दिल्ली को राजधानी बनाने की कई वजहें थीं। इनमें से एक प्रमुख वजह ये थी कि मेरठ में हुआ 1857 का विद्रोह के बाद ये इलाका विद्रोह का केंद्र बन गया था।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जॉर्ज पंचम का ‘दरबार’ और कलकत्ता से हट कर दिल्ली का राजधानी बनना: इंद्रप्रस्थ से लेकर अब तक का इतिहास

दिल्ली को राजधानी बनाने की कई वजहें थीं। इनमें से एक प्रमुख वजह ये थी कि मेरठ में हुआ 1857 का विद्रोह के बाद ये इलाका विद्रोह का केंद्र बन गया था।

khushbusingh1 द्वारा khushbusingh1
12 December 2024
in इतिहास, ज्ञान
नई दिल्ली

लुटियंस, बेकर और शोभा सिंह को दिल्ली को बसाने की जिम्मेदारी दी गई

Share on FacebookShare on X

दिल्ली, जिसे प्राचीन में इंद्रप्रस्थ भी कहा गया है, एक ऐसी जगह है जिसका वैभव आज भी बरकरार है। काल के थपेड़ों को सहते हुए वह कई बार बर्बाद हुई और फिर आबाद हुई। कई क्षत्रिय राजवंशों की राजधानी रही तो कई इस्लामी आक्रांताओं के विध्वंस का शिकार भी। इन सबके बावजूद राजधानी के रूप में दिल्ली का पुराना वैभव कम नहीं हुआ। हालाँकि, ब्रिटिश काल में भारत की राजधानी कलकत्ता (आज का कोलकाता) हुआ करती थी, लेकिन बाद में राजधानी को दिल्ली हस्तांतरित कर दिया गया।

खाली कराई गई सवा लाख एकड़ जमीन

दरअसल, 12 दिसंबर का दिन दिल्ली के आधुनिक इतिहास से जुड़ा हुआ है। 12 दिसंबर 1911 को ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम ने दिल्ली को भारत की राजधानी बनाने की घोषणा की थी। उनके आगमन पर ब्रिटिश सरकार ने ‘दिल्ली दरबार’ का आयोजन किया था। उनके स्वागत में दिल्ली दरबार का यह आयोजन आज के बुराड़ी इलाके में की गई थी। उस समय देश-दुनिया के प्रमुख हस्तियों सहित 80 हजार से अधिक लोग जुटे थे। जिस जगह पर दिल्ली दरबार का आयोजन किया गया था, वहाँ वर्तमान में 57 एकड़ में फैला कोरोनेशन पार्क है।

संबंधितपोस्ट

बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

पंजाब सीएम भगवंत मान की बढ़ीं मुश्किलें: वायरल वीडियो मामले में अकाल तख्त ने सुनाया फैसला

‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

और लोड करें

उस समय किंग जॉर्ज पंचम के साथ इंग्लैंड की महारानी मैरी भी भारत आई थीं। वे ब्रिटेन के पहले राजा थे, जो भारत आए थे। दिल्ली को भारत की राजधानी बनाने की घोषणा करते हुए जॉर्ज पंचम ने कहा था, “हमें भारत की जनता को बताते हुए खुशी हो रही है कि सरकार और उसके मंत्रियों की सलाह पर देश का प्रशासन बेहतर ढंग से चलाने के लिए ब्रिटेन की सरकार भारत की राजधानी को कलकत्ता (अब कोलकाता) से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा करती है।”

किंग जॉर्ज के भारत आने से पहले दिल्ली में एक पूरा अस्थायी शहर बसा दिया गया था। साफ-सफाई से लेकर हर तरह की उत्तम व्यवस्था की गई थी। पूरा शहर जगमगा रहा था। यहाँ बिजली की खास व्यवस्था की गई थी। पूरा इलाका ऐसे जगमगा रहा था, जैसे दिवाली हो। पूरे इलाके की नाकाबंदी कर दी गई थी। हर तरफ पुलिस की सख्त निगरानी थी, ताकि किंग जॉर्ज के सामने को विरोध ना कर सके। स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहे कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

किंग जॉर्ज की घोषणा के बाद अंग्रेजों ने कलकत्ता से राजधानी दिल्ली हस्तांतरित करने की शुरुआत कर दी। दिल्ली तब पंजाब प्रांत का हिस्सा था। दिल्ली को राजधानी बनाने के लिए करीब 128 गाँवों को चुना गया। इन गाँवों के लोगों को आसपास भेजा गया और उनके लगभग सवा लाख एकड़ जमीन को खाली कराया गया। इसके बाद साल 1914 में इसमें मेरठ के 65 गाँवों को भी शामिल कर लिया गया। इस तरह शहर का क्षेत्रफल और बढ़ गया। उस समय जमीन के मालिकों को 150 रुपए प्रति एकड़ का मुआवजा देने की बात अंग्रेजों ने की थी। कहा जाता है कि कई लोगों को ये मुआवजा मिला नहीं है। लोगों से गाँव खाली कराने के बाद यहाँ अंग्रेज अधिकारियों के रहने और उनके काम करने के लिए 1913 में यहाँ आधुनिक निर्माण काम शुरू किया गया।

बेकर और लुटियन और शोभा ने मिल दिल्ली को तराशा

नई दिल्ली को बसाने के लिए ब्रिटिश आर्किटेक्ट सर हरबर्ट बेकर और सर एडविन लुटियंस को बुलाया गया। उन्होंने नए शहर की योजना बनाई। इमारतें बनाने के लिए पत्थर आदि लाने का काम तब के ठेकेदार एवं महशूर लेखक खुशवंत सिंह के पिता सरदार शोभा सिंह को दिया गया था। यहाँ लगभग 30 हजार मजदूरों को लगाया गया। सर हरबर्ट बेकर और सर एडविन लुटियंस की टीम को शहर को बनाने के लिए चार साल का समय दिया गया। अंग्रेजों ने यहाँ वायसराय हाउस और नेशनल वॉर मेमोरियल जैसी प्रसिद्ध इमारतें बनावाईं। वायसराय हाउस को आज हम राष्ट्रपति भवन और वॉर मेमोरियल को इंडिया गेट के नाम से जानते हैं। दोनों ब्रिटिश आर्टिटेक्ट ने कनॉट प्लेस सहित कई इलाकों का डिजाइन बनाया और उसे तैयार किया। तब संसद तथा नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का डिज़ाइन लुटियंस के साथी बेकर ने तैयार किया था।

माधोगंज गाँव में एक सिटी सेंटर बसाया गया, जिसे आज कनॉट प्लेस कहा जाता है। कनॉट प्लेस में गोलाई में बने ब्लॉक और खंभों क आयडिया डब्ल्यू एच निकोलस ने दिया था। ये सब कुछ करने में लगभग 20 साल गए। इसके बाद औपनिवेशिक भारत के वायसराय एवं गवर्नर जनरल लॉर्ड इरविन ने 13 फरवरी 1931 को अधिकारिक रूप से दिल्ली का राजधानी के रूप में उद्घाटन किया।

दिल्ली को राजधानी बनाने की कई वजहें थीं। इनमें से एक प्रमुख वजह ये थी कि मेरठ में हुआ 1857 का विद्रोह के बाद ये इलाका विद्रोह का केंद्र बन गया था। कोलकाता से इन इलाकों को साधना अंग्रेजों के लिए मुश्किल हो रहा था। इसके एक अन्य कारण में बंगाल का विभाजन भी था। साल 1905 में बंगाल का बंटवारा कर दिया गया। यह सब मुस्लिमों की तुष्टिकरण करने के लिए और उनके लिए एक बहुमत वाला प्रांत बनाने के लिए ऐसा किया गया था। तब लॉर्ड कर्जन वायसराय थे। कर्जन के निर्णय के बाद अंग्रेजों के खिलाफ देश में विद्रोह शुरू हो गया। उस समय कलकत्ता (अब कोलकाता) भारत की राजधानी हुआ करती थी। वहाँ इसके विरोध में बंग-भंग आंदोलन शुरू हो गया। यह विद्रोह शांत होने का नाम नहीं ले रहा था। इस वजह से भी अंग्रेजों ने कलकत्ता से राजधानी स्थानांतरित किया।

कहा जाता है कि दिल्ली कोई भी इस पर ज्यादा समय तक राज नहीं कर सकता। दिल्ली को राजधानी घोषित करने के 36 साल के भीतर अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा और 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हो गया। दिल्ली के बारे में यह मत है कि यह 16 बार उजड़ी और बसी है। इसे अनेक साम्राज्यों की कब्र भी कहा जाता है।

दिल्ली का इतिहास और उसकी आधुनिक नींव

कहा जाता है कि महाभारत में हारने के बाद पांडवों ने कौरवों से सिर्फ पाँच गाँव माँगा था। इन पाँच गाँवों को सँवार कर पांडवों ने इंद्रप्रस्थ का निर्माण किया गया था। कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण के आह्वान पर विश्वकर्मा आए और फिर मायासुर को बुलाकर इसका रातों-रात निर्माण कराया गया। इसका नाम इंद्रप्रस्थ इसलिए रखा गया, क्यों कि यह भगवान इंद्र के स्वर्ग के समान सुंदर था। कहा जाता है कि दिल्ली का पुराना किला ही वह स्थान है, जहाँ पांडवों के लिए मायासुर ने महल बनाया था। आज़ादी के समय पुराने किले के पास ही दिल्ली में इंद्रपत नाम का एक गाँव भी था, जो इस बात की गवाही देता है कि आज की दिल्ली वही इंद्रप्रस्थ है।

अगर आधुनिक इतिहास की मानें तो दिल्ली को तोमर राजवंश के क्षत्रिय महाराजा अंगपाल तोमर ने 736 ईस्वीं में सबसे पहले दिल्ली को अपनी राजधानी बनाया था। महाराजा अनंगपाल तोमर ने महरौली के पास लालकोट किले का निर्माण कराया था, जिसे आज भी देखा जा सकता है। तोमरवंश के क्षत्रिय राजाओं के बाद लालकोट पर चौहान वंश के क्षत्रिय महाराजा पृथ्वीराज चौहान ने शासन किया। उन्होंने लालकोट का नया नाम रायपिथौरा रख दिया।

बाद में मुहम्मद गोरी का गवर्मुनर कुतुबद्दीन ऐबक यहाँ का गवर्नर रहा। साल 1206 में मुहम्मद गौरी की मौत के बाद ऐबक ने खुद को दिल्ली का सुल्तान घोषित कर दिया और वह दिल्ली से शासन करने लगा। गुलाम वंश के बाद खिलजी वंश से होते हुए मुगल वंश ने यहाँ से शासन किया। बाद में यहाँ पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया। शुरुआत में अंग्रेजों ने अपनी राजधानी कोलकाता बनाई थी, लेकिन समय एवं स्थिति को देखते हुए राजधानी दिल्ली स्थानांतरित कर दिया। खास बात ये रही कि राधानी के रूप में दिल्ली हर बार नई जगह बनी (हालाँकि, आज की दिल्ली की सीमा में ही) और हर शासक ने यहाँ अपने हिसाब से इमारतें बनवाईं और उसका नाम दिया।

स्रोत: New Delhi, नई दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी, National Capital, History, इतिहास, Calcutta, कलकत्ता
Tags: HistoryNational CapitalNew Delhiइतिहासनई दिल्लीराष्ट्रीय राजधानी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

दिनदहाड़े ही मोहम्मद बशीर ने थाने के सामने सिपाही को मारा चाकू, वीडिओ सोशल मीडिया पर वायरल

अगली पोस्ट

मस्जिद से ऐलान के बाद NIA पर हमला, मुफ़्ती को छुड़ा ले गई भीड़: मदरसे के नाम पर विदेश से हो रही थी आतंकी फंडिंग

संबंधित पोस्ट

शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
इतिहास

ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

26 June 2026

भारत के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी...

महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य
संस्कृति

महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

17 June 2026

महाभारत में वर्णित सबसे चर्चित प्रसंगों में से एक वह है, जब भगवान श्रीकृष्ण शांति दूत बनकर हस्तिनापुर पहुंचे थे। उनका उद्देश्य कौरवों और पांडवों...

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच
चर्चित

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

15 June 2026

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे (दान) से जुड़े कथित धन के दुरुपयोग की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) ने औपचारिक रूप से अपने हाथ...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited