, the Propaganda, and the Facts

00:07:45

Why Rahul Gandhi’s US Outreach Directs to a Web of Shadow Controversial Islamist Networks?

00:08:04

How Javelin Missiles Will Enhance India’s Anti-Tank Dominance?

00:06:47
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2025 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2025 TFI Media Private Limited