TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    नेपाल एक बार फिर जनरेशन Z यानी युवाओं के नेतृत्व में

    जनआंदोलन के बाद ‘जनादेश’ की बारी: नेपाल की राजनीतिक संरचना की निर्णायक परीक्षा



    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरीयर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    नेपाल एक बार फिर जनरेशन Z यानी युवाओं के नेतृत्व में

    जनआंदोलन के बाद ‘जनादेश’ की बारी: नेपाल की राजनीतिक संरचना की निर्णायक परीक्षा



    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरीयर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

Israel-Hamas Ceasefire: यह पहला मौका नहीं जब युद्धविराम हुआ घोषित, जानें सीजफायर के पीछे के छुपे हुए संघर्षों का इतिहास

कब- कब हुई युद्धविराम की घोषणा

himanshumishra द्वारा himanshumishra
18 January 2025
in विश्व
Israel-Hamas Ceasefire

Israel-Hamas Ceasefire (Image Source X)

Share on FacebookShare on X

अक्टूबर 2023 में, फिलिस्तीन के आतंकवादी समूह हमास ने इज़राइल पर भीषण हमला किया, जिसमें 200 से अधिक इज़राइली नागरिकों को बंधक बना लिया। इसके बाद इज़राइल ने इस हमले के जवाब में हमास और उनके समर्थकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई शुरू कर दी। 15 महीने तक चले संघर्ष के बाद, दोनों पक्षों ने एक युद्धविराम समझौते(Israel-Hamas Ceasefire) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत इज़राइली बंधकों के बदले फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने का निर्णय लिया गया है।

यह समझौता छह हफ्ते का होगा, जो 19 जनवरी से लागू होगा, और Israel-Hamas Ceasefire के तहत इज़राइली सैनिक धीरे-धीरे गाजा पट्टी से वापस लौटेंगे, जबकि इस दौरान हमास इज़राइली बंधकों को रिहा करना शुरू करेगा। बदले में, इज़राइल भी फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। हालांकि, इस समझौते(Israel Hamas Ceasefire) से पहले इज़राइल ने फिलिस्तीन के प्रमुख आतंकवादी नेताओं को बुरी तरह से नष्ट कर दिया था। यह अहम समझौता अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण से ठीक पहले हुआ था। हालाँकि, इस समझौते से पहले इजरायल ने फिलिस्तीन के टॉप आतंकी नेताओं का पूरी तरह से लगभग खात्मा कर दिया है। यह महत्वपूर्ण समझौता अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण से ठीक पहले हुआ है।

संबंधितपोस्ट

ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

और लोड करें

11 बार हो चुकी है युद्धविराम की घोषणा

इजरायल और फिलिस्तीन के बीच शत्रुता का लंबा इतिहास रहा है। फिलिस्तीन और वहाँ की सत्ता का रहनुमा आतंकी संगठन हमास यहूदी राज्य इजरायल के प्रति हमेशा से शत्रुता का भाव रखता रहा है। वह यहूदियों का नामोनिशान और इजरायल के नक्शे को दुनिया के मानचित्र से हटाने की बात करता रहा है। ऐसे में हमास द्वारा इजरायल के साथ समझौता(Israel-Hamas Ceasefire) करना उसकी एक नीतिगत मामला लगता है। ऐसा नहीं है कि फिलिस्तीन इस तरह की रणनीति पहली बार अपना रहा है। इससे पहले सन 1993 में इजरायल की कार्रवाई से नेस्तनाबूद होने के कगार पहुँचे फिलिस्तीन ने इजरायल के साथ इसी तरह का एक समझौता किया था।

11 बार हो चुकी है युद्धविराम की घोषणा
11 बार हो चुकी है युद्धविराम की घोषणा (Image Source: Itihasika)

हालाँकि, हमास 1993 से कम-से-कम ग्यारह बार इजरायल के साथ युद्धविराम(Israel-Hamas Ceasefire) का प्रस्ताव रखा है। ज्यादातर मामलों में इन प्रस्तावों के जरिए हमास ने अपने आतंकी संगठन के नेतृत्व बचाने और इजरायली कार्रवाई को रोकने के उद्देश्य से किया है। जब-जब हमास खुद को थोड़ा भी संभाला तो इन युद्धविराम का उल्लंघन किया और इजरायल पर हमले किए। दोनों देशों के बीच यह समझौता अमेरिका की मध्यस्थता के बाद 13 सितंबर 1993 में ओस्लो में हुआ था। इसे ओस्लो समझौते के नाम से जाना जाता है। इस समझौते के जरिए फिलिस्तीनी और इजरायली एक-दूसरे के अस्तित्व को मान्यता देने के लिए तैयार हुए थे।

इसी दौरान यासर अराफात इजरायल की कार्रवाई से डर कर फिर 30 वर्षों से निर्वासन झेलने का बाद फिलिस्तीनी प्राधिकरण की स्थापना के लिए लौटे थे। इस समझौते के बाद इज़रायली प्रधानमंत्री यित्ज़ाक रॉबिन, इज़रायली विदेश मंत्री शिमोन पेरेज़ और फिलिस्तीन के रमपुख यासर अराफात को ओस्लो समझौते में उनकी भूमिका के लिए उन्हें 1994 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। हालाँकि, इस समझौते के कारण इजरायली विपक्ष के भीतर ही एक खतरनाक रणनीतिक गलती के रूप में देखा जाता रहा है। वहीं, कई फिलिस्तीनी खुश थे। इसके बाद 4 नवंबर 1995 को प्रधानमंत्री यित्ज़ाक रॉबिन की एक यहूदी ने हत्या कर दी। ये उथल-पुथल का दौर था।

दरअसल, फिलिस्तीनियों ने ओस्लो समझौते को एक कदम के रूप में स्वीकार किया, न कि एक स्थायी समाधान के रूप में। इस बात का जिक्र यासिर आराफात ने भी अपने भाषण में कहा था। हालाँकि, यह कहने का तरीका उनका थोड़ा अलग था। 10 मई 1994 को जोहान्सबर्ग में यासिर अराफात ने कहा, “मैं इस समझौते (ओस्लो समझौते) को हमारे पैगंबर मोहम्मद और कुरैश (कबीला) के बीच हुए समझौते(Israel-Hamas Ceasefire) से अधिक नहीं मान रहा हूँ। आपको याद होगा कि खलीफा उमर ने इस समझौते को अस्वीकार कर दिया था और इसे ‘सुलहा दानिया’ (एक घृणित युद्धविराम) माना था। तब पैगंबर मुहम्मद ने इसे स्वीकार किया था और अब हम इस शांति समझौते को स्वीकार कर रहे हैं।”

फिलिस्तीनी प्राधिकरण के सांसद मुनीब अल-मसरी ने भी एक इंटरव्यू में कहा था कि पहले दिन से ही अराफात का इरादा था कि समझौते इजरायल राज्य को नष्ट करने की उनकी योजना में एक और कदम के रूप में काम करेगी। मसरी ने कहा था कि अराफात ने उनसे कहा था कि समझौता केवल ‘एक अस्थायी समाधान’ के रूप में काम करने के लिए था। तब हमास की जगह फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन (PLO) था और यासिर आराफात इसके प्रमुख थे। इससे साफ है कि यासिर आराफात ओस्लो समझौते को लेकर ईमानदार नहीं थे। यासिर आरफात इस समझौते की तुलना पैगंबर मुहम्मद द्वारा हस्ताक्षरित हुदैबिया शांति संधि से की थी। इसमें पैगंबर मुहम्मद और मक्का के कुरैश कबीले के बीच 10 साल का संघर्ष विराम हुआ था। हालाँकि, पैगंबर मुहम्मद ने इस समझौते को दो साल बाद ही तोड़ दिया था और मक्का पर हमला करके उस पर कब्जा कर लिया था।

फिलिस्तीन की स्वतंत्र अरबी समाचार वेबसाइट राय अल-यूम पर साल 2018 में लेख में इसके एडीटर अब्द अल-बारी अटवान ने लिखा था, “मुझे याद है कि जब हम ट्यूनिस के जुगुरथा में उनके कार्यालय से बाहर निकले तो उन्होंने (अराफात) मुझे एक तरफ ले गए और टहलने के बहाने सुनने वाले उपकरणों से दूर किया। उन्होंने मुझसे कहा- ‘मैं आपको कुछ बताना चाहता हूँ। मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि आप इसे मेरे मरने के बाद ही उद्धृत करें या मेरे नाम से जोड़ें। आराफात ने कहा था- मैं अपनी सभी शंकाओं के बावजूद ओस्लो के दरवाजे से फिलिस्तीन में प्रवेश कर रहा हूँ, ताकि PLO और उसके प्रतिरोध को वापस लाया जा सके। मैं आपसे वादा करता हूँ कि आप यहूदियों को फिलिस्तीन से ऐसे भागते हुए देखेंगे जैसे डूबते जहाज से चूहे भागते हैं। यह मेरे जीवनकाल में नहीं होगा, लेकिन यह आपके जीवनकाल में होगा।”

आराफात सरकार में आपूर्ति मंत्री अब्दुल अल-अजीस शाहीन ने 30 मई 2000 को अल-अय्याम को बताया था, “फिलिस्तीनी लोगों ने ओस्लो समझौते को एक पहले कदम के रूप में स्वीकार किया है, न कि एक स्थायी समाधान के रूप में। वे इस आधार पर तैयार हुए हैं कि अपनी भूमि पर युद्ध और संघर्ष दूर की भूमि (यानी ट्यूनीशिया) की तुलना में अधिक कुशलता से होगा। फिलिस्तीनी क्रांति तब तक जारी रहेगा, जब तक 1965 की क्रांति के लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर लेते… (यानी, इजरायल का विनाश) तक।” दरअसल, शाहीन साफ कहना चाहते थे कि ट्यूनीशिया से आतंक को जारी रखने में परेशानी होती थी। इसलिए इस समस्या को हल करने के लिए ओस्लो समझौते पर हस्ताक्षर किए।

क्या है सुलह अल-हुबैदिया

अल-हुदैबिया समझौता सन 628 ईस्वी में पैगंबर मुहम्मद और मक्का के कुरैश कबीले के नेताओं के बीच हुआ था। इस समझौते में मक्का के कुरैश कबीलों ने मदीना में मुस्लिमों के बढ़ते समुदाय को राजनीतिक और धार्मिक मान्यता दी थी। इसको लेकर दोनों के बीच 10 साल तक युद्ध नहीं करने की सहमति बनी थी।

दरअसल, पैगंबर मुहम्मद एक सपने में बताए गए उमराह (तीर्थयात्रा) करने के लिए लगभग 1,400 अनुयायियों के साथ मक्का जा रहे थे। सन मार्च 627 में मदीना को घेरने में असमर्थ रहने के कारण अपमानति महसूस कर रहे मक्का के लोगों ने पैगंबर मुहम्मद को अपने शहर में घुसने की अनुमति नहीं दी। इसके बजाय मक्का के बाहर लगभग 9 मील (14.5 किलोमीटर) की दूरी पर स्थित उनके ठहरने के स्थान अल-हुदैबिया में मक्का के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुस्लिमों से मुलाकात की।

पैगंबर मोहम्मद इसके लिए तैयार हो गए। 10 साल का युद्धविराम घोषित किया गया। इस शर्त में यह भी था कि पैगंबर मुहम्मद ने तब अपना उमराह छोड़ने की इस शर्त पर सहमति जताई कि अगले साल उन्हें मक्का में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही शर्त में यह भी शामिल था कि उस समय शहर को तीन दिनों के लिए खाली कर दिया जाएगा, ताकि मुसलमान अपने मजहबी काम पूरा कर सकें। इसके अलावा, किसी भी मक्कावासी की वापसी का प्रावधान किया गया था, जो अपने संरक्षक की अनुमति के बिना मदीना भाग सकता था। (हालांकि मक्का जाने वाले मुसलमानों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं था)। अंत में, विभिन्न जनजातियाँ अपनी इच्छानुसार मक्कावासियों या मुसलमानों के साथ गठबंधन कर सकती थीं।

इसके बाद पैगंबर वापस लौट गए और युद्ध की तैयारी करने लगे। इसके बाद अगले साल यानी 29 नवंबर 629 को पैगंबर मुहम्मद 10,000 लोगों की सेना लेकर मक्का के उत्तर-पश्चिम में स्थित मील-उज़-ज़हरान में पड़ाव डाल दिया। इस दौरान पैगम्बर मुहम्मद ने हर आदमी को मशाल जलाने का आदेश दिया, ताकि मक्का के लोगों को मुस्लिम सेना की संख्या का पता चल जाए। इसके बाद पैगंबर ने अपनी सेना के साथ मक्का में प्रवेश करते हुए वहाँ अधिकार कर लिया और लोगों को इस्लाम मानने या फिर मृत्यु को चुनने के विकल्प दिया। इस तरह यह गठबंधन एक रणनीति के रूप में इस्तेमाल की गई।

हमास का हुबैदिया रणनीति

फिलिस्तीन का एक ही लक्ष्य है और वह यहूदियों और इजरायल का विनाश। यह फिलिस्तीन का हर नेता कहता है। फिलिस्तीन से सहानुभूति रखने वाला हर देश और उसका नेता कहता है। ऐसे में इजरायल के साथ हमास का यह समझौता अल-हुबैदिया समझौते की तरफ इशारा करता है, जैसा कि यासिर आराफात ने 1993 के ओस्लो समझौतों के संदर्भ में खुलकर कहा था। आराफात को उम्मीद थी कि ओस्लो समझौते के माध्यम से वे अपने लोगों को मजबूत कर लेंगे और फिर इजरायल पर हमला करके उसे मिटा देंगे। आराफात की मौत के बाद हमास उसी अधूरे कार्य को पूरा करने में लगा हुआ है।

दरअसल, अक्टूबर 2023 में आतंकी संगठन हमास द्वारा इजरायल पर हमले के बाद इजरायल ने जबरदस्त पलटवार किया है। वह पिछले 15 महीनों में फिलिस्तीन को इस हालात में पहुँचा दिया है कि उसे अपने पैरों पर खड़ा होने में लंबा वक्त लगेगा। हालाँकि, इस दौरान लेबनान का आतंकी संगठन हिज्बुल्ला भी हमास के पक्ष में आ खड़ा हुआ था। ईरान और यमन समर्थित हुती आतंकियों ने भी इसे इस्लामी मसला मानते हुए इजरायल पर हमले शुरू कर दिए थे। ये सब हमास के हमले के 13 से लेकर 15वें दिन के भीतर हुआ। इसके बाद इजरायल ने जिहादियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। उसने हमास के चीफ कमांडर इस्माइल हनियाह, कमांडर इब्राहिम बियारी, मिलिट्री विंग कमांडर मोहम्मद डेफ, फिर याह्या सिनवार, राही मुस्ताहा, समेह अल-सिराज, सामी औदेह को मार गिराया गया।

इसके बाद इजरायल से दुश्मनी रखने वाले ईरान के सीरिया स्थित दूतावास से सटी एक इमारत पर इजरायल ने बमबारी करके तीन वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को मार गिराया। ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के कुद्स फोर्स के एक शीर्ष कमांडर मोहम्मद रेजा ज़ाहेदी कथित तौर पर सीरिया की राजधानी दमिश्क में मार गिराया गया। उधर, लेबनान में इजरायल ने हिज्बुल्लाह आतंकियों पर बम बरसाना जारी रखा। इजरायल ने हिज्बुल्ला के प्रमुख हसन नरसल्लाह को भी मार गिराया। यमन में भी इजरायल की कार्रवाई जारी रही। इधर सीरिया में ISIS के आतंकियों पर इजरायल का कहर जारी रहा।

इस तरह एक साथ इजरायल ने फिलिस्तीन, उसके आतंकी हमास, यमन के हूती आतंकी, सीरिया के ISIS, लेबनान के हिज्बुल्लाह और ईरान की शह को नेस्तानाबूद कर दिया। इजरायल ने इन आतंकियों के पूरी नेतृत्व को ही खत्म कर दिया। गाजा और फिलिस्तीन में भी हमास के पूरे आतंकी नेटवर्क औरै पनाहगाह को ध्वस्त कर सड़कों पर ला दिया। ऐसे में हमास के पास समझौता करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। हालाँकि, यह भी सत्य है कि यह समझौता तभी तक है, जब तक हमास और उसके सहयोगी आतंकी संगठन एक बार फिर एकजुट नहीं हो जाते। इनका इतिहास हमें यही बताता है।

स्रोत: सुलह अल-हुबैदिया, इजराइल, फिलिस्तीन, हमास, गजा, इजराइल बनाम गजा, इजराइल बनाम हमास, इस्राइल-हमास संघर्ष इतिहास, यहूदी, यहूदी इतिहास, Israel-Hamas Ceasefire, Sulah al-Hudaybiyyah, Israel, Palestine, Hamas, Gaza, Israel vs Gaza, Israel vs Hamas, Israel-Hamas Conflict History, Jews, Jewish History, Israel-Hamas Ceasefire
Tags: GazaHamasIsraelIsrael vs GazaIsrael vs HamasIsrael-Hamas CeasefireIsrael-Hamas Conflict HistoryJewish HistoryJewsPalestineSulah al-Hudaybiyyahइज़राइलइजराइल बनाम गजाइजराइल बनाम हमासइस्राइल-हमास संघर्ष इतिहासग़ज़ाफिलिस्तीनयहूदीयहूदी इतिहाससुलह अल-हुबैदियाहमास
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

413 सरकारी जमीनें, 93 हेक्टेयर… महाकुंभ के पड़ोस वाले जिले में वक्फ बोर्ड का कब्जा, बना दी मजहबी संरचनाएँ

अगली पोस्ट

शपथग्रहण के साथ ही चीन को झटका देंगे डोनाल्ड ट्रम्प, QUAD की हो सकती है बैठक: भारत में बैठे कुछ तत्वों को भी होगी बौखलाहट

संबंधित पोस्ट

खामेनेई की सख्त चेतावनी
AMERIKA

खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरीयर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

18 February 2026

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि दुनिया की...

20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल
भारत

एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

16 February 2026

AI Impact Summit 2026 में दुनिया भर के कई बड़े नेता और गणमान्य हस्तियां भाग ले रहे हैं। नई दिल्ली में आयोजित इस महत्वपूर्ण शिखर...

भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन
भारत

भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

16 February 2026

भारत की राजधानी नई दिल्ली में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ की शानदार शुरुआत हो गई है। यह कार्यक्रम 16 से 20 फरवरी तक चलेगा।...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited