छठ पूजा का जिक्र महाभारत में भी मिलता है। कहा जाता है कि जब पांडवों ने अपना राज्य खो दिया तो द्रौपदी ने परिवार को कठिनाइयों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान सूर्य की उपासना की थी। इस उपासना का लाभ भी मिला और उन्होंने अपना खोया हुआ राज्य फिर से प्राप्त किया।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

राजा प्रियंवद को संतान मिली, कवि मयूरभट्ट का कुष्ठ रोग ठीक हुआ: छठ से जुड़ी वो कथाएँ, जिन्हें नहीं जानते हैं आप

छठ पूजा का जिक्र महाभारत में भी मिलता है। कहा जाता है कि जब पांडवों ने अपना राज्य खो दिया तो द्रौपदी ने परिवार को कठिनाइयों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान सूर्य की उपासना की थी।

khushbusingh1 द्वारा khushbusingh1
7 November 2024
in इतिहास, ज्ञान, धार्मिक कथा, संस्कृति
छठ महापर्व, सूर्य पूजा

राजा प्रियंवद ने देवी देवसेना के कथनानुसार पुत्र प्राप्ति की कामना से देवी षष्ठी का व्रत किया, इसके बाद उन्हें एक तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति हुई (प्रतीकात्मक चित्र)

Share on FacebookShare on X

छठ पूजा का महापर्व पूरे देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी पूरे हर्षोउल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान सूर्य देव और छठी मईया की आराधना की जाती ही। भोजपुरी, मगधी, मैथली, बंगाली, नेपाली से लेकर तमाम लोग इस पर्व को पूरी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाते हैं।

छठ को छठी पूजा या षष्ठी पूजा कहा जाता है। यह कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। यह एक ऐसा पर्व है, जिसमें कोई आडंबर या कर्मकांड नहीं है। यह वैदिक काल से ही अपने मूल रूप में आज भी मनाया जाता है। अब यह पर्व बिहार होते हुए भारतीय संस्कृति का प्रमुख अंग बन गया है।

संबंधितपोस्ट

DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

बिहार में खुले में मांस-मछली बिक्री पर रोक: सेहत, सद्भाव और बच्चों के हित में सरकार का फैसला

भाजपा में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत: नितिन नवीन की नियुक्ति क्या कहती है?t

और लोड करें

छठ पूजा और धर्मग्रंथ

छठ पूजा का जिक्र वेद से लेकर विभिन्यन धर्मग्रंथों में है। चार वेदों में सबसे पुराने माने जाने वाले ऋग्वेद में भगवान सूर्य एवं उनकी पत्नी उषा एवं प्रत्यूषा पूजन की परंपरा है। उषा बह्मा की पुत्री थी। उषा एवं प्रत्यूषा को शक्ति एवं प्रकृति के रूप में भी पूजा जाता है। कहा जाता है कि यही दोनों की सूर्य की असली शक्ति हैं। संध्याकाल में प्रत्युषा को अर्घ्य दिया जाता है और प्रात:काल में सूर्य की पहली किरण उषा को अर्घ्य दिया जाता है। ऋग्वेद में सूर्य को जीवनदायिनी ऊर्जा का स्रोत माना गया है।

इसके अलावा, कहा जाता है कि भगवान राम और माता सीता के साथ 14 वर्षों का वनवास काटकर जब अयोध्या लौटे तो पूरी अयोध्या जगमगा उठी। उस दिन दिवाली मनाई गई। इसके छह दिन बाद भगवान राम और माता सीता ने कार्तिक शुक्ल षष्ठी के दिन सूर्य देव और छठी मईया की पूजा की। इस पूजा के परिणामस्वरूप अयोध्या के लोग सुखी और समृद्ध हुए।

छठ पूजा का जिक्र महाभारत में भी मिलता है। कहा जाता है कि जब पांडवों ने अपना राज्य खो दिया तो द्रौपदी ने परिवार को कठिनाइयों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान सूर्य की उपासना की थी। इस उपासना का लाभ भी मिला और उन्होंने अपना खोया हुआ राज्य फिर से प्राप्त किया। वहीं, कुंतीपुत्र कर्ण भी अपनी शक्ति के लिए सूर्य की पूजा करते थे और उन्हें प्रतिदिन सुबह एवं संध्या को अंजुलि से अर्घ्य दिया करते थे।

एक अन्य कथा महाराजा प्रियंवद और महर्षि कश्यप को लेकर भी है। राजा प्रियंवद को कोई संतान नहीं थी। उन्होंने महर्षि कश्यप से अपनी चिंता जाहिर की तो उन्होंने पुत्र प्राप्ति एक यज्ञ करवाया। यज्ञ की आहुति वाला खीर राजा ने अपनी पत्नी मालिनी को खाने के लिए दी। इसके बाद रानी को एक पुत्र हुआ, लेकिन वह मृत था। राजा का शोक और बढ़ गया। राजा प्रियंवद प्राण त्यागने के लिए श्मशान पहुँचे।

इतना धर्मनिष्ठ राजा को ऐसा शोक देखकर सारे देवता परेशान हो गए। वे ब्रह्मा के पास गए। ब्रह्मा की मानसपुत्री देवी देवसेना वहाँ प्रकट हुई। उन्होंने कहा , “हे राजन्, मैं सृष्टि की मूल प्रवृत्ति के छठे अंश से उत्पन्न हुई हूँ, इसलिए मुझे षष्ठी कहा जाता है। आप मेरी पूजा करें और अन्य लोगों को भी इस पूजा के लिए प्रेरित करें।”

राजा प्रियंवद ने देवी देवसेना के कथनानुसार पुत्र प्राप्ति की कामना से देवी षष्ठी का व्रत किया। इसके बाद उन्हें एक तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति हुई। यह पूजा कार्तिक शुक्ल षष्ठी के दिन संपन्न हुई थी। कहा जाता है कि एक तब से छठ पूजा मनाया जाता है।

छठ पूजा का महात्म्य

मयूरभट्ट नाम के एक ब्राह्मण कवि महाराजा भोज की सभा के रत्न थे। उनके बहनोई थे कादंबरी के रचयिता महाकवि बाणभट्ट। दोनों रिश्तेदार ही नहीं, दोस्त भी थे। कवि थे दोनों कविता को लेकर अधिकतर चर्चा करते रहते थे। एक दिन बाणभट्ट की पत्नी किसी बात पर उनसे रूठ गई। मनाने पर भी वह नहीं मानी। इसी तरह सारी रात बीत गई। सवेरा होने को था। तभी बाणभट्ट ने पत्नी को मनाने के लिए एक कविता दोहराने लगे-

गतप्राया रात्रिः कृशतनुशशी शीर्यत इव,

प्रदीपोऽयं निद्रावशमुपगतो घूर्णित इव ।

प्रणामान्तो मानस्त्यजसि न तथापि क्रुधमहो,

अर्थात्, हे प्रिये! रात समाप्त होने को आ गई। चंद्रमा अस्त हो रहा है और सारी रात जागे इस दीपक को भी नींद के झोंके आ रहे हैं। प्रणाम से मान की समाप्ति हो जाती है, पर मेरे सिर नवाने पर भी तुम अपना गुस्सा नहीं छोड़ रही हो…।

बाणभट्ट इसके आगे नहीं समझ पा रहे थे और इन्हीं पंक्तियों को बार-बार दोहरा रहे थे। इसी दौरान मयूरभट्ट ने अपने बहनोई की इन पंक्तियों को सुन लिया। वे जान गए बाणभट्ट को इससे आगे नहीं सूझ रहा है। इसके बाद उन्होंने चौथी पंक्ति बना बनाई को दरवाजे के बाहर से चिल्ला कर बाणभट्ट को सुना दिए। यह पंक्ति थी-

कुचप्रत्यासत्त्या हृदयमपि ते चण्डि कठिनम् ।

(जैसे उनके निकट होने के कारण तेरे कुच (स्तन) कठोर हैं, हे चण्डी! तेरा हृदय भी वैसा ही कठिन हो गया है।)

बाणभट्ट की पत्नी ने अपने भाई की इन पंक्तियों को सुना तो वह आग-बबूला हो गई। बहन ने अपने भाई मयूरभट्ट को कुष्ठ रोगी होने का श्राप दे दिया। इस पर मयूरभट्ट अनुनय-विनय करने लगे। जब बहन का क्रोध शांत हुआ तो उसे पछतावा हुआ। उसने मयूर भट्ट को उपाय बताया कि वह प्रतिदिन सूर्य करे, तभी श्राप कटेगा।

कहा जाता है कि मयूरभट्ट बिहार के औरंगाबाद के दाउदनगर प्रखंड के मयार (अब शमशेर नगर) के मूल निवासी थे। वही, बगल में देव नामक स्थान स्थित है, जहाँ पर त्रेता युग का एक सूर्य मंदिर स्थित है। कहा जाता है कि 12 लाख 16 हजार साल पहले ब्रह्मा ने स्वयं इसे बनवाया था। यहाँ पर ब्राह्मी लिपि में मिले शिलालेख में इस मंदिर की अवधि तकरीबन 1 लाख 50 हजार 23 वर्ष है।

मयूरभट्ट देव में आकर रहने लगे। वे प्रतिदिन वहाँ स्थित एक कुंड में स्नान करते, जिसे आज सूर्यकुंड कहा जाता है। इसके बाद सूर्य की पूजा करते। इसके लिए वे प्रतिदिन एक श्लोक बनाते। कहा जाता है कि सौ श्लोक पूरे होने पर मयूर का कुष्ठ ठीक हो गया।इन सौ श्लोकों के संग्रह ‘सूर्य शतक’ के नाम से जाना जाता है।

मानसिक बीमारियों से मुक्ति का माध्यम है छठ

इस तरह छठ पूजा को कुष्ठ एवं मानसिक बीमारियों की मुक्ति का बड़ा माध्यम माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई छठ पूजा का फल जरूर मिलता है। छठ करने वालों को कुष्ठ नहीं होता है और कुष्ठ रोगियों का कुष्ठ ठीक हो जाता है। असाध्य बीमारियों वाले लोग भी छठ पूजा करते हैं। यही कारण है कि बिहार की मुस्लिम महिलाओं की एक बड़ी आबादी छठ पूजा करती है।

छठ पूजा चार दिनों का कठिन व्रत है। इसकी शुरुआत नहाय-खाय से होती है। व्रती इस दिन शुद्ध सात्विक भोजन करते हैं। इसमें कद्दू-भात और चने की दाल होती है। इन्हें मिट्टी के चूल्हे पर लड़की से पकाया जाता है। इसके बाद व्रत के दूसरे दिन खरना होता है। इस दिन व्रती पूरे दिन बिना पानी पीए उपवास रखते हैं। शाम को पूजा करने के बाद प्रसाद के रूप में गुड़ की खीर, रोटी और फल खाते हैं। इसके बाद 36 घंटे का फिर से निर्जला व्रत आरंभ हो जाता है।

तीसरे दिन शाम को छठ के घाट पर व्रती अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देते हैं। इस दिन सूर्य और उनकी पत्नी पत्यूषा को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। इसके बाद अगले दिन सुबह-सुबह उगते सूर्य को उनकी पत्नी उषा के साथ अर्घ्य दिया जाता है। इसके साथ ही चार दिवसीय छठ व्रत की समाप्ति हो जाती है। व्रती घर आकर प्रसाद खाकर अपना उपवास तोड़ते हैं।

स्रोत: Chhath Mahaparva, छठ महापर्व, Sun Worship, सूर्य पूजा, षष्ठी, Shasthi
Tags: BiharChhathMahaparvaSun Worshipछठबिहारमहापर्वसूर्य पूजा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘महाराष्ट्र के मुखिया’: राज्य के पहले मुस्लिम CM अंतुले की कहानी जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में छोड़ना पड़ा था पद

अगली पोस्ट

‘हजार हूर नहीं चाहिए, वेद धर्म नहीं त्यागूँगा’: सनातन की समरसता का प्रतीक है संत रविदास का जीवन, सिकंदर लोदी के सामने नहीं झुके

संबंधित पोस्ट

हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष
संस्कृति

अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

19 March 2026

राष्ट्रीय चेतना के ऋषि स्वामी विवेकानन्द ने कहा था- यदि हमें गौरव से जीने की भावना जागृत करनी है, यदि हम अपने हृदय में देशभक्ति...

सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट
चर्चित

सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

18 March 2026

हाल ही में सारा अली खान से जुड़े एक घटनाक्रम ने भारत में आस्था, परंपरा और धार्मिक स्थलों तक पहुंच को लेकर व्यापक चर्चा छेड़...

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला
इतिहास

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

16 March 2026

ईरान और अमेरिका / इजरायल के बीच युद्ध जारी हैं। दो सप्ताह से ज्यादा समय हो चुका हैं। एक दूसरे पर जबर्दस्त बमबारी हो रही...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited